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यहां लगता है भूतों का अनोखा मेला, आत्माओं में छिड़ती है जंग, जानें पूरा मामला...

यहां लगता है भूतों का अनोखा मेला, आत्माओं में छिड़ती है जंग, जानें पूरा मामला...

इस मेले में अंधविश्वास देखने को मिलता है और लोग मानते हैं कि बुरी आत्माएं लोगों में प्रवेश किए हुए हैं.

इस मेले में अंधविश्वास देखने को मिलता है और लोग मानते हैं कि बुरी आत्माएं लोगों में प्रवेश किए हुए हैं.

Bhoot mela in up: यूपी के मिर्जापुर के अहरौरा बरही गांव में भूत प्रेतों का अनोखा मेला सजता है, अंधविश्वास के चलते लोग मानते हैं कि यहां पर इंसान की शक्ल में भूत घूमते हैं. यहां पहुंचने वाली महिलाएं और पुरुष अजीब हरकतें करते देखे जाते हैं. कोई पड़ोसी पर भूत छोड़ने का आरोप लगाता है तो कोई श्मशान से प्रेत, चुड़ैल चिपक जाने का दावा करता है. उसकी झाड़ फूंक की जाती है और यह नजारा डरा देने वाला होता है. बेचुबीर बाबा की चौरी पर भूत भगाने का यह मेला 350 साल पुराना है.

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मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश मिर्जापुर (mirzapur) में एक जगह ऐसी है जहां भूतों (ghost) की महफिल जमती है. अंधविश्वास इतना है कि यहां पर कई समस्याओं से परेशान लोगों की भीड़ लगती है. यहां बेचुबीर बाबा की चौरी पर अंधविश्वास के कई रूप देखने को मिल जाएंगे. यहां भूतों का ऐसा मेल लगता है, जिसे देख कोई भी हैरान रह जाए. दावा किया जाता है कि यहां पर कथित तौर पर भूत, डायन और चुड़ैल से पीड़ित लोगों मुक्ति दिलाई जाती है. ये मेला लगभग 350 सालों से चला आ रहा है.

यहां पहुंचा कोई कहता है कि उनके सर पे पड़ोसी ने भूत बैठा दिया है, तो किसी को सन्नाटे में भूत के पकड़ लेने का डर है. कोई कहता दिखता है कि उस पर श्मशान के पास से गुजरते वक्त भूत सवार हो गया है. अंधविश्वास के इस मेले में फरियादी तो इंसान होता है, लेकिन उनका कहना होता है की उनपर कब्जा भूत, चुड़ैल, और डायन का हो गया है. जिससे उन्हें सिर्फ बेचूबीर बाबा ही मुक्ति दिला सकते हैं.

तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में काफी दूर दूर से लोग आते हैं. यहां तक की प्रदेश के बाहर से भी आने वालों का काफी जमावड़ा रहता है. आज भी बेचुबाबा के समाधि की देखभाल उनके 6 वंशज ही करते हैं.

ये है मान्यता

ऐसी मान्यता है कि बेचूबीर भगवान शंकर की साधना में हमेशा लीन रहते थे. परम योद्धा लोरिक इनका परम भक्त था. एक बार लोरिक के साथ बेचुबीर इस घनघोर जंगल में ठहरे थे. भगवान शिव की आराधना में लीन थे तभी उनके ऊपर एक शेर ने हमला कर दिया. तीन दिनों तक चले इस युद्ध में बेचूबीर ने अपने प्राण त्याग दिये और उसी जगह पर बेचूबीर की समाधि बन गई. तभी से यहां मेला लगता है जो तीन दिनों तक चलता है.

मेले की सुरक्षा में पीएसी रहती है तैनात

यहां प्रेत आत्माओं से परेशान लोगों के साथ निसन्तान लोग भी आते हैं मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस भी लगाई जाती है. मेले की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी को लगाना पड़ता है.

भूत-प्रेत जैसे अंधविश्वास के पीछे एक गहरी सामाजिक धारणा होती है, जो लोगों के मन की गहराई में समाई होती हैं. जिससे कि कुछ लोग इसका गलत फायदा उठाने लगते हैं. पुजारी बृज भूषण यादव का कहना है कि जो परेशानियां, भूत- प्रेत और संतान नहीं होती. हर तरह से परेशान हैं. यसहां आस्था से लोग आते हैं, उनकी मन्नतें पूरी होती हैं. लगभग पांच लाख की भीड़ जुटती है.

Tags: Bhoot fair, Mirzapur ghost fair, Mirzapur news, UP news

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