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मेरठ पुलिस का हैवानियत वाला चेहरा, मासूम को एक हाथ से उठाया; फोटो वायरल

मेरठ पुलिस का हैवानियत वाला चेहरा, मासूम को एक हाथ से उठाया; फोटो वायरल

पुलिस कर्मी का ये फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

Meerut News: पुलिसकर्मी ने दो माह के बच्चे को हाथ से लटका कर बेरहमी से उठाया, अब सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद जांच की बात कर रहे उच्चाधिकारी.

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मेरठ. सोशल मीडिया पर इन दिनों मेरठ पुलिस की कुछ फोटो और वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहे हैं. ये फोटो पुलिस कार्रवाई के हैं और ऐसी कार्रवाई जिसमें एक दो माह के मासूम को हाथ से लटका कर ले जाया जा रहा है, जैसे वो कोई अपराधी हो. ये फोटो वायरल होते ही पुलिस ने अपनी तरफ से सफाई भी पेश कर दी. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि फोटो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. फिर भी मामले की जांच करवाई जाएगी.

दरअसल मामला फुटपाथ पर कुछ नशेड़ी लोगों के बीच झगड़े को लेकर शुरू हुआ. बेगमपुल पर मंगलवार को एक युवक शराब पीकर हंगामा कर रहा था. लोगों ने इस बात की सूचना वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी को दी. पुलिसकर्मी अपने साथ एक होम गार्ड के जवान को लेकर मामला शांत करवाने गया. लेकिन उस युवक और उसके साथ मौजूद कुछ महिलाओं ने उस पर हमला कर दिया और वर्दी फाड़ दी. इस बात की सूचना मिलते ही भारी पुलिसबल मौके पर पहुंचा और युवक को हिरासत में ले लिया. साथ ही वहां पर मौजूद भीड़ को हटाया.

दो माह के बच्चे पर क्रूरता
इसी दौरान वहां मौजूद महिलाओं और बच्चों को भी पुलिस ने खदेड़ कर हटाया. हद तो तब हो गई जब एक दो माह के बच्चे को पुलिसकर्मी ने हाथ से पकड़ कर बेरहमी से उठाया और किनारे कर दिया. इस दौरान बच्चा रोता बिलखता रहा और उसकी मां उसे छोड़ने के लिए कहती रही. लेकिन पुलिसकर्मी का दिल नहीं पसीजा और उसने मासूम को बेरहमी से उठा कर सड़क से दूर कर दिया.

फोटो वायरल तो जागा महकमा
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी ने अपने मोबाइल से वीडियो और फोटो ले लिए. बाद में ये सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए गए. सोशल मीडिया पर ये फोटो तेजी से वायरल हुए तो मामला पुलिस अधिकारियों की नजर में भी आया. अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दो पक्षों का झगड़ा था, इनमें से एक पक्ष का छोटा बच्चा वहीं रह गया था. वो पत्‍थरों में फंसा था और पुलिसकर्मी ने उसे वहां से हटाया. हालांकि वीडियो सोशल मीडिया पर गलत तरीके से वायरल किया गया. एसपी सिटी विनीत भटनागर ने कहा कि फिर भी इस मामले की पूरी जांच करवाई जाएगी.

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एक्टर साहिल खान ने मेरठ में किया अपने स्टोर का उद्घाटन, पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर किया लाठीचार्ज

एक्टर साहिल खान ने मेरठ में किया अपने स्टोर का उद्घाटन, पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर किया लाठीचार्ज

एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) मेरठ में अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

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मुंबई. बॉलीवुड एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) फिल्मों से अधिक अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं. वे इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. वे गुरुवार को मेरठ में अपने बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट के स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे थे. एक्टर बाइसेप्स (Buyceps) नामक बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट स्टोर के मालिक हैं, जिसके देश में कई स्टोर हैं. कार्यक्रम स्थल पर फैंस ने एक्टर से मिलने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. लाठीचार्ज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इसके बाद तमाम तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं? सवाल यह है कि आखिर कोरोना काल में इतनी भीड़ जुटाने की परमिशन कैसे मिल गई. साथ ही लोगों को बेकाबू होने से रोकने के लिए क्या कार्यक्रम के आयोजकों ने कोई इंतजाम किया था?

घटना मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र के गढ़ रोड की है, जहां एक्टर अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

अपने स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे एक्टर साहिल खान. (Photo: Nikhil Agarwal)

वहीं इसी कार्यक्रम में तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट दीपक शर्मा भी पहुंचे थे. लोगों ने कार्यक्रम के बाद बाउंसरों पर सड़क पर हंगामा करने का आरोप लगाया. लोगों ने इसकी शिकायत एसएसपी से की. एसएसपी ने हंगामा कर रहे बाउंसरों की गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए.

साहिल खान का स्टोर.

पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले स्कार्पियो सवार बाउंसर फरार हो गए. मेरठ पुलिस ने बाईपास पर स्कॉर्पियो की घेराबंदी कर ली. इसके बाद पुलिस ने 6 बाउंसरों का शांति भंग में चालान कर दिया गया. रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘स्टाइल’ से साहिल खान ने 2001 में बॉलीवुड डेब्यू किया था.

अपना अस्तित्व खो चुकी बूढ़ी गंगा नदी को फिर से मिल सकती है संजीवनी

अपना अस्तित्व खो चुकी बूढ़ी गंगा नदी को फिर से मिल सकती है संजीवनी

वर्षो से संजीवनी की तलाश का इंतजार कर रही बूढ़ी गंगा को एक बार फिर से संजीवनी मिलने की उम्मीद है. मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के निर्देश?

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मेरठः- भारतीय सांस्कृतिक(Indian Cultural)
राजधानी हस्तिनापुर(Hastinapur) की विरासत बूढ़ी गंगा
(Old Ganga ) को बचाने के लिए एक बार फिर से प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) शहर से 48 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर स्थित बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए एक बार फिर से मुहिम शुरू हो गई है. जिसके लिए मेरठ मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह द्वारा एक कमेटी बनाई गई है. जिसको बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को फिर से खोजने एवं संवारने का दायित्व सौंपा गया है. मंडल कमिश्नर के निर्देश के बाद टीम सक्रिय होकर हस्तिनापुर के उन जंगलों में एक बार फिर से खोजबीन में जुट गई है. जिन जंगलों के बीच कभी बूढ़ी गंगा निरंतर बहती रहती थी.

पांडव और द्रौपदी बूढ़ी गंगा के जल से करते थे स्नान
पौराणिक कथाओं की माने तो इसी बूढ़ी गंगा के निर्मल जल का पांडव उपयोग करते थे. पांडव, द्रौपदी इसी बूढ़ी गंगा के जल से स्नान कर भोले बाबा की पूजा अर्चना करते थे. लेकिन कहीं ना कहीं इस इतिहास इस संस्कृति को बचाने के लिए जिस प्रकार कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हुआ.गौरतलब है कि प्रियंक भारती, असिस्टेंट प्रोफेसर, संस्थापक व अध्यक्ष नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट, वर्षों से हस्तिनापुर के इतिहास को संवारने के लिए कार्य कर रहे हैं. उन्होंने ही बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए शासन को पत्र भेजा था. उन्हीं के प्रस्ताव को देखते हुए एक बार फिर से मंडल के कमिश्नर द्वारा बूढ़ी गंगा को बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं.

मेरठ बुलेटिन:- इस तालाब में स्नान करने के लिए आती थी रानी गांधारी

मेरठ बुलेटिन:- इस तालाब में स्नान करने के लिए आती थी रानी गांधारी

पश्चिम उत्तर प्रदेश का मेरठ अपने आप में ऐतिहासिक धरोहर को संजोए हुए हैं. मेरठ जिले के आसपास के कई स्थलों पर विभिन्न पौराणिक इतिहास का महत्व है.

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मेरठ:-कहते हैं कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति हो तो व्यक्ति मन की आंखों से भी वह सब कुछ देख सकता है. जो आंखों की रोशनी से भी व्यक्ति ना देख पाए. जी हां कुछ इसी तरह का उदाहरण आपको पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के किला परीक्षितगढ़ स्थित गांधारी तालाब पर देखने को मिलेगा. जहां पर लगभग 30 सालों से गांधारी तालाब के साथ-साथ मंदिरों की देखभाल भी एक दिव्यांग व्यक्ति राजू कर रहें है. राजू की माने तो छोटी सी उम्र में ही एक हादसे के दौरान उसकी आंखों की 80% तक रोशनी चली गई थी. लेकिन सच्ची आस्था और रानी गांधारी का ही आशीर्वाद है कि वह 20% रोशनी के माध्यम से ही मंदिर परिसर में साफ सफाई के साथ-साथ अन्य प्रकार की देखरेख करते हैं. गौरतलब है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के शहर मेरठ का महाभारत कालीन से गहरा नाता है. पौराणिक कथाओं की माने तो हस्तिनापुर से रानी गांधारी तालाब में स्नान करने के लिए किला परीक्षितगढ़ आया करती थी. जिसके लिए गुफाओं का भी वर्णन किया गया है. हालांकि अब तालाब का जीणोद्धार ना होने के कारण स्थिति बदहाल होती जा रही है.

इस पेड़ की अनोखी पहचान लोगों को करती है अपनी ओर आकर्षित

इस पेड़ की अनोखी पहचान लोगों को करती है अपनी ओर आकर्षित

बरगद की प्राचीनता को लेकर हर कोई जानता है. बरगद का पेड़ सैकड़ों सालों तक अपनी जड़ों के माध्यम से जीवित रहता है.

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मेरठः-प्राचीन सभ्यता और विशालकाय पेड़ों की जब बात की जाए तो बरगद का ही सबसे पहले नाम आता है.कुछ इसी तरह के एक पेड़ के बारे में आज हम आपको बताएंगे. जिस पेड़ की खासियत से अलग ही पहचान बन चुकी है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश मेरठ (meerut) शहर के किला परीक्षितगढ़ श्री श्रृंगी ऋषि आश्रम में ऐसा बरगद का पेड़ है. जिस पेड़ की शाखाओं से सात दरवाजे बने हुए हैं. इतना ही नहीं यह पेड़ इतना विशालकाय है कि आश्रम परिसर में चारों ओर इसकी छाया देखने को मिलेगी. वहीं आश्रम के कई कोने तक इसकी शाखाएं फैली हुई हैं.

श्रद्धालुओं के लिए बना सेल्फी का केंद्र
यह पेड़ इतना आकर्षक है कि जो भी श्रद्धालु आश्रम में आते हैं. वह इस पेड़ के साथ बिना फोटो खिंचवाए नहीं रह पाते हैं. न्यूज़ 18 लोकल की टीम ने भी जब इस पौराणिक पेड़ की पड़ताल की तो इस पेड़ से निकली हुई शाखाएं जमीन के अंदर जाते हुए उसी प्रकार आकार बनाए हुए हैं. जिस प्रकार एक दरवाजे का आकार होता है.
गौरतलब है कि इसी आश्रम का इतिहास यह भी है कि कलयुग से पहले ऋषि शमीक यहां रहा करते थे. ऐसे में यह ऋषि मुनियों की भी तपोवन भूमि रही है.

Meerut News: 130 दिन बाद कोरोना से जंग जीतकर घर लौटा मरीज, आज भी लेनी पड़ती है ऑक्सीजन सपोर्ट

Meerut News: 130 दिन बाद कोरोना से जंग जीतकर घर लौटा मरीज, आज भी लेनी पड़ती है ऑक्सीजन सपोर्ट

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 08:11 IST
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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में एक शख्स कोरोना संक्रमित (Corona Positive) होने के 130 दिन बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंचा. हालांकि उसे आज भी कुछ देर के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट की जरुरत पड़ती है. विश्वास सैनी 28 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए थे. शुरुआत में उनका इलाज घर पर ही चला, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया. वे करीब एक महीने तक वेंटीलेटर पर भी रहे. इसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज किया गया.

विश्वास का इलाज करने वाले डॉ एमसी सैनी का कहना है कि जब उन्हें अस्पताल लेकर आया गया तो उनकी हालत इतनी बुरी थी कि हम किसी पॉजिटिव परिणाम की उम्मीद नहीं कर रहे थे. लेकिन विश्वास सैनी जिंदा रहने की उम्मीद और इलाज की वजह से यह संभव हो पाया। विश्वास को करीब एक महीने ताल वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया. उसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज किया गया. आज भी घर पर उन्हें कुछ देर के लिए ऑक्सीजन की जरुरत पड़ती है.

विश्वास ने कही ये बात 
130 दिन बाद ठीक होकर घर पहुंचे विश्वास सैनी ने कहा कि यह राहत और अच्छा महसूस कराने वाली बात है. 130 दिन बाद एक बार फिर अपने परिवार के बीच अपने घर में हूं. एक वक्त तो मैं भी डर गया था, जब मैं लोगों को कोरोना से मरते हुए देख रहा था. लेकिन मेरे डॉक्टर ने मुझे हौसला दिया और कहा कि ठीक होने पर फोकस करना है. डॉक्टर के इलाज और परिवार की दुआ से एक बार फिर मैं अपनों के बीच हूं.

मेरठ: ओवैसी हैं बीजेपी के मेहमान, UP में अब्बाजान के बाद अब चचाजान की एंट्री: राकेश टिकैत

मेरठ: ओवैसी हैं बीजेपी के मेहमान, UP में अब्बाजान के बाद अब चचाजान की एंट्री: राकेश टिकैत

UP Assembly Election 2022 : राकेश टिकैत ने मेरठ में AIMIM चीफ असद्उद्दीन ओवैसी को बीजेपी को चचाजान कह दिया. राकेश ने कहा कि बाहर से कोई आदमी आ रहा है तो बीजेपी का चचाजान ही तो है. इनके आने से अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री भी हो गई.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. राकेश ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के भरोसे कोई न रहे. वो तो अपना आंदोलन चला रहे हैं. सब अपने अपने भरोसे रहें. उनका तो अपना काम ही नहीं निपट रहा. राकेश ने कहा कि यहां ग्यारह हजार का करंट है यहां न जाओ, क्योंकि यहां सारा मामला नॉन पॉलिटिकल है. छब्बीस सितम्बर को मुजफ्फरनगर में होने वाली एक और पंचायत को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.

टिकैत ने ओवैसी को बताया बीजेपी का मेहमान

राकेश टिकैत ने मेरठ में एक बार फिर AIMIM चीफ असद्उद्दीन को बीजेपी को चचाजान कह दिया. राकेश ने कहा कि बाहर से कोई आदमी आ रहा है तो बीजेपी का चचाजान ही तो है. राकेश ने कहा कि बीजेपी वाले बता दें ओवैसी को क्या कहेंगे. उन्होंने ओवैसी को बीजेपी का मेहमान बताया. राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी की राजनीति में आए अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री कर दी है. राकेश ने कहा कि ए टीम को ताउजान तो बी टीम को चचाजान ही तो कहेंगे. अगर कोट पैंट वाले होते तो अंकलजी कह देते.

राजा महेंद्र प्रताप सिंह जाट राजा नहीं किसान राजा

राकेश ने जाट राजा कहे जाने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को किसान राजा कहा. अलीगढ़ में पीएम मोदी के छोटे किसान को फायदा देने वाले बयान को लेकर राकेश ने कहा कि आंदोलन में सारे छोटे किसान ही तो हैं. उन्होंने एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराया. राकेश ने कहा कि खाते में पैसे दे दिए और गन्ने का भुगतान होता नहीं. सारे किसान छोटे किसान ही हैं. बड़ा किसान कहां है.

नया नहीं है अल्ला हू अकबर का नारा: टिकैत

अल्ला हू अकबर नारे को लेकर कहा कि ये कोई नया नारा नहीं है. ये तो पहले से ही लगता रहा है. राकेश टिकैत मेरठ के कंकरखेड़ा में शहीद मेजर मयंक बिश्नोई के परिवारवालों से मिलने उनके घर पहुंचे हुए थे. शहीद के परिवार से मिलने के बाद वो बाद में मीडिया से रुबरु हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला.

Meerut News: एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने ही की थी हिमांशु की हत्या, चार गिरफ्तार

Meerut News: एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने ही की थी हिमांशु की हत्या, चार गिरफ्तार

Meerut Crime News: हिमांशु ने 35 हजार रुपये अंकित को उधार दिए थे. अंकित ने समय पर रकम नहीं लौटाई तो हिमांशु ने अपने कुछ साथी बुलाकर मोदीनगर में अपने कमरे पर अंकित की पिटाई कर दी थी. इसके बाद अंकित ने बदला लेने की ठान ली.

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मेरठ. पश्चिम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने अपने ही दोस्त का कत्ल कर दिया. पुलिस (Police) ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने बताया कि 35000 रुपये को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें मृतक हिमांशु (Himanshu Murder Case) ने अपने दोस्त को थप्पड़ मार दिया था. इसी बात का बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची गई और उसे अंजाम भी दिया गया.

एसपी देहात केशव कुमार ने हिमांशु हत्याकांड का पुलिस लाइन में खुलासा किया. मेरठ पुलिस लाइन में हुई प्रेसवार्ता में बताया गया कि 26 जुलाई को करनावल निवासी हिमांशु की हत्या कर दी गई थी. लाश नाले में मिली थी. हिमांशु मोदीनगर में रहता था. हिमांशु ने 35 हजार रुपये अंकित को उधार दिए थे. अंकित ने समय पर रकम नहीं लौटाई तो हिमांशु ने अपने कुछ साथी बुलाकर मोदीनगर में अपने कमरे पर अंकित की पिटाई कर दी थी. इसके बाद अंकित ने बदला लेने की ठान ली.

ऐसे रची साजिश
पुलिस के मुताबिक अंकित, हिमांशु, कपिल, विराट और आकाश, विनीत के बीच दोस्ती थी. अंकित ने अपना बदला लेने के लिए विराट को हथियार बनाया. विराट को कहा कि हिमांशु ने उसके अपहरण की प्लानिंग की है और 10 लाख फिरौती वसूलना चाहता है. इस बात से विराट अपने दोस्त हिमांशु से नाराज हो गया और अंकित ने उसे भड़काकर अपने साथ मिला लिया। इसके बाद अंकित, विराट, कपिल और आकाश ने मिलकर हिमांशु के मर्डर की योजना बनाई.

एक आरोपी अभी भी फरार
एसपी देहात ने बताया कि 26 जुलाई को हिमांशु को मोदीनगर से करनावल बुलाया गया. करनावल के बाहर जंगल में अंकित, विराट, आकाश, कपिल, अंकित ने हिमांशु को रोक लिया। यहां पर पहले कोल्ड ड्रिंक पिलाई और समोसा खिलाया. इसके बाद उसे गला दबाकर और पीट पीटकर मार डाला। इसके बाद सीने में चाकू घोंप दिया और लाश को नाले में फेंक दिया. हिमांशु की बुलेट भी आरोपी अपने साथ ले गए. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों अंकित, विनीत, कपिल और आकाश को गिरफ्तार किया है. एक आरोपी अंकुश अभी फरार है.

मेरठ:जानिए कौन से आश्रम हुई थी कलयुग की शुरुआत

मेरठ:जानिए कौन से आश्रम हुई थी कलयुग की शुरुआत

किला परीक्षित गढ़ के बारे में द्वापर युग से लेकर कलयुग तक में बताया गया है. आज हम उसी परीक्षितगढ़ के बारे में बताएंगे.

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सतयुग, द्वापर युग, त्रेता युग के बारे में आपने सुना है. आज हम आपको कलयुग कहां से आरंभ हुआ था. इसके बारे में हम आप को बताएंगे. जी हां मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ से 25 किलोमीटर दूर किला  परीक्षितगढ़ से कलयुग की शुरुआत हुई थी. श्री श्रंगी आश्रम के मुख्य पुजारी बताते हैं कि इसी स्थान से कलयुग का प्रारंभ हुआ था.

सरस्वती के तट पर शिकार खेलते समय राजा परीक्षित को कलयुग मिला था. उसने छल पूर्वक राजा परीक्षित से स्वर्ण में स्थान मांगा और वह उनके मुकुट में बैठ गया. जिसके कारण उनकी बुद्धि को कलयुग ने अपने वश में कर लिया था. इसी वजह से वह ऋषि शमीक के आश्रम श्री श्रंगी आश्रम में पहुंच जाते हैं. जहां पर ऋषि शमीक तपस्या में लीन थे.राजा परीक्षित ने कई बार ऋषि से जल मांगा. लेकिन, वह मौन रहे. तब जाकर राजा परीक्षित ने ऋषि शमीक के ऊपर मरा हुआ सांप फेंक दिया था. जब इस बारे में ऋषि शमीक के पुत्र श्रृंगी ऋषि को पता चला तो उन्होंने वहीं पर जहां आज कमल के फूल खिले हैं कौशिकी नदी का जल हाथ में लेकर राजा को श्राप दिया था कि सात दिन में सर्पदंश से उनकी मृत्यु हो जाएगी. जिसके बाद राजा परीक्षित ने सांप से बचने के लिए अनेक उपाय किए. लेकिन, सातवें दिन तक्षक सांप ने उन्हें डस लिया था. कहा जाता है कि राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद ही कलयुग अपने पैर पसारने लगा था.

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है- सीएम योगी

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है- सीएम योगी

UP Election 2022: गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के नजदीक आते ही चुनावी हलचल बढ़ गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम योगी ने कहा, ‘पहले हमारे बेटियां, बहनें असुरक्षित महसूस करती थीं. सड़कों पर गड्ढे यूपी यानी उत्‍तर प्रदेश की पहचान हुआ करते थे. यहां तक कि भैंसे और बैल भी सुरक्षित नहीं थे. यह समस्‍याएं पश्चिमी यूपी में थी, पूर्वी यूपी में नहीं…लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है. क्‍या आपने यह बदलाव नहीं देखा है. ‘

सीएम योगी ने कहा, पहले स्थिति यह थी कि जहां से गड्ढे सड़कों पर प्रारंभ हो जाएं, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है, सायंकाल जहां से अंधेरा हो जाए, समझ लो वह उत्‍तर प्रदेश है, जहां पर कोई सभ्‍य व्‍यक्ति रात को सड़कों पर चलने से भयभीत हो, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है. यूपी यह तस्‍वीर पेश करता था.नौजवानों के सामने पहचान का संकट था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है. यूपी के विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी भी पूरे जोर के साथ उतरने का निर्णय लिया है. AIMIM राज्‍य में इस बार करीब 100 सीटों प्रत्‍याशी उतारेगी. पार्टी ने मुख्‍य रूप से उन सीटों पर ध्‍यान केंद्रित किया है जहां मुस्लिमों की आबादी ज्‍यादा है.

राजभर और निषाद भी हैं लामबंद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजभर और निषादों का वर्चस्व है और ऐसे में संजय निषाद की पार्टी बीजेपी के साथ है. वहीं, ओपी राजभर अभी तक ओवैसी के साथ हैं. हालांकि अंदरखाने चर्चा है, कि संजय निषाद और राजभर दोनों सपा के भी संपर्क में है. ऐसे में अब ये कयास लगा पाना तो काफी मुश्किल होगा कि राजभर और निषाद वोट किसकी तरफ शिफ्ट होता है.

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

UP News: पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है. वहीं, सख्ती से गो तस्करी (Cow Smugglers) और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराया गया है. इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है. प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है.

प्रदेश में पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे. सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी भी की जाती थी. इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. सीएम के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया. नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है. फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं.

319 गो तस्कर गिरफ्तार, 14 पर NSA
प्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है. पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है. इसके अलावा 280 आरोपियों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

सीएम योगी ने 2018 के एक्ट में किया संशोधित
सीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया. नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे. अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है, लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी.

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