गन्ना भुगतान को लेकर योगी सरकार के खिलाफ आमरण अनशन पर डटे किसान

आमरण अनशन कर रहे बाबा ईलम सिंह और विजयपाल घोपला की हालत खराब होने लगी है. चिकित्सीय परीक्षण में खराब हालत होने की बात सामने आने पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने से भी किसानों ने अनशन नहीं तोड़ा.

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 17, 2018, 3:26 PM IST
गन्ना भुगतान को लेकर योगी सरकार के खिलाफ आमरण अनशन पर डटे किसान
मेरठ में गन्ना भवन पर भूख हड़ताल पर बैठे किसान. Photo: News 18
Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 17, 2018, 3:26 PM IST
उत्तर प्रदेश के मेरठ में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर अब किसानों को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है. परेशान होकर आखिरकार किसान भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. किसानों का कहना है कि जब तक उनके खातों में गन्ना मूल्य भुगतान नहीं आता, वे उठने वाले नहीं हैं. गन्ने के मुद्दे पर मेरठ में गन्ना भवन पर किसानों की ये भूख हड़ताल चार दिन से जारी है. इसमें 95 वर्ष के बुजुर्ग किसान भी शामिल हैं.

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उधऱ गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर सरकार के स्तर पर भी मॉनिटरिंग तेज़ हो गई है. वहीं आमरण अनशन कर रहे बाबा ईलम सिंह और विजयपाल घोपला की हालत खराब होने लगी है. चिकित्सीय परीक्षण में खराब हालत होने की बात सामने आने पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने से भी किसानों ने अनशन नहीं तोड़ा. मेरठ मंडल के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह के मनाने पर भी किसान नहीं माने. किसान एक हफ्ते में भुगतान के आश्वासन पर भी नहीं मान रहे हैं.

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इस बीच प्रशासन ने सख्ती करते हुए गन्ना मूल्य भुगतान नहीं कर पा रही मेरठ मण्डल की चार चीनी मिलों के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई शुरु कर दी है. किसानों का कहना है कि उनके बीते साल का सारा पैसा ब्याज सहित और इस साल का पेमेन्ट 14 दिन में करवाया जाए. भूख हड़ताल पर बैठे किसानों को प्रशासन ने उठाने की भी कोशिश की लेकिन वे नहीं माने.

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बता दें मेरठ मण्डल की चीनी मिलें चालू पेराई सत्र में भी किसानों का भुगतान नहीं कर पा रही हैं. आंकड़ों के मुताबिक अगर हम मेरठ मण्डल की चीनी मिलों की बात करें तो मवाना चीनी मिल पर 52 करोड़ 37 लाख का बकाया है. किनौनी चीनी मिल पर 80 करोड़ 94 लाख का बकाया है. इसी तरह नंगलामल चीनी मिल पर 26 करोड़ 38 लाख रुपए, सकौती चीनी मिल पर 6 करोड़ 79 लाख और मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल पर 38 करोड़ 39 लाख का बकाया है.
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किस चीनी मिल पर कितना है बकाया

मवाना चीनी मिल — 52 करोड़ 37 लाख रुपए
किनौनी चीनी मिल — 80 करोड़ 94 लाख रुपए
नंगलामल चीनी मिल — 26 करोड़ 38 लाख रुपए
सकौती चीनी मिल — 6 करोड़ 79 लाख रुपए
मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल —38 करोड़ 39 लाख रुपए
मोदीनगर चीनी मिल — 38 करोड़ 39 लाख रुपए
सिंभावली चीनी मिल — 69 करोड़ 86 लाख रुपए
ब्रजनाथपुर चीनी मिल — 12 करोड़ 85 लाख रुपए
मलकपुर — 40 करोड़ 62 लाख रुपए
बागपत — 13 करोड़ 66 लाख रुपए
रमाला — 13 करोड़ 99 लाख रुपए
साबितगढ़ — 29 करोड़ 65 लाख रुपए
अगौता— 24 करोड़ 80 लाख रुपए
बुलंदशहर — 90 करोड़ 85 लाख रुपए
अनूपशहर चीनी मिल — 9 करोड़ 19 लाख रुपए का बकाया है.

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First published: December 17, 2018, 2:10 PM IST
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