• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • यहां नौकरी छोडकर कलाकार करते हैं रामलीला का मंचन

यहां नौकरी छोडकर कलाकार करते हैं रामलीला का मंचन

अभिनय

अभिनय की तैयारी करते कलाकार

युवाओं का कर्तव्य है कि अपनी विरासत को अपनी संस्कृति को बचाए रखने के साथ-साथ अन्य लोगों तक उस संस्कृति विरासत को पहुंचाएं .क्योंकि हमारी संस्कृति और हमारी विरासत युवा पीढ़ी को सर्वांगीण विकास का संदेश देती है.

  • Share this:

    Meerut:-हम युवाओं का कर्तव्य है कि अपनी विरासत को अपनी संस्कृति को बचाए रखने के साथ-साथ अन्य लोगों तक उस संस्कृति विरासत को पहुंचाएं .क्योंकि हमारी संस्कृति और हमारी विरासत हमारे लिए काफी महत्व रखती है. यह बात न्यूज़ 18 लोकल से बात करते हुए भैंसाली रामलीला में भगवान श्री राम का पात्र करने वाले उत्तराखंड पौड़ीवाल निवासी चीनू गोसाईं ने कही .
    होटल मैनेजमेंट की नौकरी छोड़ शुरू किया मंचन
    चीनू गोसाईं ने बताया कि उनकी नौकरी होटल मैनेजमेंट कोर्स के तहत होटल में लग गई थी.लेकिन उन्हें यह नौकरी पसंद नही आई.उन्होंने अपनी उत्तराखंड संस्कृति को जीवित रखने और प्रसार करने के लिए कलाकारी का मंच चुना.उनका सपना है कि जो युवा अपनी संस्कृति से दूर होकर पलायन कर रहे हैं उनको रोकते हुए अपनी संस्कृति के अनुसार ही विशेष पहचान दिलाना है.
    मां सीता का अनुसरण कर सीखना चाहिए धैर्य. 
    रामलीला में सीता माता का पात्र निभा रही सरिता शर्मा
    ने कहा कि आज की नारी को मां सीता माता का अनुसरण करना चाहिए. जिस प्रकार मां सीता ने अनेकों कष्ट सहते हुए भी अपने धैर्य और मर्यादा के साथ पत्नी धर्म निभाया था. वह नारी शक्ति के लिए गौरवान्वित करने वाला संदेश है. उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि माता सीता का अभिनय करने का अवसर मिला. वास्तविक जीवन में भी माता सीता का अभिनय को उतारने के लिए अनेकों प्रयास करते हैं. उन्हें खुशी होती है जब उन्हें सीता माता के नाम से बुलाया जाता है.
    ब्राह्मण हूं रावण के अभिनय करने पर होता हैै गर्व
    रावण का अभिनय करने वाले सुुरेश कुुुमार पांडे बताते हैं कि कोरोना काल में जब किसी भी प्रकार का कोई नाटक के मंचन नहीं हो रहे थे.तब घर का खर्चा चलाना काफी कठिन हो गया था. ऐसे में एक दुकान पर काम करके खर्चा चलाया. परिवार वालों ने पूरा साथ दिया. किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं हुई. ऐसे में अब रामलीला का मंचन शुरू हुआ है. तो स्थिति सुधरेगी. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि हर कोई रावण को बुराई की नजर से देखता है. लेकिन उन्हें खुशी है कि वह रावण के पात्र को निभाते हैं. क्योंकि रावण जैसा विद्वान कोई नहीं है. वह खुद ब्राह्मण है इसलिए और भी गर्व महसूस करते हैं कि उन्हें रावण का पात्र मिला.

    गौरतलब है कि मेरठ में आयोजित रामलीला में दिल्ली कला केंद्र की रामलीला कमेटी प्रतिभाग कर रही है. जिसमें देश भर के राज्यों के कलाकार रामलीला में मंचन करते हैं. इसी तरह से मेरठ में भैंसाली मैदान में चल रही रामलीला में भी कलाकार विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी संस्कृति को मंचन के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहें हैं.

    रिपोर्ट :विशाल भटनागर मेरठ

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज