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आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए ये है योगी सरकार का मास्टर प्लान

प्रदेश में बूचड़खाने बन्द होने के बाद आवारा पशुओं की भरमार हो गई है और पशु बड़े पैमाने पर किसानों की खेती का नुकसान कर रहे हैं जो पूरे प्रदेश में एक मुद्दा बना हुआ है.

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    किसानों के लिए सिरदर्द बने आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने हल खोज निकाला है. प्रदेश में महात्मा गांधी रोजगार यानी मनरेगा के जरिए ग्राम पंचायतों में आरक्षित चरागाहों की जमींनों पर बाड़ों का निर्माण करा कर आवारा पशुओं को वहां रखा जाएगा जिससे वो किसानों को नुकसान नहीं पहंचे. पशुओं की देखरेख के लिए बाउंड्रीवॉल के साथ ही एक शेड व पीने के पानी के लिए समर्सिबल की व्यवस्था भी की जाएगी. योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व पशु पालन विभाग को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी दी गई है

    दरअसल प्रदेश में बूचड़खाने बन्द होने के बाद आवारा पशुओं की भरमार हो गई है और पशु बड़े पैमाने पर किसानों की खेती का नुकसान कर रहे हैं जो पूरे प्रदेश में एक मुद्दा बना हुआ है. जिस कारण सरकार को भी काफी जिल्लत झेलनी पड़ रही है. सरकार ने किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए मनरेगा योजना के तहत पशु आश्रय स्थलों के निर्माण कराने का सरकार ने फैसला किया है.

    आवारा पशुओं के आंतक से जूझ रहा है अमेठी
    कुछ ऐसा ही हाल राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी का भी है. जहां आवारा पशुओं के आंतक से किसानों का हाल-बेहाल है. ऐसे में प्रदेश की योगी सरकार किसानों की फसलों का बचाने के लिए पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराने की कवायद में जुट गयी है. इस पूरे मामले पर अमेठी के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कहा कि अमेठी में भी आवारा पशुओं से किसान काफी परेशान हैं. किसानों की तरफ से कई शिकायत भी आई. जिले में आयोजित ज्यादातर गोष्ठियों में इस मामले की शिकायत हुई लेकिन किसान जागरूक नहीं हैं, जिससे उनका ही नुकसान हो रहा है.

    34 लाख रुपये की लागात से बनेगा पशु चारा गृह
    इसे संज्ञान में लेते हुए ये तय किया गया है कि मनरेगा मद से ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को जिम्मेदार बनाते हुए पशुपालन विभाग को जिम्मेदारी देते हुए गांवों में पशु चारा गृहों पर पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराने का प्रस्ताव शासन की तरफ से आया है. जो लगभग 34 लाख रुपये की लागात से बनाया जाना है. जिसमें बांउड्री वॉल, टीन शेड और पानी के लिए समर्सिबल के साथ चारा की व्यवास्था कराने का प्रस्ताव है. जिलाधिकारी के निर्देश के बाद योजना को जल्द से जल्द धरातल पर लाने की तैयारी की जा रही है.(पप्पू पांडे की रिपोर्ट)

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