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UK Glacier Tragedy: मेरठ में भी हाई अलर्ट, खाली कराए जा रहे गंगा किनारे के गांव

सांकेतिक फोटो.

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Meerut News: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले में ग्लेशियर (Glacier) टूटने के बाद तबाही का आलम है. इसका असर पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ सकता है.

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मेरठ. उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले में ग्लेशियर (Glacier) टूटने के बाद तबाही का आलम है. इसका असर पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ सकता है. इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गंगा नदी के किनारे बसे जिलों को अलर्ट कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी हाई अलर्ट है. मेरठ के जिलाधिकारी के बालाजी पूरे अमले के साथ मवाना तहसील पहुंचे, जहां बैठक के बाद खादर क्षेत्र के गांवों में अलर्ट जारी किया गया. इसके साथ ही ज्यादा नीचले इलाके वाले गांवों को खाली कराने के निर्णय लिए गए. ऐसे लोगों को शासकीय आवासों व भवनों में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ से हो कर गुजरने वाली गंगा नदी में दो से तीन लाख क्यूसेक पानी बढ़ने की संभावना है. अधिकारियों का दावा है कि यदि बाढ़ की स्थिती बनती है तो प्रशासन हर स्तर पर निपटने को पूरी तरह तैयार है. अधिकारी खादर क्षेत्र में ही डटे हुए हैं. बताया जा रहा है कि चमोली में तबाही के बाद मेरठ के जिलाधिकारी हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में पहुंचकर खुद मोर्चा संभाला. क्षेत्र की जनता को चौकन्ना कर हर तरह की मुसीबत से निपटने की बात अधिकारियों ने कही है.

सिंचाई विभाग ने कसी कमर
बताया जा रहा है कि मेरठ के सिंचाई विभाग ने बाढ़ के हालात से निपटने के लिए कमर कस ली है. जिलाधिकारी के निर्देश पर सिंचाई विभाग के अधिकारी पीके जैन अपनी टीम के साथ बाढ़ से निपटने के लिए गंगा किनारे पहुंच चुके हैं. पूरी निगरानी की जा रही है. सिंचाई विभाग ड्रेनेज खंड का पूरा अमला हस्तिनापुर गंगा तट पर पहुंच चुका है.

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CM योगी बोले- पहले मुख्यमंत्री बनने पर बनवाई जाती थीं हवेलियां, हमने 42 लाख गरीबों के घर बनाए

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि 2017 से पहले यूपी में अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे और हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे होते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उनसे पहले के मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन हमने इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में 42 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगा .

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई भी पर्व शांति से नहीं हो पाता था लेकिन बीतेचार साल से कोई दंगा नहीं हुआ.इससे लोगों की धारणा बदली और निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

कोरोना प्रबंधन की तारीफ़
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी ने भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

OMG: मेरठ में 73 साल के बुजुर्ग को 5 बार लगा टीका, छठे की बारी आई, जानें माजरा

सरधना के रहने वाले रामपाल के पास 5 बार टीका दिए जाने का सर्टिफिकेट है.

Uttar Pradesh Vaccination : रिकॉर्ड वैक्सीनेशन अभियान के बीच एक बुजुर्ग को पांच बार टीकाकरण का मामला सामने आया. इसे कागजों में पांच दफा वैक्सीन लगाई गई और छठां टीका लगाए जाने की तारीख भी आ गई.

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मेरठ. यूपी में रिकॉर्ड वैक्सीनेशन (Record Vaccination) अभियान के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जो हैरान करने वाला है. यहां एक व्यक्ति ऐसा भी है जिसे 5 बार वैक्सीन लगा दी गई. इसे कागजों में वैक्सीन लगाई गई है. और तो और छठां टीका लगाए जाने की तारीख भी आ गई. इस शख्स के पास ऑनलाइन टीका लगने के तीन प्रमाण पत्र मौजूद हैं.

मेरठ के सरधना में वैक्सीनेशन के एक मामले ने सबको हैरान कर दिया है. यहां 73 साल के एक बुजुर्ग को सरकारी कागजों में पांच बार वैक्सीन लग गई. इस शख्स का नाम चौधरी रामपाल सिंह है. रामपाल ने पहली वैक्सीन डोज 16 मार्च और दूसरी 8 मई 2021 को लगवाई थी. वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट भी उन को दे दिया गया, लेकिन जब उन्होंने ऑनलाइन अपना प्रमाण पत्र निकालना चाहा तो वह नहीं मिल पाया.

सर्टिफिकेट के लिए लगाने पड़े चक्कर

रामपाल अपनी शिकायत लेकर स्वास्थ्य विभाग ऑफिस पहुंचे और वैक्सीन लगाए जाने संबंधी कागज़ात देने की मांग की. सर्टिफिकेट के लिए वो बार बार हेल्थ डिपार्टमेंट के चक्कर लगाते रहे. सरकारी वेबसाइट पर उन्होंने चेक किया तो उनके तीन सर्टिफिकेट सामने आए. पहले दो सर्टिफिकेट में उनको दो-दो डोज लगी हैं और तीसरे सर्टिफिकेट में एक डोज लगी है. तीसरे सर्टिफिकेट की अगली डोज दिसंबर 2021 में उन्हें लगाई जानी है.

अधिकारियों ने कही जांच की बात

रामपाल के मुताबिक उन्हें केवल पहली 2 डोज ही स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर लगवाई थी. स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच की बात कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि टेक्निकल टीम से मालूम कर पता लगाया जाएगा कि आखिर ऐसी टेक्निकल एरर क्यों आई.

मेरठ: बच्चे बने पेरेंट्स के 'गार्जियन' और लगवा दी कोरोना वैक्सीन, जानें क्या है आगे इरादा...

प्राइमरी स्कूल के बच्चों की पहल, माता—पिता को लगवाई वैैक्सीन, अब पड़ोसियों को लगवाने का संकल्प

UP Corona Vaccination : मेरठ में एक प्राइमरी स्कूल टीकाकरण अभियान के लिए मिसाल बन गया है. यहां टीचर्स के साथ साथ बच्चों ने भी अपने माता -पिता को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया. असर ये हुआ कि ज्यादातर बच्चों के माता- पिता ने टीका लगवा लिया है. वह अब पड़ोसियों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में एक प्राइमरी स्कूल (Primary School) टीकाकरण अभियान के लिए मिसाल बन गया है. यहां टीचर्स के साथ-साथ बच्चों ने भी अपने माता-पिता को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया. उसका असर ये हुआ कि इस प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता ने टीका लगवा लिया है और अब इन बच्चों ने संकल्प लिया है कि वह अपने आस पड़ोस में रहने वाले उन लोगों को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे जो अभी तक भ्रम का शिकार हैं.

मेरठ में कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है. यहां के एक प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने भी अनूठा संकल्प लिया है. यहां स्कूल चलें हम का नारा तो बुलंद हो ही रहा है साथ ही अपने अपने माता पिता को टीका लगवाना है का नारा भी लगाया जा रहा है. इसके बाद प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले इन नौनिहालों ने ज़िद करके अपने माता पिता को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया. आलम ये है कि स्कूल में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता ने वैक्सीन लगवा ली है. न्यूज़़ 18 की टीम ने जब इस प्राइमरी स्कूल का दौरा कर सवाल किया कि कितने बच्चों के पैरेंट्स ने टीका लगवा लिया है तो सभी ने अपने हाथ खड़े कर दिए. बच्चों ने कहा कि उनके मां पापा ने टीका लगवा लिया है. अब वह आस पड़ोस के लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

स्कूल में बढ़ रही बच्चों की संख्या

यहां स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. बच्चे स्कूल आकर ख़ुश हो रहे हैं साथ ही अपनी ज़िम्मेदारी का भी निर्वहन कर रहे हैं. प्राइमरी स्कूल के नौनिहालों का कहना है कि वह स्कूल चले हम का नारा तो बुलंद कर ही रहे हैं साथ ही अपनी ज़िम्मेदारियों को समझते हुए वैक्सीनेशन मॉटिवेशन ड्राइव चला रहे हैं. इन बच्चों का कहना है कि अगर उनके माता पिता स्वस्थ रहेंगे तो वो भी स्वस्थ रहेंगे. इस छोटी सी उम्र में बच्चों की ऐसी सोच यकीनन तारीफ के काबिल है.

बच्चों की पहल से टीचर्स भी खुश
स्कूल के टीचर्स भी बच्चों के ऐसे संकल्प से हतप्रभ हैं. टीचर्स का कहना है कि बच्चों की प्रेरणा का असर ये रहा कि अब उनके स्कूल में आने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता वैक्सीन लगवा चुके हैं. वाकई में प्राइमरी स्कूल में बच्चों की वैक्सीन की अनोखी पाठशाला देखकर अच्छा लगा. कहते हैं कि बच्चे मन के सच्चे सारी जग की आंख के तारे. ये वो नन्हें फूल हैं जो भगवान को लगते प्यारे.

UP Assembly Election: मेरठ की क्रांतिकारी धरती से प्रियंका गांधी शुरू करेंगी प्रतिज्ञा यात्रा, 29 सितंबर को होगी जनसभा

UP: मेरठ की क्रांतिकारी धरती से प्रियंका गांधी शुरू करेंगी प्रतिज्ञा यात्रा (File photo)

Meerut News: बीते दिनों लखनऊ पहुंची प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं इसलिए कार्यकर्ताओं को दिन रात कार्य करने की जरूरत है.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 (UP Election 2022) को लेकर कांग्रेस (Congress) पूरा जोर लगा रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) 29 सितंबर को मेरठ की क्रांतिकारी धरती से जनसभा कर 12 हजार किलोमीटर की प्रतिज्ञा यात्रा का शुभारंभ करेंगी. इस यात्रा में कार्यकर्ता योगी सरकार की वादाखिलाफी और अपने चुनावी वादे बताने के लिए शहर से गांव तक जाएंगे.

बीते दिनों लखनऊ पहुंची प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं इसलिए कार्यकर्ताओं को दिन रात कार्य करने की जरूरत है. टिकट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के नाम तय करने की प्रक्रिया में संगठन के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. उन्होंने कहा कि संगठन का काम अब आखिरी चरण में पहुंच चुका है तथा आगामी चुनाव में टिकट बंटवारे में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.

प्रियंका गांधी के नेतृत्व में लड़ेंगे चुनाव
इससे पहले आगरा में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, हालांकि अभी तक सीएम उम्मीदवार के लिए अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ‘पार्टी किसी भी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. हम दृढ़ विश्वास के साथ चुनाव लड़ेंगे. पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे…’ उन्होंने कहा- कांग्रेस यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. खुर्शीद ने जोर देकर कहा कि घोषणापत्र में आम लोगों की आवाजें शामिल होंगी.

Meerut News: डेंगू के बाद 2 साल के बच्चे में 'स्क्रब टाइफस' की पुष्टि, जानिए कैसे फैलती है बीमारी

UP: चूहे से फैलता है स्क्रब टाइफस

UP News: मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में डेंगू (Dengu) और वायरल बुखार (Viral Fever) के बाद दो साल के बच्चे में ‘स्क्रब टाइफस’ की पुष्टि से हड़कंप मच गया. बुलंदशहर के रहने वाला दो साल का बच्चे का इलाज मेरठ जिला अस्पताल में किया जा रहा है. सीएमओ ने बताया कि स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के कारण फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पहले निजी लैब में जांच कराई गई, फिर कन्फर्म करने के लिए मेडिकल कॉलेज में भी जांच कराई गई.

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ अशोक तालियान ने बताया कि दोनों जगह पुष्टि हुई है. मेरठ में इससे पहले एक महिला में यह बीमारी मिली थी. महिला ने लक्षण मिलने पर गाजियाबाद में इसकी जांच कराई थी. ये ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है. मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

ऐसे फैलता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पशुओं के मल-मूत्र में बैठने वाले कीटों, खराब भोज्य पदार्थों में लगे कीटों के कारण भी यह बीमारी फैल सकती है. इसलिए बरसात के मौसम में सफाई का सबसे ज्यादा ख्याल रखें. बाहर का भोजन न खाएं.

मेरठ में डेंगू के 159 मामले
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में डेंगू के 159 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 84 मामले सक्रिय हैं. अगर किसी व्यक्ति के घर में पहली बार मच्छर के लार्वा पाए जाते हैं, तो हम नोटिस देते हैं, फिर से पाए जाने पर जुर्माना लगाते हैं और तीसरी बार लार्वा पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करते हैं.

लागा वर्दी पे दाग, छुड़ाऊं कैसे - पुलिसवालों को होने लगी है इसकी चिंता - See Video

मेरठ में पुलिसवाला कर रहा था कोर्ट के आदेश का पालन, लोगों ने समझा कुछ और.

viral video : 'पुलिसया' छवि के कारण बेवजह पुलिसवालों को बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

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मेरठ. अगर समाज में आपकी इमेज खराब हो जाए तो उसे सुधारने में बरसों लग जाते हैं. अगर पुलिस की इमेज की बात की जाए तो अक्सर उन्हें अपनी ‘पुलिसया’ छवि के कारण बेवजह भी बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

दरअसल, शुक्रवार को लोगों ने देखा कि एक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन में पीछे बैठा है और गाड़ी बीच सड़क पर सरपट भागी जा रही है. इस नजारे का वीडियो भी लोगों ने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. मेरठ का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ट्रैफिक पुलिस पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं. न्यूज18 ने इस वीडियो की हकीकत ढूंढ़ निकाली और आइए आपको बताते हैं क्या है हकीकत.

वायरल वीडियो

यह वीडियो मेरठ के पुलिस लाइन के बाहर का है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन पर पीछे बैठा है और वाहन फर्राटा भर रहा है. स्पीड करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रही होगी. इसे देखकर लोगों के मन में सवाल उठा कि कोर्ट ने सड़कों पर खुलेआम कानून धज्जियां उड़ाने वाले जुगाड़ वाहन सीज करने का आदेश दिया है, तो यह ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस पर सवार होकर कहा जा रहा है.

जुगाड़ी गाड़ी पे पुलिस की सवारी : See Video

वीडियो का सच

आइए हम आपको बताते हैं. दरअसल मेरठ की ट्रैफिक पुलिस ने जुगाड़ वाहन के खिलाफ 10 दिन का अभियान चलाया है. जिसके चलते चौराहे से गुजरने वाले हर जुगाड़ वाहन पर पुलिस की पैनी नजर है. ऐसे में जो भी जुगाड़ वाहन चौराहे को क्रॉस करने की कोशिश करता है, उसे ट्रैफिक पुलिसकर्मी पकड़कर सीज कर लेते हैं और इसी सीज हुए जुगाड़ वाहन को पुलिस लाइन में ट्रैफिक ऑफिस में जमा कर दिया जाता है. दरअसल, वायरल हुए वीडियो में जो ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिख रहा है वह भी इस वाहन को पुलिस लाइन में जमा कराने के लिए ले जा रहा है. सड़क पर इस अजीबोगरीब नजारे को देखकर लोगों ने इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद अब यह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग बिना हकीकत जाने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर कमेंट कर रहे हैं.

पुलिस की चिंता

ऑफ द रिकॉर्ड पुलिसकर्मियों ने कई बार कहा है कि वे रात-दिन मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की लालच से पूरा महकमा बदनाम होता है. पुलिसकर्मी चाहते हैं कि करप्शन के दाग से खाकी वर्दी का पीछा छूटे और उन्हें उनके अच्छे कामों का भी श्रेय मिले.

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अगले महीने करेंगे एक्‍सप्रेसवे का उद्घाटन, 45 मिनट में पूरा होगा सफर

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अगले महीने करेंगे दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे का उद्घाटन.

Delhi-Meerut Expressway: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) को अगले महीने पूरी तरह से शुरू करने का ऐलान किया है. उन्‍होंने कहा कि 6000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्‍सप्रेस-वे का मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 08:47 IST
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नई दिल्‍ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्‍होंने हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सोहना में गुरुवार को कहा कि अब तक आंशिक रूप से खुला दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे अगले महीने पूरी तरह से खोल दिया जाएगा. बता दें कि इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत पीएम मोदी ने कई साल पहले की थी.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं. अब 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया एक्सप्रेस-वे दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा के समय को कम कर 40 मिनट कर देगा.’

इस एक्सप्रेसवे पर गति सीमा यूपी में 100 किमी प्रति घंटे और दिल्ली में 70 किमी प्रति घंटे है. बता दें कि अब दिल्ली-मेरठ के बीच यात्रा का समय 2.5 घंटे के बजाए 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. हालांकि इस वक्‍त कुछ जगह काम चलने की वजह से करीब 80-90 मिनट लग रहे हैं.

अब एक्सप्रेस-वे पर मिलेगी ये सुविधा
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहन चालकों को दिसंबर से कई सहूलियत मिलने वाली हैं. एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोल और सीएनजी मिलने लगेगी. बता दें कि इस समय मेरठ से डासना के बीच पेट्रोल और सीएनजी पंप नहीं होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. यही नहीं, 60 किमी के इस एक्सप्रेस-वे पर कहीं भी पेट्रोल और सीएनजी की सुविधा नहीं दी गई है. इसके लिए डासना के बाद हाईवे वाले हिस्से पर आना पड़ता है. इसके अलावा मेरठ से डासना के बीच पेट्रोल आदि के लिए भोजपुर में उतारना पड़ता है. वैसे एनएचआई द्वारा मेरठ और डासना के बीच डिडवारी में रेस्ट एरिया बनाया जा रहा है.

नितिन गडकरी ने जेवर एयरपोर्ट को दी 2100 करोड़ की सौगात, Delhi-NCR को चमकाने के लिए उठाया ये कदम

हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को मिलेगी राहत
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) दिल्ली से मेरठ का काम पूरा होने के बाद अगले चरण में हापुड़ रोड से देल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को जोड़ने का काम शुरू करेगा. इसके लिए मार्च 2021 में टेंडर को अपलोड किया गया था, लेकिन कोरोना आने से काम प्रभावित हो गया. अब एनएचएआई (NHAI) ने फिर प्रक्रिया शुरू कर दी है. अगले कुछ दिनों में मुख्यालय की ओर से इस पर निर्माण की अनुमति दी मिलने की संभावना है.

एक्टर साहिल खान ने मेरठ में किया अपने स्टोर का उद्घाटन, पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर किया लाठीचार्ज

साहिल खान बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट का बिजनेस भी करते हैं. (Photo @sahilkhan/Instagram)

एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) मेरठ में अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

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मुंबई. बॉलीवुड एक्टर साहिल खान (Sahil Khan) फिल्मों से अधिक अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं. वे इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. वे गुरुवार को मेरठ में अपने बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट के स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे थे. एक्टर बाइसेप्स (Buyceps) नामक बॉडी बिल्डिंग प्रोडक्ट स्टोर के मालिक हैं, जिसके देश में कई स्टोर हैं. कार्यक्रम स्थल पर फैंस ने एक्टर से मिलने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. लाठीचार्ज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इसके बाद तमाम तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं? सवाल यह है कि आखिर कोरोना काल में इतनी भीड़ जुटाने की परमिशन कैसे मिल गई. साथ ही लोगों को बेकाबू होने से रोकने के लिए क्या कार्यक्रम के आयोजकों ने कोई इंतजाम किया था?

घटना मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र के गढ़ रोड की है, जहां एक्टर अपने बॉडीबिल्डिंग फूड प्रोडक्ट के स्टोर की लॉन्चिंग करने पहुंचे थे. मौके भीड़ बेकाबू होती जा रही थी. पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद भीड़ को पहले हिदायत दी, लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

अपने स्टोर का उद्घाटन करने पहुंचे एक्टर साहिल खान. (Photo: Nikhil Agarwal)

वहीं इसी कार्यक्रम में तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट दीपक शर्मा भी पहुंचे थे. लोगों ने कार्यक्रम के बाद बाउंसरों पर सड़क पर हंगामा करने का आरोप लगाया. लोगों ने इसकी शिकायत एसएसपी से की. एसएसपी ने हंगामा कर रहे बाउंसरों की गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए.

साहिल खान का स्टोर.

पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले स्कार्पियो सवार बाउंसर फरार हो गए. मेरठ पुलिस ने बाईपास पर स्कॉर्पियो की घेराबंदी कर ली. इसके बाद पुलिस ने 6 बाउंसरों का शांति भंग में चालान कर दिया गया. रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘स्टाइल’ से साहिल खान ने 2001 में बॉलीवुड डेब्यू किया था.

अपना अस्तित्व खो चुकी बूढ़ी गंगा नदी को फिर से मिल सकती है संजीवनी

बूढ़ी गंगा के पुल पर नक्शे को चेक करते अधिकारी

वर्षो से संजीवनी की तलाश का इंतजार कर रही बूढ़ी गंगा को एक बार फिर से संजीवनी मिलने की उम्मीद है. मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के निर्देश?

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मेरठः- भारतीय सांस्कृतिक(Indian Cultural)
राजधानी हस्तिनापुर(Hastinapur) की विरासत बूढ़ी गंगा
(Old Ganga ) को बचाने के लिए एक बार फिर से प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) शहर से 48 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर स्थित बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए एक बार फिर से मुहिम शुरू हो गई है. जिसके लिए मेरठ मंडल कमिश्नर सुरेंद्र सिंह द्वारा एक कमेटी बनाई गई है. जिसको बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को फिर से खोजने एवं संवारने का दायित्व सौंपा गया है. मंडल कमिश्नर के निर्देश के बाद टीम सक्रिय होकर हस्तिनापुर के उन जंगलों में एक बार फिर से खोजबीन में जुट गई है. जिन जंगलों के बीच कभी बूढ़ी गंगा निरंतर बहती रहती थी.

पांडव और द्रौपदी बूढ़ी गंगा के जल से करते थे स्नान
पौराणिक कथाओं की माने तो इसी बूढ़ी गंगा के निर्मल जल का पांडव उपयोग करते थे. पांडव, द्रौपदी इसी बूढ़ी गंगा के जल से स्नान कर भोले बाबा की पूजा अर्चना करते थे. लेकिन कहीं ना कहीं इस इतिहास इस संस्कृति को बचाने के लिए जिस प्रकार कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हुआ.गौरतलब है कि प्रियंक भारती, असिस्टेंट प्रोफेसर, संस्थापक व अध्यक्ष नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट, वर्षों से हस्तिनापुर के इतिहास को संवारने के लिए कार्य कर रहे हैं. उन्होंने ही बूढ़ी गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए शासन को पत्र भेजा था. उन्हीं के प्रस्ताव को देखते हुए एक बार फिर से मंडल के कमिश्नर द्वारा बूढ़ी गंगा को बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं.

मेरठ बुलेटिन:- इस तालाब में स्नान करने के लिए आती थी रानी गांधारी

गांधारी तालाब पर बनी रानी गांधारी की मूर्ति

पश्चिम उत्तर प्रदेश का मेरठ अपने आप में ऐतिहासिक धरोहर को संजोए हुए हैं. मेरठ जिले के आसपास के कई स्थलों पर विभिन्न पौराणिक इतिहास का महत्व है.

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मेरठ:-कहते हैं कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति हो तो व्यक्ति मन की आंखों से भी वह सब कुछ देख सकता है. जो आंखों की रोशनी से भी व्यक्ति ना देख पाए. जी हां कुछ इसी तरह का उदाहरण आपको पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के किला परीक्षितगढ़ स्थित गांधारी तालाब पर देखने को मिलेगा. जहां पर लगभग 30 सालों से गांधारी तालाब के साथ-साथ मंदिरों की देखभाल भी एक दिव्यांग व्यक्ति राजू कर रहें है. राजू की माने तो छोटी सी उम्र में ही एक हादसे के दौरान उसकी आंखों की 80% तक रोशनी चली गई थी. लेकिन सच्ची आस्था और रानी गांधारी का ही आशीर्वाद है कि वह 20% रोशनी के माध्यम से ही मंदिर परिसर में साफ सफाई के साथ-साथ अन्य प्रकार की देखरेख करते हैं. गौरतलब है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के शहर मेरठ का महाभारत कालीन से गहरा नाता है. पौराणिक कथाओं की माने तो हस्तिनापुर से रानी गांधारी तालाब में स्नान करने के लिए किला परीक्षितगढ़ आया करती थी. जिसके लिए गुफाओं का भी वर्णन किया गया है. हालांकि अब तालाब का जीणोद्धार ना होने के कारण स्थिति बदहाल होती जा रही है.

इस पेड़ की अनोखी पहचान लोगों को करती है अपनी ओर आकर्षित

किला परीक्षित गढ़ का यह पेड़ है अपने आप में खास

बरगद की प्राचीनता को लेकर हर कोई जानता है. बरगद का पेड़ सैकड़ों सालों तक अपनी जड़ों के माध्यम से जीवित रहता है.

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मेरठः-प्राचीन सभ्यता और विशालकाय पेड़ों की जब बात की जाए तो बरगद का ही सबसे पहले नाम आता है.कुछ इसी तरह के एक पेड़ के बारे में आज हम आपको बताएंगे. जिस पेड़ की खासियत से अलग ही पहचान बन चुकी है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश मेरठ (meerut) शहर के किला परीक्षितगढ़ श्री श्रृंगी ऋषि आश्रम में ऐसा बरगद का पेड़ है. जिस पेड़ की शाखाओं से सात दरवाजे बने हुए हैं. इतना ही नहीं यह पेड़ इतना विशालकाय है कि आश्रम परिसर में चारों ओर इसकी छाया देखने को मिलेगी. वहीं आश्रम के कई कोने तक इसकी शाखाएं फैली हुई हैं.

श्रद्धालुओं के लिए बना सेल्फी का केंद्र
यह पेड़ इतना आकर्षक है कि जो भी श्रद्धालु आश्रम में आते हैं. वह इस पेड़ के साथ बिना फोटो खिंचवाए नहीं रह पाते हैं. न्यूज़ 18 लोकल की टीम ने भी जब इस पौराणिक पेड़ की पड़ताल की तो इस पेड़ से निकली हुई शाखाएं जमीन के अंदर जाते हुए उसी प्रकार आकार बनाए हुए हैं. जिस प्रकार एक दरवाजे का आकार होता है.
गौरतलब है कि इसी आश्रम का इतिहास यह भी है कि कलयुग से पहले ऋषि शमीक यहां रहा करते थे. ऐसे में यह ऋषि मुनियों की भी तपोवन भूमि रही है.

Meerut News: 130 दिन बाद कोरोना से जंग जीतकर घर लौटा मरीज, आज भी लेनी पड़ती है ऑक्सीजन सपोर्ट

130  दिन बाद कोरोना को मात देकर हॉस्पिटल से घर पहुंचे मेरठ के विश्वास सैनी

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 08:11 IST
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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में एक शख्स कोरोना संक्रमित (Corona Positive) होने के 130 दिन बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंचा. हालांकि उसे आज भी कुछ देर के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट की जरुरत पड़ती है. विश्वास सैनी 28 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए थे. शुरुआत में उनका इलाज घर पर ही चला, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया. वे करीब एक महीने तक वेंटीलेटर पर भी रहे. इसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज किया गया.

विश्वास का इलाज करने वाले डॉ एमसी सैनी का कहना है कि जब उन्हें अस्पताल लेकर आया गया तो उनकी हालत इतनी बुरी थी कि हम किसी पॉजिटिव परिणाम की उम्मीद नहीं कर रहे थे. लेकिन विश्वास सैनी जिंदा रहने की उम्मीद और इलाज की वजह से यह संभव हो पाया। विश्वास को करीब एक महीने ताल वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया. उसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज किया गया. आज भी घर पर उन्हें कुछ देर के लिए ऑक्सीजन की जरुरत पड़ती है.

विश्वास ने कही ये बात 
130 दिन बाद ठीक होकर घर पहुंचे विश्वास सैनी ने कहा कि यह राहत और अच्छा महसूस कराने वाली बात है. 130 दिन बाद एक बार फिर अपने परिवार के बीच अपने घर में हूं. एक वक्त तो मैं भी डर गया था, जब मैं लोगों को कोरोना से मरते हुए देख रहा था. लेकिन मेरे डॉक्टर ने मुझे हौसला दिया और कहा कि ठीक होने पर फोकस करना है. डॉक्टर के इलाज और परिवार की दुआ से एक बार फिर मैं अपनों के बीच हूं.

मेरठ: ओवैसी हैं बीजेपी के मेहमान, UP में अब्बाजान के बाद अब चचाजान की एंट्री: राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने मेरठ में AIMIM चीफ असद्उद्दीन ओवैसी को बीजेपी का मेहमान बताया है.

UP Assembly Election 2022 : राकेश टिकैत ने मेरठ में AIMIM चीफ असद्उद्दीन ओवैसी को बीजेपी को चचाजान कह दिया. राकेश ने कहा कि बाहर से कोई आदमी आ रहा है तो बीजेपी का चचाजान ही तो है. इनके आने से अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री भी हो गई.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. राकेश ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के भरोसे कोई न रहे. वो तो अपना आंदोलन चला रहे हैं. सब अपने अपने भरोसे रहें. उनका तो अपना काम ही नहीं निपट रहा. राकेश ने कहा कि यहां ग्यारह हजार का करंट है यहां न जाओ, क्योंकि यहां सारा मामला नॉन पॉलिटिकल है. छब्बीस सितम्बर को मुजफ्फरनगर में होने वाली एक और पंचायत को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.

टिकैत ने ओवैसी को बताया बीजेपी का मेहमान

राकेश टिकैत ने मेरठ में एक बार फिर AIMIM चीफ असद्उद्दीन को बीजेपी को चचाजान कह दिया. राकेश ने कहा कि बाहर से कोई आदमी आ रहा है तो बीजेपी का चचाजान ही तो है. राकेश ने कहा कि बीजेपी वाले बता दें ओवैसी को क्या कहेंगे. उन्होंने ओवैसी को बीजेपी का मेहमान बताया. राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी की राजनीति में आए अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री कर दी है. राकेश ने कहा कि ए टीम को ताउजान तो बी टीम को चचाजान ही तो कहेंगे. अगर कोट पैंट वाले होते तो अंकलजी कह देते.

राजा महेंद्र प्रताप सिंह जाट राजा नहीं किसान राजा

राकेश ने जाट राजा कहे जाने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को किसान राजा कहा. अलीगढ़ में पीएम मोदी के छोटे किसान को फायदा देने वाले बयान को लेकर राकेश ने कहा कि आंदोलन में सारे छोटे किसान ही तो हैं. उन्होंने एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराया. राकेश ने कहा कि खाते में पैसे दे दिए और गन्ने का भुगतान होता नहीं. सारे किसान छोटे किसान ही हैं. बड़ा किसान कहां है.

नया नहीं है अल्ला हू अकबर का नारा: टिकैत

अल्ला हू अकबर नारे को लेकर कहा कि ये कोई नया नारा नहीं है. ये तो पहले से ही लगता रहा है. राकेश टिकैत मेरठ के कंकरखेड़ा में शहीद मेजर मयंक बिश्नोई के परिवारवालों से मिलने उनके घर पहुंचे हुए थे. शहीद के परिवार से मिलने के बाद वो बाद में मीडिया से रुबरु हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला.

Meerut News: एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने ही की थी हिमांशु की हत्या, चार गिरफ्तार

मेरठ हिमांशु हत्याकांड कांड का खुलासा

Meerut Crime News: हिमांशु ने 35 हजार रुपये अंकित को उधार दिए थे. अंकित ने समय पर रकम नहीं लौटाई तो हिमांशु ने अपने कुछ साथी बुलाकर मोदीनगर में अपने कमरे पर अंकित की पिटाई कर दी थी. इसके बाद अंकित ने बदला लेने की ठान ली.

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मेरठ. पश्चिम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों ने अपने ही दोस्त का कत्ल कर दिया. पुलिस (Police) ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने बताया कि 35000 रुपये को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें मृतक हिमांशु (Himanshu Murder Case) ने अपने दोस्त को थप्पड़ मार दिया था. इसी बात का बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची गई और उसे अंजाम भी दिया गया.

एसपी देहात केशव कुमार ने हिमांशु हत्याकांड का पुलिस लाइन में खुलासा किया. मेरठ पुलिस लाइन में हुई प्रेसवार्ता में बताया गया कि 26 जुलाई को करनावल निवासी हिमांशु की हत्या कर दी गई थी. लाश नाले में मिली थी. हिमांशु मोदीनगर में रहता था. हिमांशु ने 35 हजार रुपये अंकित को उधार दिए थे. अंकित ने समय पर रकम नहीं लौटाई तो हिमांशु ने अपने कुछ साथी बुलाकर मोदीनगर में अपने कमरे पर अंकित की पिटाई कर दी थी. इसके बाद अंकित ने बदला लेने की ठान ली.

ऐसे रची साजिश
पुलिस के मुताबिक अंकित, हिमांशु, कपिल, विराट और आकाश, विनीत के बीच दोस्ती थी. अंकित ने अपना बदला लेने के लिए विराट को हथियार बनाया. विराट को कहा कि हिमांशु ने उसके अपहरण की प्लानिंग की है और 10 लाख फिरौती वसूलना चाहता है. इस बात से विराट अपने दोस्त हिमांशु से नाराज हो गया और अंकित ने उसे भड़काकर अपने साथ मिला लिया। इसके बाद अंकित, विराट, कपिल और आकाश ने मिलकर हिमांशु के मर्डर की योजना बनाई.

एक आरोपी अभी भी फरार
एसपी देहात ने बताया कि 26 जुलाई को हिमांशु को मोदीनगर से करनावल बुलाया गया. करनावल के बाहर जंगल में अंकित, विराट, आकाश, कपिल, अंकित ने हिमांशु को रोक लिया। यहां पर पहले कोल्ड ड्रिंक पिलाई और समोसा खिलाया. इसके बाद उसे गला दबाकर और पीट पीटकर मार डाला। इसके बाद सीने में चाकू घोंप दिया और लाश को नाले में फेंक दिया. हिमांशु की बुलेट भी आरोपी अपने साथ ले गए. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों अंकित, विनीत, कपिल और आकाश को गिरफ्तार किया है. एक आरोपी अंकुश अभी फरार है.

मेरठ:जानिए कौन से आश्रम हुई थी कलयुग की शुरुआत

किला परीक्षितगढ़  में स्थित श्रृंगी आश्रम

किला परीक्षित गढ़ के बारे में द्वापर युग से लेकर कलयुग तक में बताया गया है. आज हम उसी परीक्षितगढ़ के बारे में बताएंगे.

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सतयुग, द्वापर युग, त्रेता युग के बारे में आपने सुना है. आज हम आपको कलयुग कहां से आरंभ हुआ था. इसके बारे में हम आप को बताएंगे. जी हां मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ से 25 किलोमीटर दूर किला  परीक्षितगढ़ से कलयुग की शुरुआत हुई थी. श्री श्रंगी आश्रम के मुख्य पुजारी बताते हैं कि इसी स्थान से कलयुग का प्रारंभ हुआ था.

सरस्वती के तट पर शिकार खेलते समय राजा परीक्षित को कलयुग मिला था. उसने छल पूर्वक राजा परीक्षित से स्वर्ण में स्थान मांगा और वह उनके मुकुट में बैठ गया. जिसके कारण उनकी बुद्धि को कलयुग ने अपने वश में कर लिया था. इसी वजह से वह ऋषि शमीक के आश्रम श्री श्रंगी आश्रम में पहुंच जाते हैं. जहां पर ऋषि शमीक तपस्या में लीन थे.राजा परीक्षित ने कई बार ऋषि से जल मांगा. लेकिन, वह मौन रहे. तब जाकर राजा परीक्षित ने ऋषि शमीक के ऊपर मरा हुआ सांप फेंक दिया था. जब इस बारे में ऋषि शमीक के पुत्र श्रृंगी ऋषि को पता चला तो उन्होंने वहीं पर जहां आज कमल के फूल खिले हैं कौशिकी नदी का जल हाथ में लेकर राजा को श्राप दिया था कि सात दिन में सर्पदंश से उनकी मृत्यु हो जाएगी. जिसके बाद राजा परीक्षित ने सांप से बचने के लिए अनेक उपाय किए. लेकिन, सातवें दिन तक्षक सांप ने उन्हें डस लिया था. कहा जाता है कि राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद ही कलयुग अपने पैर पसारने लगा था.

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है- सीएम योगी

बहन, बेटियां, भैंस और बैल भी असुरक्षित थे पश्चिमी UP में, अब ऐसा नहीं है (File photo)

UP Election 2022: गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के नजदीक आते ही चुनावी हलचल बढ़ गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बड़ा बयान सामने आया है. सीएम योगी ने कहा, ‘पहले हमारे बेटियां, बहनें असुरक्षित महसूस करती थीं. सड़कों पर गड्ढे यूपी यानी उत्‍तर प्रदेश की पहचान हुआ करते थे. यहां तक कि भैंसे और बैल भी सुरक्षित नहीं थे. यह समस्‍याएं पश्चिमी यूपी में थी, पूर्वी यूपी में नहीं…लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है. क्‍या आपने यह बदलाव नहीं देखा है. ‘

सीएम योगी ने कहा, पहले स्थिति यह थी कि जहां से गड्ढे सड़कों पर प्रारंभ हो जाएं, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है, सायंकाल जहां से अंधेरा हो जाए, समझ लो वह उत्‍तर प्रदेश है, जहां पर कोई सभ्‍य व्‍यक्ति रात को सड़कों पर चलने से भयभीत हो, समझ लो यह उत्‍तर प्रदेश है. यूपी यह तस्‍वीर पेश करता था.नौजवानों के सामने पहचान का संकट था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

गौरतलब है कि राज्‍य में सत्‍तारूढ़ बीजेपी को इस चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से चुनौती मिलने की संभावना है. यूपी के विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी भी पूरे जोर के साथ उतरने का निर्णय लिया है. AIMIM राज्‍य में इस बार करीब 100 सीटों प्रत्‍याशी उतारेगी. पार्टी ने मुख्‍य रूप से उन सीटों पर ध्‍यान केंद्रित किया है जहां मुस्लिमों की आबादी ज्‍यादा है.

राजभर और निषाद भी हैं लामबंद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजभर और निषादों का वर्चस्व है और ऐसे में संजय निषाद की पार्टी बीजेपी के साथ है. वहीं, ओपी राजभर अभी तक ओवैसी के साथ हैं. हालांकि अंदरखाने चर्चा है, कि संजय निषाद और राजभर दोनों सपा के भी संपर्क में है. ऐसे में अब ये कयास लगा पाना तो काफी मुश्किल होगा कि राजभर और निषाद वोट किसकी तरफ शिफ्ट होता है.

गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन, UP में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को किया बंद

UP: गोवंश की तस्करी पर CM योगी का बड़ा एक्शन (File photo)

UP News: पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है. वहीं, सख्ती से गो तस्करी (Cow Smugglers) और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस को बंद कराया गया है. इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है. प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है.

प्रदेश में पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे. सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी भी की जाती थी. इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए. सीएम के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया. नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है. फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं.

319 गो तस्कर गिरफ्तार, 14 पर NSA
प्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है. पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दो आरोपियों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है. इसके अलावा 280 आरोपियों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है.

सीएम योगी ने 2018 के एक्ट में किया संशोधित
सीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया. नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे. अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है, लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी.

Meerut News: आखिर क्यों गर्लफ्रेंड की आशिकी ने दोस्त को बना दिया कातिल! गिरफ्तार

Meerut News: आखिर क्यों गर्लफ्रेंड की आशिकी ने दोस्त को बना दिया कातिल!

Love Story: दरअसल नसीम और उसकी गर्लफ्रेंड हिना लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे. दोनों का एक बच्चा भी हुआ. लेकिन इसी दौरान हिना के संबंध नसीम के दोस्त दानिश से बन गए.

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मेरठ. यूपी के मेरठ (Meerut) जिले में गर्लफ्रेंड की चाहत में एक शख्स ने अपने ही दोस्त का कातिल बना डाला. इतना ही नहीं लिव इन रिलेशनशिप (Live in Relationship) में रहने वाली गर्लफ्रेंड ने हत्या की साजिश रची और फिर नए आशिक के साथ मिलकर पुराने बॉयफ्रेंड को मौत के घाट उतार दिया. मौत का जश्न मनाने के लिए पहले शराब पार्टी की गई और फिर दोस्त को मौत के घाट उतार डाला और लाश को नहर में फेंक दिया.

यह सनसनीखेज वारदात मेरठ के थाना किठौर क्षेत्र की है. जहां पिछले कई दिनों से नसीम नाम का शख्स गायब था. परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन नसीब नहीं मिला. मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस जांच में हकीकत सामने आ गई. दरअसल नसीम और उसकी गर्लफ्रेंड हिना लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे. दोनों का एक बच्चा भी हुआ. लेकिन इसी दौरान हिना के संबंध नसीम के दोस्त दानिश से बन गए. हिना की माने तो नसीम अय्याश किस्म का था. लेकिन अपने दोस्त दानिश और अपनी गर्लफ्रेंड की नज़दीकियां बर्दाश्त नहीं कर पाया. जिसको लेकर अक्सर नसीम और हिना के बीच झगड़े होते थे. कई बार मारपीट भी हुई.

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नसीम की रोजाना की मारपीट से तंग आकर हिना ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली. जिसको करवाने के लिए उसने दानिश का इस्तेमाल किया. दानिश को उसकी मर्दानगी का हवाला देकर साजिश का प्लान साझा किया गया. प्लान के मुताबिक दानिश अपने दोस्त नसीम और एक अन्य मुजीब के साथ मिलकर पहले शराब पार्टी की और फिर नसीम की हत्या कर लाश को अपने ही कार में डालकर अमरोहा की नहर में फेंक दिया. जिसके बाद हिना से निकाह कर लिया और दोनों साथ रहने लगे.

आरोपी दानिश और हिना गिरफ्तार
पुलिस में नसीम के कत्ल के आरोप में दानिश और हिना को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही वह कार भी बरामद कर ली. जिसे नसीम की लाश को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी में है. साथ ही एक अन्य आरोपी की तलाश अभी भी जारी है.

देखिए इस मंदिर में बंदर और कुत्तों का ये अनूठा मेल

हस्तिनापुर  दुर्गा मंदिर

बंदर और कुत्ते में भले ही वैर होती है. लेकिन, हस्तिनापुर में एक ऐसा दुर्गा मंदिर है. जहां दोनों बेहद प्रेम के साथ रहते हैं.

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मेरठः- बंदर और कुत्ते का बैर तो जग जाहिर है. दोनों अक्सर एक स्थान पर नहीं रह सकते. लेकिन, हम आज आपको ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जहां दोनों ही जानवर बेहद प्रेम से रहते हैं. इतना ही नहीं दोनों एक साथ खाते हैं. कभी भी किसी को भी आंख नहीं दिखाते. जी हां आपको यह बात सुनने में थोड़ा आश्चर्य होगा. हस्तिनापुर पांडेश्वर मंदिर से आगे जाकर एक दुर्गा मंदिर बना हुआ है. जो काफी ऊंचाई पर बना है. मंदिर परिसर के चारों ओर आपको बड़ी तादात में कुत्ते और बंदर भी मिल जाएंगे. जो बहुत ही प्यार से एक  साथ रहते हैं.न्यूज़ 18 लोकल की टीम भी जब इस मंदिर पर पहुंची. मंदिर के पुजारी ने बताया कि हर रोज भक्त मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए आते हैं. वह कुत्ते और बंदर को भी प्रसाद देते हैं. दोनों ही बेहद प्रेम से प्रसाद खाते हैं कभी कोई झगड़ा नहीं करते.

मान्यता किसी संत को दिए थेेे दुर्गे मां ने सपने में दर्शन
क्षेत्रवासियों की माने तो किसी संत को मां भगवती ने दर्शन दिए थे. उसके बाद इस मंदिर की स्थापना की गई. जब से ही इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से मां भगवती की आराधना करता है. उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती है. गौरतलब है कि पांडेश्वर मंदिर से आगे जाकर काफी दूरी है मंदिर स्थित है. ऐसे में काफी कम भक्त इस मंदिर में जाते हैं. हालांकि मान्यता है जो भी इस मंदिर में जाता है उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती है.

देखिए हिंदी दिवस पर विशेष: आखिर क्यों युवा है हिंदी से दूर

सीसीएसयू लाइब्रेरी में रखी हिंदी की किताबें

मातृभाषा हिंदी होने के बाद भी युवाओं को हिंदी काफी कठिन लगती है. इसलिए युवा अन्य भाषाओं को अपना रहे हैं.

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मेरठः-हिंदी दिवस पर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. जिससे की हिंदी को आगे बढ़ाया जाए. लेकिन, मातृभाषा होने के बाद भी आज युवा हिंदी में उस प्रकार की रुचि नहीं दिखा रहे. जिस प्रकार की अन्य भाषाओं में दिखाते हैं. जिसका उदहारण आपको ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट के पाठ्यक्रम में देखने को मिल जाएगा. छात्र-छात्राएं इंटर तक हिंदी पढ़ते हैं .जैसे ही वह स्नातक स्तर में आते हैं. हिंदी से दूरी बनाने लगते हैं. यही नहीं ज्यादातर छात्र हिंदी माध्यम से आईएएस पीसीएस में भी प्रतिभाग करना उचित नहीं समझते. जिसकी बानगी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में संचालित राजा महेंद्र प्रताप लाइब्रेरी में देखने को मिली.बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से जब न्यूज़-18 लोकल की टीम ने जानना चाहा कि कौन-कौन हिंदी माध्यम से तैयारी कर रहा है.तो किसी भी छात्र या छात्रा ने यह बताना मुनासिब नहीं समझा. हालांकि एक छात्र ने कहा कि हां मैं हिंदी में तैयारी कर रहा हूं. युवा ने कहा अधिकतर युवा हिंदी से तैयारी तो करते हैं. लेकिन, बताने में शर्म करते हैं. उन्होंने युवाओं से हम सभी को हिंदी पर गर्व होना चाहिए.

2-हिंदी भवन से 100 से ज्यादा छात्रों ने की पीएचडी आज है भवन बदहाल
मेरठ के पटेल नगर स्थित हिंदी भवन में किसी जमाने में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हिंदी में शोध करते हुए पीएचडी करते थे. लेकिन, बदलते दौर में आज पुरुषोत्तम दास हिंदी भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है. जिस स्थान पर कभी साहित्य की किताबें होती थी और युवा अपने भविष्य को संवार थे. आज भैंसों के तबेले में तब्दील हो चुका है. भवन में रखी हुई किताबें या तो सदस्यों के घर और प्यारेलाल स्मारक में उन किताबों को रख दिया गया है हालांकि कई बार यह बात सामने आई कि नए हिंदी भवन का निर्माण होगा. लेकिन यह बातें सिर्फ हिंदी दिवस तक ही सीमित रहती हैं. गौरतलब है कि मेरठ मेंं हिंदी भवन की स्थापना 1965 में हुई थी.

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