यूपी में गर्माया NRC का मुद्दा, मेरठ के नायब शहर काज़ी बोले- लागू करने की कोई जरूरत नहीं

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: September 5, 2019, 5:36 PM IST
यूपी में गर्माया NRC का मुद्दा, मेरठ के नायब शहर काज़ी बोले- लागू करने की कोई जरूरत नहीं
एनआरसी के मुद्दे पर मेरठ के नायब शहर काज़ी जैनुर राशिदीन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

असम की तर्ज़ पर उत्तरप्रदेश में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) लागू किए जाने की मांग बीजेपी विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की है.

  • Share this:
मेरठ. असम की तर्ज़ पर उत्तरप्रदेश में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) लागू किए जाने की मांग बीजेपी विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की है. विधायक की इस मांग को लेकर मेरठ के मौलानाओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. मेरठ के नायब शहर काज़ी जैनुर राशिदीन का कहना है कि उत्तरप्रदेश में इसे लागू किए जाने की कोई जरूरत नहीं है. लेकिन लागू कर भी दिया जाए तो कोई हर्ज़ भी नहीं है.

यूपी में एनआरसी की आवश्यकता नहीं
शहर काजी ने कहा कि असम की सीमाएं ऐसे देशों से मिलती हैं, जहां से घुसपैठ संभव हो सकती है लेकिन उत्तरप्रदेश की सीमाएं ऐसे देशों से नहीं मिलती है. लिहाज़ा यहां पर एनआरसी की आवश्यकता नहीं है. हालांकि वे इस मांग का खुले दिल से स्वागत भी नहीं करते. वो ये कहते हुए नजर आते हैं कि अगर हो जाए तो उन्हें कोई ऐतराज भी नहीं है. वो मुसलमानों की तालीम को लेकर जरूर फिक्रमंद दिखते हैं.

प्रदेश से पकड़े जा चुके हैं बांग्लादेशी और रोहंगिया

नायब शहर काज़ी का कहना है कि मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग अशिक्षित है लिहाजा उनके पास कोई वैलिड डॉक्यूमेन्ट नहीं है. गौरतलब है कि बीते दिनों मेरठ और आसपास के जिलो में बांग्लादेशी और रोहंगिया मुसलमानों की पहचान हुई थी. इस मसले पर अभी भी जांच की जा रही है.

बीजेपी विधायक ने की NRC लागू करने की मांग
इससे पहले मेरठ में भाजपा कैंट के विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स के मुद्दे पर गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है. पत्र में विधायक ने असम की तरह यूपी में भी एनआरसी लागू करने की मांग की है. सत्यप्रकाश अग्रवाल के अनुसार यूपी में अवैध बांग्लादेशियों की संख्या एक लाख से अधिक है. मेरठ में घुसपैठियों ने सामाजिक समीकरण बिगाड़ दिया है. यहां घुसपैठियों की वजह से बिजली चोरी, सरकारी रसद और सब्सिडी पर भारी असर पड़ रहा है.
Loading...

पिछले 15 सालों में नहीं लिया गया कोई एक्शन
पत्र में विधायक ने ये भी लिखा है कि पिछले 15 वर्षों की पूर्ववर्ती सपा और बसपा की सरकारों में इन अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के राशनकार्ड, आधार कार्ड और मतदाता सूची में भी नाम जोड़ दिए गए हैं. कई बार विधानसभा में प्रश्न उठाने के बाद भी पूर्ववर्ती सरकारों ने कोई कार्रवाई नहीं की है. विधायक ने लिखा है कि वह मेरठ कैंट से चुनकर आते हैं इस जिले में दो विधानसभा मेरठ दक्षिण और मेरठ शहर का इन अवैध घुसपैठियों ने सामाजिक समीकरण बिगाड़ दिया है. दोनों विधानसभा क्षेत्र इन घुसपैठियों के कारण एक विशेष समुदाय बाहुल्य हो गई है. ये झुग्गी-झोपड़ी में रहकर जनसंख्या बढ़ोत्तरी के साथ ही आपराधिक गतिविधियों में भी लिप्त हैं. यहां पुलिस कोई चेकिंग भी नहीं की जाती है.

ये भी पढ़ें:

बीजेपी MLA ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर की मांग, यूपी में लागू हो NRC

यूपी की जेलों में जल्द ही मोबाइल पकड़े जाने पर 100 गुना से ज्यादा जुर्माना!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मेरठ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 5, 2019, 4:20 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...