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MIRZAPUR: छात्र कैसे करेंगे पढ़ाई, फिजिक्स-केमेस्ट्री और अंग्रेजी पढ़ाने तक को श‍िक्षक नहीं

UP News: मिर्जापुर के एक स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक कक्षाएं चलती हैं. जहां कुल 925 छात्र पढ़ाई करते हैं. विद्यालय में फि ...अधिक पढ़ें

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    रिपोर्ट – मंगला तिवारी

    मिर्जापुर: देश में शिक्षा के समग्र विकास को लेकर सरकार द्वारा नए नए प्रयोग किए जा रहे हैं. ताकि प्रतिभावान छात्र स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाकर अपना भविष्य संवार सकें. वहीं, मिर्जापुर में राजकीय इंटर कॉलेज सरकार के इस दावे की पोल खोल रहा है. जहां ज्ञान के मंदिर में छात्र तो हैं. लेकिन गुरुजी ही नहीं है. जिस वजह से पठन पाठन का कार्य बाधित है. ऐसे में यहां पढ़ने वाले बच्चे अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित व मायूस है.

    बता दें, मिर्जापुर जिले के महुवरिया में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई नहीं हो पा रही है. कॉलेज में कक्षा 6 से 12 तक कक्षाएं चलती हैं. जहां कुल 925 छात्र पढ़ाई करते हैं. विद्यालय में फिजिक्स, केमेस्ट्री और अंग्रेजी सहित अन्य प्रमुख विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं. अध्यापक न होने के वजह से एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है.

    इन विषयों के नहीं हैं टीचर
    – राजकीय इंटर कॉलेज में फिजिक्स प्रवक्ता के 3 पद सृजित हैं. पिछले 8 साल से इस विषय के एक भी प्रवक्ता नहीं है.

    – केमेस्ट्री के 3 प्रवक्ता पद सृजित हैं. इसके भी 8 सालों से एक भी अध्यापक नहीं है.

    – अंग्रेजी के 3 प्रवक्ता पद सृजित हैं. जिसमें दो पद पिछले 5 साल से रिक्त पड़ा है. वहीं तीसरा इस वर्ष अगस्त से रिक्त हुआ है.

    – हिंदी प्रवक्ता के भी 3 पद सृजित हैं, जिसमें दो पद पिछले 5 वर्ष से रिक्त पड़ा है.

    एलटी ग्रेड के शिक्षकों की कमी
    कॉलेज में एलटी ग्रेड के शिक्षकों की भी नितांत कमी है. जिसमें गणित के 5, सामान्य विषय के 5, अंग्रेजी के 2, कला के 5, विज्ञान के 4, व्यायाम शिक्षक का 1 और संगीत का 1 पद पिछले 10 वर्षों से रिक्त पड़ा हुआ है. कॉलेज में गणित, सामान्य विषय, कला, संगीत और व्यायाम शिक्षक के एक भी अध्यापक नहीं है.

    चिंतित व मायूस हैं छात्र
    बारहवीं के छात्र राम कुमार दुबे ने बताया कि फिजिक्स, केमेस्ट्री और अंग्रेजी के प्रवक्ता नहीं है. जिसकी वजह से न हमारा कोर्स पूरा हो रहा है, ना तो प्रैक्टिकल का काम हो रहा है. इसके कारण परीक्षा में अंक पर प्रभाव पड़ रहा है. वहीं, दूसरे छात्र हिमांशु मौर्या ने कहा कि टीचर न होने से हम सेल्फ स्टडी करते हैं. कुछ समझ में आता है, कुछ नहीं आता. इस वजह से हमारा भविष्य अधर में जा रहा है.

    प्रिंसिपल ने क्या कहा
    जीआईसी के प्रिंसिपल राजकुमार दीक्षित ने कहा कि पिछले कई वर्षों से हमारे पास शिक्षकों की कमी है. जिसके वजह से हमें समस्या का सामना करना पड़ता है. इसका जब तक स्थाई समाधान नहीं हो जाता तब तक हम कुछ शुल्क लेकर वैकल्पिक व्यवस्था किए हैं.

    संयुक्त शिक्षा निदेशक ने ये कहा:
    विंध्याचल मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक कांताराम पाल ने बताया कि जीआईसी मिर्जापुर में वास्तव में कई सालों से प्रवक्ता नहीं हैं. अभी भर्ती हुई थी लेकिन बदकिस्मती से जीआईसी मिर्जापुर के वेकेंसी को ब्लॉक कर दिया गया था. ये मेरे संज्ञान में है जिसकी सूचना मैने प्रमुख सचिव को दे दी है.

    Tags: Mirzapur news, UP news

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