मेरठ की रैली से विपक्ष के लिए चुनावी एजेंडे को सेट कर गए पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो
पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में खुद को चौकीदार बताते हुए कहा, चौकीदार हूं भई, और चौकीदार कोई नाइंसाफी नहीं करता. हिसाब होगा, सबका होगा, बारी बारी से होगा.

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पार्टी के लिए 'लकी' क्रांति की धरा मेरठ से लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों के सामने चुनावी एजेंडा को भी सेट कर दिया. मेरठ की विजय संकल्प रैली में प्रधानमंत्री ने विपक्ष को बता दिया कि इस बार के चुनाव में चौकीदार, भ्रष्टाचार, विकास और सर्जिकल स्ट्राइक ही अहम मुद्दा होगा.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में खुद को चौकीदार बताते हुए कहा, "चौकीदार हूं भई, और चौकीदार कोई नाइंसाफी नहीं करता. हिसाब होगा, सबका होगा, बारी बारी से होगा. पांच वर्ष पहले जब मैंने आप सभी से आशीर्वाद मांगा था तो, आपने भरपूर प्यार दिया था. मैंने आपसे कहा था कि आपके प्यार को, आपके आशीर्वाद को मैं ब्याज सहित लौटाउंगा. और ये भी कहा था कि जो काम किया है, उसका हिसाब भी दूंगा."

एयर स्ट्राइक का सबूत मांगने वालों पर भी पीएम ने हमला बोलते हुए कहा, "देश को हिन्दुस्तान के हीरो चाहिए या पाकिस्तान के? देश को सबूत चाहिए या सपूत चाहिए? मेरे देश के सपूत यही मेरे देश के सबसे बड़े सबूत हैं. जो सबूत मांगते हैं वो सपूत को ललकारते हैं. आज स्थिति ये है कि कुछ दिन पहले तक जो लोग इस चौकीदार को चुनौती देते फिरते थे, वो अब रोते फिर रहे हैं. मोदी ने ये क्यों किया, मोदी ने वो क्यों किया? पाकिस्तान में आतंकियों को घुसकर क्यों मारा? आतंकतियों के अड्डे को नष्ट क्यों किया? ये लोग रो रहे हैं. आप आश्वस्त रहिए. मैं देश के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने के लिए तैयार रहने वाला व्यक्ति हूं. कोई भी राजनीतिक दबाव, कोई भी अंतरराष्ट्रीय दबाव, आपके इस चौकीदार को डिगा नहीं पाएगा और न ही कोई इस चौकीदार को डरा पाएगा.



प्रधानमंत्री ने लोगों को चेताते हुए भी कहा अगर इन महामिलावटी लोगों को ज़रा भी मौका मिल गया तो ये देश को उस पुरानी स्थिति में ले जाने में देर नहीं लगाएंगे. हम सभी मिलकर बीते 5 वर्षों में भारत को जिस स्थिति से निकालकर लाए हैं, उसको और मजबूत करना है. ये महामिलावटी लोग भ्रष्टाचारियों के साथ हैं या नहीं? महामिलावटियों के राज में बेटियों को इंसाफ मिलता था क्या? इनकी सरकार में गुंडे और बदमाश बेलगाम थे या नहीं? क्या ऐसी महामिलावट के हाथ में देश सुरक्षित रहेगा. यहां मेरठ में जो विरोधी दलों के उम्मीदवार हैं उन्होंने आतंकवादियों के लिए करोड़ों रुपए के ईनाम तक का ऐलान कर दिया था. सोचिए, महामिलावट के लिए ये लोग किस हद तक जा सकते हैं. इन महामिलावटी लोगों की सरकार जब दिल्ली में थी तब देश में आए दिन बम धमाके होते थे या नहीं? ये महामिलावटी आतंकियों को संरक्षण देते थे या नहीं? ये आतंकियों की भी जात और उनकी पहचान देखते थे या नहीं? उसके आधार पर तय करते थे कि आतंकी को बचाना है या सज़ा देनी है.
अपने सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए समाज का ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है और देश का ऐसा कोई कोना नहीं है, जो विकास के हमारे इन कामों से छूटा हो. सबका साथ, सबका विकास की हमारी यही सोच है, जिसपर नए भारत का निर्माण हो रहा है. 15 करोड़ से अधिक बिना गारंटी के ऋण देकर युवा साथियों को स्वरोज़गार से जोड़ने का काम पहली बार NDA ने ही किया है. सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला भी हमने ही लिया है. डेढ़ करोड़ से अधिक गरीब बेघर परिवारों को अपना पक्का घर भी हमारी सरकार ने ही दिया है. देश के ढाई करोड़ से अधिक गरीब परिवारों तक पहली बार बिजली कनेक्शन देने का काम भी हमने ही किया है. देश की 7 करोड़ से अधिक गरीब बहनों को मुफ्त गैस सिलेंडर देकर धुएं से मुक्ति देने का काम भी हमने किया है. देश भर में 10 करोड़ गरीब परिवारों के घर शौचालय देकर, बहनों को सम्मान का जीवन देने का सौभाग्य भी हमें ही मिला है.

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