यूपी के मंत्री जयप्रकाश निषाद पर बिफर पड़ी मुगलसराय की बीजेपी विधायक

चन्दौली में समीक्षा बैठक के दौरान मुगलसराय की बीजेपी विधायक साधना सिंह योगी सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयप्रकाश निषाद पर बिफर पड़ीं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 12, 2018, 3:45 PM IST
News18 Uttar Pradesh
Updated: September 12, 2018, 3:45 PM IST
चन्दौली में समीक्षा बैठक के दौरान मुगलसराय की बीजेपी विधायक साधना सिंह योगी सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयप्रकाश निषाद पर बिफर पड़ीं. गुस्से में आग बबूला विधायिका साधना सिंह ने कह दिया कि प्रभारी मंत्री जी, आज के बाद आपकी बैठक में नहीं आऊंगी. यह बात वह बार-बार दोहराती रहीं. उनके इस रूप को देखने के बाद जहां प्रभारी मंत्री हैरान रह गए तो वहीं अधिकारी उनके सामने हाथ जोड़े खड़ा रहा.

नेता और अधिकारियों में शुरू हुई बातचीत कैसे नोंकझोंक में बदल गई इसे आप वीडियो देखकर समझ सकते हैं. दरअसल चंदौली जिले में कल (13 सितम्बर को) सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा प्रस्तावित है. मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल भी आ चुका है. उसके पहले जिले में सीएम के आगमन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं.

इसी सिलसिले में जिले के प्रभारी मंत्री जय प्रकाश निषाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ले रहे थे. कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में मुगलसराय भाजपा विधायक साधना सिंह, चकिया से बीजेपी विधायक शारदा प्रसाद और भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ ही डीएम और एसपी समेत तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद थे.

मंत्री जिले में विकास कार्यों और मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों की समीक्षा कर ही रहे थे कि तभी विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. वह सीधे मंत्री से ही खफा हो गईं. भरी मीटिंग में आग बबूला होकर उन पर ही बिफर पड़ीं.

दरअसल विधायक साधना सिंह की नाराजगी की वजह जिले के जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) कार्यालय का एक सफाई कर्मी सत्येन्द्र था. उनका दावा है कि वह वह सफाईकर्मी ही डीपीआरओ कार्यालय चला रहा है. बाकायदा वहीं से सफाईकर्मियों का ट्रांसफर और पोस्टिंग भी करवाता है.

विधायक ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से मुलाकात कर की थी. उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच की कार्रवाई का आदेश भी दिया था. विधायक का आरोप था कि मुख्यमंत्री ने मामले में जांच का आदेश दिया था. बावजूद इसके जांच के आदेश को विभाग द्वारा दबा दिया गया. इसी बात पर वह नाराज थीं. इस घटना के बाद प्रभारी मंत्री ने किसी तरह स्थिति को संभाला.

बाद में मामला बढ़ता देख प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधि जब कोई शिकायत या आपत्ति दर्ज कराएं या कोई पत्र लिखें तो उसका समय से समुचित जवाब दिया जाना चाहिए. वहीं इस मामले पर मीडिया के सवाल को प्रभारी मंत्री जयप्रकाश निषाद टाल गए.
Loading...
ये भी पढ़ें - 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर