लाइव टीवी

Coronavirus: मेरठ के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की निगरानी में चीन से लौटे 54 लोग, 3 संदिग्‍ध के सैम्‍पल जांच के लिए भेजे

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 4, 2020, 7:39 PM IST
Coronavirus: मेरठ के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की निगरानी में चीन से लौटे 54 लोग, 3 संदिग्‍ध के सैम्‍पल जांच के लिए भेजे
स्वास्थ्य विभाग को 77 लोगों की है तलाश.

कोरोनावायरस (Coronavirus) को लेकर मेरठ (Meerut) में तीन संदिग्ध सैम्पल टेस्ट के लिए भेजे गए हैं. जबकि स्‍वास्‍थय विभाग चीन से मेरठ लौटने वाले 54 लोगों की निगरानी भी कर रहा है. हालांकि उसे कुल 77 लोगों की तलाश है और ये लिस्‍ट उसे केंद्र सरकार ने भेजी है.

  • Share this:
मेरठ. कोरोनावायरस (Coronavirus) को लेकर मेरठ (Meerut) में तीन संदिग्ध सैम्पल टेस्ट के लिए भेजे गए हैं. जबकि स्‍वास्‍थय विभाग चीन से मेरठ लौटे 54 लोगों की निगरानी कर रहा है. आपको बता दें कि केन्द्र सरकार ने मेरठ में ऐसे 77 लोगों की लिस्ट राज्य सरकार को भेजी है जो 31 दिसंबर से 29 जनवरी के बीच चीन से भारत लौटे हैं. जबकि इस लिस्ट को लेकर मेरठ के स्वास्थ्य विभाग ने डब्‍ल्यूएचओ के साथ मिलकर इनका पता खंगाला है और अब तक 54 लोगों की तलाश कर ली गई है. इनकी इन्हीं के घरों में आइसोलेट कर 28 दिन तक नियमित जांच की जाएगी.

लखनऊ भेजे सैम्‍पल
कोरोना वायरस के तीन संदिग्‍धों के सैम्पल टेस्ट के लिए केजीएमसी लखनऊ भेजे गए हैं. ये तीनों लोग जब से चीन से लौटे हैं, तब से इन्हें खांसी या फिर जुकाम है. मेरठ के सीएमओ डॉ. राजकुमार को कहना है कि जांच के बाद ही ये स्पष्ट होगा कि ये इस वायरस से संक्रमित हैं या नहीं. इन लोगों को इन्हीं के घर में आइसोलेटेड कमरे में रखा गया है.
77 लोगों की है तलाश

उधर स्वास्थ्य विभाग को 31 दिसंबर से 29 जनवरी के बीच चीन से भारत लौटने वाले 77 लोगों की तलाश है. सीएमओ डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि इन 77 लोगों में से 54 को तलाश लिया गया है और इनकी सघन निगरानी की जा रही है. ये वायरस तुरंत एक्टिव नहीं होता है, लिहाजा कभी कभी पता लगने में दो-तीन हफ्ते का भी समय लग सकता है.
जिला अस्‍पताल में बना अलग वार्ड
कोरोना वायरस को लेकर मेरठ के जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में अलग वार्ड बना दिया गया है. हालांकि इन वार्डों में अभी तक एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है. चीन में कोरोना वायरस को लेकर केन्द्र सरकार ने देशभर के हवाईअड्डों की रिपोर्ट खंगाली है. केन्द्र सरकार ने प्रदेश सरकार को जब 77 लोगों की सूची भेजी गई तो प्रदेश सरकार ने तत्काल सर्विलांस सेल को एक्टिव किया. ज्यादातर यात्री चीन से आए हैं, लेकिन इनमें से कई अन्य देशों से लौटते वक्त चीन के हवाई अड्डे पर रुके थे.सीएमओ डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि कोरोना वायरस लम्बे समय तक शरीर में बना रहता है. अगर किसी व्यक्ति में जुकाम, खांसी या फिर निमोनिया के लक्षण मिलेंगे तो उसका सैम्पल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजा जाएगा. जबकि जिला प्रशासन चीन से आए लोगों की सेहत की जानकारी हर दिन प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य के पास भेजेगा.

 

ये भी पढ़ें-

GST: नए रजिस्ट्रेशन के लिए दौड़ रहे अफसर, व्यापारियों को लुभाने की कोशिश

 

पिता ने 8 साल की बेटी से रेप के बाद की हत्या, शौचालय के टैंक में छिपाया शव

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मेरठ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 4, 2020, 5:28 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर