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देखिए क्या मेरठ कैंट विधानसभा सीट पर भाजपा के गढ़ में सेंध लगा पाएंगी राजनीतिक पार्टियां

देखिए क्या मेरठ कैंट विधानसभा सीट पर भाजपा के गढ़ में सेंध लगा पाएंगी राजनीतिक पार्टियां

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पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ की कैंट विधानसभा की अगर बात की जाए तो क्रांति धरा भूमि के इतिहास से हर कोई परिचित है. ऐसे ही आज हम मेरठ की एक

    मेरठ:- पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ की कैंट विधानसभा की अगर बात की जाए तो क्रांति धरा भूमि के इतिहास से हर कोई परिचित है. ऐसे ही आज हम मेरठ की एक विधानसभा सीट one Assembly seat के इतिहास History से आपका परिचय कराएंगे.जिस सीट पर भाजपा Bjp 20 वर्षो से काबिज है. एक ही नेता चार बार तक जनता का विश्वास जीतकर विधायक बने. जी हां हम बात कर रहे हैं मेरठ कैंट विधानसभा सीट Meeut cantt Assembly seat की. इस क्षेत्र का इतिहास है कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत 10 मई 1857 को यही के औघड़नाथ मंदिर से हुई थी. वहीं राजनीति के इतिहास की बात की जाए तो भाजपा का इस क्षेत्र को गढ़ माना जाता है. भारतीय जनता पार्टी इस क्षेत्र में लगातार 20 सालों से चुनाव जीत रही है. हालांकि अबकी बार भारतीय जनता पार्टी ने 4 बार के विधायक का टिकट काटकर पूर्व विधायक अमित अग्रवाल को टिकट दिया है. तो देखना होगा कि भाजपा अपने गढ़ को बचा पाएगी या फिर अन्य पार्टी के प्रत्याशी परचम लहराएंगे.

    रोजगार शिक्षा विकास रहेगा प्रमुख मुद्दा

    NEWS-18 LOCAL MEERUT की टीम ने जब कैंट विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से बात की तो उन्होंने कहा रोजगार ,विकास, शिक्षा, महिला सुरक्षा प्रमुख मुद्दा रहेगा.इन्हीं सभी बिंदुओं पर पिछली सरकार और वर्तमान सरकार के कार्य का आकलन करेंगे. उसके बाद जो बेहतर सुखद परिणाम लगेंगे. उसके अनुसार ही वो अपना वोट करेंगे.

    अपने क्षेत्र के विधायक को चुनकर बनाएंगे सरकार
    यही नहीं इस क्षेत्र की जनता की बात करें तो जनता ने कहा कि जिस तरीके से एक एक बूंद से घड़ा भरता है. उसी प्रकार से अपने क्षेत्र के प्रत्याशी को विधायक बना कर विधानसभा में भेजेंगे. जिससे कि सरकार बन सके. क्योंकि एक-एक विधायक जब जुड़ता है. तभी सरकार बनती है.

    यह हैं कैंट क्षेत्र के सियासी मायने
    चुनाव में जातिगत आधार भी काफी अहम माना जाता है .ऐसे में अगर हम कैंट क्षेत्र में जातिगत आधार की बात करें तो वैश्य, पंजाबी, दलित वोट बड़ी संख्या में हैं.बताते चलें कि गत वर्ष 2017 चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार सत्य प्रकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज करते हुए बसपा प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी को क्षेत्र 9619 वोटों से हराया था.वहीं कांग्रेसी प्रत्याशी रमेश धींगरा को मात्र 39650 वोट मिले थे. ऐसे में अबकी बार के समीकरण देखने होंगे कि जनता भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस सहित किस पार्टी के प्रत्याशी पर विश्वास करेगी.

    रिपोर्ट विशाल भटनागर मेरठ

    Tags: मेरठ

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