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हस्तिनापुर में फिर होगी महाभारत, 13 अप्रैल से एक हफ्ते तक विश्व का सबसे बड़ा युद्ध!

इसमें भारतीय संस्कृती के अहम हिस्से जैसे योग और आयुर्वेद पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. (महाभारत सांकेतिक फोटो)

इसमें भारतीय संस्कृती के अहम हिस्से जैसे योग और आयुर्वेद पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. (महाभारत सांकेतिक फोटो)

Mahabharat in Hastinapur: मेरठ के हस्तिनापुर में 13 अप्रैल से एक हफ्ते तक कौरवों और पाण्डवों की गाथा सुनी और देखी जा सकेगी. यहां देश में पहली बार महाभारत का मंचन होने जा रहा है.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ से 40 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक हस्तिनापुर (Hastinapur) एक बार फिर महाभारत (Mahabharata) के युद्ध का गवाह बनेगा. पाण्डवों की राजधानी रही हस्तिनापुर में एक बार फिर मैं समय हूं का उद्घोष होगा. 13 अप्रैल से एक हफ्ते तक लगातार यहां एक बार फिर कौरवों और पाण्डवों की गाथा सुनी और देखी जा सकेगी. यहां देश में पहली बार महाभारत का मंचन होने जा रहा है, जिसे लेकर कलाकारों ने दिन रात एक कर दिया है. कई टीवी कलाकार भी इस भव्य मंचन में हिस्सा लेंगे.

इतिहास के पन्नों में गहरा महत्व रखने वाली मेरठ की धरा के गौरव की पुनर्स्थापना के लिए हस्तिनापुर सांस्कृतिक फाउंडेशन भव्य ‘हस्तिनापुर की महाभारत’ का मंचन करेगी. फाउंडेशन के अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने कहा कि जिस तरह शारदीय नवरात्र पर रामायण का मंचन होता है, उसी तरह वासंतिक नवरात्र पर महाभारत का मंचन होगा. इस वर्ष वासंतिक नवरात्र पर 13 से 21 अप्रैल तक हस्तिनापुर की महाभारत का भव्य मंचन होगा, जिसे लेकर कलाकारों का चयन पूरा हो गया है. उन्होंने ज़ोरदार प्रैक्टिस भी शुरू कर दी है.

जीवंत होगा इतिहास

महाभारत के मंचन में अलग-अलग क्षेत्र के करीब 135 कलाकार अपने अभिनय, गायन व अन्य कलाओं से भव्य महाभारत की प्रस्तुति देंगे. जिसमें करीब 33 महिला पात्र भी शामिल हैं. इस दौरान चयनित कलाकारों के साथ अनुबंध करने के साथ ही उन्हें स्क्रिप्ट सौंपी गई है. मंचन में मेरठ के कलाकार जहां चमकेंगे. वहीं, कई टीवी कलाकार फिर से महाभारत के किरदार निभाते हुए नज़र आएंगे. हस्तिनापुर के गौरवशाली इतिहास से देश और दुनिया को वापस कराने के लिए हस्तिनापुर की महाभारत का मंचन होने जा रहा है. कर्ण की भूमिका में मराठा फिल्मों के स्टार विक्टर राघव जहां नज़र आएंगे.

इस मंचन में कुंती की भूमिका अवनी वर्मा निभाएंगी और जूही त्यागी गंधारी होंगी. सपना पवार माद्री, परविंदर सिंह अर्जुन होंगे. मनजीत गुर्जर बलराम, गौरव शर्मा दुर्योधन, यथार्थ शर्मा भीम, प्रशांत पुंडीर युधिष्ठिर, ओडी राजपूत दृष्टिधूम्म, निखिल त्यागी एकलव्य, आर्व आर्य बाल दुर्योधन, उत्कर्ष नागर बाल भीम की भूमिका निभाएंगे.यानि कह सकते हैं कि एक बार फिर से हस्तिनापुर की धरती में इतिहास जीवंत होगा.

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Meerut News: डेंगू के बाद 2 साल के बच्चे में 'स्क्रब टाइफस' की पुष्टि, जानिए कैसे फैलती है बीमारी

UP: चूहे से फैलता है स्क्रब टाइफस

UP News: मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में डेंगू (Dengu) और वायरल बुखार (Viral Fever) के बाद दो साल के बच्चे में ‘स्क्रब टाइफस’ की पुष्टि से हड़कंप मच गया. बुलंदशहर के रहने वाला दो साल का बच्चे का इलाज मेरठ जिला अस्पताल में किया जा रहा है. सीएमओ ने बताया कि स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के कारण फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पहले निजी लैब में जांच कराई गई, फिर कन्फर्म करने के लिए मेडिकल कॉलेज में भी जांच कराई गई.

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ अशोक तालियान ने बताया कि दोनों जगह पुष्टि हुई है. मेरठ में इससे पहले एक महिला में यह बीमारी मिली थी. महिला ने लक्षण मिलने पर गाजियाबाद में इसकी जांच कराई थी. ये ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है. मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

ऐसे फैलता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पशुओं के मल-मूत्र में बैठने वाले कीटों, खराब भोज्य पदार्थों में लगे कीटों के कारण भी यह बीमारी फैल सकती है. इसलिए बरसात के मौसम में सफाई का सबसे ज्यादा ख्याल रखें. बाहर का भोजन न खाएं.

मेरठ में डेंगू के 159 मामले
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में डेंगू के 159 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 84 मामले सक्रिय हैं. अगर किसी व्यक्ति के घर में पहली बार मच्छर के लार्वा पाए जाते हैं, तो हम नोटिस देते हैं, फिर से पाए जाने पर जुर्माना लगाते हैं और तीसरी बार लार्वा पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करते हैं.

लागा वर्दी पे दाग, छुड़ाऊं कैसे - पुलिसवालों को होने लगी है इसकी चिंता - See Video

मेरठ में पुलिसवाला कर रहा था कोर्ट के आदेश का पालन, लोगों ने समझा कुछ और.

viral video : 'पुलिसया' छवि के कारण बेवजह पुलिसवालों को बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

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मेरठ. अगर समाज में आपकी इमेज खराब हो जाए तो उसे सुधारने में बरसों लग जाते हैं. अगर पुलिस की इमेज की बात की जाए तो अक्सर उन्हें अपनी ‘पुलिसया’ छवि के कारण बेवजह भी बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

दरअसल, शुक्रवार को लोगों ने देखा कि एक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन में पीछे बैठा है और गाड़ी बीच सड़क पर सरपट भागी जा रही है. इस नजारे का वीडियो भी लोगों ने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. मेरठ का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ट्रैफिक पुलिस पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं. न्यूज18 ने इस वीडियो की हकीकत ढूंढ़ निकाली और आइए आपको बताते हैं क्या है हकीकत.

वायरल वीडियो

यह वीडियो मेरठ के पुलिस लाइन के बाहर का है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन पर पीछे बैठा है और वाहन फर्राटा भर रहा है. स्पीड करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रही होगी. इसे देखकर लोगों के मन में सवाल उठा कि कोर्ट ने सड़कों पर खुलेआम कानून धज्जियां उड़ाने वाले जुगाड़ वाहन सीज करने का आदेश दिया है, तो यह ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस पर सवार होकर कहा जा रहा है.

जुगाड़ी गाड़ी पे पुलिस की सवारी : See Video

वीडियो का सच

आइए हम आपको बताते हैं. दरअसल मेरठ की ट्रैफिक पुलिस ने जुगाड़ वाहन के खिलाफ 10 दिन का अभियान चलाया है. जिसके चलते चौराहे से गुजरने वाले हर जुगाड़ वाहन पर पुलिस की पैनी नजर है. ऐसे में जो भी जुगाड़ वाहन चौराहे को क्रॉस करने की कोशिश करता है, उसे ट्रैफिक पुलिसकर्मी पकड़कर सीज कर लेते हैं और इसी सीज हुए जुगाड़ वाहन को पुलिस लाइन में ट्रैफिक ऑफिस में जमा कर दिया जाता है. दरअसल, वायरल हुए वीडियो में जो ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिख रहा है वह भी इस वाहन को पुलिस लाइन में जमा कराने के लिए ले जा रहा है. सड़क पर इस अजीबोगरीब नजारे को देखकर लोगों ने इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद अब यह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग बिना हकीकत जाने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर कमेंट कर रहे हैं.

पुलिस की चिंता

ऑफ द रिकॉर्ड पुलिसकर्मियों ने कई बार कहा है कि वे रात-दिन मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की लालच से पूरा महकमा बदनाम होता है. पुलिसकर्मी चाहते हैं कि करप्शन के दाग से खाकी वर्दी का पीछा छूटे और उन्हें उनके अच्छे कामों का भी श्रेय मिले.

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अगले महीने करेंगे एक्‍सप्रेसवे का उद्घाटन, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अगले महीने करेंगे दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे का उद्घाटन.

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) को अगले महीने पूरी तरह से शुरू करने का ऐलान किया है. उन्‍होंने कहा कि 6000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्‍सप्रेस-वे का मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 08:47 IST
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नई दिल्‍ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्‍होंने हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सोहना में गुरुवार को कहा कि अब तक आंशिक रूप से खुला दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे अगले महीने पूरी तरह से खोल दिया जाएगा. बता दें कि इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत पीएम मोदी ने कई साल पहले की थी.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं. अब 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया एक्सप्रेस-वे दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा के समय को कम कर 40 मिनट कर देगा.’

इस एक्सप्रेसवे पर गति सीमा यूपी में 100 किमी प्रति घंटे और दिल्ली में 70 किमी प्रति घंटे है. बता दें कि अब दिल्ली-मेरठ के बीच यात्रा का समय 2.5 घंटे के बजाए 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. हालांकि इस वक्‍त कुछ जगह काम चलने की वजह से करीब 80-90 मिनट लग रहे हैं.

अब एक्सप्रेस-वे पर मिलेगी ये सुविधा
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहन चालकों को दिसंबर से कई सहूलियत मिलने वाली हैं. एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोल और सीएनजी मिलने लगेगी. बता दें कि इस समय मेरठ से डासना के बीच पेट्रोल और सीएनजी पंप नहीं होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. यही नहीं, 60 किमी के इस एक्सप्रेस-वे पर कहीं भी पेट्रोल और सीएनजी की सुविधा नहीं दी गई है. इसके लिए डासना के बाद हाईवे वाले हिस्से पर आना पड़ता है. इसके अलावा मेरठ से डासना के बीच पेट्रोल आदि के लिए भोजपुर में उतारना पड़ता है. वैसे एनएचआई द्वारा मेरठ और डासना के बीच डिडवारी में रेस्ट एरिया बनाया जा रहा है.

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हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को मिलेगी राहत
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) दिल्ली से मेरठ का काम पूरा होने के बाद अगले चरण में हापुड़ रोड से देल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को जोड़ने का काम शुरू करेगा. इसके लिए मार्च 2021 में टेंडर को अपलोड किया गया था, लेकिन कोरोना आने से काम प्रभावित हो गया. अब एनएचएआई (NHAI) ने फिर प्रक्रिया शुरू कर दी है. अगले कुछ दिनों में मुख्यालय की ओर से इस पर निर्माण की अनुमति दी मिलने की संभावना है.

एक्टर साहिल खान ने मेरठ में किया अपने स्टोर का उद्घाटन, पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर किया लाठीचार्ज

साहिल खान बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट का बिजनेस भी करते हैं. (Photo @sahilkhan/Instagram)

एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) मेरठ में अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

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मुंबई. बॉलीवुड एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) फिल्मों से अधिक अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं. वे इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. वे गुरुवार को मेरठ में अपने बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट के स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे थे. एक्टर बाइसेप्स (Buyceps) नामक बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट स्टोर के मालिक हैं, जिसके देश में कई स्टोर हैं. कार्यक्रम स्थल पर फैंस ने एक्टर से मिलने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. लाठीचार्ज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इसके बाद तमाम तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं? सवाल यह है कि आखिर कोरोना काल में इतनी भीड़ जुटाने की परमिशन कैसे मिल गई. साथ ही लोगों को बेकाबू होने से रोकने के लिए क्या कार्यक्रम के आयोजकों ने कोई इंतजाम किया था?

घटना मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र के गढ़ रोड की है, जहां एक्टर अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

अपने स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे एक्टर साहिल खान. (Photo: Nikhil Agarwal)

वहीं इसी कार्यक्रम में तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट दीपक शर्मा भी पहुंचे थे. लोगों ने कार्यक्रम के बाद बाउंसरों पर सड़क पर हंगामा करने का आरोप लगाया. लोगों ने इसकी शिकायत एसएसपी से की. एसएसपी ने हंगामा कर रहे बाउंसरों की गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए.

साहिल खान का स्टोर.

पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले स्कार्पियो सवार बाउंसर फरार हो गए. मेरठ पुलिस ने बाईपास पर स्कॉर्पियो की घेराबंदी कर ली. इसके बाद पुलिस ने 6 बाउंसरों का शांति भंग में चालान कर दिया गया. रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘स्टाइल’ से साहिल खान ने 2001 में बॉलीवुड डेब्यू किया था.

अपना अस्तित्व खो चुकी बूढ़ी गंगा नदी को फिर से मिल सकती है संजीवनी

बूढ़ी गंगा के पुल पर नक्शे को चेक करते अधिकारी

वर्षो से संजीवनी की तलाश का इंतजार कर रही बूढ़ी गंगा को एक बार फिर से संजीवनी मिलने की उम्मीद है. मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के निर्देश?

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मेरठः- भारतीय सांस्कृतिक(Indian Cultural)
राजधानी हस्तिनापुर(Hastinapur) की विरासत बूढ़ी गंगा
(Old Ganga ) को बचाने के लिए एक बार फिर से प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) शहर से 48 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर स्थित बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए एक बार फिर से मुहिम शुरू हो गई है. जिसके लिए मेरठ मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह द्वारा एक कमेटी बनाई गई है. जिसको बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को फिर से खोजने एवं संवारने का दायित्व सौंपा गया है. मंडल कमिश्नर के निर्देश के बाद टीम सक्रिय होकर हस्तिनापुर के उन जंगलों में एक बार फिर से खोजबीन में जुट गई है. जिन जंगलों के बीच कभी बूढ़ी गंगा निरंतर बहती रहती थी.

पांडव और द्रौपदी बूढ़ी गंगा के जल से करते थे स्नान
पौराणिक कथाओं की माने तो इसी बूढ़ी गंगा के निर्मल जल का पांडव उपयोग करते थे. पांडव, द्रौपदी इसी बूढ़ी गंगा के जल से स्नान कर भोले बाबा की पूजा अर्चना करते थे. लेकिन कहीं ना कहीं इस इतिहास इस संस्कृति को बचाने के लिए जिस प्रकार कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हुआ.गौरतलब है कि प्रियंक भारती, असिस्टेंट प्रोफेसर, संस्थापक व अध्यक्ष नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट, वर्षों से हस्तिनापुर के इतिहास को संवारने के लिए कार्य कर रहे हैं. उन्होंने ही बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए शासन को पत्र भेजा था. उन्हीं के प्रस्ताव को देखते हुए एक बार फिर से मंडल के कमिश्नर द्वारा बूढ़ी गंगा को बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं.

मेरठ बुलेटिन:- इस तालाब में स्नान करने के लिए आती थी रानी गांधारी

गांधारी तालाब पर बनी रानी गांधारी की मूर्ति

पश्चिम उत्तर प्रदेश का मेरठ अपने आप में ऐतिहासिक धरोहर को संजोए हुए हैं. मेरठ जिले के आसपास के कई स्थलों पर विभिन्न पौराणिक इतिहास का महत्व है.

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मेरठ:-कहते हैं कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति हो तो व्यक्ति मन की आंखों से भी वह सब कुछ देख सकता है. जो आंखों की रोशनी से भी व्यक्ति ना देख पाए. जी हां कुछ इसी तरह का उदाहरण आपको पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के किला परीक्षितगढ़ स्थित गांधारी तालाब पर देखने को मिलेगा. जहां पर लगभग 30 सालों से गांधारी तालाब के साथ-साथ मंदिरों की देखभाल भी एक दिव्यांग व्यक्ति राजू कर रहें है. राजू की माने तो छोटी सी उम्र में ही एक हादसे के दौरान उसकी आंखों की 80% तक रोशनी चली गई थी. लेकिन सच्ची आस्था और रानी गांधारी का ही आशीर्वाद है कि वह 20% रोशनी के माध्यम से ही मंदिर परिसर में साफ सफाई के साथ-साथ अन्य प्रकार की देखरेख करते हैं. गौरतलब है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के शहर मेरठ का महाभारत कालीन से गहरा नाता है. पौराणिक कथाओं की माने तो हस्तिनापुर से रानी गांधारी तालाब में स्नान करने के लिए किला परीक्षितगढ़ आया करती थी. जिसके लिए गुफाओं का भी वर्णन किया गया है. हालांकि अब तालाब का जीणोद्धार ना होने के कारण स्थिति बदहाल होती जा रही है.

इस पेड़ की अनोखी पहचान लोगों को करती है अपनी ओर आकर्षित

किला परीक्षित गढ़ का यह पेड़ है अपने आप में खास

बरगद की प्राचीनता को लेकर हर कोई जानता है. बरगद का पेड़ सैकड़ों सालों तक अपनी जड़ों के माध्यम से जीवित रहता है.

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मेरठः-प्राचीन सभ्यता और विशालकाय पेड़ों की जब बात की जाए तो बरगद का ही सबसे पहले नाम आता है.कुछ इसी तरह के एक पेड़ के बारे में आज हम आपको बताएंगे. जिस पेड़ की खासियत से अलग ही पहचान बन चुकी है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश मेरठ (meerut) शहर के किला परीक्षितगढ़ श्री श्रृंगी ऋषि आश्रम में ऐसा बरगद का पेड़ है. जिस पेड़ की शाखाओं से सात दरवाजे बने हुए हैं. इतना ही नहीं यह पेड़ इतना विशालकाय है कि आश्रम परिसर में चारों ओर इसकी छाया देखने को मिलेगी. वहीं आश्रम के कई कोने तक इसकी शाखाएं फैली हुई हैं.

श्रद्धालुओं के लिए बना सेल्फी का केंद्र
यह पेड़ इतना आकर्षक है कि जो भी श्रद्धालु आश्रम में आते हैं. वह इस पेड़ के साथ बिना फोटो खिंचवाए नहीं रह पाते हैं. न्यूज़ 18 लोकल की टीम ने भी जब इस पौराणिक पेड़ की पड़ताल की तो इस पेड़ से निकली हुई शाखाएं जमीन के अंदर जाते हुए उसी प्रकार आकार बनाए हुए हैं. जिस प्रकार एक दरवाजे का आकार होता है.
गौरतलब है कि इसी आश्रम का इतिहास यह भी है कि कलयुग से पहले ऋषि शमीक यहां रहा करते थे. ऐसे में यह ऋषि मुनियों की भी तपोवन भूमि रही है.

Meerut News: 130 दिन बाद कोरोना से जंग जीतकर घर लौटा मरीज, आज भी लेनी पड़ती है ऑक्सीजन सपोर्ट

130  दिन बाद कोरोना को मात देकर हॉस्पिटल से घर पहुंचे मेरठ के विश्वास सैनी

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 08:11 IST
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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में एक शख्स कोरोना संक्रमित (Corona Positive) होने के 130 दिन बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंचा. हालांकि उसे आज भी कुछ देर के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट की जरुरत पड़ती है. विश्वास सैनी 28 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए थे. शुरुआत में उनका इलाज घर पर ही चला, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया. वे करीब एक महीने तक वेंटीलेटर पर भी रहे. इसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज किया गया.

विश्वास का इलाज करने वाले डॉ एमसी सैनी का कहना है कि जब उन्हें अस्पताल लेकर आया गया तो उनकी हालत इतनी बुरी थी कि हम किसी पॉजिटिव परिणाम की उम्मीद नहीं कर रहे थे. लेकिन विश्वास सैनी जिंदा रहने की उम्मीद और इलाज की वजह से यह संभव हो पाया। विश्वास को करीब एक महीने ताल वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया. उसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज किया गया. आज भी घर पर उन्हें कुछ देर के लिए ऑक्सीजन की जरुरत पड़ती है.

विश्वास ने कही ये बात 
130 दिन बाद ठीक होकर घर पहुंचे विश्वास सैनी ने कहा कि यह राहत और अच्छा महसूस कराने वाली बात है. 130 दिन बाद एक बार फिर अपने परिवार के बीच अपने घर में हूं. एक वक्त तो मैं भी डर गया था, जब मैं लोगों को कोरोना से मरते हुए देख रहा था. लेकिन मेरे डॉक्टर ने मुझे हौसला दिया और कहा कि ठीक होने पर फोकस करना है. डॉक्टर के इलाज और परिवार की दुआ से एक बार फिर मैं अपनों के बीच हूं.

मेरठ: ओवैसी हैं बीजेपी के मेहमान, UP में अब्बाजान के बाद अब चचाजान की एंट्री: राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने मेरठ में AIMIM चीफ असद्उद्दीन ओवैसी को बीजेपी का मेहमान बताया है.

UP Assembly Election 2022 : राकेश टिकैत ने मेरठ में AIMIM चीफ असद्उद्दीन ओवैसी को बीजेपी को चचाजान कह दिया. राकेश ने कहा कि बाहर से कोई आदमी आ रहा है तो बीजेपी का चचाजान ही तो है. इनके आने से अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री भी हो गई.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. राकेश ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के भरोसे कोई न रहे. वो तो अपना आंदोलन चला रहे हैं. सब अपने अपने भरोसे रहें. उनका तो अपना काम ही नहीं निपट रहा. राकेश ने कहा कि यहां ग्यारह हजार का करंट है यहां न जाओ, क्योंकि यहां सारा मामला नॉन पॉलिटिकल है. छब्बीस सितम्बर को मुजफ्फरनगर में होने वाली एक और पंचायत को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.

टिकैत ने ओवैसी को बताया बीजेपी का मेहमान

राकेश टिकैत ने मेरठ में एक बार फिर AIMIM चीफ असद्उद्दीन को बीजेपी को चचाजान कह दिया. राकेश ने कहा कि बाहर से कोई आदमी आ रहा है तो बीजेपी का चचाजान ही तो है. राकेश ने कहा कि बीजेपी वाले बता दें ओवैसी को क्या कहेंगे. उन्होंने ओवैसी को बीजेपी का मेहमान बताया. राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी की राजनीति में आए अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री कर दी है. राकेश ने कहा कि ए टीम को ताउजान तो बी टीम को चचाजान ही तो कहेंगे. अगर कोट पैंट वाले होते तो अंकलजी कह देते.

राजा महेंद्र प्रताप सिंह जाट राजा नहीं किसान राजा

राकेश ने जाट राजा कहे जाने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को किसान राजा कहा. अलीगढ़ में पीएम मोदी के छोटे किसान को फायदा देने वाले बयान को लेकर राकेश ने कहा कि आंदोलन में सारे छोटे किसान ही तो हैं. उन्होंने एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराया. राकेश ने कहा कि खाते में पैसे दे दिए और गन्ने का भुगतान होता नहीं. सारे किसान छोटे किसान ही हैं. बड़ा किसान कहां है.

नया नहीं है अल्ला हू अकबर का नारा: टिकैत

अल्ला हू अकबर नारे को लेकर कहा कि ये कोई नया नारा नहीं है. ये तो पहले से ही लगता रहा है. राकेश टिकैत मेरठ के कंकरखेड़ा में शहीद मेजर मयंक बिश्नोई के परिवारवालों से मिलने उनके घर पहुंचे हुए थे. शहीद के परिवार से मिलने के बाद वो बाद में मीडिया से रुबरु हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला.

Meerut News: एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने ही की थी हिमांशु की हत्या, चार गिरफ्तार

मेरठ हिमांशु हत्याकांड कांड का खुलासा

Meerut Crime News: हिमांशु ने 35 हजार रुपये अंकित को उधार दिए थे. अंकित ने समय पर रकम नहीं लौटाई तो हिमांशु ने अपने कुछ साथी बुलाकर मोदीनगर में अपने कमरे पर अंकित की पिटाई कर दी थी. इसके बाद अंकित ने बदला लेने की ठान ली.

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मेरठ. पश्चिम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने अपने ही दोस्त का कत्ल कर दिया. पुलिस (Police) ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने बताया कि 35000 रुपये को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें मृतक हिमांशु (Himanshu Murder Case) ने अपने दोस्त को थप्पड़ मार दिया था. इसी बात का बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची गई और उसे अंजाम भी दिया गया.

एसपी देहात केशव कुमार ने हिमांशु हत्याकांड का पुलिस लाइन में खुलासा किया. मेरठ पुलिस लाइन में हुई प्रेसवार्ता में बताया गया कि 26 जुलाई को करनावल निवासी हिमांशु की हत्या कर दी गई थी. लाश नाले में मिली थी. हिमांशु मोदीनगर में रहता था. हिमांशु ने 35 हजार रुपये अंकित को उधार दिए थे. अंकित ने समय पर रकम नहीं लौटाई तो हिमांशु ने अपने कुछ साथी बुलाकर मोदीनगर में अपने कमरे पर अंकित की पिटाई कर दी थी. इसके बाद अंकित ने बदला लेने की ठान ली.

ऐसे रची साजिश
पुलिस के मुताबिक अंकित, हिमांशु, कपिल, विराट और आकाश, विनीत के बीच दोस्ती थी. अंकित ने अपना बदला लेने के लिए विराट को हथियार बनाया. विराट को कहा कि हिमांशु ने उसके अपहरण की प्लानिंग की है और 10 लाख फिरौती वसूलना चाहता है. इस बात से विराट अपने दोस्त हिमांशु से नाराज हो गया और अंकित ने उसे भड़काकर अपने साथ मिला लिया। इसके बाद अंकित, विराट, कपिल और आकाश ने मिलकर हिमांशु के मर्डर की योजना बनाई.

एक आरोपी अभी भी फरार
एसपी देहात ने बताया कि 26 जुलाई को हिमांशु को मोदीनगर से करनावल बुलाया गया. करनावल के बाहर जंगल में अंकित, विराट, आकाश, कपिल, अंकित ने हिमांशु को रोक लिया। यहां पर पहले कोल्ड ड्रिंक पिलाई और समोसा खिलाया. इसके बाद उसे गला दबाकर और पीट पीटकर मार डाला। इसके बाद सीने में चाकू घोंप दिया और लाश को नाले में फेंक दिया. हिमांशु की बुलेट भी आरोपी अपने साथ ले गए. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों अंकित, विनीत, कपिल और आकाश को गिरफ्तार किया है. एक आरोपी अंकुश अभी फरार है.

मेरठ:जानिए कौन से आश्रम हुई थी कलयुग की शुरुआत

किला परीक्षितगढ़  में स्थित श्रृंगी आश्रम

किला परीक्षित गढ़ के बारे में द्वापर युग से लेकर कलयुग तक में बताया गया है. आज हम उसी परीक्षितगढ़ के बारे में बताएंगे.

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सतयुग, द्वापर युग, त्रेता युग के बारे में आपने सुना है. आज हम आपको कलयुग कहां से आरंभ हुआ था. इसके बारे में हम आप को बताएंगे. जी हां मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ से 25 किलोमीटर दूर किला  परीक्षितगढ़ से कलयुग की शुरुआत हुई थी. श्री श्रंगी आश्रम के मुख्य पुजारी बताते हैं कि इसी स्थान से कलयुग का प्रारंभ हुआ था.

सरस्वती के तट पर शिकार खेलते समय राजा परीक्षित को कलयुग मिला था. उसने छल पूर्वक राजा परीक्षित से स्वर्ण में स्थान मांगा और वह उनके मुकुट में बैठ गया. जिसके कारण उनकी बुद्धि को कलयुग ने अपने वश में कर लिया था. इसी वजह से वह ऋषि शमीक के आश्रम श्री श्रंगी आश्रम में पहुंच जाते हैं. जहां पर ऋषि शमीक तपस्या में लीन थे.राजा परीक्षित ने कई बार ऋषि से जल मांगा. लेकिन, वह मौन रहे. तब जाकर राजा परीक्षित ने ऋषि शमीक के ऊपर मरा हुआ सांप फेंक दिया था. जब इस बारे में ऋषि शमीक के पुत्र श्रृंगी ऋषि को पता चला तो उन्होंने वहीं पर जहां आज कमल के फूल खिले हैं कौशिकी नदी का जल हाथ में लेकर राजा को श्राप दिया था कि सात दिन में सर्पदंश से उनकी मृत्यु हो जाएगी. जिसके बाद राजा परीक्षित ने सांप से बचने के लिए अनेक उपाय किए. लेकिन, सातवें दिन तक्षक सांप ने उन्हें डस लिया था. कहा जाता है कि राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद ही कलयुग अपने पैर पसारने लगा था.

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है- सीएम योगी

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है (File photo)

UP Election 2022: गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के नजदीक आते ही चुनावी हलचल बढ़ गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम योगी ने कहा, ‘पहले हमारे बेटियां, बहनें असुरक्षित महसूस करती थीं. सड़कों पर गड्ढे यूपी यानी उत्‍तर प्रदेश की पहचान हुआ करते थे. यहां तक कि भैंसे और बैल भी सुरक्षित नहीं थे. यह समस्‍याएं पश्चिमी यूपी में थी, पूर्वी यूपी में नहीं…लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है. क्‍या आपने यह बदलाव नहीं देखा है. ‘

सीएम योगी ने कहा, पहले स्थिति यह थी कि जहां से गड्ढे सड़कों पर प्रारंभ हो जाएं, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है, सायंकाल जहां से अंधेरा हो जाए, समझ लो वह उत्‍तर प्रदेश है, जहां पर कोई सभ्‍य व्‍यक्ति रात को सड़कों पर चलने से भयभीत हो, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है. यूपी यह तस्‍वीर पेश करता था.नौजवानों के सामने पहचान का संकट था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है. यूपी के विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी भी पूरे जोर के साथ उतरने का निर्णय लिया है. AIMIM राज्‍य में इस बार करीब 100 सीटों प्रत्‍याशी उतारेगी. पार्टी ने मुख्‍य रूप से उन सीटों पर ध्‍यान केंद्रित किया है जहां मुस्लिमों की आबादी ज्‍यादा है.

राजभर और निषाद भी हैं लामबंद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजभर और निषादों का वर्चस्व है और ऐसे में संजय निषाद की पार्टी बीजेपी के साथ है. वहीं, ओपी राजभर अभी तक ओवैसी के साथ हैं. हालांकि अंदरखाने चर्चा है, कि संजय निषाद और राजभर दोनों सपा के भी संपर्क में है. ऐसे में अब ये कयास लगा पाना तो काफी मुश्किल होगा कि राजभर और निषाद वोट किसकी तरफ शिफ्ट होता है.

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

UP: गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन (File photo)

UP News: पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है. वहीं, सख्ती से गो तस्करी (Cow Smugglers) और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराया गया है. इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है. प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है.

प्रदेश में पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे. सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी भी की जाती थी. इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. सीएम के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया. नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है. फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं.

319 गो तस्कर गिरफ्तार, 14 पर NSA
प्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है. पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है. इसके अलावा 280 आरोपियों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

सीएम योगी ने 2018 के एक्ट में किया संशोधित
सीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया. नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे. अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है, लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी.

Meerut News: आखिर क्यों गर्लफ्रेंड की आशिकी ने दोस्त को बना दिया कातिल! गिरफ्तार

Meerut News: आखिर क्यों गर्लफ्रेंड की आशिकी ने दोस्त को बना दिया कातिल!

Love Story: दरअसल नसीम और उसकी गर्लफ्रेंड हिना लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे. दोनों का एक बच्चा भी हुआ. लेकिन इसी दौरान हिना के संबंध नसीम के दोस्त दानिश से बन गए.

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मेरठ. यूपी के मेरठ (Meerut) जिले में गर्लफ्रेंड की चाहत में एक शख्स ने अपने ही दोस्त का कातिल बना डाला. इतना ही नहीं लिव इन रिलेशनशिप (Live in Relationship) में रहने वाली गर्लफ्रेंड ने हत्या की साजिश रची और फिर नए आशिक के साथ मिलकर पुराने बॉयफ्रेंड को मौत के घाट उतार दिया. मौत का जश्न मनाने के लिए पहले शराब पार्टी की गई और फिर दोस्त को मौत के घाट उतार डाला और लाश को नहर में फेंक दिया.

यह सनसनीखेज वारदात मेरठ के थाना किठौर क्षेत्र की है. जहां पिछले कई दिनों से नसीम नाम का शख्स गायब था. परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन नसीब नहीं मिला. मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस जांच में हकीकत सामने आ गई. दरअसल नसीम और उसकी गर्लफ्रेंड हिना लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे. दोनों का एक बच्चा भी हुआ. लेकिन इसी दौरान हिना के संबंध नसीम के दोस्त दानिश से बन गए. हिना की माने तो नसीम अय्याश किस्म का था. लेकिन अपने दोस्त दानिश और अपनी गर्लफ्रेंड की नज़दीकियां बर्दाश्त नहीं कर पाया. जिसको लेकर अक्सर नसीम और हिना के बीच झगड़े होते थे. कई बार मारपीट भी हुई.

यह भी पढ़ें- UP: योगी सरकार का ऐलान, लखनऊ, अयोध्‍या समेत 4 जिलों में खिलाड़ियों के लिए बनेगा मल्‍टीपर्पज हॉल

नसीम की रोजाना की मारपीट से तंग आकर हिना ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली. जिसको करवाने के लिए उसने दानिश का इस्तेमाल किया. दानिश को उसकी मर्दानगी का हवाला देकर साजिश का प्लान साझा किया गया. प्लान के मुताबिक दानिश अपने दोस्त नसीम और एक अन्य मुजीब के साथ मिलकर पहले शराब पार्टी की और फिर नसीम की हत्या कर लाश को अपने ही कार में डालकर अमरोहा की नहर में फेंक दिया. जिसके बाद हिना से निकाह कर लिया और दोनों साथ रहने लगे.

आरोपी दानिश और हिना गिरफ्तार
पुलिस में नसीम के कत्ल के आरोप में दानिश और हिना को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही वह कार भी बरामद कर ली. जिसे नसीम की लाश को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी में है. साथ ही एक अन्य आरोपी की तलाश अभी भी जारी है.

देखिए इस मंदिर में बंदर और कुत्तों का ये अनूठा मेल

हस्तिनापुर  दुर्गा मंदिर

बंदर और कुत्ते में भले ही वैर होती है. लेकिन, हस्तिनापुर में एक ऐसा दुर्गा मंदिर है. जहां दोनों बेहद प्रेम के साथ रहते हैं.

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मेरठः- बंदर और कुत्ते का बैर तो जग जाहिर है. दोनों अक्सर एक स्थान पर नहीं रह सकते. लेकिन, हम आज आपको ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जहां दोनों ही जानवर बेहद प्रेम से रहते हैं. इतना ही नहीं दोनों एक साथ खाते हैं. कभी भी किसी को भी आंख नहीं दिखाते. जी हां आपको यह बात सुनने में थोड़ा आश्चर्य होगा. हस्तिनापुर पांडेश्वर मंदिर से आगे जाकर एक दुर्गा मंदिर बना हुआ है. जो काफी ऊंचाई पर बना है. मंदिर परिसर के चारों ओर आपको बड़ी तादात में कुत्ते और बंदर भी मिल जाएंगे. जो बहुत ही प्यार से एक  साथ रहते हैं.न्यूज़ 18 लोकल की टीम भी जब इस मंदिर पर पहुंची. मंदिर के पुजारी ने बताया कि हर रोज भक्त मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए आते हैं. वह कुत्ते और बंदर को भी प्रसाद देते हैं. दोनों ही बेहद प्रेम से प्रसाद खाते हैं कभी कोई झगड़ा नहीं करते.

मान्यता किसी संत को दिए थेेे दुर्गे मां ने सपने में दर्शन
क्षेत्रवासियों की माने तो किसी संत को मां भगवती ने दर्शन दिए थे. उसके बाद इस मंदिर की स्थापना की गई. जब से ही इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से मां भगवती की आराधना करता है. उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती है. गौरतलब है कि पांडेश्वर मंदिर से आगे जाकर काफी दूरी है मंदिर स्थित है. ऐसे में काफी कम भक्त इस मंदिर में जाते हैं. हालांकि मान्यता है जो भी इस मंदिर में जाता है उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती है.

देखिए हिंदी दिवस पर विशेष: आखिर क्यों युवा है हिंदी से दूर

सीसीएसयू लाइब्रेरी में रखी हिंदी की किताबें

मातृभाषा हिंदी होने के बाद भी युवाओं को हिंदी काफी कठिन लगती है. इसलिए युवा अन्य भाषाओं को अपना रहे हैं.

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मेरठः-हिंदी दिवस पर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. जिससे की हिंदी को आगे बढ़ाया जाए. लेकिन, मातृभाषा होने के बाद भी आज युवा हिंदी में उस प्रकार की रुचि नहीं दिखा रहे. जिस प्रकार की अन्य भाषाओं में दिखाते हैं. जिसका उदहारण आपको ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट के पाठ्यक्रम में देखने को मिल जाएगा. छात्र-छात्राएं इंटर तक हिंदी पढ़ते हैं .जैसे ही वह स्नातक स्तर में आते हैं. हिंदी से दूरी बनाने लगते हैं. यही नहीं ज्यादातर छात्र हिंदी माध्यम से आईएएस पीसीएस में भी प्रतिभाग करना उचित नहीं समझते. जिसकी बानगी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में संचालित राजा महेंद्र प्रताप लाइब्रेरी में देखने को मिली.बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से जब न्यूज़-18 लोकल की टीम ने जानना चाहा कि कौन-कौन हिंदी माध्यम से तैयारी कर रहा है.तो किसी भी छात्र या छात्रा ने यह बताना मुनासिब नहीं समझा. हालांकि एक छात्र ने कहा कि हां मैं हिंदी में तैयारी कर रहा हूं. युवा ने कहा अधिकतर युवा हिंदी से तैयारी तो करते हैं. लेकिन, बताने में शर्म करते हैं. उन्होंने युवाओं से हम सभी को हिंदी पर गर्व होना चाहिए.

2-हिंदी भवन से 100 से ज्यादा छात्रों ने की पीएचडी आज है भवन बदहाल
मेरठ के पटेल नगर स्थित हिंदी भवन में किसी जमाने में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हिंदी में शोध करते हुए पीएचडी करते थे. लेकिन, बदलते दौर में आज पुरुषोत्तम दास हिंदी भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है. जिस स्थान पर कभी साहित्य की किताबें होती थी और युवा अपने भविष्य को संवार थे. आज भैंसों के तबेले में तब्दील हो चुका है. भवन में रखी हुई किताबें या तो सदस्यों के घर और प्यारेलाल स्मारक में उन किताबों को रख दिया गया है हालांकि कई बार यह बात सामने आई कि नए हिंदी भवन का निर्माण होगा. लेकिन यह बातें सिर्फ हिंदी दिवस तक ही सीमित रहती हैं. गौरतलब है कि मेरठ मेंं हिंदी भवन की स्थापना 1965 में हुई थी.

Meerut : हिंदू महासभा दफ्तर में गोडसे की प्रतिमा के बराबर स्थापित होगी नाना आप्टे की प्रतिमा

अखिल भारत हिंदू महासभा के मेरठ कार्यालय में गोडसे की प्रतिमा के बगल में 2 अक्टूबर को स्थापित होगी नाना आप्टे की प्रतिमा.

बीते दिनों हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर पूजा शकुन पांडे ने संयुक्त रूप से पंडित अशोक कुमार शर्मा के साथ यह घोषणा की थी कि आने वाले 2 अक्टूबर को मेरठ शहर शारदा रोड स्थित हिंदू महासभा कार्यालय पर नारायण नाना आप्टे की प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

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मेरठ. अखिल भारत हिंदू महासभा एक बार फिर सुर्खियों में है. अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक अग्रवाल ने प्रेस नोट में बताया कि 2 अक्टूबर को मेरठ शहर में शारदा रोड स्थित हिंदू महासभा कार्यालय में नाना आप्टे की प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

प्रेस नोट में लिखा गया है कि नाना आप्टे के योगदान का हिंदू महासभा पूरा सम्मान करती है और उनका यशोगान गाती है. लिखा गया कि ऐसे महान योद्धाओं को बारंबार नमन करने के लिए उनकी पूज्य प्रतिमा हिंदू महासभा अपने कार्यालय में स्थापित करेगी. अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि 2 अक्टूबर को प्रतिमा स्थापित कर दी जाएगी.

2 अक्टूबर को लगेगी नाना आप्टे की प्रतिमा

बता दें कि बीते दिनों हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर पूजा शकुन पांडे ने संयुक्त रूप से पंडित अशोक कुमार शर्मा के साथ यह घोषणा की थी कि आने वाले 2 अक्टूबर को मेरठ शहर शारदा रोड स्थित हिंदू महासभा कार्यालय पर नारायण नाना आप्टे की प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

आला अधिकारियों की मौजूदगी में हुई थी घोषणा

प्रेस नोट में लिखा गया है कि जहां नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित है उसी के बराबर में नारायण नाना आप्टे की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. बीते दिनों हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर पूजा शकुन पांडे की मौजूदगी में यह एलान किया गया था. हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित अशोक शर्मा, प्रदेश प्रभारी अशोक पांडे, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक अग्रवाल, विश्व हिंदू पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य मदन जी, हिंदू डिफेंस सेना के राष्ट्रीय संयोजक निशांत जिंदल भी मौजूद थे.

पहले उठाई थी हिंदुओं के हित में आवाज

इससे पहले 4 जुलाई को हिंदू महासभा ने प्रेस नोट में सरकार से गुहार लगाई थी कि धर्म विरोधी और राष्ट्र विरोधी लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी सजा का प्रावधान पास किया जाए. कहा गया था कि जो लोग हिंदुओं की बहन-बेटियों को बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं या कुछ लोग हिंदू युवकों का जबरदस्ती धर्मांतरण कराते हैं या जो लोग इस देश में छुपे होकर हमेशा देश के खिलाफ भारत विरोधी कार्य करते हैं, हिंदू विरोधी कार्य करते हैं, उन्हें शासन प्रशासन सख्त सजा दे तो देश की एकता और अखंडता बची रहेगी.

मेरठ स्पोर्ट्स सिटी को मिलेगा नया लुक, विकास प्राधिकरण ने तैयार किया ये प्रस्ताव

स्पोर्ट्स सिटी मेरठ की पहचान को वैश्विक पटल पर लाने की कार्ययोजना बनाई है.

Uttar Pradesh News: स्पोर्ट्स सिटी मेरठ की पहचान को वैश्विक पटल पर लाने की कार्ययोजना बनाई है. इसके लिए मेरठ विकास प्राधिकरण ने शहर की सीमाओं पर प्रवेश द्वार बनाने और शहर में खेल उपकरणों की भी विशाल कृतियां लगाने की तैयारी की है

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मेरठ. मेरठ (Meerut) को स्पोर्ट्स सिटी (Sports City) के साथ अब ओलम्पिक सिटी के रुप में भी जाना जाने लगा है. इसी को देखते हुए अब मेरठ विकास प्राधिकरण( Meerut Development Authority) ने शहर की इस पहचान को वैश्विक बनाने के लिए ख़ास कार्ययोजना तैयार की है. एमडीए ने जो योजना तैयार की है अगर वो मूर्त रुप में दिख जाए तो क्रान्ति की नगरी में आना आप कभी नहीं भूलेंगे.

स्पोर्ट्स सिटी मेरठ की पहचान को वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए अब मेरठ विकास प्राधिकरण ने शहर की सीमाओं पर जहां प्रवेश द्वार बनाने की तैयारी है, वहीं खेल उपकरणों की भी विशाल कृतियां लगाई जाएंगी. शहर की सीमाओं पर लिखा होगा स्पोर्ट्स सिटी मेरठ में आपका स्वागत है. ताकि लोगों के प्रवेश के साथ ही अहसास हो कि वो ओलम्पिक सिटी स्पोर्ट्स सिटी में प्रवेश कर रहे हैं. एमडीए वीसी मृदुल चौधरी का कहना है कि हाल ही में ओलम्पिक्स में भी यहां के खिलाड़ियों ने शानदार परफॉरमेंस दी है. यहां के खेल उपकरण भी विश्व में ख़ास पहचान रखते हैं, इसलिए शहर की इस पहचान को और चार चांद लगें इसे लेकर प्लान तैयार किया जा रहा है.

यहां के बने हुए खेल उपकरण भी वैश्विक पहचान रखते हैं. बैट, बॉल, डिस्कस, बैडमिंटन, फुटबॉल सभी यहां बनते हैं. मेरठ के एक गांव को तो फुटबॉल वाला गांव कहा जाता है, क्योंकि यहां घर घर फुटबॉल बनती हुई नज़र आती है. फुटबॉल की वजह से इस गांव में कोई बेरोज़गार नहीं है. बैट बॉल का भी कमोवेश यही हाल है. यहां के गांव गांव में आपको बैट बॉल बनते हुए नज़र आ जाएंगे.

गौरतलब है कि खेल को बढ़ावा देने के लिए यूपी सरकार ने मेरठ में सात सौ करोड़ की लागत से खेल विश्वविद्यालय बनाने की भी घोषणा की है. कैबिनेट में इस पर मुहर लग चुकी है. स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को लेकर ज़मीन चिन्हित की जा चुकी है और बहुत जल्द इसका भूमि भूजन भी होगा. सरधना के गांव सलावा में खेल विश्वविद्यालय बनाने की कवायद शुरु हो चुकी है. यहां हॉकी का हाईटेक टर्फ भी तैयार हो चुका है. करोडो़ं की लागत से यहां शूटिंग रेंज भी तैयार की जा रही है.

अगर सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठा रही है तो खिलाड़ी भी उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं. टोक्यो में सम्पन्न हुए ओलम्पिक्स में मेऱठ के पांच खिलाड़ियों ने शानदार परफॉरमेंस दी थी. वहीं पैरालंपिक में यहां के खिलाड़ियों ने अपना जज्बा दिखाया है.

UP News: देश के लिए शहीद हुए मेरठ के मेजर मयंक विश्नोई, सीएम योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

UP News: देश के लिए शहीद हुए मेरठ के मेजर मयंक विश्नोई (File photo)

Meerut News: मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) के कंकर खेड़ा के रहने वाले मेजर मयंक विश्नोई (Major Mayank Vishnoi) जम्मू कश्मीर के शोपिया में शहीद (Martyred) हो गए. उनका पार्थिव शरीर रविवार सुबह उनके आवास पर पहुंचेगा. जिसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जम्मू कश्मीर में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए जनपद मेरठ निवासी सेना के मेजर मयंक विश्नाई के शौर्य और वीरता को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है.

मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है. उन्होंने शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा जनपद की एक सड़क का नामकरण शहीद मयंक विश्नाई के नाम पर करने की भी घोषणा की है. सीएम योगी ने शहीद मयंक विश्नाई के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है. प्रदेश सरकार द्वारा शहीद के परिवार को हर सम्भव मदद प्रदान की जाएगी.

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बता दें कि मेजर मयंक विश्नोई घाटी में आतंकियों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें उधमपुर के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आज सुबह सैनिक अस्पताल में वे वीरगति को प्राप्त हुए. मेजर मयंक विश्नोई कंकर खेड़ा शिवलोकपुरी के रहनेवाले रिटायर्ड सूबेदार वीरेंद्र बिश्नोई के पुत्र थे.

UP: माफियाओं पर कहर बनकर टूटी योगी सरकार! पुलिस मुठभेड़ में 150 अपराधी ढेर, 550 पर NSA, 3700 गिरफ्तार

UP: माफियाओं पर कहर बनकर टूटी योगी सरकार! (File photo)

Yogi Government: पुलिस ने सिर्फ मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद ही नहीं बल्कि प्रदेश के दो दर्जन से अधिक बड़े माफिया को जेल में धकेलकर उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने साढ़े चार साल पहले सीएम पद संभालते ही प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का वादा किया था. इसके बाद प्रदेश में धड़ाधड़ एनकाउंटर की खबरें सामने सामने आईं. वहीं, अपराधियों के अंदर यूपी पुलिस का खौफ अभी भी बरकरार है. प्रदेश में पुलिस के डर से बड़े-बड़े अपराधी और माफिया प्रदेश छोड़कर या तो भाग गए या आत्मसमर्पण कर दिए हैं.

बता दें कि बीजेपी के लोक कल्याण पत्र में गुंडाराज को जड़ से खत्म करने का वादा किया गया था. सीएम योगी ने कहा था अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर. कभी पुलिस प्रशासन को आंख दिखाने वाले माफियाओं, अपराधियों पर यूपी पुलिस कहर बनकर टूटी है. पुलिस ने सिर्फ मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद ही नहीं बल्कि प्रदेश के दो दर्जन से अधिक बड़े माफिया को जेल में धकेल कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है.

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जहां पिछली सरकारों में माफिया और अपराधी सत्ता का संरक्षण पाते थे. वहीं योगी सरकार ने माफियाओं की काली कमाई से अर्जित की गई 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्तियों को जब्त किया है. 2017 के पहले तक अराजकता और दंगों के लिए जाने जाने वाला प्रदेश आज पूरी तरह से शांत है. सभी पर्व और त्यौहार शांतिपूर्वक सम्पन्न हो रहे हैं. राज्य में दहशत का पर्याय बने करीब 150 से अधिक अपराधी पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए हैं और लगभग 2,800 से अधिक अपराधी घायल हुए हैं.

550 से अधिक बदमाशों पर लगा NSA
यूपी में गैंगेस्टर एक्ट में अब तक 3700 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया और 550 से अधिक अभियुक्तों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाही हुई है. यूपी सरकार और पुलिस ने जिस तरीके से राज्य में संगठित अपराध और माफियाओं पर अंकुश लगाया है वो अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बना हुआ है.

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