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मेरठ: वैज्ञानिकों का दावा- गीर व कांकरेज गाय किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ाएगी !

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 4, 2019, 6:47 PM IST
मेरठ: वैज्ञानिकों का दावा- गीर व कांकरेज गाय किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ाएगी !
मेरठ केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान के 33 वें स्थापना दिवस पर सेमीनार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का लक्ष्य है कि आगामी 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाए जिसे लेकर वैज्ञानिक तरह-तरह के शोध में जुटे हुए हैं ऐसे में central institute for research on cattle के वैज्ञानिकों का कहना है कि फ्रीजवाल गाय तैयार करने वाला यह संस्थान अब गीर और कांकरेज गाय पर भी रिसर्च कर रहा है. उनका दावा है कि ये गाएं किसानों की आय दोगुनी नहीं कई गुना बढ़ा सकती हैं.

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मेरठ. केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान में गाय पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों का दावा है कि अगर वैज्ञानिक तरीके से गौ पालन किया जाए तो यह बेहद मुनाफे का सौदा है. मेरठ में नेशनल सेमीनार के दौरान देश-विदेश के तमाम वैज्ञानिक जुटे. वैज्ञानिकों का कहना है कि फ्रीजवाल गाय तैयार करने वाला संस्थान अब गीर और कांकरेज गाय पर भी रिसर्च कर रहा है. ये गाएं किसानों की आय दोगुनी नहीं कई गुना बढ़ा सकती हैं.

कई गुना बढ़ सकती है आमदनी
वैज्ञानिकों ने कहा कि पशुपालक की आजीविका सुधारने के लिए गाय मील का पत्थर साबित हो सकती है बशर्ते वो वैज्ञानिक तरीके से गाय का पालन पोषण करें. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गाय का गोबर भी उन्नत किस्म की गाय तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि आगामी 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाए. किसानों की आय को दोगुना करने के लिए विभिन्न संस्थान मंथन कर रहे हैं. इसी कड़ी में मेरठ केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान में देश-विदेश के वैज्ञानिकों का जमावड़ा हुआ.

देशी गोवंश में भी सुधार की योजना

इस नेशनल सेमिनार में आए वैज्ञानिकों और स्टूडेन्ट्स ने इस बात पर मंथन किया कि 2022 तक आखिर किसानों की आय को दोगुना करने लक्ष्य को कैसे पूरा किया जाए. इस दौरान एक बात जिस पर सभी वैज्ञानिक एकमत रहे वो ये थी कि गाय किसानों की आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. मेरठ स्थित केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि फ्रीजवाल गाय तैयार करने वाला संस्थान अब गीर गाय और कांकरेज गाय पर भी रिसर्च कर रहा है. ये गाएं किसानों की आय दोगुनी नहीं कई गुना बढ़ा सकती हैं.

नेशनल सेमिनार में एक युवा वैज्ञानिक की ख़ास रिसर्च ने सबका ध्यानआकर्षित किया. इस रिसर्च के मुताबिक अगर गाय के बछड़े के गोबर को सुखाने के बाद उसे बेडिंग के तौर पर इस्तेमाल किया जाए तो उन्नत किस्म की गाय तैयार होगी. वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि देशी गोवंश में भी सुधार की योजना शुरू कर दी गई है. देश में गोवंश की 43 नस्ले हैं जिनको सुधारना और बचाना आवश्यक है. इसे लेकर नई पॉलिसी तैयार की जा रही है. केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान के 32 वें स्थापना दिवस के अवसर पर इस सेमिनार का आयोजन किया गया.

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First published: November 4, 2019, 6:47 PM IST
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