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गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल हो सकता है RSS का राष्ट्रोदय समागम

ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 21, 2018, 11:03 PM IST

25 फरवरी को होने वाले राष्ट्रोदय समागम पर दुनियाभर की एजेंसियों की भी नज़र है जबकि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम भी संघ के कार्यक्रम की गवाह बनेगी

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मेरठ जिले में आगामी 25 फरवरी से शुरू होने जा रहे आरएसएस संगठन के राष्ट्रोदय समागम को गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिल सकती है. आरएसएस के उक्त कार्यक्रम में एक मैदान में एक साथ तीन लाख लोगों की ड्रेस में परेड करने वाले हैं, जिसमे गिनीज़ बुक की टीम भी शिरकत कर सकती है.

रिपोर्ट के मुताबिक 25 फरवरी को होने वाले राष्ट्रोदय समागम पर दुनियाभर की एजेंसियों की भी नज़र है जबकि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम भी संघ के कार्यक्रम की गवाह बनेगी. बताया जाता है वर्ष 1925 में स्थापित आरएसएस संगठन ने पहली बार एक जगह पर तीन लाख स्वयंसेवकों को बुलाया है, जहां सभी स्वयंसेवकों के खड़े होने का स्थान सुनिश्चित होगा.

रिपोर्ट कहती है कि राष्ट्रोदय समागम के लिए ढाई किलोमीटर लंबे एवं डेढ़ किमी चौड़े मैदान को तमाम खूबियों से लैस किया जाएगा. यही नहीं, ऐसा पहली बार होगा कि जब समागम के लिए तैयार मंच की लंबाई 200 फुट, चौड़ाई 100 फुट और ऊंचाई 35 फुट होगी. मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर बनाए गए लिफ्ट रहित मंच में एक भी नट बोल्ट नहीं लगा है, जिसे आवश्यकतानुसार तत्परता से खोला भी जा सकता है.

पदाधिकारियों की मानें तो राष्ट्रोदय समागम के लिए कुल 6 लाख भोजन पैकेटों का संग्रह किया गया है, जो अब तक दुनिया में कहीं नहीं किया गया है. करीब 650 एकड़ में फैले समागम स्थल में 10 किमी पहले और 3 किमी लंबी कतार में लोगों को भोजन परोसा जाएगा, इसका जिम्मा 5 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे.

आरएसएस के प्रचार प्रमुख अजय मित्तल ने बताया कि कार्यक्रम में आने वाली 4000 बसों के लिए 6 बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं और बसों की निगरानी के लिए भी पहली बार एक बड़ा मंच तैयार किया गया है जबकि समागम की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस के अलावा संघ कार्यकर्ताओं भी संभालेंगे.

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First published: February 21, 2018, 7:35 PM IST
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