कोरोना का खतरा बता मेरठ के अस्पताल ने पहले इस धर्म के लोगों के इलाज पर लगाई पाबंदी, फिर मांगी माफी
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कोरोना का खतरा बता मेरठ के अस्पताल ने पहले इस धर्म के लोगों के इलाज पर लगाई पाबंदी, फिर मांगी माफी
अस्पताल ने अपने विज्ञापन में तबलीगी जमात का भी जिक्र किया है. (सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित एक निजी अस्पताल ने कोरोना महामारी का खतरा बता एक धर्म विशेष के लोगों के इलाज पर पाबंदी लगा दी है. मेरठ के वेलेंटिस कैंसर अस्पताल ने एक अखबार में विज्ञापन देकर यह सूचना दी है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए एक तरफ जहां सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. समाज में इसको लेकर सद्भाव बना रहे, इसके लिए जागरूकता अभियान चला रही है. वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित एक निजी अस्पताल ने कोरोना महामारी का खतरा बता एक धर्म विशेष के लोगों के इलाज पर पाबंदी लगा दी है. मेरठ के वेलेंटिस कैंसर अस्पताल ने एक अखबार में विज्ञापन देकर यह सूचना दी है. अखबार का यह विज्ञापन जब सोशल मीडिया में वायरल हुआ, तो स्थानीय जागरूक नागरिकों ने इसकी निंदा की. इसके बाद अस्पताल ने दोबारा अखबार में स्पष्टीकरण देकर माफी मांग ली.

क्या छपा था विज्ञापन में
मेरठ के वेलेंटिस कैंसर अस्पताल ने अखबार में विज्ञापन देकर तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों पर कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाने का आरोप लगाया था. अस्पताल ने अपने विज्ञापन में कहा था कि तब्लीगी जमात के संक्रमित लोगों को देशभर के अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है, लेकिन ये लोग डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के साथ बदतमीजी करते हैं. वे डॉक्टरों के निर्देशों को नहीं मानते. साथ ही साफ-सफाई संबंधी निर्देश भी नहीं मानते हैं. जमात से जुड़े कोरोना मरीज अस्पतालों के नियमों का पालन नहीं करते हैं. इस कारण न सिर्फ अन्य समाज के, बल्कि स्वयं धर्म विशेष के लोगों में भी ये संक्रमण फैला रहे हैँ. इससे विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ के बीच भय का माहौल बन गया है.

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रिपोर्ट निगेटिव आए, तभी अस्पताल में आएं


वेलेंटिस कैंसर अस्पताल ने अपने विज्ञापन में कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए यह अस्पताल धर्म विशेष के भाइयों से अनुरोध करता है कि यदि उन्हें हॉस्पिटल आना हो, तो खुद और एक तीमारदार की जांच कराएं. जांच रिपोर्ट निगेटिव हो, तभी अस्पताल आएं. कोरोना महामारी जारी रहने तक यह नियम प्रभावी रहेगा. वेलेंटिस अस्पताल के विज्ञापन में यह भी कहा गया है कि केवल कुछ लोगों की अज्ञानता और दुर्भावना के कारण हजारों अन्य लोगों को कुछ दिन के लिए कष्ट सहना पड़ रहा है.

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वायरल हुआ विज्ञापन तो मांगी माफी
वेलेंटिस कैंसर अस्पताल का यह विज्ञापन जारी होने के बाद हड़कंप मचा. सोशल मीडिया में अखबार में छपा विज्ञापन वायरल किया जाने लगा. इसके बाद अस्पताल की तरफ से दोबारा विज्ञापन देकर स्पष्टीकरण देते हुए माफी मांग ली गई. माफी मांगने वाला विज्ञापन भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी किया गया. इसमें कहा गया कि धर्म विशेष से जुड़े लोगों को कल प्रकाशित सूचना से ठेस पहुंची है. भूल से कुछ गलत संदेश चला गया, जो हमारा मकसद नहीं था. इसलिए अपने विज्ञापन का खंडन करने के साथ ही हम हृदय से खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगते हैं. अस्पताल ने सभी धर्म-समुदाय के लोगों से माफी मांगते हुए कहा कि आगे से किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचे, इसका ख्याल रखा जाएगा.

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