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मेरठ: PM मोदी ने विपक्ष को बताया महामिलावट, कहा- मेरे सपूत ही सबसे बड़ा सबूत

मेरठ में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी
मेरठ में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को चेताते हुए कहा कि अगर इन महामिलावटी लोगों को जरा भी मौका मिल गया तो ये देश को उस पुरानी स्थिति में ले जाने में देर नहीं लगाएंगे.

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मेरठ से अपना चुनावी शंखनाद करते हुए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. पीएम नरेंद्र मोदी पश्चिम यूपी की आठ सीटों पर पहले चरण में होने वाले मतदान के लिए पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि एक तरफ चौकीदार है तो दूसरी तरफ महामिलावट और दाग्दारों की भरमार है. अपने संबोधन की शुरुआत में मोदी ने कहा, "2019 का चुनाव प्रचार मेरठ से शुरू करने की एक वजह है कि 1857 में स्वतंत्रता आंदोलन में मेरठ से ही आजादी का बिगुल फूंका गया था."

उन्होंने कहा, "एक तरफ नए भारत के संस्कार हैं और दूसरी तरफ वंशवाद और भ्रष्टाचार का विस्तार है. एक तरफ दमदार चौकीदार है और दूसरी तरफ दागदारों की भरमार है. आज एक तरफ विकास का ठोस आधार है, दूसरी तरफ न नीति है, न विचार है और न ही नीयत है. एक तरफ फैसले लेने वाली सरकार है, दूसरी तरफ दशकों तक फैसले टालने वाला इतिहास है. और हां, अपना हिसाब दूंगा और साथ-साथ दूसरों का हिसाब भी लूंगा. ये दोनों काम साथ-साथ चलेंगे. तभी तो होगा हिसाब बराबर."

'हिसाब होगा, सबका होगा, बारी-बारी से होगा'



प्रधानमंत्री ने कहा, "चौकीदार हूं भई और चौकीदार कोई नाइंसाफी नहीं करता. हिसाब होगा, सबका होगा, बारी-बारी से होगा. पांच वर्ष पहले जब मैंने आप सभी से आशीर्वाद मांगा था तो आपने भरपूर प्यार दिया था. मैंने आपसे कहा था कि आपके प्यार को, आपके आशीर्वाद को मैं ब्याज सहित लौटाऊंगा. और ये भी कहा था कि जो काम किया है, उसका हिसाब भी दूंगा."
'क्या ऐसी महामिलावट के हाथ में देश सुरक्षित रहेगा?'

प्रधानमंत्री ने लोगों को चेताते हुए भी कहा कि अगर इन महामिलावटी लोगों को ज़रा भी मौका मिल गया तो ये देश को उस पुरानी स्थिति में ले जाने में देर नहीं लगाएंगे. हम सभी मिलकर बीते 5 वर्षों में भारत को जिस स्थिति से निकालकर लाए हैं, उसको और मजबूत करना है. ये महामिलावटी लोग भ्रष्टाचारियों के साथ हैं या नहीं? महामिलावटियों के राज में बेटियों को इंसाफ मिलता था क्या? इनकी सरकार में गुंडे और बदमाश बेलगाम थे या नहीं? क्या ऐसी महामिलावट के हाथ में देश सुरक्षित रहेगा?

'तब देश में आए दिन बम धमाके होते थे या नहीं?' 

पीएम मोदी ने कहा कि यहां मेरठ में जो विरोधी दलों के उम्मीदवार हैं, उन्होंने आतंकवादियों के लिए करोड़ों रुपए के ईनाम तक का ऐलान कर दिया था. सोचिए, महामिलावट के लिए ये लोग किस हद तक जा सकते हैं. इन महामिलावटी लोगों की सरकार जब दिल्ली में थी, तब देश में आए दिन बम धमाके होते थे या नहीं? ये महामिलावटी आतंकियों को संरक्षण देते थे या नहीं? ये आतंकियों की भी जात और उनकी पहचान देखते थे या नहीं? उसके आधार पर तय करते थे कि आतंकी को बचाना है या सज़ा देनी है.

'सबका साथ, सबका विकास की हमारी यही सोच है'

अपनी सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि समाज का ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है और देश का ऐसा कोई कोना नहीं है, जो विकास के हमारे इन कामों से छूटा हो. सबका साथ, सबका विकास की हमारी यही सोच है, जिसपर नए भारत का निर्माण हो रहा है. 15 करोड़ से अधिक बिना गारंटी के ऋण देकर युवा साथियों को स्वरोज़गार से जोड़ने का काम पहली बार NDA ने ही किया है. सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला भी हमने ही लिया है.

डेढ़ करोड़ से अधिक गरीब बेघर परिवारों को अपना पक्का घर भी हमारी सरकार ने ही दिया है. देश के ढाई करोड़ से अधिक गरीब परिवारों तक पहली बार बिजली कनेक्शन देने का काम भी हमने ही किया है. देश की 7 करोड़ से अधिक गरीब बहनों को मुफ्त गैस सिलेंडर देकर धुएं से मुक्ति देने का काम भी हमने किया है. देश भर में 10 करोड़ गरीब परिवारों के घर शौचालय देकर, बहनों को सम्मान का जीवन देने का सौभाग्य भी हमें ही मिला है.

'जो बैंक खाता नहीं खुलवा पाए वो जनता के खाते में पैसा डालने की बात करते हैं'

मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी की न्यूनतम आय गारंटी योजना पर हमला करते हुए कहा, "जो लोग 70 सालों में देश की जनता का बैंक खाता नहीं खुलवा पाए वो आज देश की जनता के खाते में पैसा डालने की बात करते हैं. देश के लगभग 50 करोड़ गरीब परिवारों को हर वर्ष 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था भी हमने की है. देश के 34 करोड़ गरीबों के लिए जनधन योजना के तहत बैंक खाते भी हमारी ही सरकार ने खुलवाए हैं. 4 दशक से हमारे सैनिक वन रैंक वन पेंशन मांग रहे थे, उसको पूरा करने का काम भी इसी चौकीदार ने किया. देश के करीब 12 करोड़ किसान परिवारों को 75 हज़ार करोड़ रुपए की सीधी वार्षिक मदद का काम भी हमने किया है."

हमारा विजन नए भारत का है

प्रधानमंत्री ने कहा इस देश ने सिर्फ नारे लगाने वाली सरकारें बहुत देखीं हैं, लेकिन पहली बार ऐसी निर्णायक सरकार भी देख रहा है, जो अपने संकल्प को सिद्ध करना जानती है. जमीन हो, आसमान हो, या फिर अंतरिक्ष, सर्जिकल स्ट्राइक का साहस आपके इसी चौकीदार की सरकार ने दिखाया. सम्मान श्रम का, सम्मान काम का, सम्मान बेटियों का, सम्मान हर वर्ग का, सम्मान देश के मान का अभिमान का सुरक्षा देश के दुश्मनों से, सुरक्षा आतंकवाद से, सुरक्षा गुंडागर्दी से, सुरक्षा भ्रष्टाचारियों से, सुरक्षा बीमारी से. समृद्धि साधनों और संसाधनों की, समृद्धि ज्ञान और विज्ञान की, समृद्धि संस्कृति और विचार की, समृद्धि हमारे आचार और व्यवहार की, हमारा विजन नए भारत का है. ऐसे भारत का जो अपने गौरवशाली अतीत के अनुरूप ही वैभवशाली होगा.

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