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मिर्जापुर: पाकिस्तान की जेल में 11 साल तक सहता रहा दर्द, गांव लौटा पुनवासी तो छलका आंसू

पाकिस्तान में 11 साल तक यातनाएं झेलने के बाद गांव लौटा पुनवासी
पाकिस्तान में 11 साल तक यातनाएं झेलने के बाद गांव लौटा पुनवासी

पुलिस लाइन में घर वापसी पर प्रभारी जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह और एसपी (SP) अजय कुमार सिंह ने पुनवासी को बुके भेंट कर स्वागत किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 5, 2021, 6:43 PM IST
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मिर्जापुर. यूपी के मिर्जापुर (Mirzapur) जिले का एक युवक भी पाकिस्तान (Pakistan) के जेल में पिछले 11 वर्ष से बंद था. पाकिस्तान में 11 साल तक दर्द झेलने के बाद मंगलवार को पुनवासी की घर वापसी हो गई. पुनवासी अपनी बहन और जीजा के साथ मिर्जापुर जिले के भरूहना स्थित घर पहुंचा. पुनवासी अपने मातृभूमि लौट कर वापस पहुंचा तो उसका फूल-मालाओं से भव्य स्वागत जिले के आलाधिकारियों ने भी किया. पुलिस लाइन में घर वापसी पर प्रभारी जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसपी अजय कुमार सिंह ने पुनवासी को बुके भेंट कर स्वागत किया.

साल 2009 में पहुंच गया पाकिस्तान
पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को जानकारी दिया था कि बॉर्डर क्रास करते समय 2009 में एक युवक पाकिस्तान चला आया था. 2009 में उसके ऊपर पाकिस्तान के नौलखा लाहौर में मुकदमा दर्ज है. पाकिस्तान से मिले पते के आधार पर राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए गृह मंत्रालय का विदेशी प्रभाग उसके परिजनों को खोज रहा था. पाकिस्तान की जेल में बंद युवक ने अपना नाम पनवासी लाल, पिता का नाम कुंदन लाल बताया.अपना पता सिटी लाल तहसील पुलिस स्टेशन समहर कटरा, मिर्जापुर यूपी इंडिया बताया था.

राष्ट्रीयता की हुई पुष्टि
इस नाम पते के सहारे खुफिया विभाग पिछले 20 माह से उसकी खोजबीन कर रहा था. 35 वर्षीय की पहचान देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना गांव निवासी पुनवासी लाल पुत्र स्व. कन्हैयालाल के रूप में हुई. उसकी बहन किरन निवासीबसइटा बहुती बलहरा थना लालगंज और चचेरे भाई जवाहिर पुत्र प्यारेलाल ने फोटो देखकर उनकी शिनाख्त की.



भारत सरकार के प्रयासों से 17 नवंबर 2020 को पाकिस्तान ने पुनवासी को बीएसएफ को पंजाब अटारी बार्डर पर सौपा गया. इसके बाद 14 दिन क्वारंटीन रहने के बाद जिला प्रशासन द्वारा पुनवासी की बहन और उसके पति के साथ एक सिपाही को अमृतसर भेजा गया. आज पुनवासी को बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन से पुनवासी को वाराणसी लाया गया. प्रभारी डीएम अविनाश सिंह का कहना है कि पुनवासी के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन जरूर मदद करेगा. उन्होंने कहा कि आवास और जॉब भी जल्द ही मुहैया करवा दिया जाएगा.
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