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गबन कर फरार हुईं SHO लक्ष्मी सिंह चौहान समेत 5 पुलिसकर्मियों को लगा हाईकोर्ट से झटका

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 2, 2019, 5:41 AM IST
गबन कर फरार हुईं SHO लक्ष्मी सिंह चौहान समेत 5 पुलिसकर्मियों को लगा हाईकोर्ट से झटका
SHO लक्ष्मी सिंह चौहान समेत पांच पुलिसकर्मियों को लगा हाईकोर्ट से झटका (file photo)

एफआईआर दर्ज होने के बाद लक्ष्मी चौहान समेत सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया था. इससे पहले अग्रिम जमानत की अर्जी मेरठ की कोर्ट से पहले ही खारिज हो चुकी थी. इनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका है.

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प्रयागराज. 70 लाख रुपए के गबन की आरोपी निलंबित महिला थानाध्यक्ष लक्ष्मी सिंह चौहान (SHO Laxmi Singh Chauhan) समेत 5 पुलिसकर्मियों इलाहाबाद कोर्ट हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने लक्ष्मी सिंह चौहान की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है. इस मामले में इंस्पेक्टर लक्ष्मी के साथ आरोपी बनाए गए पांच पुलिस कांस्टेबलों को भी कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकी है. अदालत ने उन्हें भी अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुए सभी की अर्जियों को खारिज कर दिया है.

क्या है पूरा मामला?

हाईकोर्ट से मिले इस बड़े झटके के बाद महिला पुलिस इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान व उनके साथ आरोपी बनाए गए पुलिस कांस्टेबलों का अब जेल जाना तकरीबन तय हो गया है. केस की सुनवाई कर रही जस्टिस डीके सिंह की खंडपीठ ने इसे बेहद गंभीर मामला माना है और इसी आधार पर आरोपियों को कोई राहत नहीं दी है. गौरतलब है कि गाजियाबाद के लिंक रोड थाने की इंचार्ज रही इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी से करोड़ों की रकम चोरी किये जाने के मामले का खुलासा किया था. उन्होंने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से बड़ी रकम बरामद की थी, लेकिन सरकारी लिखापढ़ी में तकरीबन 70 लाख रूपये कम दिखाए थे.

मेरठ कोर्ट से खारिज हो चुकी है अग्रिम जमानत की अर्जी

आरोप है कि इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह व थाने के 6 सिपाहियों ने यह रकम आपस में बांट ली थी. इस मामले में गाजियाबाद के एसपी सिटी श्लोक कुमार ने जांच की थी और इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह के घर पर छापेमारी कर कुछ रकम भी बरामद की थी. एफआईआर दर्ज होने के बाद लक्ष्मी चौहान समेत सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया था. इससे पहले अग्रिम जमानत की अर्जी मेरठ की कोर्ट से पहले ही खारिज हो चुकी थी. इनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका है. आरोपियों की तरफ से खुद को बेगुनाह बताया गया था, लेकिन अदालत ने उनकी सभी दलीलों को खारिज कर दिया.

पूरा थाना भ्रष्टाचार में पाया गया शामिल

बरामद पैसों में अंतर पाए जाने पर थाना लिंक रोड प्रभारी लक्ष्मी सिंह चौहान, एसआई नवीन कुमार पचौरी और पांच कॉन्स्टेबल बच्चू सिंह, फराज, धीरज भारद्वाज, सौरभ कुमार और सचिन कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई. एसएसपी के अनुसार, इन सभी को पुलिस की छवि धूमिल करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और मामले की जांच के आदेश दे दिए.
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First published: November 2, 2019, 5:41 AM IST
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