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पश्चिम यूपी की नब्ज टटोलने में जुटी BJP, गाजियाबाद-मेरठ पहुंचे राधा मोहन सिंह

राधा मोहन सिंह ने बीजेपी के पदाधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक की.

राधा मोहन सिंह ने बीजेपी के पदाधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक की.

Meerut News: UP BJP के प्रभारी राधा मोहन सिंह वेस्ट यूपी के दौरे पर हैं. मेरठ पहुंच कर उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक की, हालांकि बैठक का एजेंडा कुछ और बताया गया.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (Up Assembly Election 2022) को लेकर अब सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. खासकर सत्तासीन बीजेपी ने अब अपनी तैयारियों के साथ ही जमीनी कार्रवाई में तेजी ला दी है. उपखंड स्तर पर मीडिया प्रभारियों की नियुक्ति हो या फिर हर जन तक योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाना, बीजेपी के कार्यकर्ता पूरी तेजी के साथ चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं. इसी क्रम में अब बीजेपी के पदाधिकारियों की नजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नब्ज पर भी है. इसी के चलते अब पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह सोमवार को वेस्ट यूपी के दौरे पर निकले.
राधा मोहन सिंह अपने इस दौरे के चलते सबसे पहले गाजियाबाद पहुंचे और यहां पर संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद वे मेरठ के लिए रवाना हो गए.

मेरठ में गोपनीय बैठक
मेरठ पहुंचते ही राधा मोहन सिंह ने प्रदेश के सह संगठन महामंत्री कर्मवरी और क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल के साथ ही कुछ अन्य पदाधिकारियों को लेकर एक गोपनीय बैठक की. इसका सिलसिला कई घंटों तक चला. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में 25 जिलों के सियासी मुद्दों के साथ ही विधानसभा सीटों के जातिगत समीकरणों को लेकर बैठक में चर्चा हुई. इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों पर दिग्गजों के नाम प्रस्तावित होने की भी चर्चा रही. वहीं बैठक के दौरान किसान आंदोलन को खत्म करने के सुझावों पर भी बात की गई ऐसी चर्चा रही.

एजेंडा बताया कुछ और...
बैठक के बाद राधा मोहन सिंह ने बताया कि मीटिंग का एजेंडा वृक्षारोपण, वैक्सीनेशन और मेरा बूथ प्लास्टिक मुक्त अभियान रहा. हालांकि इस दौरान विधानसभा का टिकट मांगने वाले भी राधा मोहन सिंह से मिलने का इंजतार करते रहे लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल के चलते की गई बैठक व्यवस्‍था को देखते हुए ऐसा नहीं हो सका और टिकट के लिए बात करने आए लोगों को मायूसी ही हाथ लगी.

जमीनी स्तर पर उतरने को तैयार बीजेपी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी ने पूरी तरह से कमर कस ली है. वहीं अब पार्टी के बड़े पदाधिकारियों ने भी दौरे कर लोगों के साथ ही कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलना भी शुरू कर दिया है. मीडिया प्रभारियों की नियुक्ति करने के साथ ही पार्टी ने अब सत्ता में रहते हुए किए गए अपने कार्यों को लोगों तक पहुंचाने की भी कवायद शुरू की है.

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UPSC में यूपी की इन 4 बेटियों का कमाल, जानें मुश्किल हालात में कैसे मिली कामयाबी

मिली कामयाबी की मंजिल. संधि जैन (बाएं), कीर्ति (दाएं) और परिजनों के संग खुश दिख रहीं शालू सोनी.

UPSC Exam Result: UPSC की परीक्षा में यूपी की बेटियों ने कमाल किया है. जौनपुर से झांसी और मुजफ्फरनगर से मेरठ तक यूपीएससी के परिणामों की सफलता की गूंज सुनाई दी. झांसी की कीर्ति को 106 वीं रैंक, मुज़फ्फरनगर की संधि जैन को 329 वीं रैंक, जौनपुर की शालू सोनी को 379 रैंक, मेरठ की अदिति सिंह को 679वीं रैंक मिली है.

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मुजफ्फरनगर/जौनपुर/झांसी/मेरठ. UPSC की परीक्षा में यूपी की बेटियों ने कमाल किया है. जौनपुर से झांसी और मुजफ्फरनगर से मेरठ तक यूपीएससी के परिणामों की सफलता की गूंज सुनाई दी. झांसी की रहने वाली कीर्ति का 106 वीं रैंक के साथ यूपीएससी में चयन हो गया. इसके साथ ही मुज़फ्फरनगर की संधि जैन को 329 वीं रैंक, जौनपुर की बेटी शालू सोनी को 379 रैंक, मेरठ की अदिति सिंह को यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया 679वीं रैंक मिली है.

मुजफ्फरनगर की बेटी ने किया नाम रोशन

यूपीएससी के घोषित परिणामों में उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर की रहने वाली संधि जैन ने भी 329 वी रैंक पाकर अपने परिवार के साथ साथ जनपद का नाम भी रोशन किया है. नगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के पटेलनगर निवासी अर्जुन जैन की बेटी संधि जैन ने दूसरी बार में यूपीएससी का एग्ज़ाम पास किया है. आईएएस बनने का सपना संझोने वाली संधि जैन की मानें तो उनका बचपन से ही आईएएस की तैयारी करने का सपना था. कॉलेज ख़त्म करने के बाद संधि ने दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी की. 2019 में भी संधि ने यूपीएससी का एग्ज़ाम दिया था, लेकिन क़ामयाबी नहीं लगी थी. जिसके बाद 2020 के यूपीएससी एग्ज़ाम में उन्होंने 329 वीं रैंक प्राप्त कर कामयाबी हासिल की है. संधि जैन एक मिडिलक्लास परिवार से हैं. इनके पिता अपने पुश्तैनी गांव कुटेसरा में आज भी एक छोटी सी ज्वैलरी की दुकान करते हैं. संधि जैन के पिता अर्जुन जैन की माने तो बचपन से ही संधि के अंदर कुछ बनने की प्रतिभा दिखाई देती थी.

जौनपुर की शालू सोनी को 379 वीं रैंक

जौनपुर जिले की बेटी शालू सोनी ने देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में जिले और सुजानगंज का नाम रोशन किया है. जौनपुर की इस बेटी को तीसरे प्रयास में जाकर 379 रैंक हासिल हुई है. सुजानगंज के फरीदाबाद बालवर गंज कस्बे की शालू सोनी पुत्री राधेश्याम सोनी का यूपीएससी में 379 रैंक पर चयन होने से क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया.

शालू प्राथमिक शिक्षा से ही पढ़ने में तेज थी. अपनी काबिलियत के बल पर उसने छह से लेकर इण्टर तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय मड़ियाहूं से पूरी की. उसके बाद उसने एनआइटी श्रीनगर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया. शालू इंजीनियर बनने के बजाय आइएएस बनने का सपना लिए दिल्ली चली गई. वहां पर उसने तैयारी की. दो बार उसे सफलता नहीं मिली, लेकिन तीसरे प्रयास में वह सफल हो गई.

झांसी की कीर्ति का सपना था आईपीएस का, बन गई आईएएस

झांसी की रहने वाली कीर्ति का यूपीएससी में चयन हो गया. उनकी 106 वीं रैंक आई. कीर्ति झांसी जिले के सर्वनगर में रहने वाली ग्रासलैंड से रिटायर्ड कर्मचारी राजेन्द्र कुमार की बेटी है. उनकी मां का नाम सरोज है और वह दो भाई-बहन हैं. कीर्ति और उनके माता-पिता का सपना था कि वह आईपीएस बने. पिता राजेन्द्र कहते हैं कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. उनकी बेटी ने सेंट फ्रंसिस से हाई स्कूल किया था. इसके बाद जय एकेडेमी से इंटरमीडिएट किया. इसके अलावा कोछाभावंर बीआईटी से बीटेक किया है. आईपीएस का सपना सजोए कीर्ति ने आईपीएस की तैयारी करते हुए कोचिंग शुरु कर दी. लेकिन कोचिंग से उसे कुछ खास समझ नहीं आया. उसने कोचिंग छोड़कर घर पर ही तैयारी शुरु कर दी. जिसमें उसकी मां और उन्होंने काफी सहयोग किया. कड़ी मेहनत के बाद आखिर में उनकी बेटी ने परीक्षा दी और उसका चयन हो गया. उसकी 106 वीं रैंक आई है.

मेरठ डीएम ऑफिस असिस्टेंट की बेटी अदिति सिंह को 679 रैंक

मेरठ कलेक्ट्रेट में सीनियर असिस्टेंट के पद पर तैनात महिला कर्मचारी की बेटी अदिति सिंह ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में सफलता हासिल की है. अदिति को यूपीएससी की परीक्षा में आल इंडिया 679वीं रैंक मिली है. कंकरखेड़ा स्थित शिवलोकपुरी निवासी अदिति की स्कूली शिक्षा सोफिया ग‌र्ल्स स्कूल से हुई. 12वीं उन्होंने वर्ष 2013 में उत्तीर्ण की और उसके बाद गाजियाबाद के अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिग कालेज से कंप्यूटर साइंस से वर्ष 2017 में बीटेक किया. इसके बाद एक साल दिल्ली में रहकर तैयारी की और कोविड काल में घर पर तैयारी की. अदिति के अनुसार उन्होंने बेहतर रैंक की अपेक्षा की थी. पढ़ाई के अलावा अदिति कालेज वालीबाल टीम की कैप्टन रही हैं. अदिति के पिता डा. संजीव सिंह एमडी फिजिशियन हैं. माता ज्योति सिंह कलक्ट्रेट में वरिष्ठ सहायक के तौर पर कार्यरत हैं.

Court News: ATS स्पेशल कोर्ट ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को 10 दिन की कस्टडी रिमांड पर भेजा

UP: अवैध धर्मांतरण केस में यूपी एटीएस को मौलाना कलीम सिद्दीकी की 10 दिन की रिमांड मिल गई है.

Lucknow News: मौलाना कलीम की पुलिस कस्टडी रिमांड कल यानि शुक्रवार 23 सितंबर से शुरू होगी. रिमांड के दौरान यूपी एटीएस मौलाना कलीम के नेटवर्क पर पूछताछ करेगी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में आज अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) मामले में गिरफ्तार मौलाना कलीम सिद्दीकी (Maulana Kaleem Siddiqui) को एटीएस स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. जहां से कोर्ट ने मौलाना कलीम को 10 दिन की एटीएस की कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है. मौलाना कलीम की पुलिस कस्टडी रिमांड कल यानि शुक्रवार 23 सितंबर से शुरू होगी. रिमांड के दौरान यूपी एटीएस मौलाना कलीम के नेटवर्क पर पूछताछ करेगी.

बता दें मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. यूपी एटीएस के अनुसार मौलाना कलीम विदेशों से मिल रही फंडिंग के आधार पर पूरे देश में संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर रहा था. उन्हें डराकर भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था.

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इस संबंध में बताया था कि 20 जून को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड उमर गौतम समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. उमर गौतम और उसके साथियों को ब्रिटेन के ट्रस्ट से करीब 57 करोड़ रूपये की फंडिंग की गई थी. खर्च का ब्यौरा इन आरोपियों द्वारा नहीं दिया जा सका है. इस दौरान इस मामले में दिल्ली में रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी का भी नाम आया था. ये मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत के रहने वाले हैं.

भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था मौलाना कलीम सिद्दीकी: ADG

जांच में पुष्टि हुई कि मौलाना कलीम देश में एक बडे़ स्तर पर अवैध धर्मांतरण के कार्य में संलिप्त है. विदेशों से मिल रही फडिंग के आधार पर पूरे देश में एक संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर और डराकर भारत के सबसे बड़े अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट चला रहे हैं. यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को भी मेरठ से गिरफ्तार किया और उन्हें कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड के लिये कोर्ट में अर्जी भी दाखिल कर दी गई है.

एडीजी के अनुसार मौलाना कलीम सिद्दीकी जामिया इमाम वलीउल्ला नाम का एक ट्रस्ट चलाता है. जिसके जरिये सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रमों की आड़ में विभिन्न प्रकार का लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिडिंकेट चला रहा है. इसके ट्रस्ट में हवाला और विदेशों से होने वाली फंडिग के जरिये तमाम मदरसों को भी फंडिग की जाती है.

देखिए :कोराना काल में भी इस तरह युवाओं को मिला रहा रोजगार

रोजगार मेले में साक्षात्कार देते युवा

क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. जिसके लिए विभिन्न रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है. इसी कड़ी में बुधवार को भी रोजगार मेले का आयोजन किया गया. जिसमें 7 कंपनियों ने युवाओं का साक्षात्कार लिया. साक्षात्कार प्रक्रिया में 349 अभ्यार्थियों ने प्रतिभाग किया. जिसमें से 173 अभ्यर्थियों का चयन हुआ.

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मेरठः-प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद भी युवाओं को रोजगार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है. इतना ही नहीं कोरोना काल में जहां रोजगार पर संकट देखने को मिला था. वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. जिसके लिए विभिन्न रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है. इसी कड़ी में बुधवार को भी रोजगार मेले का आयोजन किया गया. जिसमें 7 कंपनियों ने युवाओं का साक्षात्कार लिया. साक्षात्कार प्रक्रिया में 349 अभ्यार्थियों ने प्रतिभाग किया. जिसमें से 173 अभ्यर्थियों का चयन हुआ.
जनवरी से अब तक हुआ 25 मेलों का आयोजन
क्षेत्रीय सेवायोजन सहायक निदेशक शशि भूषण उपाध्याय की मानें तो जनवरी से लेकर अब तक लगभग 25 रोजगार मेलों का आयोजन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से कराया गया है. रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले अभ्यार्थियों में से लगभग 2579 युवाओं को रोजगार मिल चुका है.

35000 युवाओं ने कराया हुआ हैै पंजीयन
बेरोजगारी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मेरठ में 35000 युवाओं ने रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराया है. पंजीकरण के हिसाब से क्वालिफिकेशन को देखते हुए जो भी कंपनियां रोजगार मेले में प्रतिभाग करती हैं. उन सभी युवाओं को क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा मैसेज भेजा जाता है. मैसेज के माध्यम से ही युवा रोजगार में प्रतिभाग कर रहें हैं.

जानिए आखिर क्यों किया बिजली कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते वक्ता

नोएडा में अवर अभियंताओं सहित अन्य कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर बिजली कर्मचारी आरपार के मूड पर आ गए हैं.

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मेरठ:-विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश व राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को भी विद्युत कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. कर्मचारियों को संबोधित करते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति क्षेत्रीय संयोजक इंजीनियर सीपी सिंह ने कहा कि जिस प्रकार दमनकारी नीति अपनाई जा रही है. उसको कर्मचारी किसी भी प्रकार बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा जिस तरह से नोएडा में 23 अवर अभियंता व सहायक अभियंता सहित अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है.उसको तुरंत रोकते हुए उनका स्थानांतरण रोका जाए अन्यथा बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा. हालांकि यूनियन नेताओं का कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो. इसीलिए कुछ अभियंताओं को व्यवस्था बनाने के लिए भी प्रदर्शन से बाहर रखा गया है.

2- मीटिंग में लिया रैैैैली की तैयारी का जायजा
जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है वैसे ही राजनीतिक पार्टियां भी सक्रिय रूप से जनता के बीच अपनी पकड़ बनाने में जुटी हुई है. इसी कड़ी में बुधवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू मेरठ आएं. उन्होंने  29 सितंबर को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की होने वाली जनसभा को लेकर तैयारियों का जायजा लिया. साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव में अभी से ही जनता के बीच संपर्क करने के लिए दिशा निर्देश दिए.

3-नवभारत मेले में लगाई प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी
भारतीय जनता युवा मोर्चा मेरठ महानगर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के उपलक्ष में नवभारत मेले का आयोजन श्री रामलीला भवन ट्रस्ट निकट भैसाली ग्राउंड सदर में किया गया. मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन चरित्र विषयक प्रदर्शनी लगाई गई. वहीं प्रदेश सरकार की जन कल्याण योजनाओं की जानकारी के लिए स्टॉल भी लगाए. गौरतलब है कि यह प्रदर्शनी 3 दिन तक चलेगी. इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, जिला अध्यक्ष विमल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.

Sarkari Naukri: इस विश्वविद्यालय में हैं गैर-शिक्षण पदों पर नौकरियां, जानें कौन कर सकता है अप्लाई

SVPUAT recruitment 2021: आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 है.

Sarkari Result: सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ ने विभिन्न गैर-शिक्षण पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 08:12 IST
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नई दिल्ली. SVPUAT recruitment 2021: सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ ने विभिन्न गैर-शिक्षण पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उम्मीदवार ध्यान दें कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 है. पदों के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट svbpmeerut.ac.in प् जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

Sarkari Result: वैकेंसी डिटेल
कुल 62 रिक्त पदों को भरने के लिए ये भर्ती अभियान आयोजित किया जा रहा है. इनमें से 7 पद फार्म मैनेजर, 4 पद प्रोग्राम असिस्टेंट, 10 पद प्रोग्राम असिस्टेंट, 9 पद सहायक, 6 पद आशुलिपिक ग्रेड- III और 23 पद ड्राइवर के शामिल हैं.

SVPUAT recruitment 2021: आयु सीमा
इन पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हांलाकि यूपी राज्य के नियमित कर्मचारी के लिए उम्र सीमा में पांच साल की छूट है.

SVPUAT recruitment 2021: आवेदन शुल्क
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और पीडब्ल्यूडी श्रेणी से संबंधित उम्मीदवारों को छोड़कर अन्य के लिए आवेदन शुल्क ₹1000 है. वहीं एससी/एसटी और पीईडी वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में 500 रुपये का भुगतान करना होगा.

SVPUAT recruitment 2021: आवेदन कैसे करें
-SVPUAT की आधिकारिक वेबसाइट http://www.svbpmeerut.ac.in/ पर जाएं.
-होमपेज पर रिक्रूटमेंट टैब पर क्लिक करें
-खुद को पंजीकृत करें
-पंजीकृत आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके लॉग इन करें
-सभी आवश्यक विवरण भरें
-आवेदन शुल्क का भुगतान करें
-आवेदन पत्र का प्रिंटआउट ले लें

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Meerut Double Murder: आशिक ने ही की थी शादीशुदा प्रेमिका और पति की हत्या, अवैध संबंधों से था खफा

Meerut: डबल मर्डर खुलासा, आशिक ही निकला कातिल

Meerut Crime News: मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दो दिन पहले दिन निकलते ही एक दंपत्ति आबाद और जुबैदा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने तफ्तीश की तो पता चला कि घर में आने जाने वाले एक शख्स ने ही वारदात को अंजाम दिया था.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में दिलजले आशिक ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका और उसके पति की चाकू से गोदकर नृशंष हत्या (Murder) कर दी. हैरत की बात यह है कि किसी और की पत्नी से प्यार करने वाले इस शख्स को महिला के दूसरे अवैध संबंधों के बारे में पता चल गया. जिसके बाद उसने हत्या की साजिश रच डाली और बच्चों के सामने ही पति-पत्नी के डबल मर्डर की वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया. यह खुलासा मेरठ पुलिस ने किया है.

दरअसल मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दो दिन पहले दिन निकलते ही एक दंपत्ति आबाद और जुबैदा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने तफ्तीश की तो पता चला कि घर में आने जाने वाले एक शख्स ने ही वारदात को अंजाम दिया था. वारदात के चश्मदीद बच्चों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि समीर नाम का एक शख्स जो खुद को जुबेदा का मुंह बोला भाई बताता था, उसने बच्चों के सामने ही रात में दोनों की गला रेत कर हत्या की थी. पुलिस ने समीर की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई। जिसके बाद सर्विलांस सेल की मदद से आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई.।साथ ही आला ए कत्ल भी बरामद कर लिया गया.

ऐसे रची हत्या की साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की मानें तो करीब दो साल पहले उसकी और जुबैदा के अवैध संबंध हो गए थे. जिसके बाद वह घर में आने जाने लगा और आशिकी के चक्कर में पड़कर जुबेदा और उसके पति के खर्चे उठाने लगा, लेकिन लाखों रुपए खर्च करने के बाद अब उसे पता लगा कि जुबेदा कई और लोगों से भी संबंध रख रही है. इसमें रुपयों की खातिर उसका पति भी साथ देता है. यही बात उसे नागवार गुजरी। कई बार समीर ने जुबैदा को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी. बस इसी बात की खुन्नस में  समीर ने पति-पत्नी की हत्या की साजिश रच डाली। जिसके बाद पहले समीर ने घर में शराब और मुर्गा पार्टी की. रात में जब सब सो गए तो उसने चाकू निकाला और पहले आबाद का कत्ल किया और फिर जुबैदा की गर्दन रेत डाली. डबल मर्डर कि इस वारदात से कोहराम मच गया. आनन-फानन में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हत्यारे की तलाश शुरू कर दी. जिसके बाद बुधवार समीर उर्फ हसीन नाम के इस शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया और अब पुलिस इस आरोपी को जेल भेजने की तैयारी कर रही है.

UP Assembly Election: चुनावी सामान की बिक्री से हार-जीत का फोरकास्ट, जानिए रेस में कौन आगे

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दलों के झंडे बिल्लों की बिक्री से जीत का लगाया जा रहा अनुमान

UP Political News: चालीस वर्ष से दुकान पर बैठे-बैठे चुनावी तापमान माप रहे 78 वर्षीय बुज़ुर्ग मोहम्मद हनीफ कहते हैं कि उन्होंने कई चुनाव देखें और आज भी चुनावी सामग्री बिकने के लिहाज से वो जीत हार का आंकलन कर लेते हैं.

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मेरठ. यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कभी किसी पार्टी की रैली तो कभी किसी नेता की जनसभा का दौर शुरु हो चुका है. ऐसे में चुनावी सामग्री की बिक्री ख़ूब बढ़ गई है. सभी पार्टियों के चुनावी सामान की बिक्री से सियासी माहौल का अंदाजा और दावे भी किए जा रहे हैं..चुनाव कुछ दिनों का रोजगार भी दे रहा है. चुनाव प्रचार सामग्रीके व्यापारी और दुकानदार यह बात कह रहे हैं.

यूपी विधानसभा के चुनाव नज़दीक आ गए हैं. राजनीतिक पार्टियां जोर आजमाइश में जुट गई है. पार्टी चाहे जो हो लेकिन बाज़ार में एक जगह आकर ऐसा लगता है कि सब एक हो गई हों. हम बात कर रहे चुनाव प्रचार सामग्री बेचने वाली दुकानों की. मेरठ में चुनाव प्रचार सामग्री बेचने वाले दुकानदारों के चेहरे पर विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही मुस्कान आ गई है.

दुकानदारों का कहना है कि पार्टी चाहे जो हो लेकिन चुनाव सामग्री ख़ूब बिक रही है. चालीस साल से दुकान पर बैठे-बैठे चुनावी तापमान माप रहे 78 वर्षीय बुज़ुर्ग मोका सामान खूब बिक रहा है. अगर प्रचार सामग्री की बिक्री को देखा जाए तो बीजेपी नम्बर वन है. जबकि दूसरे नम्बर पर सपा-रालोद फिर बसपा और बाद में कांग्रेस और आप. दुकानदार मोहम्मद हनीफ का कहना है कि ओवैसी की पार्टी वाले अभी यहां न के बराबर हैं. हनीफ का कहना है कि हो सकता आगे इनकी पार्टी की भी डिमांड हो. अभी तो स्थिति न के बराबर है.

पार्टी दफ्तरों का भी हो रहा कायाकल्प

एक तरफ चुनावी सामग्री बेचने वालों के चेहरे पर मुस्कान है तो वहीं अलग अलग पार्टियों के कार्यालयों को भी चमकाने की कवायद चल रही है. मेरठ में बसपा के कार्यालय पर न्यूज़ 18 की टीम पहुंची तो यहां रंगरोगन होता दिखा. पेंटर्स और अन्य. मज़दूरों का कहना है कि चुनाव में उन्हें रोज़गार भी खूब मिल रहा है. ठेकेदार तो यहां तक कहते हैं कि अभी वो बसपा के कार्यालय पर कार्य कर रहे हैं लेकिन दूसरी राजनीतिक पार्टियां भी उनके लगातार संपर्क में है.

मेरठ बुलेटिन मान्यता इस कुएं के पानी से हो जाता है कुष्ठरोग ठीक

परीक्षित गढ़ स्थित नवलदे कुआं

हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार पौराणिक कथाओं का असर आज भी देखने को मिलता. कुछ इसी तरह का नजारा आपको किला परीक्षितगढ़ में भी देखने को मिलेगा

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मेरठ-:पौराणिक कथा और मान्यताओं का असर आज भी देखने को मिलता है.जिसकी बानगी आपको पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) से 25 किलोमीटर दूर किला परीक्षितगढ़ (kilaParikshitgarh) में भी देखने को मिलेगी. जहां पौराणिक कथाओं के अनुसार आज भी लोग उनका अनुसरण करते हैं. जिसमें सबसे ज्यादा कुएं को लेकर अलग-अलग प्रकार का वर्णन है. किसी कुएं का पानी मीठा तो किसी कुएं का पानी अन्य लोगों के काम आता है. इसी तरह से कुष्ठ रोग को लेकर काफी लोग परेशान रहते हैं. लेकिन किला परीक्षितगढ़ के मान्यताओं की माने तो एक ऐसा कुआं है. जिस कुएं के पानी से पुराने से पुराना कुष्ठरोग(Leprosy)भी ठीक हो जाता है. हालांकि अब यह कुआं बंद कर दिया गया है. लेकिन लोगों की आस्था अभी इसमें उसी तरह बनी हुई है. जिस प्रकार पौराणिक कथाओं में इस कुएं का वर्णन किया गया है.

रानी नवलदे ने किया था अपने पिता का कुष्ठ रोग ठीक
पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा परीक्षित से इसका इतिहास जुड़ा हुआ है.कहा जाता है कि एक बार पाताल लोक की रानी नवलदे अपने पिता वासुकि (बासत) के कुष्ठ रोग ठीक करने के लिए इस कुएं के ही पानी को लेने के लिए आई थी. तब राजा परीक्षित ने उनसे कहा था कि तुम्हें एक वचन निभाना होगा जो तुम्हारे पिता ने मेेरे पिता को दिया. तब रानी ने कहा कि इस वचन को निभाएगी. कहा जाता है कि इस वचन को निभाने के लिए जब वह अपने पिता को पानी से स्नान करा रही थी. तब उन्होंने अपने पिता के अंगूठे पैर रख दिया था. जिससे उनके पिता वासुकि के शरीर से कुष्ठरोग तो ठीक हो गया था. लेकिन अंगूठे पर कुष्ठ रह गया था. जिसके लिए पुनः रानी को आना पड़ा था.
रानी नवलदे ने विवाह कर निभाया था वचन
गौरतलब है कि अर्जुन और नागलोक के राजा वासुकि में गहरी दोस्ती थी. वह इस दोस्ती को रिश्ते में बदलना चाहते थे. इसीलिए दोनों ने कहा था कि उनके यहां जो भी बच्चा जन्म लेगा उन दोनों का विवाह कराया जाएगा. लेकिन कथाओं के अनुसार नागलोक के राजा वासुकि के जब पुत्री हुई थी तो वह अर्जुन के यहां विवाह करना नहीं चाहते थे. इसीलिए वासुकि ने यह खबर भिजवा दी कि उनके जो बेटी हुई है उसकी मृत्यु हो गई. इस बात को लेकर दोनों में मतभेद भी नही हुए. लेकिन बाद में जब वासुकि को कुष्ठ रोग हुआ तो जब रानी नवलदे कुएं से पानी लेने आई थी. तब जैसे ही राजा परीक्षित को पता चला तो उन्होंने रानी को रोक लिया. उन्होंने राजा वासुकि और राजा अर्जुन के बीच जो वचनबद्ध वादा हुआ था उसे निभाने के लिए विवाह का प्रस्ताव रखा. उस वचन को पूूूरा करने के लिए वह अपने पिता को बिना बताए ही परीक्षितगढ़ आई थी और राजा परीक्षित से विवाह किया था.

Meerut News Bulletin:देखिए मेडिकल में किस तरह भरा है गंदा पानी

मेडिकल में भरा बरसात का गंदा पानी

जिससे डेंगू के लार्वा को रोका जा सके .वहीं दूसरी ओर मेडिकल में जहां हर रोज सैकड़ों की संख्या में मरीज दिखाने आते है. वहां बरसात का पानी जमा है. पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है क्या इस प्रकार की व्यवस्थाओं से डेंगू का जो मच्छर पनपेगा उसको हम रोक पाएंगे.

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1:मेरठ-:डेंगू के केस बढ़ते जा रहे हैं. उसको रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी लोगों को घर में जमा पानी को बाहर फेंकने के लिए जागरूक किया जा रहा. जिससे डेंगू के लार्वा को रोका जा सके .वहीं दूसरी ओर मेडिकल में जहां हर रोज सैकड़ों की संख्या में मरीज दिखाने आते है. वहां बरसात का पानी जमा है. पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है क्या इस प्रकार की व्यवस्थाओं से डेंगू का जो मच्छर पनपेगा उसको हम रोक पाएंगे.

2:-भाजपाइयों ने गिनाई सरकार की उपलब्धि
भारतीय जनता पार्टी जिला मेरठ महानगर की तीनों विधानसभाओं में योगी सरकार के 4.5 साल पूरे होने पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. शहर विधानसभा की पत्रकार वार्ता दिल्ली रोड़ स्थित एक होटल में हुई. जिसमें वक्ता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ लक्ष्मी कांत वाजपेयी रहे. वहीं कैंट विधानसभा की पत्रकार वार्ता एसजीएम गार्डन निकट जीरो माइलेज लाल कुर्ती में हुई. जिसमें वक्ता कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने उपलब्धियों का बखान किया .इसी प्रकार दक्षिण विधायक डॉ सोमेंद्र तोमर ने भी योगी सरकार की अपनी साढ़े 4 साल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला.

3:-विद्वत कार्य परिषद की बैठक में लिए गए यह निर्णय
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को विद्वत परिषद की एक बैठक ऑनलाइन जूम ऐप के माध्यम से आयोजित हुई. जिसमें निम्नलिखित निर्णय लिए गए. विश्वविद्यालय परिसर स्थित जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग विभाग के अलावा वनस्पति विज्ञान विभाग बायो टेक्नोलॉजी सीट साइंस एंड टेक्नोलॉजी एग्रीकल्चर बॉटनी में परास्नातक करने वाले छात्र भी पीएचडी कर सकेंगे व शिक्षक बन सकेंगे. वहीं शासन के निर्देशानुसार सहायक आचार्य सह आचार्य एवं आचार्य पद के लिए चयनित अभ्यार्थियों के नियमों में परिवर्तन किया गया है अब साक्षात्कार में मिले नंबरों के आधार पर ही चयन होगा.  विश्वविद्यालय परिसर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में चार नए पाठ्यक्रमों के सिलेबस को स्वीकृति मिल गई है.

4:-बिजली के कट से जनता बेहाल
बिजली विभाग द्वारा लाख दावे की जाते हो कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती. लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही है. सोमवार को घंटाघर, जागृत विहार, लाल कुर्ती सहित अन्य बिजलीघर से संबंधित क्षेत्रों में बिजली के कट से जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

स्वरोजगार के लिए अब यह बैंक ऑनलाइन माध्यम से देगा ऋण

केनरा बैंक

स्वरोजगार की तरफ तीव्र गति से कार्य हो सके. इसके लिए अब केनरा बैंक द्वारा 50.000रुपए तक का शिशु लोन ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा.

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मेरठः-भारत सरकार का सपना है कि सभी लोग स्वरोजगार को अपनाते हुए से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएं. इसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण की शुरुआत की थी. जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को ऋण मिल सके. लेकिन बैंकों से ऋण प्राप्त करना आम जनमानस के लिए एक सपना जैसा था. भले ही प्रधानमंत्री द्वारा कहा गया हो कि उपभोक्ताओं को ऋण प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं है. लेकिन उसके बावजूद भी ग्राहकों से गारंटी मांगी गई. जिसके बाद अधिकतर युवाओं ने आवेदन करना ही छोड़ दिया. इन्हीं बातों को देखते हुए अब केनरा बैंक द्वारा ऑनलाइन माध्यम से 50.000 रुपए तक का ऋण प्राप्त करने की सुविधा दी गई.

एमएसएमई(MSME) पर डिजिटल माध्यम से करे अप्लाई .
मेरठ जिला अग्रणी मंडलीय प्रबंधक संजय कुमार की माने तो होता एमएसएमई (MSME) डिजिटल पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं. उपभोक्ताओं को लोन उपलब्ध कराने के लिए बैंक द्वारा प्रक्रियाओं को त्वरित में किया जाएगा. इतना ही नहीं संजय कुमार की माने तो जिनका पहले से सेविंग खाता खुला हुआ है. उन्हें केवाईसी में भी ज्यादा आवश्यकता नहीं होगी. वही जो नया खाता खुलवाना चाहेंगे. उनकी केवाईसी सहित अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी हो जाएंगी. उपभोक्ताओं को बैंक के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी.
इन दस्तावेजों की आवश्यकता
आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस पैन कार्ड इनमें से कोई एक पहचान पत्र आवश्यक रूप से होना चाहिए. उसके बाद में आवेदन कर सकते हैं. अधिक विस्तृत जानकारी केनरा बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

देखिए मेरठ की यह सड़क बदहाल अधिकारी नहीं ले रही सुध

सूरजकुंड रोड की सड़क की हालत

साढ़े 4 साल बाद जहां सरकार एक ओर विकास कार्यों को गिना रही है.तो वहीं मेरठ की सड़कें लगभग 2 साल से गड्ढा मुक्त होने की राह देख रही हैं. हालात यह है कि सूरजकुंड से पुलिस लाइन तक जाने वाली सड़क बदहाल हो चुकी है.

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मेरठ-:यूपी सरकार के साढ़े 4 साल पूरे हो गए हैं. जब सरकार बनी थी तब प्रदेश के डिप्टी सीएम द्वारा कहा गया था कि सभी सड़कें गड्ढे मुक्त होंगी. वहीं साढ़े 4 साल बाद जहां सरकार एक ओर विकास कार्यों को गिना रही है.तो वहीं मेरठ की सड़कें लगभग 2 साल से गड्ढा मुक्त होने की राह देख रही हैं. हालात यह है कि सूरजकुंड से पुलिस लाइन तक जाने वाली सड़क बदहाल हो चुकी है. बारिश हो जाए तो बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है. जिससे लोगों को निकलने में भी दिक्कत होती है. उसके बावजूद भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि सड़क की सुध लेने के लिए तैयार नहीं है. इतना ही नहीं इस सड़क के पास ही नगर निगम महापौर का कार्यालय है. उसके बावजूद भी सड़क बदहाल है. वहीं अधिकारी और क्षेत्रीय पार्षद की मानें तो 3 माह पहले इसका टेंडर हो चुका है. बारिश के वजह से कार्य रुका हुआ है. जल्द कार्य शुरू होगा.

2-स्वरोजगार के लिए मिला युवाओं को प्रशिक्षण
केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा बेरोजगार युवाओ को स्वरोजगार प्रदान करने व स्वावलंबी बनाने के लिए 13 दिवसीय एग्री जंक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन व प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें 18 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया. कार्यक्रम में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी चरण सिंह, अग्रणी जिला मुख्य प्रबंधक संजय कुमार, जिला विकास अधिकारी नाबार्ड  रचित उप्पल, व संस्थान के निर्देशक शिव सिंह भारती ने युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया.

3-बारिश से मिली राहत
2 दिन से गर्मी से परेशान मेरठ वासियों को मंगलवार देर शाम मौसम में हुए बदलाव से राहत मिली. शाम के समय अचानक से हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली.गौरतलब है कि मौसम विभाग द्वारा पूर्व में भी भारी बारिश का अनुमान लगाया गया था.

Meerut: अवैध धर्मांतरण के आरोप में ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना Kaleem Siddiqui गिरफ्तार

मेरठ से गिरफ्तार हुए मौलाना कलीम सिद्दीकी

Forceful Conversion in UP: गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब मौलाना कलीम सिद्दीकी मंगलवार शाम सात बजे अन्य मौलानाओं के साथ मेरठ के लिसाड़ीगेट में हूमायुंनगर की मस्जिद माशाउल्लाह के इमाम शारिक के आवास पर एक कार्यक्रम में आए थे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 14:25 IST
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लखनऊ/मेरठ. अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) के मामले में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) ने मेरठ (Meerut) से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष कलीम सिद्दीकी (Kaleem Siddiqui) को गिरफ्तार किया है. कलीम सिद्दीकी उम्र गौतम का करीबी बताया जा रहा है. मौलाना कलीम जमीयत-ए- वलीउल्लाह का अध्यक्ष भी है. जानकारी के मुताबिक मौलाना कलीम को हवाला के जरिए विदेशों से फंडिंग की जाती थी. यूपी एटीएस लंबे समय से उस पर नजर रखे हुए थी

मौलाना कलीम पर आरोप है कि वह लोगों को प्रलोभन देकर शरीयत व्यवस्था लागू करने और जनसंख्या अनुपात बदलने के लिए वृहद स्तर पर धर्मांतरण करवा रहा था. गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब मौलाना कलीम सिद्दीकी मंगलवार शाम सात बजे अन्य मौलानाओं के साथ मेरठ के लिसाड़ीगेट में हूमायुंनगर की मस्जिद माशाउल्लाह के इमाम शारिक के आवास पर एक कार्यक्रम में आए थे. इसके बाद वे अचानक से लापता हो गए. परिजनों ने उनके मोबाइल पर सम्पर्क किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला. देर रात तक हंगामा चलता रहा. बाद जानकारी मिली कि मौलाना को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है.

ड्राइवर समेत तीन अन्य मौलाना भी गिरफ्त
मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के फूलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी के साथ उनके ड्राइवर और तीन अन्य मौलानाओं को एटीएस ने गिरफ्तार किया है. मौलाना सिद्दीकी पर आरोप है कि वह दिल्ली में कई शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मांतरण का काम करता है. वह गैर मुस्लिमों को पैसों और नौकरी का प्रलोभन देकर उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता है, बाद में उन्हें भी इसी काम में लगा देता है.

अभिनेत्री सना खान का पढ़वाया था निकाह
जानकारी के मुताबिक मौलाना कलीम सिद्दीकी ने ही बॉलीवुड अभिनेत्री सना खान का निकाह पढ़वाया था. इतना ही नहीं गत 7 सितंबर को मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा आयोजित राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सर्वोपरि कार्यक्रम में भी मौलाना कलीम शामिल हुआ था.

संगीत सोम का विवादित बयान, कहा- जहां-जहां मंदिर तोड़कर बनाई गई मस्जिद, वहां फिर से होगा मंदिर निर्माण

BJP  विधायक संगीत सोम का विवादित बयान

UP Political News: संगीत सोम ने कहा कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग आजकल सीजनल हिंदू बन रहे हैं. अपनी सरकार में संतों पर लाठीचार्ज करवाने वाले अब हरिद्वार जाकर संतों से माफी मांग रहे हैं.

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मेरठ. सरधना से बीजेपी विधायक और पार्टी के फायरब्रांड नेता संगीत सोम (Sangeet Som) एक बार फिर विवादित बयान (Controversial Remark) के घेरे में फंस गए हैं. संगीत सोम ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रदेश में जहां-जहां पर मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई, वहां पर बीजेपी (BJP) दोबारा मंदिर बनवाएगी. इसके अलावा उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग आजकल सीजनल हिंदू बन रहे हैं. अपनी सरकार में संतों पर लाठीचार्ज करवाने वाले अब हरिद्वार जाकर संतों से माफी मांग रहे हैं.

प्रदेश में सरकार के 4.5 साल पूरे होने पर सभी 403 विधानसभाओं में विधायकों ने सरकार की उपलब्धियां गिनवाई. मेरठ के सरधना विधानसभा सीट के बीजेपी विधायक संगीत सोम भी डेढ़ सौ पन्नों का चिट्ठा लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंच गए. इस मौके पर उन्होंने सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाते हुए समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि मिशन 2022 के आते ही बहुत से लोग सीजनल हिंदू बन गए हैं और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तो भगवान विश्वकर्मा का मंदिर भी बनवाने का एलान कर बैठे हैं. इसके अलावा अपनी सरकार में संतों पर लाठीचार्ज करवाने वाले अखिलेश यादव हरिद्वार जाकर संतों से माफी मांगने में लगे हैं.

2022 में 350 सीटें जीतने का दावा
संगीत सोम ने कहा कि बीजेपी ने लोगों को रहने लायक माहौल दिया है. लोग सुरक्षा के भरोसे के साथ अपना काम कर रहे हैं. इसके अलावा सरकार की तमाम योजनाओं ने लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई है. जिसके चलते उत्तर प्रदेश में  350 सीटों के साथ 2022 में भाजपा की सरकार बनने जा रही है.

मेरठ बुलेटिन :-प्राचीन शिव मंदिर जहां गाय करती थी महादेव का दुग्धाभिषेक

प्राचीन शिव मंदिर में भोले बाबा की शिवलिंग

किला परीक्षित गढ़ के प्राचीन शिव मंदिर की खासियत यही है कि इस मंदिर में छह फुट नीचे जाकर भोले बाबा की शिवलिंग बनी हुई है.

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मेरठः-भारत (india) में आपको भोले बाबा के प्राचीन मंदिर अनेकों मिल जाएंगे. जिनसे भक्तों की आस्था और मान्यताएं जुड़ी हुई है.हम आज आपको एक ऐसे प्राचीन शिव मंदिर के बारे में बताएंगे जहां गाय माता स्वतः महादेव के शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक करती थी.इस शिवालय से भक्तों की काफी आस्था जुड़ी हुई है. जी हां पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ (meerut) से 25 किलोमीटर दूर किला परीक्षितगढ़ में गांधारी तालाब के पास एक प्राचीन शिव मंदिर (shiva temple)है. इस मंदिर में एक नहीं दो शिवलिंग बनी हुई है.

राजा नैन सिंह ने कराया था प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि राजा नैन सिंह द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था. क्योंकि यहां पर भोले बाबा की शिवलिंग खुद ही प्रकट हुई थी. जोकि आज भी मंदिर में विराजमान है. हालांकि वर्षो पूर्व आई बाढ़ में शिवलिंग का आधा हिस्सा बह गया था. इसी बात को देखते हुए एक अन्य शिवलिंग भी मंदिर में लगाई गई. लेकिन भक्तों की आस्था प्राचीन शिवलिंग में ज्यादा देखने को मिलती है .

काली गाय करती थी भोले बाबा का दुग्धाभिषेक
हमारी भारतीय संस्कृति में पुरानी मान्यताओं का काफी महत्व है. इसी तरीके से इस प्राचीन मंदिर का भी महत्व है कि जब ग्वाला अपनी गायों को चराने के लिए आते थे.उन गायों में से एक काली गाय प्रतिदिन भोले बाबा की शिवलिंग पर अपने दूध से दुग्धाभिषेक करती थी. आसपास के क्षेत्र वासियों ने न्यूज़ 18 लोकल की टीम से बातचीत करते हुए बताया कि दूरदराज से भी भक्त भोले बाबा के इस प्राचीन मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं.

मंदिर का निर्माण सबसे विशेष
भगवान भोलेनाथ के अनेकों विशाल मंदिर देखने को मिलेगी. लेकिन यह मंदिर बिल्कुल प्राचीनता को दर्शाता है. मंदिर का गर्भ गृह लगभग छह फुट नीचे है. भक्त कई सीढ़ियों को पार करते हुए भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग तक पहुंचते हैं. उसके बाद भोले बाबा का जलाभिषेक करते हैं. मान्यता है की जो भक्ति भोले बाबा का जलाभिषेक करता है. उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

CM योगी बोले- पहले मुख्यमंत्री बनने पर बनवाई जाती थीं हवेलियां, हमने 42 लाख गरीबों के घर बनाए

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि 2017 से पहले यूपी में अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे और हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे होते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उनसे पहले के मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन हमने इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में 42 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगा .

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई भी पर्व शांति से नहीं हो पाता था लेकिन बीतेचार साल से कोई दंगा नहीं हुआ.इससे लोगों की धारणा बदली और निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

कोरोना प्रबंधन की तारीफ़
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी ने भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

OMG: मेरठ में 73 साल के बुजुर्ग को 5 बार लगा टीका, छठे की बारी आई, जानें माजरा

सरधना के रहने वाले रामपाल के पास 5 बार टीका दिए जाने का सर्टिफिकेट है.

Uttar Pradesh Vaccination : रिकॉर्ड वैक्सीनेशन अभियान के बीच एक बुजुर्ग को पांच बार टीकाकरण का मामला सामने आया. इसे कागजों में पांच दफा वैक्सीन लगाई गई और छठां टीका लगाए जाने की तारीख भी आ गई.

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मेरठ. यूपी में रिकॉर्ड वैक्सीनेशन (Record Vaccination) अभियान के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जो हैरान करने वाला है. यहां एक व्यक्ति ऐसा भी है जिसे 5 बार वैक्सीन लगा दी गई. इसे कागजों में वैक्सीन लगाई गई है. और तो और छठां टीका लगाए जाने की तारीख भी आ गई. इस शख्स के पास ऑनलाइन टीका लगने के तीन प्रमाण पत्र मौजूद हैं.

मेरठ के सरधना में वैक्सीनेशन के एक मामले ने सबको हैरान कर दिया है. यहां 73 साल के एक बुजुर्ग को सरकारी कागजों में पांच बार वैक्सीन लग गई. इस शख्स का नाम चौधरी रामपाल सिंह है. रामपाल ने पहली वैक्सीन डोज 16 मार्च और दूसरी 8 मई 2021 को लगवाई थी. वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट भी उन को दे दिया गया, लेकिन जब उन्होंने ऑनलाइन अपना प्रमाण पत्र निकालना चाहा तो वह नहीं मिल पाया.

सर्टिफिकेट के लिए लगाने पड़े चक्कर

रामपाल अपनी शिकायत लेकर स्वास्थ्य विभाग ऑफिस पहुंचे और वैक्सीन लगाए जाने संबंधी कागज़ात देने की मांग की. सर्टिफिकेट के लिए वो बार बार हेल्थ डिपार्टमेंट के चक्कर लगाते रहे. सरकारी वेबसाइट पर उन्होंने चेक किया तो उनके तीन सर्टिफिकेट सामने आए. पहले दो सर्टिफिकेट में उनको दो-दो डोज लगी हैं और तीसरे सर्टिफिकेट में एक डोज लगी है. तीसरे सर्टिफिकेट की अगली डोज दिसंबर 2021 में उन्हें लगाई जानी है.

अधिकारियों ने कही जांच की बात

रामपाल के मुताबिक उन्हें केवल पहली 2 डोज ही स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर लगवाई थी. स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच की बात कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि टेक्निकल टीम से मालूम कर पता लगाया जाएगा कि आखिर ऐसी टेक्निकल एरर क्यों आई.

मेरठ: बच्चे बने पेरेंट्स के 'गार्जियन' और लगवा दी कोरोना वैक्सीन, जानें क्या है आगे इरादा...

प्राइमरी स्कूल के बच्चों की पहल, माता—पिता को लगवाई वैैक्सीन, अब पड़ोसियों को लगवाने का संकल्प

UP Corona Vaccination : मेरठ में एक प्राइमरी स्कूल टीकाकरण अभियान के लिए मिसाल बन गया है. यहां टीचर्स के साथ साथ बच्चों ने भी अपने माता -पिता को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया. असर ये हुआ कि ज्यादातर बच्चों के माता- पिता ने टीका लगवा लिया है. वह अब पड़ोसियों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

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मेरठ. मेरठ (Meerut) में एक प्राइमरी स्कूल (Primary School) टीकाकरण अभियान के लिए मिसाल बन गया है. यहां टीचर्स के साथ-साथ बच्चों ने भी अपने माता-पिता को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया. उसका असर ये हुआ कि इस प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता ने टीका लगवा लिया है और अब इन बच्चों ने संकल्प लिया है कि वह अपने आस पड़ोस में रहने वाले उन लोगों को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे जो अभी तक भ्रम का शिकार हैं.

मेरठ में कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है. यहां के एक प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने भी अनूठा संकल्प लिया है. यहां स्कूल चलें हम का नारा तो बुलंद हो ही रहा है साथ ही अपने अपने माता पिता को टीका लगवाना है का नारा भी लगाया जा रहा है. इसके बाद प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले इन नौनिहालों ने ज़िद करके अपने माता पिता को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया. आलम ये है कि स्कूल में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता ने वैक्सीन लगवा ली है. न्यूज़़ 18 की टीम ने जब इस प्राइमरी स्कूल का दौरा कर सवाल किया कि कितने बच्चों के पैरेंट्स ने टीका लगवा लिया है तो सभी ने अपने हाथ खड़े कर दिए. बच्चों ने कहा कि उनके मां पापा ने टीका लगवा लिया है. अब वह आस पड़ोस के लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

स्कूल में बढ़ रही बच्चों की संख्या

यहां स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. बच्चे स्कूल आकर ख़ुश हो रहे हैं साथ ही अपनी ज़िम्मेदारी का भी निर्वहन कर रहे हैं. प्राइमरी स्कूल के नौनिहालों का कहना है कि वह स्कूल चले हम का नारा तो बुलंद कर ही रहे हैं साथ ही अपनी ज़िम्मेदारियों को समझते हुए वैक्सीनेशन मॉटिवेशन ड्राइव चला रहे हैं. इन बच्चों का कहना है कि अगर उनके माता पिता स्वस्थ रहेंगे तो वो भी स्वस्थ रहेंगे. इस छोटी सी उम्र में बच्चों की ऐसी सोच यकीनन तारीफ के काबिल है.

बच्चों की पहल से टीचर्स भी खुश
स्कूल के टीचर्स भी बच्चों के ऐसे संकल्प से हतप्रभ हैं. टीचर्स का कहना है कि बच्चों की प्रेरणा का असर ये रहा कि अब उनके स्कूल में आने वाले ज्यादातर बच्चों के माता पिता वैक्सीन लगवा चुके हैं. वाकई में प्राइमरी स्कूल में बच्चों की वैक्सीन की अनोखी पाठशाला देखकर अच्छा लगा. कहते हैं कि बच्चे मन के सच्चे सारी जग की आंख के तारे. ये वो नन्हें फूल हैं जो भगवान को लगते प्यारे.

UP Assembly Election: मेरठ की क्रांतिकारी धरती से प्रियंका गांधी शुरू करेंगी प्रतिज्ञा यात्रा, 29 सितंबर को होगी जनसभा

UP: मेरठ की क्रांतिकारी धरती से प्रियंका गांधी शुरू करेंगी प्रतिज्ञा यात्रा (File photo)

Meerut News: बीते दिनों लखनऊ पहुंची प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं इसलिए कार्यकर्ताओं को दिन रात कार्य करने की जरूरत है.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 (UP Election 2022) को लेकर कांग्रेस (Congress) पूरा जोर लगा रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) 29 सितंबर को मेरठ की क्रांतिकारी धरती से जनसभा कर 12 हजार किलोमीटर की प्रतिज्ञा यात्रा का शुभारंभ करेंगी. इस यात्रा में कार्यकर्ता योगी सरकार की वादाखिलाफी और अपने चुनावी वादे बताने के लिए शहर से गांव तक जाएंगे.

बीते दिनों लखनऊ पहुंची प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं इसलिए कार्यकर्ताओं को दिन रात कार्य करने की जरूरत है. टिकट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के नाम तय करने की प्रक्रिया में संगठन के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. उन्होंने कहा कि संगठन का काम अब आखिरी चरण में पहुंच चुका है तथा आगामी चुनाव में टिकट बंटवारे में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.

प्रियंका गांधी के नेतृत्व में लड़ेंगे चुनाव
इससे पहले आगरा में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, हालांकि अभी तक सीएम उम्मीदवार के लिए अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ‘पार्टी किसी भी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. हम दृढ़ विश्वास के साथ चुनाव लड़ेंगे. पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे…’ उन्होंने कहा- कांग्रेस यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. खुर्शीद ने जोर देकर कहा कि घोषणापत्र में आम लोगों की आवाजें शामिल होंगी.

Meerut News: डेंगू के बाद 2 साल के बच्चे में 'स्क्रब टाइफस' की पुष्टि, जानिए कैसे फैलती है बीमारी

UP: चूहे से फैलता है स्क्रब टाइफस

UP News: मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में डेंगू (Dengu) और वायरल बुखार (Viral Fever) के बाद दो साल के बच्चे में ‘स्क्रब टाइफस’ की पुष्टि से हड़कंप मच गया. बुलंदशहर के रहने वाला दो साल का बच्चे का इलाज मेरठ जिला अस्पताल में किया जा रहा है. सीएमओ ने बताया कि स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के कारण फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पहले निजी लैब में जांच कराई गई, फिर कन्फर्म करने के लिए मेडिकल कॉलेज में भी जांच कराई गई.

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ अशोक तालियान ने बताया कि दोनों जगह पुष्टि हुई है. मेरठ में इससे पहले एक महिला में यह बीमारी मिली थी. महिला ने लक्षण मिलने पर गाजियाबाद में इसकी जांच कराई थी. ये ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है. मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके.

ऐसे फैलता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से फैलता है. बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें. समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है. पशुओं के मल-मूत्र में बैठने वाले कीटों, खराब भोज्य पदार्थों में लगे कीटों के कारण भी यह बीमारी फैल सकती है. इसलिए बरसात के मौसम में सफाई का सबसे ज्यादा ख्याल रखें. बाहर का भोजन न खाएं.

मेरठ में डेंगू के 159 मामले
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में डेंगू के 159 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 84 मामले सक्रिय हैं. अगर किसी व्यक्ति के घर में पहली बार मच्छर के लार्वा पाए जाते हैं, तो हम नोटिस देते हैं, फिर से पाए जाने पर जुर्माना लगाते हैं और तीसरी बार लार्वा पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करते हैं.

लागा वर्दी पे दाग, छुड़ाऊं कैसे - पुलिसवालों को होने लगी है इसकी चिंता - See Video

मेरठ में पुलिसवाला कर रहा था कोर्ट के आदेश का पालन, लोगों ने समझा कुछ और.

viral video : 'पुलिसया' छवि के कारण बेवजह पुलिसवालों को बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

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मेरठ. अगर समाज में आपकी इमेज खराब हो जाए तो उसे सुधारने में बरसों लग जाते हैं. अगर पुलिस की इमेज की बात की जाए तो अक्सर उन्हें अपनी ‘पुलिसया’ छवि के कारण बेवजह भी बदनामी ढोनी पड़ती है. इस बार फिर एकबार मेरठ में ऐसा ही हुआ कि पुलिस करवा तो रही थी कानून का पालन, पर लोगों को लगा कि यह पुलिस का करप्शन है.

दरअसल, शुक्रवार को लोगों ने देखा कि एक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन में पीछे बैठा है और गाड़ी बीच सड़क पर सरपट भागी जा रही है. इस नजारे का वीडियो भी लोगों ने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. मेरठ का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ट्रैफिक पुलिस पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं. न्यूज18 ने इस वीडियो की हकीकत ढूंढ़ निकाली और आइए आपको बताते हैं क्या है हकीकत.

वायरल वीडियो

यह वीडियो मेरठ के पुलिस लाइन के बाहर का है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी जुगाड़ वाहन पर पीछे बैठा है और वाहन फर्राटा भर रहा है. स्पीड करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रही होगी. इसे देखकर लोगों के मन में सवाल उठा कि कोर्ट ने सड़कों पर खुलेआम कानून धज्जियां उड़ाने वाले जुगाड़ वाहन सीज करने का आदेश दिया है, तो यह ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस पर सवार होकर कहा जा रहा है.

जुगाड़ी गाड़ी पे पुलिस की सवारी : See Video

वीडियो का सच

आइए हम आपको बताते हैं. दरअसल मेरठ की ट्रैफिक पुलिस ने जुगाड़ वाहन के खिलाफ 10 दिन का अभियान चलाया है. जिसके चलते चौराहे से गुजरने वाले हर जुगाड़ वाहन पर पुलिस की पैनी नजर है. ऐसे में जो भी जुगाड़ वाहन चौराहे को क्रॉस करने की कोशिश करता है, उसे ट्रैफिक पुलिसकर्मी पकड़कर सीज कर लेते हैं और इसी सीज हुए जुगाड़ वाहन को पुलिस लाइन में ट्रैफिक ऑफिस में जमा कर दिया जाता है. दरअसल, वायरल हुए वीडियो में जो ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिख रहा है वह भी इस वाहन को पुलिस लाइन में जमा कराने के लिए ले जा रहा है. सड़क पर इस अजीबोगरीब नजारे को देखकर लोगों ने इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद अब यह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग बिना हकीकत जाने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर कमेंट कर रहे हैं.

पुलिस की चिंता

ऑफ द रिकॉर्ड पुलिसकर्मियों ने कई बार कहा है कि वे रात-दिन मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की लालच से पूरा महकमा बदनाम होता है. पुलिसकर्मी चाहते हैं कि करप्शन के दाग से खाकी वर्दी का पीछा छूटे और उन्हें उनके अच्छे कामों का भी श्रेय मिले.

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