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Success Story: शिमला मिर्च की खेती से लाखों की कमाई, युवा किसान ने बदल डाली अपनी किस्मत

मिर्जापुर के युवा किसान बालेश प्रताप ने पहले यूरोपियन खीरा लगाया, जिसमें उनको काफी फायदा हुआ. इसके बाद उन्होंने रंगीन श ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – मंगला तिवारी

मिर्जापुर. मिर्जापुर के किसान मुनाफे की फसल उगाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. खेती में नए बदलाव के साथ पुरानी परंपरा को भी तोड़ रहे हैं. जिससे कम समय में काफी कमाई हो रही है. पटेहरा ब्लॉक के किसान बालेश प्रताप सिंह शिमला मिर्च की खेती करते हैं. जिससे वह सलाना लगभग 12 लाख तक शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं.

बता दें मिर्जापुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर पटेहरा ब्लॉक के रहने वाले 30 वर्षीय बालेश प्रताप की कोरोना महामारी में नौकरी छूट गई थी. वो लखनऊ में डिजिटल मार्केटिंग कंपनी में बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर काम करते थे. नौकरी छूट जाने की वजह से आर्थिक तंगी होने लगी थी. लॉकडाउन में जॉब लगने की संभावना नहीं थी. बालेश को खाली समय का सही इस्तेमाल खेती में करने का विचार आया. इसके बाद शिमला मिर्च और यूरोपियन खीरे की खेती शुरू की, जिससे उनकी किस्मत ही बदल गई.

ऐसे मिला शिमला मिर्च के खेती का विचार
बालेश बताते हैं कि जॉब नहीं होने के वजह से गरीबी का दौर चल रहा था. कोरोना महामारी के वजह से भविष्य में जल्दी जॉब लगने की उम्मीद भी नहीं थी. उस समय उन्हें मिर्जापुर उद्यान विभाग द्वारा सरकार से खेती पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी हुई. फिर बालेश ने पॉली हाउस लगाकर यूरोपियन खीरा और रंगीन शिमला मिर्च की खेती करने की ठानी.

लाखों में हो रहा मुनाफा
बालेश प्रताप ने पहले यूरोपियन खीरा लगाया, जिसमें उनको काफी फायदा हुआ. इसके बाद उन्होंने रंगीन शिमला मिर्च का उत्पादन शुरू किया. उन्होंने बताया कि पॉली हाउस के अंदर खेती करने से आय में दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है. वो रंगीन शिमला मिर्च को 200 रुपए किलो बेचते हैं. जिसकी बिक्री मिर्जापुर के अलावा प्रयागराज और वाराणसी में हो जाता है. इसमें उन्हें सलाना 10 लाख से ज्यादा का नेट प्रॉफिट हो जाता है.

ड्रिप इरिगेशन से पानी की होती है बचत
कृषक बालेश प्रताप बताते हैं कि जबसे उन्होंने खेत में ड्रिप लगवाया, इसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उनको ड्रिप इरिगेशन से बहुत फायदा हुआ. इससे मेहनत कम होने के साथ ही उत्पादन भी बढ़ता है. उन्होंने बताया कि फ्लड इरिगेशन के जरिए सिंचाई करने में समय लगता है और खेत में मौजूद रहना पड़ता है जबकि ड्रिप इरिगेशन माध्यम से तुरंत सिंचाई हो जाती है.

दूसरे लोगों को मिल रहा रोजगार
जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम ने बताया कि कृषक बालेश प्रताप को पॉली हाउस के अंतर्गत खेती करने से अच्छी आमदनी हो रही है. साथ ही गांव के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है. उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा सरकार के योजनाओं के माध्यम से जिले के किसानों की आमदनी बढ़ाने को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है.

Tags: Mirzapur news, Success Story

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