मेरठ: महिला की दो कोविड रिपोर्ट, एक में पॉजिटिव तो दूसरे में नेगेटिव, अब प्रशासन कराएगा जांच

मेरठ में एक महिला मरीज ने दो जगह जांच कराई, दोनों में एक रिपोर्ट पॉजिटिव और दूसरी नेगेटिव आई है.

मेरठ में एक महिला मरीज ने दो जगह जांच कराई, दोनों में एक रिपोर्ट पॉजिटिव और दूसरी नेगेटिव आई है.

मेरठ में एक महिला ने सरकारी और प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच कराई, जिसमें एक रिपोर्ट पॉजिटिव है और दूसरी निगेटिव भी. महिला का कहना है कि वह किस रिपोर्ट को सही मानें. मेरठ जिला प्रशासन कोरोना की जांच कराएगा.

  • Last Updated: April 18, 2021, 8:32 PM IST
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मेरठ. क्या ये संभव है कि कोई शख्स कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) भी हो और कोरोना निगेटिव भी. लेकिन ऐसा संभव हुआ है मेरठ में. वहां की रहने वाली एक महिला का कहना है कि सरकारी लैब में जहां उसकी कोरोना रिपोर्ट (Corona Report) पॉजिटिव आई है तो वहीं प्राइवेट लैब में उसकी रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आई है. अब वो किसे सही मानें. मेरठ के एडीएम सिटी ने इस बाबत जांच के निर्देश दिए हैं.

मेरठ में एक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी सरकारी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है, जबकि निजी लैब की रिपोर्ट निगेटिव आई है. इन दोनों अलग-अलग रिपोर्ट्स को लेकर महिला को सूझ नहीं रहा कि वो करे तो क्या करे. महिला का कहना है कि उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं है. इस महिला का कहना है कि उसने इस बाबत तमाम अधिकारियों को फोन किए लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

महिला का कहना है कि 12 अप्रैल को उन्होंने ज़िला अस्पताल में जांच कराई. जिसकी रिपोर्ट 15 अप्रैल को कोरोना पॉज़िटिव आई. अगले ही दिन उसने सोलह अप्रैल को निजी लैब से जांच कराई जिसकी रिपोर्ट सत्रह अप्रैल को निगेटिव आई है. महिला का कहना है कि जैसे ही उसके कथित पॉज़िटिव होने की सूचना मोहल्ले वालों को मिली उन्होंन उससे दूरी बना ली है.

मेरठ के माधवपुरम निवासी महिला से डॉक्टर ने कोरोना जांच के लिए बोला था. महिला का कहना है कि कि उसने पहले मेरठ के प्यारेलाल जिला अस्पताल से अपनी कोरोना की जांच कराई जो कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई. जबकि उसको कोई लक्षण नहीं थे. बाद में उसने उसने अपनी दोबारा जांच एक प्राइवेट लैब से कराई तो रिपोर्ट नेगेटिव आई. अब सवाल ये है कि कौन सी रिपोर्ट सही है और कौन सी गलत. क्योंकि वो दोनों पॉज़िटिव और निगेटिव एक साथ तो नहीं हो सकती.
मेरठ के एडीएम सिटी अजय तिवारी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है. इसकी जांच कराई जा रही है. वहीं सीएमओ का कहना है कि यदि एक ही दिन में रिपोर्ट पॉज़िटिव और निगेटिव दोनों आती है तो गड़बड़ है लेकिन चार दिन बाद दोबारा जांच में ऐसा हो सकता है. साथ ही सैंपल लेने की प्रक्रिया का भी फर्क पड़ता है.फिर भी शिकायत पर संज्ञान लिया गया है और जांच कराई जा रही है.
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