नौजवान शूटर्स के आगे फीके पड़े मेरठ के कुख्यात, बदनामी पर भारी पड़ रही तारीफ

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रोहटा ब्लॉक में 12 कुख्यात हैं. जो लूट रंगदारी और सुपारी लेकर हत्या करते हैं. अपराध के चलते रोहटा ब्लॉक बदनाम है.

News18Hindi
Updated: August 25, 2018, 1:50 PM IST
नौजवान शूटर्स के आगे फीके पड़े मेरठ के कुख्यात, बदनामी पर भारी पड़ रही तारीफ
शार्दुल की मां
News18Hindi
Updated: August 25, 2018, 1:50 PM IST
यूपी के मेरठ में अब मेडल्स की खेती हो रही है. यही वजह है कि नौजवान शूटर्स के आगे फीके पड़ गए हैं मेरठ के कुख्यात. बता दें कि मेरठ के रहने वाले गोल्ड मेडलिस्ट सौरभ चौधरी जिस इलाके के रहने वाले हैं, वो इलाका कुख्यातों के लिए जाना जाता रहा है.

पुलिस की डायरी में रोहटा ब्लॉक बदनाम है. अब रोहटा ब्लॉक मेडल की उपलब्धि की वजह से बदनाम इलाका पूरे विश्व में नाम कमा रहा है. इंडोनिशया में चल रहे एशियाई खेलों में मेरठ के शूटर्स पदक पर निशाना लगा रहे हैं. सौरभ कुमार के स्वर्ण पदक के बाद अब मेरठ के शार्दूल विहान ने रजत पदक जीता है. जकार्ता में चल रहे 18वें एशियाई खेल में मेरठ के निशानेबाजों ने अब तक स्वर्ण, रजत तथा कांस्य पदक जीतकर अपना वर्चस्व कायम कर लिया है.

शार्दुल के माता- पिता जहां अपने लाल के इस उपलब्धि को देखकर जश्न मना रहे है. वहीं बहन कह रही है कि ये रक्षाबंधन के मौके पर भाई की तरफ से सबसे बड़ा गिफ्ट है. आपको बता दें कि जिन इलाकों के ये नौजवान शूटर्स देश के लिए मेडल लाकर जिले का नाम रोशन कर रहा है. वो इलाका कभी कुख्यातों के लिए जाना जाता था.

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रोहटा ब्लॉक में 12 कुख्यात हैं. जो लूट रंगदारी और सुपारी लेकर हत्या करते हैं. अपराध के चलते रोहटा ब्लॉक बदनाम है. कलीना गांव के भी कई अपराधी हैं. ऐसे मुश्किल सफर में कलीना गांव के रहने वाले सौरभ चौधरी ने खुद को तराशा और अपने गांव और ब्लॉक की अलग पहचान बनाई. रोहटा ब्लॉक में कुख्यात योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह, सुमित जाट, भरतू नाई, मोनू जाट, निगम त्यागी, अंसार, बिजेन्द्र सहित 12 अपराधियों का रोहटा इलाके में बड़ा दखल है. इसके अलावा इन कुख्यातों के सैकड़ों गुर्गे हैं.

ढोल नगाड़े पर थिरकते परिजन


जो आपराधिक वारदातों में लिप्त रहते हैं. ऐसे माहौल में अगर मेडल की खेती हो रही है तो ये इन खिलाड़ियों का हौसला है. अब इन इलाकों में जीत के नंगाड़े बज रहे हैं. शार्दुल ने आठ वर्ष की उम्र में ही निशानेबाजी की ट्रेनिंग कैलाश प्रकाश स्टेडियम में शुरू की थी. पिछले साल ही दिसंबर में उन्होंने जूनियर और सीनियर नेशनल में एक साथ स्वर्ण पदक जीते थे. बेटे की जीत पर शार्दुल के पिता दीपक विहान ने बताया कि मेरा बेटा हाई स्कूल का छात्र है. पेशे से बिल्डर शार्दुल के पिता ने दावा किया कि मेरे बेटे ने जूनियर्स कैटगरी में रजत पदक जीतकर एक वर्ल्ड रिकार्ड कायम किया है. दीपक विहान बताते है कि पढ़ाई में अव्वल शार्दुल का एक ही लक्ष्य होता है. जिस काम को अगर वो ठान लेता है, वो उसे जरुर पूरा करता है.

शार्दुल के पिता


पुलिस भी मानती है जिस इलाके के ये खिलाड़ी रहने वाले हैं वहां अपराध का ग्राफ काफी उंचा है. ऐसे इलाके से पदक लाना बहुत बड़ी बात है. पुलिस का कहना है कि वो ऐसे खिलाड़ियों का सम्मान करेगी, ताकि यहां के युवा अपनी सोच बदल सकें. उधर मेरठ के सिवाया गांव के रहने वाले शार्दूल विहान ने रजत पदक जीतकर एक बार फिर से देश के साथ ही मेरठ का नाम रोशन किया है. डबल ट्रैप के पुरुष वर्ग में 15 वर्षीय शार्दूल ने यह पदक जीता है. गौरतलब है कि मेरठ के रवि कुमार भी एशियाड शूटिंग में कांस्य पदक जीत चुके हैं.

यह भी पढ़ें:

बलिया की वोटर बनीं बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी, ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज

लखनऊ की सड़क पर दिखा UP पुलिस का ‘थर्ड डिग्री’ टॉर्चर, वीडियो वायरल

ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाला पूर्व विधायक का बेटा गिरफ्तार, कार्रबाइन बरामद
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर