लाइव टीवी

Reality Check: मेरठ में हरे रंग के कवर वाले पटाखे को ही ग्रीन पटाखा कह रहे दुकानदार

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 26, 2019, 3:56 PM IST
Reality Check: मेरठ में हरे रंग के कवर वाले पटाखे को ही ग्रीन पटाखा कह रहे दुकानदार
मेरठ में पटाखों की दुकान सज गई हैं, खूब खरीदारी हो रही है लेकिन ग्रीन पटाखों को लेकर जागरूकता कम ही देखी जा रही है.

मेरठ (Meerut) के बाजारों में दुकानदार जानते तक नहीं कि क्या होता है ग्रीन पटाखा? दुकानदार हर ग्रीन कवर वाले पटाखे को ही ग्रीन पटाखा कह रहे हैं. पटाखा बाज़ार में हमें गिनती की दुकान पर इक्का दुक्का पैकेट ही ग्रीन पटाखे के नज़र आए.

  • Share this:
मेरठ. दिवाली (Diwali)और पटाखे (Fire crackers) एक दूसरे के पूरक है. हर घर में दीपावली के दौरान पटाखे जलाए जाते हैं लेकिन हर बार दिवाली के बाद वातावरण में इतना प्रदूषण होता है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में इस बार ग्रीन पटाखों (Green Crackers) की बात कही गई थी. दावा किया गया कि इस बार बाज़ार में ग्रीन पटाखे की बिकेंगे, जिससे प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके. इस दावे को लेकर न्यू़ज़ 18 ने पटाखा बाज़ार का रिएलिटी चेक किया. इस रिएलिटी चेक में जो तस्वीर सामने आई, वो हैरान करने वाली है.

ग्राहक-दुकानदार नहीं जानते क्या होता है ग्रीन पटाखा

मेरठ के बाजारों में दुकानदार जानते तक नहीं कि क्या होता है ग्रीन पटाखा? दुकानदार हर ग्रीन कवर वाले पटाखे को ही ग्रीन पटाखा कह रहे हैं. पटाखा बाज़ार में हमें गिनती की दुकान पर इक्का दुक्का पैकेट ही ग्रीन पटाखे के नज़र आए. न ग्राहक को मालूम है क्या होते हैं ग्रीन पटाखे और न ही दुकानदार को. ऐसे में अगर आप ग्रीन पटाखा खरीदने जा रहे हैं तो आप भी जान लीजिए कैसे होते हैं ग्रीन पटाखे ताकि दुकानदार आपको ग्रीन कवर वाले पटाखे को ही ग्रीन पटाखा बताकर न बेंच सके.

ऐसे करें ग्रीन पटाखों की पहचान

- ग्रीन पटाखों में होता है क्यूआर कोड
- ग्रीन पटाखों पर सीएसआईआर की मुहर होती है
- पटाखे के उपर ग्रीन फायरवर्क्स लिखा होता है
Loading...

- पटाखे पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी मौजूद होता है

बता दें सामान्य पटाखों की तुलना में ग्रीन पटाखे जलाने पर 40 से 50 फ़ीसदी तक कम हानिकारक गैस पैदा होती है.

Green crackers
ग्रीन पटाखों की ये है पहचान


मेरठ जोन में भारी मात्रा में अवैध पटाखों के गोदाम पर हुई कार्रवाई: एडीजी

उधर न्यूज़ 18 से ख़ास बातचीत में एडीजी मेरठ ज़ोन प्रशांत कुमार ने कहा है कि समूचे मेरठ जो़न में भारी मात्रा में अवैध पटाखों के गोदामों पर भी कार्रवाई हुई है और प्रतिबंधित पटाखों का सेल बिलकुल नहीं होने दिया जाएगा. इंटेलिजेंस के ज़रिए अवैध पटाखा कारोबारियों पर निगाह रखी जा रही है. एडीजी मेरठ ज़ोन प्रशांत कुमार ने कहा कि शासन की तरफ से पटाखा जलाने का समय भी निर्धारित किया गया है.

दीपावली के बाद हर वर्ष स्मॉग के हालात से हम सभी निपटते हैं. ऐसे में हमें ही सांस लेने में दिक्कत समेत कई बीमारियों का भी शिकार होना पड़ता है. लिहाज़ा हमें आपको भी वातावरण को शुद्ध रखने में योगदान देना होगा. फिर चाहे हमें पटाखा बाज़ार में ग्रीन पटाखे मिले या नहीं लेकिन हमें अपनी ज़िम्मेदारियों को समझना होगा क्योंकि वातावरण को प्रदूषण मुक्त रखने की ज़िम्मेदारी हमारी आपकी सबकी है.

ये भी पढ़ें:

Dhanteras 2019: निराले गणेश-लक्ष्मी, नज़रे हटाने को दिल नहीं करेगा...

दीवाली पर घऱ बैठे कीजिए खोआ, दाल सहित तमाम खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मेरठ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 26, 2019, 3:56 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...