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मेरठ: रेप पीड़िता छात्रा का सुसाइड केस पलटा, रुपयों के लालच में परिजनों ने रची थी साजिश
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NIKHIL AGARWAL | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 14, 2020, 3:05 PM IST
मेरठ: रेप पीड़िता छात्रा का सुसाइड केस पलटा, रुपयों के लालच में परिजनों ने रची थी साजिश
मेरठ में रेप पीड़ित छात्रा के सुसाइड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है.

एसपी अविनाश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस की तफ्तीश के दौरान रेप पीड़िता की मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें बलात्कार की पुष्टि ही नहीं हुई. इसके बाद जब पीड़िता का मोबाइल रिकॉर्ड खंगाला गया, तो उसमें दो कॉल रिकॉर्डिंग मिली, जिसने पूरी साजिश पर से पर्दा उठा दिया.

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मेरठ. गांव की राजनीति और महज चंद रुपयों के लालच ने एक मासूम नाबालिग छात्रा को आत्महत्या (Suicide) करने पर मजबूर कर दिया. जी हां, यही सच है मेरठ (Meerut) के कॉल गांव की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा शानू की मौत का. परिजनों ने पहले लालच में आकर 62 साल के बुजुर्ग पर अपनी ही बेटी से बलात्कार करने का आरोप लगवाया. इसके बाद इस झूठे मामले में पुलिसिया कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने छात्रा पर आत्महत्या करने का दबाव बनाया. परेशान छात्रा फांसी के फंदे पर झूल गई. इसके बाद छात्रा की मौत का दोषी पुलिस और सरकार को बताया गया. सरकार को बदनाम करने की साजिश भी रची गई. लेकिन इन सब के बीच पुलिस को कुछ ऐसे सनसनीखेज सबूत हाथ लगे तो पूरा केस ही पलट गया और अब न्याय मांगने वाले ही आरोपी बन गए हैं.

दो दिन पहले पीड़िता ने लगाई थी फांसी
मेरठ के थाना मवाना क्षेत्र की कॉल गांव में 2 दिन पहले एक रेप पीड़िता फांसी के फंदे पर झूल गई. एसपी देहात अविनाश कुमार पांडेय ने बताया कि परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बलात्कार के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए सामाजिक प्रताड़ना और आरोपियों के दबाव में आकर छात्रा ने मौत को गले लगा लिया. इस सनसनीखेज वारदात से मेरठ पुलिस के हाथ-पैर फूल गए. आनन-फानन में एसएसपी अजय साहनी ने इंस्पेक्टर मवाना को लाइन हाजिर कर दिया. साथ ही पूरे मामले की जांच नए सिरे से शुरू कर दी गई. एसपी ने बताया कि जांच-पड़ताल के दौरान अतुल प्रधान नाम के शख्स के बारे में पता चला कि उसने सरकार और पुलिस को बदनाम करने के लिए परिजनों को आर्थिक मदद भी की थी. साथ ही पोस्टमॉर्टम के बाद शव को रखकर पंचायत की गई. घंटों हंगामे के बाद पुलिस ने किसी तरह से युवती का अंतिम संस्कार कराया.

मेडिकल जांच में नहीं निकला था रेप

पुलिसिया तफ्तीश के दौरान सबसे पहले रेप पीड़िता की मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें बलात्कार की पुष्टि ही नहीं हुई. इसके बाद जब आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कथित पीड़िता ने आत्महत्या कर ली. पुलिस की सर्विलांस टीम ने जब पीड़िता का मोबाइल खंगाला तो उसमें दो कॉल रिकॉर्डिंग मिली, जिसने पूरी साजिश पर से पर्दा उठा दिया.

कॉल रिकॉर्डिंग से खुले राज
पुलिस अधिकारियों की माने तो कॉल रिकॉर्डिंग में खुद को रेप पीड़िता बताने वाली लड़की, आरोपी और उसके भाई से बात करते हुई पाई गई. इसमें लड़की ने खुद कबूल किया कि गांव के ही आपसी रंजिश में उसके साथ जबरन रेप का आरोप लगवाया गया. आरोपी 62 साल का बुजुर्ग भला आदमी है, लेकिन गांव के कुछ प्रधानों ने उसके परिजनों को रुपयों का लालच दिया. इसके बाद साजिशन उसका झूठा मेडिकल करवाया गया, जिसमें डॉक्टर को भी रिश्वत दी गई. रेप का आरोप लगाने से जब छात्रा ने मना किया तो उसकी पिटाई भी की गई. उसने पिटाई से क्षुब्ध होकर 4 बार फांसी लगाने की कोशिश की.परिजनों के खिलाफ कार्रवाई, केस में अब तक दो गिरफ्तार
मेरठ पुलिस ने अब इस मामले का खुलासा कर दिया है. इस मामले में परिजनों को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी माना गया. इसके अलावा एक कथित पत्रकार और झोलाछाप डॉक्टर को भी साजिश का आरोपी मानकर गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने अब तक इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि गांव में जाकर परिजनों को भड़काने, गांव का माहौल खराब करने और सरकार व पुलिस को बदनाम करने के मामले में सपा नेता अतुल प्रधान पर भी पुलिस ने तस्करा डाल दिया है.

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First published: February 14, 2020, 2:31 PM IST
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