Home /News /uttar-pradesh /

दावा: मेरठ हस्तिनापुर बाढ़ का समाधान सिर्फ बूढ़ी गंगा

दावा: मेरठ हस्तिनापुर बाढ़ का समाधान सिर्फ बूढ़ी गंगा

 बूढ़ी

 बूढ़ी गंगा

हस्तिनापुर में जिस प्रकार हर वर्ष बाढ़ तबाही मचाती है. अगर उस तबाही से बचाना है .तो बूढ़ी गंगा को जीवित करना होगा. यही  इसका समाधान है.यह दावा शोभित यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर व नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन प्रियंक भारती चिकारा द्वारा किया गया.उन्होंने कहा कि महाभारत काल में गंगा के प्रवाह का जो रास्ता था.

अधिक पढ़ें ...

    मेरठ:- पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (meerut) स्थित हस्तिनापुर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत में जिस प्रकार हर वर्ष बाढ़ तांडव मचाती है.अगर हस्तिनापुर में बूढ़ी गंगा के मार्ग को पुनर्जीवित कर दिया जाए तो. हस्तिनापुर में से बाढ़ का संकट दूर हो जाएगा.यह दावा शोभित यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर व नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन प्रियंक भारती चिकारा द्वारा किया गया.उन्होंने कहा कि महाभारत काल में गंगा के प्रवाह का जो रास्ता था.उससे कुछ दूरी पर ही गुरुकुल का राज महल हुआ करता था.आज भी गंगा के रास्ते की बात की जाए तो उल्टा खेड़ा में वह टीला मौजूद है.यहीं नहीं उन्होने कहा कि किवदंतियों के अनुसार इसी टीले पर गुरुकुल का महल होता था. गंगा के पास जितने भी वृतांत बाद में पढ़ने को मिलते हैं. वह इसी गंगा के पुराने रास्ते के हैं.बूढ़ी गंगा की किनारों पर द्रौपदी घाट, कर्ण मंदिर, भीष्म गंगा मिलन स्थल जैसी स्थान निर्मित हुए हैं.

    बूढ़ी गंगा के रास्ते के जीर्णोद्धार के लिए चल रहा है कार्य
    प्रियंक भारती हस्तिनापुर को लेकर कई रिसर्च कर रहे हैं. इससे पूर्व बूढ़ी गंगा अविरल बहे. इसीलिए मेरठ कमिश्नर को कुछ तथ्य सौंपे थे. जिसके तहत बूढ़ी गंगा के रास्ते की तलाश की जा रही है. गौरतलब है कि उन्होंने एक शोध पत्र जारी किया है. जिसका नाम है बूढ़ी गंगा ऑफ हस्तिनापुर: एक्लेक्ट ऑफ अंसिएंट इंडिया इंटरनेशनल जर्नल फॉर रिसर्च इन एप्लाइड साइंसेज एंड इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में यह शोध पत्र प्रकाशित हुआ है.

    रिपोर्ट
    विशाल भटनागर
    मेरठ

    Tags: मेरठ

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर