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यहां मेले में भूत, चुड़ैल और डायनों का होता है जमावड़ा

सूबे के मिर्जापुर जिले में एक ऐसा मेला लगता है, जहां भूतों का जमावाड़ा लगता है. जी हां, कथित रुप से यहां मेले में भूत, चुडैल और डायन इकट्ठे होते है. इसे अंधविश्वास लोगों की पराकाष्ठा ही कहेंगे, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उक्त मेले की सुरक्षा व्यवस्था जिम्मा खुद पुलिस और प्रशासन संभालती है.

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सूबे के मिर्जापुर जिले में एक ऐसा मेला लगता है, जहां भूतों का जमावाड़ा लगता है. जी हां, कथित रुप से यहां मेले में भूत, चुडैल और डायन इकट्ठे होते है. इसे अंधविश्वास लोगों की पराकाष्ठा ही कहेंगे, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उक्त मेले की सुरक्षा व्यवस्था जिम्मा खुद पुलिस और प्रशासन संभालती है.

रिपोर्ट के मुताबिक अहरौरा के बरही गांव में बेचुबीर की चौरी पर यह भूतों का मेला लगता है, जहां कथित रुप से भूत, चुड़ैल और डायनों का पूरा हुजूम एक साथ इकट्ठा होता है. कहा जाता है इस मेले में भूतों, डायनों और चुडैलों को मुक्ति भी दिलाई जाती है, जो पिछले 350 सालों से अनवरत रुप से लग रहा है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मेले में झाड़-फूंक के जरिए इलाज करने वाले अंधविश्वासी लोग बहुतायत में पहुंचते हैं. कोई यहां पड़ोसी द्वारा बिठाए भूत को सिर से उतरवाने पहुंचता है, तो कोई भूत घरों से भगाने के लिए आता है और कोई कब्रिस्तान से शरीर में सवार भूत को भगाने के लिए मेले की शरण लेता है.



ऐसी मान्यता है कि बरही गांव के बेचुबीर बाबा बुरी आत्माओं से भी लोगों को मुक्ति दिलाते है. वहीं, यहां पहुंचने वाले अंधभक्तों का मानना है कि इस मेले में निःसंतानों को संतान की प्राप्ति होती है. तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में भूत-प्रेत से छुटकारा पाने के लिए लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. यही नहीं, इस मेले में प्रदेश के बाहर से भी काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
भक्तों के मुताबिक बेचु बाबा की समाधि की देखभाल उनके ही 6 वंशज करते है. ऐसी मान्यता है कि एक बार भगवान शंकर की साधना में जंगल में लीन बेचूबीर पर शेर ने हमला कर दिया तो बेचूबीर के परम भक्त योद्धा लोरिक ने कुल तीन दिनों तक उसका सामना किया, लेकिन अंत में बेचूबीर ने प्राण त्याग दिया और उसी जगह पर बेचूबीर की समाधि बन गई, तभी से यहां मेला लगता है.

मेले में लाखों की संख्या में पहुंचने वाली भीड़ की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के साथ-साथ पीएसी की टुकड़ी भी तैनात की जाती है.
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