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मिर्जापुर मिड-डे-मील केस: DM ने पत्रकार पर लगाया साजिश रचने का आरोप

मिड-डे-मील केस: DM ने कहा- साजिश के तहत बनाया VIDEO, प्रिंट के पत्रकार थे तो फोटो खींचते
मिड-डे-मील केस: DM ने कहा- साजिश के तहत बनाया VIDEO, प्रिंट के पत्रकार थे तो फोटो खींचते

इस मामले में डीएम अनुराग पटेल का बयान आया है कि प्रिंट मीडिया के पत्रकार ने वीडियो कैसे शूट की? अगर उन्हें कुछ करना ही था तो स्टिल तस्वीरें लेते.

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मिर्जापुर. मिड डे मील (Mid Day Meal) में नमक-रोटी परोसने का वीडियो बनाने वाले पत्रकार पर मुकदमा दर्ज हो गया. जिसके बाद लगातार अलग अलग दलीले पेश की जा रही हैं. इस मामले में जहां बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी (Satish Dwivedi) ने कहा है कि ऐसा नहीं होना चाहिए. इस मामले में मैं लखनऊ पहुंच कर अपने विभाग और मिर्जापुर के एसपी (Mirzapur SP) से बात करूंगा. देखूंगा की असली मामला क्या है.

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मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार या कोई अन्य तथ्य उजागर करने पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. वहीं इस मामले में डीएम अनुराग पटेल का भी बयान आया है कि प्रिंट मीडिया के पत्रकार ने वीडियो कैसे शूट की? अगर उन्हें कुछ करना ही था तो स्टिल तस्वीरें लेते. ऐसा ना होने पर साफ़ ज़ाहिर है कि ये सब एक मिली जुली साजिश के तहत हुआ है. ऐसे में जब डीएम से पूछा गया कि इस मामले में अपने खुद मीडिया को बाईट दी थी कि ऐसा हुआ है. इस पर उन्होंने कहा कि खिचड़ी में नमक पड़ता है.
पत्रकार ने बताई आपबीती
वहीं न्यूज18 ने इस मामले में पत्रकार पवन जायसवाल से बातचीत की तो उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को शेयर करते हुए कहा कि मैंने ही इस सच को उजागर किया था कि स्कूलों में बच्चों को नमक-रोटी परोसा जा रहा है. अब मुझे ही आरोपी बनाकर मुकदमा दर्ज करवा दिया गया. उन्होंने कहा कि वह मामले की रिपोर्टिंग तब करने गए थे जब ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि ने उन्हें बताया कि स्कूल में तीन चार दिन से बच्चों को नमक रोटी दी जा रही है.



इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारी को भी इसकी सूचना दी थी. जब मैंने स्कूल में बच्चों को नमक रोटी खाते देखा तो दंग रह गया. मैंने इसकी सूचना डीएम को दी. उन्होंने कहा कि अभी मामले को मीडिया में न उछाले मैं जांच करवा रहा हूं. जांच के बाद उन्होंने वीडियो को सही माना था और मामले में दो लोगों को सस्पेंड भी कर दिया था.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी संज्ञान लिया
पवन जायसवाल ने बताया कि मीडिया में मामला आने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी संज्ञान लिया. इसके बाद कई जांच और रिपोर्ट आई. इस पर भी कई अन्य पर एक्शन हुआ. लेकिन अब पता नहीं क्या हुआ कि मेरे खिलाफ साजिश का मुकदमा जिलाधिकारी के निर्देश पर दर्ज करवाया गया है. इन डीएम के रहते अब न्याय की उम्मीद तो नहीं की जा सकती. मुख्यमंत्री ऑफिस ही हस्तक्षेप करे तो कुछ संभव है.

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