UP में वृक्षारोपण महाकुम्भ: 22 करोड़ पौधे लगाने का बनेगा रिकार्ड, वोटों की तरह होगी पौधों की गिनती

​9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement) की 70वीं वर्षगांठ पर वृक्षारोपण महाकुम्भ के तहत पूरे प्रदेश में 22 करोड़ और अकेले मेरठ (meerut) में ही 19 लाख 38 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है. इस अभियान की चुनावों की तरह निगरानी की जाएगी. अभियान के बाद वोटों की ही तरह पौधों की भी गिनती की जाएगी.

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 8, 2019, 7:40 PM IST
UP में वृक्षारोपण महाकुम्भ: 22 करोड़ पौधे लगाने का बनेगा रिकार्ड, वोटों की तरह होगी पौधों की गिनती
वृक्षारोपण महाकुम्भ में 22 करोड़ पौधे लगाने का रिकार्ड बनेगा
Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 8, 2019, 7:40 PM IST
​9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement) की 70वीं वर्षगांठ है. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में रिकार्ड 22 करोड़ पौधे रोपे जाने का लक्ष्य है. अकेले मेरठ (meerut) में ही 19 लाख 38 हजार पौधे लगाए जाएंगे. जिस तरह चुनाव (election) के बाद वोटों की गिनती होती है. वैसे ही पौधारोपण के बाद पौधों की भी गिनती होगी. चुनावों में जैसे अफसरों की तैनाती होती है वैसे ही इस अभियान के लिए भी पीठासीन अधिकारी, सेक्टर अधिकारी पौधारोपण अभियान की निगरानी करेंगे.

मेरठ में 19 लाख 38 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य
इस वृक्षारोपण महाकुम्भ में अकेले मेरठ में 19 लाख 38 हजार पेड़ लगाए जाएंगे. इस अभियान को इलेक्शन के पैटर्न पर किया जा रहा है. जैसे चुनावों में वोटों की गिनती की तरह पौधों की गिनती होगी. प्लांटेशन मॉनिटरिंग सिस्टम के ज़रिए पौधे गिने जाएंगे. चुनावों की तर्ज पर ही पीठासीन और सेक्टर अधिकारी भी तैनात किए जा रहे हैं.

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पौधारोपण अभियान के लिए चुनावों की तर्ज पर टास्क फोर्स भी बनाई गई है


चुनाव की तर्ज पर होगा कार्यक्रम, टास्क फोर्स करेगी निगरानी
पौधारोपण अभियान के लिए ज़िलों में टास्क फोर्स बनाई गई है, अफसरों की तैनाती की गई है. हर 2 घंटे में कितने पौधे रोपे गए, इसका भी अपडेट दिया जाएगा. पहली बार चुनावों की तर्ज पर सारा कार्य किया जा रहा है. ग्राम पंचायतों में पौधारोपण के लिए 479 पीठासीन अधिकारी लगाए गए हैं, जो सेक्टर मजिस्ट्रेट और एसडीएम जोनल मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करेंगे. हर एक घंटे में ये रिपोर्ट पीठासीन अधिकारी से सेक्टर मजिस्ट्रेट के पास होकर बीडीओ तक पहुंचेगी. वहां से पेड़ों का सारा डाटा एकत्र करने के बाद इसे ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा.

साफ्टवेयर बताएगा कितना कार्बन सोखेगा पौधेगा
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इस अभियान के दौरान एक साफ्टवेयर का उपयोग भी किया जाएगा जो बताएगा कि पौधा अपने जीवनकाल कितनी कार्बन सोखेगा. प्रदेश में इस अभियान के दौरान पहली बार कार्बन सिक्वेट्रेशन तकनीक का प्रयोग होगा. इससे ये पता चल जाएगा कि पौधारोपण से 50 साल बाद ग्रीन हाउस गैसों में कितनी कमी आएगी. यही नहीं हर व्यक्ति खुद के रोपे गए पौधे से सोखी गई CO2 यानि कार्बन डॉय ऑक्साइड का का स्तर भी जान सकेगा.

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First published: August 8, 2019, 7:28 PM IST
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