मेरठ: 72 घंटे में कोरोना से तबाह महिला की जिंदगी, ससुर के बाद देनी पड़ी पति की चिता को आग

मेरठ: कोरोना से ससुर और पति की मौत, अकेली बची महिला ने दी चिता को आग. 

मेरठ: कोरोना से ससुर और पति की मौत, अकेली बची महिला ने दी चिता को आग. 

मेरठ का एक परिवार तीन दिन में तबाह हो गया. कोरोना ने ऐसा ग्रहण लगाया कि तीन दिन के अंदर महिला के पति और ससुर का निधन हो गया. घर में अकेली बची महिला ने पहले पति के बीमार होने की वजह से ससुर का दाह संस्कार किया. लौटते ही उसके पति की भी मौत हो गई.

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मेरठ. मेरठ ( Meerut ) के रहने वाला तीन लोगों का परिवार तीन दिन के अंदर तबाह हो गया. पति पत्नी और सुसर का हंसता खेलता परिवार था. सभी खुश थे, लेकिन कोरोना ने ऐसा ग्रहण लगाया कि तीन दिन के अंदर महिला के पति और ससुर का निधन हो गया. घर में अकेली बची महिला ने पहले पति के बीमार होने की वजह से ससुर का दाह संस्कार किया और लौटकर आई तो पति के मौत की सूचना मिली. अपने पति को भी उसने मुखाग्नि दी. जिसने भी ये दृश्य देखा वो फूट फूट कर रो पड़ा.

कोरोनाकाल ने कई घर उजाड़ दिया. कहीं किसी का लाड़ला दुनिया को अलविदा कह गया तो कहीं किसी का सुहाग उजड़ गया. मेरठ में एक परिवार पर इस बीमारी का ऐसा आघात हुआ कि तीन लोगों का परिवार तीन दिन के अंदर बिखर गया. इस परिवार को कोरोना की नजर लग गई. पहले महिला के पति को बुखार आया फिर ससुर को. देखते ही देखते पूरा परिवार कोरोना पॉजिटिव हो गया. तीन दिन के अंदर पहले ससुर और फिर महिला के पति का देहांत हो गया. महिला ने जैसे तैसे कलेजे पर पत्थर रखकर सुसर का दाह संस्कार किया, क्योंकि पति वेंटिलेटर पर थे, लेकिन जैसे ही क्रियाकर्म करके वो लौटीं तो पति के मौत की भी सूचना आ गई. महिला ने पति का भी दाह संस्कार किया. जिसने भी महिला को चिता में आग लगाते देखा वो फूट फूटकर रोया.

मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में रहने वाला ये परिवार ख़ुशियों का डेरा था. दो हजार उन्नीस में पूजा और मयंक की शादी हुई थी. पति मयंक टीचर थे और ससुर राकेश रस्तोगी नांगल डैम से रिटायर थे. पूरा परिवार ख़ुशी -ख़ुशी रह रहा था, लेकिन कोरोना ने इस हंसते खेलते घर का दरवाजा खटखटाया और तीन दिन के अंदर खुशियों के डेरे वाले परिवार में मातमी सन्नाटा पसर गया. पूजा के रिश्तेदार बताते हैं कि इस परिवार में केवल तीन ही सदस्य थे. पति और सुसर का दाह संस्कार अकेली महिला ने ही किया. मात्र बहत्तर घंटे में एक हंसता खेलता परिवार बिखर गया. जो भी कोरोना के इस कहर की कहानी सुन रहा है वो यही कह रहा है कि भगवान ऐसा दिन किसी को भी न दिखाए.

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