सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अनदेखी, मेरठ में पत्नी को दिया ट्रिपल तलाक!

मुस्लिम पतियों द्वारा पत्नी को तीन तलाक के जरिए तलाक देने की कवायद को असंवैधानिक करार दिए जाने बावजूद मेरठ में एक पति द्वारा अपनी पत्नी को तलाक देने का मामला सामने आया है जबकि मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को रद्द करते हुए उसे असंवैधानिक करार दिया था। और सरकार को 6 माह के भीतर कानून बनाने को कहा था.

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मुस्लिम पतियों द्वारा पत्नी को तीन तलाक के जरिए तलाक देने की प्रथा को असंवैधानिक करार दिए जाने बावजूद मेरठ में एक पति द्वारा अपनी पत्नी को तलाक देने का मामला सामने आया है जबकि मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को रद्द करते हुए उसे असंवैधानिक करार दिया था। और सरकार को 6 माह के भीतर कानून बनाने को कहा था.

रिपोर्ट के मुताबिक दहेज के लालची एक पति ने बड़ी पंचायत के सामने पत्नी को तलाक दिया. मुस्लिम पति ने भरी पंचायत में तलाक-तलाक-तलाक कहते हुए पत्नी को खुद से बेदखल कर दिया.

पीड़िता 3 बच्चों की मां है और पिछले 6 साल से दहेज की प्रताड़ना झेल रही थी. हालांकि मामले के प्रकाश में आने के बाद पीड़िता ने पुलिस के पास गई और न्याय की गुहार की है.



मामला मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र के कस्बे का है, जहां 6 साल पहले बड़े ही अरमानों के साथ अर्शी निदा का निकाह मोहल्ले के ही रहने वाले सिराज खान के साथ हुआ था. आरोप है कि सिराज खान पिछले 6 साल से लगातार ससुराल से दहेज लाने के लिए पत्नी को प्रताड़ित कर रहा था.
बकौल पीड़िता, सिराज के परिजन भी लगातार उसके मायके वालों को दहेज के लिए परेशान कर रहे थे और मांग पूरी नहीं होने पर उसे तंग किया जाता था.

शादी के 6 सालों के अंतराल में अर्शी निदा ने सिराज के 3 बच्चों को जन्म दिया और जब तीसरी बेटी का जन्म हुआ तो पति सिराज ने मायके वालों के सामने कार की डिमांड रख दी.

इस मामले को सुलझाने के लिए अर्शी निदा के परिजन दामाद को समझाने भी पहुंचे थे, लेकिन पूरे मोहल्ले के सामने सिराज ने पत्नी को जुबानी तलाक दे दिया। इस बीच पीड़िता के परिजनों ने सिराज को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भी दुहाई दी, लेकिन सिराज तलाक पर अड़ा रहा.

बात नहीं बनी तो पीड़ित पत्नी अर्शी निदा ने थाने पहुंच गई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हवाला देकर पुलिस से न्याय की गुहार की. पीड़िता ने पति सिराज पर दहेज उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है.

उल्लेखनीय है पीड़िता के परिजन गरीब हैं, ऐसे में उनके सामने तीन बच्चों और बेटी की खर्च का अतिरिक्त संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने पुलिस से बच्चों की परवरिश के लिए रुपया दिलाने की मांग की है. साथ ही अर्शी निदा के निकाह को बचाने की अपील की है.

फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। और आला अधिकारी कुछ भी कहने से कतराते नज़र आ रहे हैं.

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