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छात्रों में परीक्षा परिणाम की खुशी, मगर टॉपर ना बनने की रही टीस

 छात्रों में परीक्षा परिणाम की खुशी,  मगर टॉपर ना बनने की रही टीस

छात्रों में परीक्षा परिणाम की खुशी, मगर टॉपर ना बनने की रही टीस

सीबीएसई परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं का इंतजार शुक्रवार को समाप्त हुआ. सीबीएसई द्वारा कक्षा 12 के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए गए.

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    मेरठ। सीबीएसई द्वारा शुक्रवार को 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए. परीक्षा परिणाम जारी होने के पश्चात जहां छात्र-छात्राओं में खुशी दिखी. वहीं उनके दिल में एक कसक रही एग्जाम होते तो वह ओर बेहतर परिणाम लाते. कक्षा 12 साइंस स्ट्रीम की छात्रा दिव्यांशी ने कहा कई बार ऐसे हालात होते हैं कि प्री बोर्ड परीक्षा में कुछ छात्र बेहतर परिणाम नहीं ला पाते. तो वह बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारियों में लगते हैं. जिससेेेे बेहतर परिणाम ला सके. मगर कोरोना ने उनके टॉपर बनने के सपने को चकनाचूर कर दिया. हालांकि उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार परीक्षा ना कराने के फैसले की सहारना भी की.इसी तरह से दिव्या एवं अन्य छात्र-छात्राओं ने भी अपनी राय व्यक्ति की.

    बोर्ड के फार्मूले के आगे रिकॉर्ड तोड़ना बना चुनौती
    जानकारों की माने तो अबकी बार सीबीएसई बोर्ड द्वारा सभी स्कूलों से कहा गया था कि उनके स्कूल का बेस्ट एवरेज भेजा जाए. जिससे परीक्षा परिणाम घोषित किया जा सके. बेस्ट परिणाम के चक्कर में नए रिकॉर्ड बनाने से छात्र-छात्राएं वंचित रह गए. दरअसल सीबीएसई द्वारा 10वीं, 11वीं के परीक्षा परिणाम का 30 प्रतिशत एवं 12 वीं प्री बोर्ड का बेस्ट स्कोर 40% लिया गया था. इसी आधार पर बच्चों का बेस्ट एवरेज चुना गया. वहीं परीक्षा परिणाम घोषित करने में स्कूल का भी एवरेज औसत देखा गया. जिससे कहीं ना कहीं जिस बच्चे ने 10वीं में जिले को टॉप किया था. उस बच्चे ने दूसरे स्कूल में एडमिशन ले लिया. उस स्कूल का एवरेज कम रहा. जिससे उस बच्चे को भी खामियाजा भुगतना पड़ा. केएल इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य एवं सिटी कोऑर्डिनेटर सीबीएसई सुधांशु शेखर ने कहा कि सीबीएसई द्वारा विपरीत परिस्थितियों में बिना परीक्षाओं के जो परीक्षा परिणाम जारी किया गया है. बहुत अच्छा है. मगर वह यह भी कहते हैं कि कोविड-19 के कारण परीक्षा ना होने के कारण बच्चे अपना बेस्ट लाने से वंचित रह गए. जिसकी छात्र-छात्राओं में टीस देखी जा सकती है.

    मेरठ में 5 स्कूलों का रुका रिजल्ट
    मेरठ जनपद में सीबीएसई से 115 स्कूल संचालित है. जिसमें 12 हजार173 छात्र छात्राओं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया. वहीं पांच ऐसे स्कूल हैं जिनका तकनीकी कारण से रिजल्ट घोषित नहीं हो पाया. सूत्रों के मुताबिक उनका परीक्षा परिणाम भी इस सप्ताह जारी हो जाएगा. परीक्षा परिणाम रुकने से कहीं ना कहीं उन पांच स्कूलों के बच्चों में निराशा देखने को मिली. गौरतलब है कि गत वर्ष परीक्षा परिणाम में 99. 2 प्रतिशत सिटी सुपर था. वहीं दूसरी ओर जो बच्चे परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं है. वह कंपार्टमेंट या इंप्रूवमेंट दे सकते हैं.  जल्द ही इसके लिए गाइडलाइन जारी की जाएंगी. बता दें कि अदिति सिटी टॉपर रहीं है. उन्‍होंने 500 में 499 अंक हासिल किए है.

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