कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाया प्लान, ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी

मेरठ में तकरीबन 42 किलोमीटर के कावंड़ मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर एटीएस की नज़र रहेगी. इसके लिए ड्रोन कैमरे का सहारा भी लिया जाएगा.

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 13, 2018, 8:01 PM IST
Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 13, 2018, 8:01 PM IST
28 जुलाई से सावन मास शुरू होने वाला है और उसके साथ ही शुरू हो जाएगा कांवड़ लाने का सिलसिला. इसको ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मेरठ रेंज के आईजी रामकुमार ने इस बाबत मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस साल कांवड़ यात्रा एटीएस की निगहबानी में सम्पन्न होगी.

मेरठ में तकरीबन 42 किलोमीटर के कावंड़ मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर एटीएस की नज़र रहेगी. इसके लिए ड्रोन कैमरे का सहारा भी लिया जाएगा. सुरक्षा के साथ-साथ कांवड़ यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा. इसके लिए जगह-जगह कैंप लगाए जाएंगे.

एटीएस के साथ-साथ आरएएफ पीएसी सहित हज़ारों की संख्या में लोकल पुलिस के जवानों को तैनात किया जाएगा. अकेले मेऱठ में सुरक्षा का जो प्लान शासन को भेजा गया है उसमें पांच एएसी, तीस सीओ, सत्तर थानाप्रभारी, तीन सौ पचास सब इंस्पेक्टर, तीन सौ पचास एचसीपी, बाइस सौ पचास कांस्टेबल, तीन सौ पचास ट्रैफिक पुलिस, नौ कम्पनी पीएसी, चार कम्पनी आरएएफ पैरामिलिट्री और दो प्लाटून गोताखोरों की भी मांग की गई है. कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए एटीएस की पांच टीमें मांगी गई हैं.

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ड्रोन के जरिए भी चप्पे चप्पे पर नज़र रखी जाएगी. यहीं नहीं वेस्ट यूपी की पुलिस इस बार कांविड़यों पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी करेगी. मेरठ रेंज के आईजी रामकुमार का कहना है कि अगर शासन की तरफ से हेलिकॉप्टर मिलता है तो सड़क पर पैदल चल रहे कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी. बता दें कि इस बार चार करोड़ से ज्यादा कांवड़ियों के वेस्ट यूपी पहुंचने की संभावना है.

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