5 हजार नहीं दिया तो पंचायत ने बना दिया डायन

पंचायत में उससे पांच हजार रूपये मृतक के पिता ने मांगे. जब रूपये वह नहीं दे पाई तो स्कूल की प्रबंध समिति में शामिल ग्रामीणों ने उसे स्कूल से निकलवा दिया

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सोनभद्र के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र से अंधविश्वास का एक मामला सामने आया है. जिले के एक प्राथमिक विद्यालय की महिला रसोईया को स्कूल प्रबंध समिति ने डायन बताकर नौकरी से निकाल दिया है. पीड़ित महिला का आरोप है कि गांव में कुछ समय पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी. जिसका जिम्मेदार पंचायत ने उसे ठहरा. पंचायत ने उसे डायन बताकर जुर्माने के तौर पर पांच हजार रूपये मांगे गए. रुपए ना देने पर स्कूल प्रबंध समिति के आदेश से उसे नौकरी से हटा दिया गया.



इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसपर कार्रवाई की जाएगी. दरअसल मामला जिला मुख्यालय से लगभग सौ किलोमीटर दूर सुदूरवर्ती आदिवासी क्षेत्र म्योरपुर के खाड़ीटोला गांव की है. जहां प्राथमिक स्कूल में कार्यरत एक विधवा महिला रसोइये को स्कूल प्रबंध समिति ने डायन कहकर स्कूल में मिड्डे मील बनाने से रोक कर नौकरी से निकाल दिया है.



पीड़िता का कहना है कि गांव के ही एक व्यक्ति रामनाथ के डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी थी और इस घटना के लिए उसको डायन कह कर दोषी ठहराया गया. पंचायत में उससे पांच हजार रूपये मृतक के पिता ने मांगे. जब रूपये वह नहीं दे पाई तो स्कूल की प्रबंध समिति में शामिल ग्रामीणों ने उसे स्कूल से निकलवा दिया और बच्चों को भी खाना खाने से मना करवा दिया.





वहीं स्कूल के सहायक अध्यापक का कहना है कि महिला पर गलत दोषारोपण किया गया है. स्कूल मैनेजमेंट कमेटी,जिसमें ग्रामीण और अभिभावक शामिल हैं, उनका ही यह निर्णय है. इस मामले में प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी/एबीएसए का कहना है कि संबंधित एबीएसए से आख्या मांगी गयी है. प्रकरण एक महिला रसोइये से सम्बंधित है. जिसमे महिला रसोइये को डायन बताकर ग्राम पंचायत ने उसको स्कूल से निकाल दिया है. आख्या प्राप्त होते ही उचित कार्यवाई की जायेगी. (रिपोर्ट-अनूप कुमार)
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