राम मंदिर भूमि पूजन: मेरठ में मुस्लिम महिलाओं ने की राम की आरती, मनाई खुशियां
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राम मंदिर भूमि पूजन: मेरठ में मुस्लिम महिलाओं ने की राम की आरती, मनाई खुशियां
मेरठ में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने राम की आरती कर देशवासियों को बधाई दी

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (Muslim Rashtriya Manch) की संयोजिका शाहीनी परवेज़ ने कहा 'हम सब की पहचान श्रीराम से है. श्री राम सभी के हैं, श्री राम इमामे हिन्द हैं, हिंदुस्तान की पहचान हैं. भारतीय संस्कृति की पहचान हैं'. उनका कहना था कि सभी देशवासियों की इच्छा पूरी होने पर सभी को बधाई.

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मेरठ. अयोध्या में आज राम मंदिर भूमि पूजन (Ram Mandir Bhoomi Pujan) के अवसर पर मेरठ जनपद में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (Muslim Rashtriya Manch) की महिला प्रकोष्ठ से जुड़ी मुस्लिम समाज की महिलाओं ने भगवान राम की आरती उतारी और मिठाइयां बांटी. उनका कहना था आज सारे देशवासियों की सारे भक्तों की इच्छा पूरी हो गई. हमारी आस्था श्रीराम में है. हम लोग हिंदुस्तानी मुसलमान हैं, अपनी भारतीय संस्कृति को मानते हैं. राम तो एक संस्कृति हैं, भारतीय संस्कृति हैं. उनका कहना था कि हम सब आज बहुत खुश हैं.

हम सब की पहचान श्रीराम से है!
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय संयोजिका शाहीनी परवेज़ ने राम मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर प्रभु श्री राम की आरती उतारी खुशियां मनाई और अपने घर में दीप प्रज्वलित किया. इस मौके पर शाहीन परवेज़ ने कहा कि 'हम सब की पहचान श्रीराम से है. श्री राम सभी के हैं, श्री राम इमामे हिन्द हैं, हिंदुस्तान की पहचान हैं. भारतीय संस्कृति की पहचान हैं'. उनका कहना था कि 'हिंदुस्तानी मुसलमानों की पहचान श्रीराम इमामे हिंद से है किसी बाबरिया बाबरी से नहीं है. हमारे देश का भाईचारा सांप्रदायिक सौहार्द हमेशा कायम है और रहेगा हमें कोई नहीं बांट सकता'.

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सारे देशवासियों की इच्छा पूरी हो गई
उनका कहना था कि वो इस ख़ुशी के अवसर पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देना चाहती हैं. उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डॉ. इंद्रेश कुमार और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सभी कार्यकर्ताओं को भी शुभकामनाएं दी. बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि श्री राम जन्म स्थान पर मंदिर बनवाने की कसम मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के हर कार्यकर्ता ने खाई थी. 'कसम खुदा की खाते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे' आज सारे देशवासियों, सारे भक्तों की इच्छा पूरी हो गई है. वो कहती हैं कि कितने सौभाग्य की बात है कि उनकी बनाई राखी (Rakhi) जो उन्होंने श्रीराम के लिए भेजी थी उनकी भावनाएं अयोध्या में स्वीकार कर ली गई हैं. अयोध्या से उनके पास इस बारे में टेलीफोन भी आया कि शिलान्यास से पहले उनके हाथों की बनाई हुई राखी रामलला के पास समय से पहुंच गई.
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