Assembly Banner 2021

यूपी पंचायत चुनाव में बवालियों की ख़ैर नहीं, अकेले मेरठ में अब तक 4700 लोग मुचलका पाबंद

एसपी देहात केशव कुमार

एसपी देहात केशव कुमार

Meerut Panchayat Elections 2021: मेरठ ज़ोन के सभी ज़िलों में इस बार बवालियों से निपटने के लिए पुलिस ने ख़ास एक्शन प्लान तैयार किया है. पंचायत चुनावों को लेकर वेस्ट यूपी की पुलिस ऑपरेशन इलेक्शन चला रही है.

  • Share this:
मेरठ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) हमेशा से ख़ूनी खेल के लिए जाने जाते रहे हैं. लेकिन इस बार यूपी सरकार ने चुनाव को हिंसामुक्त कराने की ठान ली है. पंचायत चुनावों में हमेशा से  रेड़ ज़ोन में रहने वाले वेस्ट यूपी की पुलिस (Police) ने इस बार ऐसी फुलप्रूफ प्लानिंग की है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा. मेरठ ज़ोन के सभी ज़िलों में इस बार बवालियों से निपटने के लिए पुलिस ने ख़ास एक्शन प्लान तैयार किया है. पंचायत चुनावों को लेकर वेस्ट यूपी की पुलिस ऑपरेशन इलेक्शन चला रही है. यहां हर गांव के बवालियों हिस्ट्रीशीटर्स को चिन्हित कर अभी से कार्रवाई शुरु हो गई है. हज़ारों लोग अब तक मुचलका पाबंद किए जा चुके हैं. और कईयों की बारी आने वाली है.

एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि पंचायत चुनाव में बलवाईयों की ख़ैर नहीं होगी. उन्होंने बताया कि इन चुनावों को लेकर वेस्ट यूपी पुलिस की मल्टी डाइमेंशनल तैयारी है. केशव कुमार ने बताया कि समूचे देहात क्षेत्र में बवालियों को चिन्हित किया गया. जिसमें अब तक 4700 लोग पाबंद किए जा चुके हैं.
एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि सोशल मीडिया पर अवैध असलहे प्रदर्शित करने वालों की भी ख़ैर नहीं होगी. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अवैध असलहों के साथ वीडियो लेकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. ऐसे लोगों पर पुलिस की ख़ास निगाह है. अगर सोशल मीडिया पर किसी ने ऐसी पोस्ट डाली तो वो कार्रवाई के लिए तैयार रहे.

संवेदनशील और अतिसंवेदनशील गांव भी चिन्हित
एसपी देहात ने बताया कि संवेदनशील और अतिसंवेदनशील गांव भी चिन्हित किए गए हैं. और क्रिमिनल हिस्ट्री वाले लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। पंचायत चुनावों में अवैध असलहों का सहारा लेने वाले भी पुलिस के निशाने पर है. अवैध असलहों को लेकर वेस्ट यूपी में ख़ास अभियान चलाया जा रहा है. इसका नतीज़ा ये है बीते दिनों वेस्ट यूपी में कई अवैध असलहों की फैक्ट्री पकड़ी गई हैं. एसटीएफ और मेरठ पुलिस की टीम ने बीते दिनों शहर के कई इलाकों में छापा मारा था. इस दौरान एसटीएफ की टीम ने तमंचा और पिस्टल बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया. और मौके से छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया.



अवैध असलहों की बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश
एसएसपी मेरठ अजय साहनी ने बताया कि लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, किठौर और टीपी नगर में छापा मारक अवैध असलहों की बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया गया. इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा अवैध पिस्टल, तमंचे और हथियार बनाने का सामान बरामद किया गया था. पुलिस की जांच में पता चला था कि आरोपी तमंचा 1500 से 5000 रुपये तक में बेचते थे. और पिस्टल को 25 से 30 हजार में बेचते थे.

शराब माफिया भी पुलिस के निशाने पर
यही नहीं अवैध असलहों के साथ शराब माफिया भी पुलिस के निशाने पर है. बीते दिनों देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ भी हुई. जिसमें 25000 का इनामी शराब माफिया रमेश प्रधान पुलिस की गोली से घायल हो गया. रमेश प्रधान दो दशक से शराब की तस्करी में लिप्त रहा है. शराब माफिया पर 31 मुकदमे दर्ज हुए लेकिन इस बार मुठभेड़ के बाद रमेश प्रधान को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा.

कई लोगों के शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त
पंचायत चुनावों के मद्देनज़र अब तक कईयों के शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं. और कईयों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए जाने की तैयारी है. मेरठ के सीडीओ शशांक चौधरी का कहना है कि पंचायत चुनाव में लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रहे इसके लिए पुलिस की टीम गांव गांव विज़िट कर लोगों को सख्त निर्देश दे रही है. उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर आरओ-एआरओ की ट्रेनिंग भी सम्पन्न हो रही है. ज़ोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगा दी गई है. एक सेक्टर मजिस्ट्रेट को ज्यादा से ज्यादा पन्द्रह से बीस बूथ दिए जाएंगे.सेक्टर मजिस्ट्रेट सभी बूथ का दौरा करेंगे ताकि स्थितियां नियंत्रित रहें. यानि कह सकते हैं कि हिंसा के रक्त चरित्र के लिए जाना जाने वाला पंचायत चुनाव का चाल चरित्र और चेहरा इस बार बदल जाएगा. और अगर कोई बवाल करने की जुर्रत करेगा तो उसके साथ ऐसा हश्र होगा कि वो याद रखेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज