UP: 11 साल बाद पाकिस्तान की जेल में मिला मिर्जापुर का पुनवासी, वतन वापसी की उम्मीद

11 साल बाद पाकिस्तान की जेल में मिला मिर्जापुर का पुनवासी
11 साल बाद पाकिस्तान की जेल में मिला मिर्जापुर का पुनवासी

मिर्जापुर के प्रभारी एसपी (SP) संजय कुमार ने बताया कि पाकिस्तान के जेल में बंद पुनवासी के राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए विदेश मंत्रालय का पत्र जिलाधिकारी (DM) के पास आया था.

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मिर्जापुर. मिर्जापुर (Mirzapur) जिले का एक युवक भी पाकिस्तान (Pakistan) के जेल में पिछले 11 वर्ष से बंद है. उसे भारत लाने की तैयारी की जा रही है. लापता पुनवासी को मिलने की खुशी पड़ोसी और रिश्तेदारों में है. उसके परिवार में अब कोई नहीं बचा है. पाकिस्तान से सरकार द्वारा भारत के विदेश मंत्रालय को मिले जानकारी मिर्जापुर जिले की खुफिया विभाग की टीम पिछले 20 माह से अधूरे नाम पते के सहारे युवक के असली नाम पते को खोज निकाला है. युवक का असली नाम पता मिलने के बाद युवक को वापस लाने के लिए डीएम और एसपी के अनुमति के बाद एलआईयू ने विदेश मंत्रालय और प्रदेश सरकार के अनु सचिव को मेल कर दिया गया है. उम्मीद है कि भटक कर पाकिस्तान पहुंचे पुनवासी की जल्द भारत वापसी होगी.

साल 2009 में पहुंच गया पाकिस्तान

पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को जानकारी दिया था कि बॉर्डर क्रास करते समय 2009 में एक युवक पाकिस्तान चला आया था. 2009 में उसके ऊपर पाकिस्तान के नौलखा लाहौर में मुकदमा दर्ज है. पाकिस्तान से मिले पते के आधार पर राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए गृह मंत्रालय का विदेशी प्रभाग उसके परिजनों को खोज रहा था. पाकिस्तान की जेल में बंद युवक ने अपना नाम पनवासी लाल, पिता का नाम कुंदन लाल बताया.अपना पता सिटी लाल तहसील पुलिस स्टेशन समहर कटरा, मिर्जापुर यूपी इंडिया बताया था.



राष्ट्रीयता की हुई पुष्टि 
इस नाम पते के सहारे खुफिया विभाग पिछले 20 माह से उसकी खोजबीन कर रहा था. 35 वर्षीय की पहचान देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना गांव निवासी पुनवासी लाल पुत्र स्व. कन्हैयालाल के रूप में हुई. उसकी बहन किरन निवासीबसइटा बहुती बलहरा थना लालगंज और चचेरे भाई जवाहिर पुत्र प्यारेलाल ने फोटो देखकर उनकी शिनाख्त की. राष्ट्रीयता की पुष्टि होने के बाद विदेश मंत्रालय और प्रदेश सरकार के अनुसचिव को मेल कर जानकारी भेज दी गई.

शुरु हुई वतन वापसी की प्रक्रिया- प्रभारी एसपी

मिर्जापुर के प्रभारी एसपी संजय कुमार ने बताया कि पाकिस्तान के जेल में बंद पुनवासी के राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए विदेश मंत्रालय का पत्र जिलाधिकारी के पास आया था. नाम व पता सही न होने से 20 माह के अथक प्रयास के बाद उसके नाम पते की तस्दीक की गई. राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद प्रदेश सरकार के अनु सचिव और विदेश मंत्रालय को मेल कर दिया गया है. अब वहां से उसे वापस लाने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी.
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