लाइव टीवी

J&K पुलिस को बिना हथियार लाठी-डंडों से भीड़ को काबू करने के गुर सिखा रही RAF
Meerut News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 11, 2020, 12:37 AM IST
J&K पुलिस को बिना हथियार लाठी-डंडों से भीड़ को काबू करने के गुर सिखा रही RAF
जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को RAF दे रही है ट्रेनिंग

RAF के डिप्टी कमांडेंट शिल्पा कुमार ने बताया कि जवानों को फुल बॉडी प्रोटेक्टर (Full body protector) की जानकारी दी गई. इसके साथ ही शेल बम (shell bomb) आंसू गैस (tear gas) का इस्तेमाल कब कैसे और कहां करना है इसके बारे में भी बताया गया.

  • Share this:
मेरठ. जनपद में आरएएफ की एक सौ आठवीं बटालियन (108 battalion of RAF) में आजकल जम्मू- कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. इस ट्रेनिंग को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस के कई जवान और ऑफिसर्स आजकल क्रान्ति की नगरी पहुंचे हैं. मेरठ के वेद- व्यासपुरी स्थित रैपिड एक्शन फोर्स (Rapid Action Force) की 108 बटालियन परिसर में भीड़ नियंत्रण पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की दो हफ्ते की ट्रेनिंग चल रही है.

विशेष ट्रेनिंग
प्रशिक्षुओं में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक डीएसपी, 12 दारोगा और 300 जवान शामिल हैं. इन जवानों को विशेष तौर पर तैयार किया जा रहा है ताकि वो जम्मू-कश्मीर में किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना कर हालात को नियंत्रित कर सकें. ख़ासतौर से भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस के इन जवानों को तैयार किया जा रहा है. मेरठ में आरएएफ की डिप्टी कमांडेंट शिल्पा कुमार का कहना है कि इस ट्रेनिंग के माध्यम से इन सभी जवानों को किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है.

अगस्त में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटा दिया गया था. नए बदलाव के साथ वहां कई पाबंदियां भी अमल में आई थी. सुरक्षा बलों की संख्या भी बढ़ाई गई थी इस सबके बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अर्धसैनिक बलों के साथ कदम से कदम मिलाकर हालात काबू में रखे. कश्मीर घाटी से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पांच माह बाद वहां के हालात सामान्य हो रहे हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस सब कुछ सही होने का विश्वास दिलाती है. बड़े बदलाव के बाद पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई है. ऐसे में पुलिस के इन जवानों को विशेष ट्रेनिंग भी जा रही है ताकि वो हर हालातों को नियंत्रित कर सकें. जम्मू-कश्मीर पुलिस के इन जवानों से news 18 ने ख़ास बातचीत की.



जिम्मेदारी थोड़ी बढ़ गई है
जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी इम्तियाज अहमद भी इस ट्रेनिंग का हिस्सा हैं. उनका कहना है कि अनुच्छेद-370 हटने के बाद से पुलिसिंग में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है. पुलिस पहले की ही तरह कार्य कर रही है. हालांकि जिम्मेदारी थोड़ी बढ़ गई है. प्रशासनिक अफसरों के साथ मिलकर लोगों को नए बदलाव से रूबरू कराने में भी पुलिसकर्मी पीछे नहीं रहे. उन्होंने हर छोटी-बड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाई. नौकरी, शिक्षा व अन्य फायदों के बारे में जानने के बाद लोगों का रुख भी सकारात्मक रहा.

108 Battalion of RAF, Jammu and Kashmir Police,
ट्रेनिंग के दौरान J &K पुलिस के जवान


इम्तियाज कहते हैं कि कोई भी आपरेशन शुरू होने से लेकर खत्म होने तक पुलिस और सेना के जवान लगातार संपर्क में रहते हैं. अनुच्छेद-370 हटने के बाद भी पुलिस और फोर्स ने पूरी तरह से मिलकर काम किया. छोटी-बड़ी हर जानकारी साझा की इसका ही नतीजा है कि अब हालात सामान्य की ओर हैं.
भीड़ नियंत्रित करने की ट्रेनिंग के लिए जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस के जवान एडवांस ट्रेनिंग के लिए आरएएफ के पास आए हैं. यहां पर खुद को सुरक्षित रखते हुए बिना हथियार के केवल लाठी-डंडों से भीड़ को कंट्रोल करना सिखाया जा रहा है.

दो हफ्ते के भीड़ नियंत्रण प्रशिक्षण को लेकर इन जवानों को फुल बॉडी प्रोटेक्टर की जानकारी भी दी गई. दंगा नियंत्रण के दौरान सिर्फ आरएएफ ही फुल बॉडी प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करती है. साथ ही जम्मू- कश्मीर पुलिस के इन जवानों को गैस गन की बारीकियां बताई गई. RAF के डिप्टी कमांडेंट शिल्पा कुमार ने बताया कि जवानों को फुल बॉडी प्रोटेक्टर की जानकारी दी गई. इसके साथ ही शेल बम, आंसू गैस का इस्तेमाल कब कैसे और कहां करना है इसके बारे में भी बताया गया. साथ ही मिर्ची बम के बारे में भी बताया गया. दंगे के दौरान इनके इस्तेमाल से भीड़ को तितर-बितर किया जाता है.

इसकी मदद से भीड़ को सौ मीटर दूर तक रोका जा सकता है. प्रशिक्षण के दौरान जम्मू- कश्मीर पुलिस के जवानों को ह्यूमन राइट्स का भी पाठ पढ़ाया जा रहा है. दंगे के दौरान ह्यूमन राइट्स का ध्यान कैसे रखा जाए ये भी बताया जा रहा है. इस ट्रेनिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा साइकोलॉजिकल ट्रेनिंग भी है. जिसके ज़रिए भीड़ को नियंत्रित करने के तरीके बताए जा रहे हैं.

कमिश्नरी सिस्टम की आहट- अब BAR और बंदूक के लाइसेंस भी देगी पुलिस!

ये भी पढ़ें- एसिड पीड़िता की दास्तान कहती 'छपाक' अलीगढ़ में नहीं हुई रिलीज, फिल्म के समर्थन में उतरे सपाई

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मेरठ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 11, 2020, 12:37 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर