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निर्भया केस: दोषियों को फांसी पर लटकाने वाले मेरठ के पवन जल्लाद को मिले 60 हजार रुपए
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News18Hindi
Updated: March 20, 2020, 7:21 AM IST
निर्भया केस: दोषियों को फांसी पर लटकाने वाले मेरठ के पवन जल्लाद को मिले 60 हजार रुपए
निर्भया के चारों दोषियों को फांसी देने वाले पवन जल्लाद (फाइल फोटो)

इससे पहले भी पवन जल्लाद दो बार तिहाड़ पहुंचा था, लेकिन ये शातिर अपराधी कानूनी दांव-पेंच आजमा कर फांसी की सजा आगे बढ़वाते रहे. पिछली दोनों बार फांसी की सजा टलने से उसे बिना फांसी दिए ही वापस लौटना पड़ा था.

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  • Last Updated: March 20, 2020, 7:21 AM IST
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मेरठ. निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले (Nirbhaya gangrape case) के दोषी मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को शुक्रवार सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर फांसी दे दी गई. मेरठ के रहने वाले पवन जल्लाद (Pawan Jallad) ने चारों दोषियों को फांसी पर लटकाया. इसके लिए तिहाड़ जेल प्रशासन ने पवन जल्लाद को 60 हजार रुपए दिए. जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति को फांसी पर लटकाने की फीस 15 हजार हैं. वहीं 4 दोषियों को फांसी पर लटकाने के हिसाब से पवन जल्लाद को तिहाड़ जेल प्रशासन ने 60 हजार रुपए दिए.

दो बार बिना फांसी दिए ही लौटना पड़ा था

इससे पहले तिहाड़ जेल प्रशासन की टीम पवन जल्लाद को बुधवार को ही अपनी निगरानी में मेरठ से दिल्ली लेकर गई थी. डेथ वारंट के मुताबिक 20 मार्च को सुबह निर्भया कांड के चारों दोषियों को फांसी देने की तारीख तय की गई थी. इन दोषियों को फांसी देने के लिए इससे पहले भी पवन जल्लाद दो बार तिहाड़ पहुंचा था, लेकिन ये शातिर अपराधी कानूनी दांव-पेंच आजमा कर फांसी की सजा आगे बढ़वाते रहे. पिछली दोनों बार फांसी की सजा टलने से उसे बिना फांसी दिए ही वापस लौटना पड़ा था.



PM मोदी के इस अभियान प्रभावित है पवन जल्लाद



पवन जल्लाद ने कहा, 'पीएम मोदी ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान शुरू किया है. इस अभियान से बेटियों को बहुत मदद मिली है. अब बेटियों के साथ कहीं भी कुछ भी बात होती है तो तुरंत ही उनकी सुनवाई होती है. समाज में भी अब लोग समझने लगे हैं कि बेटी को बचाएंगे तभी हमारा समाज भी सुरक्षित रहेगा.' निर्भया केस के दोषियों की फांसी के बारे में पवन का कहना है, 'एक बेटी के साथ गलत काम करने वालों को फांसी देकर मुझे लगेगा कि प्रधानमंत्री मोदी के अभियान 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' में मुझे भी एक कदम चलने का मौका मिला'.

तिहाड़ जेल में फांसी के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा कि इस मामले में देर हुई. कोर्ट में लंबी लड़ाई चली. लेकिन देर से ही सही, आज मेरी बेटी को इंसाफ मिल गया. उन्होंने कहा कि ज्यूडिशियरी ने आज साबित किया कि महिलाओं के साथ अगर अत्याचार होगा, तो उसकी सजा मिलेगी.

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First published: March 20, 2020, 7:07 AM IST
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