'हाथरस हो या बलरामपुर बंद होनी चाहिए सियासत', नेताओं की सद्बुद्धि के लिए महिलाओं ने किया अनोखा महायज्ञ

महिलाओं ने 108 कुंडों में हवन कर महिला अपराध पर सियासत रोकने की अपील की.
महिलाओं ने 108 कुंडों में हवन कर महिला अपराध पर सियासत रोकने की अपील की.

महिलाओं ने कहा कि बेटी तो बेटी होती है फिर चाहे वो बलरामपुर की हो या हाथरस (Hathras) की. राजनेता सिर्फ अपनी वोट की राजनीति को चमकाने के लिए विशेष स्थान पर जाकर झूठी हमदर्दी दिखाते हैं.

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मेरठ. यूपी के मेरठ के कमिश्रनरी पार्क में स्वाहा-स्वाहा के स्वर गूंज रहे थे. इस महायज्ञ में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी शिरकत की. मंत्रोच्चारण के बीच बकायदा 108 कुंडों में हवन किया गया. ख़ासतौर से महिलाएं हाथरस (Hathras) में हुए कांड को लेकर हो रही गंदी सियासत से दुखी नज़र आईं. महिलाओं का कहना है कि अगर हाथरस में राजनेताओं की फौज पहुंची, तो फिर ऐसे ही अपराधों के मामलों में दूसरे ज़िलों या राज्यों में नेता क्यों नहीं पहुंचते.

महिलाएं बार-बार यही सवाल पूछती नज़र आईं कि सियासत का ये दोहरा चरित्र क्यों? महिलाओं ने कहा कि आखिर राजनेता बलरामपुर या फिर राजस्थान में हुए अपराध को लेकर क्यों मौन हैं. महिलाओं ने कहा कि बेटी तो बेटी होती है फिर चाहे वो बलरामपुर की हो या हाथरस की. राजनेता सिर्फ अपनी वोट की राजनीति को चमकाने के लिए विशेष स्थान पर जाकर झूठी हमदर्दी दिखाते हैं.





महायज्ञ के लिए बकायदा पोस्टर-बैनर भी लगाए गए थे, जिसमें लिखा हुआ था रेप पीड़िताओं के साथ भेदभाव करने वालों को ईश्वर सदबुद्धि दे. हवन की शुरुआत राष्ट्रगान से की गई फिर एक सौ आठ हवन कुंड बनाकर परमात्मा से प्रार्थना की गई.
'नेताओं को पीड़िता की नहीं वोट की चिंता'

हवन के आयोजनकर्ताओं ने कहा कि हिन्दुओं में जातिगत घृणा पैदा करने की कोशिश की जा रही है. अगर राजनेताओं को पीड़िता के न्याय की चिंता होती तो ये बलरामपुर और राजस्थान भी जाते. लेकिन इन्हें चिंता केवल वोट की है. चुनाव की है. पीड़िता की नहीं. हाथरस कांड को लेकर कहा गया कि पीड़िता के गवाह और आरोपी का नार्को टेस्ट जरूर होना चाहिए.
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