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मेरठ: PVVNL का बिजली चोरों, कटियाबाजों पर अब ड्रोन से शिकंजा

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 13, 2019, 12:44 PM IST
मेरठ: PVVNL का बिजली चोरों, कटियाबाजों पर अब ड्रोन से शिकंजा
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड अब ड्रोन कैमरों की मदद से चलाएगा अभियान

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (Paschimanchal Vidyut Vitran Nigam Limited) के अधिकारियों ने 14 ज़िलों में सर्वाधिक बिजली चोरी (power theft) और लाइन लॉस (line loss) वाले 24 डिवीज़न चिन्हित किए हैं. यहां लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है.

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मेरठ. पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली चोरों और कटियाबाजों को पकड़ने के लिए अब ड्रोन कैमरों का सहारा लिया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुरादाबाद, बलुंदशहर, रामपुर, सहारनपुर जनपदों में बिजली चोरी के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने इससे पहले भी बिजली चोरी के खिलाफ कई अभियान चलाए लेकिन ये सभी अभियान बिजली चोरों पर शिकंजा कसने में नाकामयाब रहे. इसलिए विद्युत विभाग ने अब ड्रोन कैमरों का सहारा लिया है.

तीसरी आंख से होगी निगरानी
बिजली चोर अब तीसरी आंख की गिरफ्त में आएंगे. सुनने में ये थोड़ा अजीब लगता है लेकिन आपको बता दें कि विद्युत विभाग में अब ड्रोन कैमरे के ज़रिए बिजली चोर पकड़ने की योजना तैयार हो गई है.​पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के चौदह ज़िलों में तीसरी आंख यानि ड्रोन कैमरा पकड़ेगा बिजली चोरों और कटियाबाजों को. इस अभियान को लेकर पीवीवीएनएल के एमडी से News 18 संवाददाता ने बातचीत की तो उनका कहना है कि ड्रोन के ज़रिए होने वाले इंस्पेक्शन में कोई भी बिजली चोर बच नहीं पाएगा. साथ ही उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील भी की कि आसान किश्तों के ज़रिए लोग अपना बकाया जमा कर सकते हैं. इसे 'आसान किश्त योजना' भी कहा जा रहा है. साथ ही उपभोक्ता अगर चाहें तो फ्रेश कनेक्शन भी अपने नाम ले सकते हैं.

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के चौदह ज़िलों में अब ड्रोन कैमरे के ज़रिए अभियान चलाया जाएगा. जहां बिजली विभाग की टीम भी नहीं पहुंच पाती वहां अब ड्रोन कैमरा तस्वीरें लेगा और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी. पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी अरविंद मलप्पा बंगारी का कहना है कि पश्चिमांचल के कई ज़िलों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी हो रही है. जिनमें बिजनौर, मुरादाबाद, बलुंदशहर, रामपुर, सहारनपुर में बिजली चोरी के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. आबादी के अनुपात में इन ज़िलों से सबसे कम रेवेन्यू आता है. लिहाज़ा अब पीवीवीएनएल के सभी चौदह जिलों में बिजली चोरों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान चलाया जाएगा जिसमें ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जाएगी.

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने चौदह ज़िलों में सर्वाधिक बिजली चोरी और लाइन लॉस वाले 24 डिवीज़न चिन्हित किए हैं. यहां लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है. बिजली चोरी के मामले में पश्चिमांचल के प्रत्येक ज़िला मुख्यालय पर खोले गए बिजली थानों में रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की जा रही है. पश्चिमाचंल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी के मुताबिक अब सभी चौदह ज़िलों में दो-दो टीमें भी बनाई जाएंगी जिन्हें ड्रोन कैमरे से लैस किया जाएगा. यह टीमें ड्रोन कैमरों की मदद से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करके बिजली चोरों तक पहुंचने का प्रयास करेगी.

बिजली चोरों को चेतावनी
एमडी का कहना है कि हाई लाइन लॉस और बिजली चोरी वाले इलाकों में मॉर्निंग में रेड डाली जाएगी. बिजली और विजिलेंस टीमों की लगातार छापेमारी होगी. संदिग्ध उपभोक्ताओं की नियमित चेकिंग और मॉनिटरिंग होगी. बिजली चोरी वाले इलाकों में एबी केबिल बिछाए जाएंगे. साथ ही उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य भी निरंतर कराया जाएगा. पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी ने उपभोक्ताओं से भुगतान की अपील करते हुए बिजली चोरों को चेतावनी भी दी है कि वो ख़ुद ही बिजली चोरी छोड़ दें और कनेक्शन लेकर ईमानदार उपभोक्ता बनें. समय से बिल अदा करें. क्योंकि अब विभाग बिजली चोरों को कतई बख्शने के मूड में नहीं है.
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First published: November 13, 2019, 12:38 PM IST
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