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UP News: 30 साल पहले बेटा कर चुका था पिता का पिंडदान, हरियाणा में मिले जिंदा

30 साल पहले बेटा कर चुका था पिता का पिंडदान  (File photo)

30 साल पहले बेटा कर चुका था पिता का पिंडदान (File photo)

दरअसल, अप्रैल 2021 में रोहित (Rohit) कुरुक्षेत्र के शाहबाद में 'नी आसरे दा आसरा आश्रम' के संचालक जसकीरत को मिले. उन्होंने देखा कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी.

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मिर्जापुर. यूपी के मिर्जापुर (Mirzapur) जिले के जिगना थाना क्षेत्र के बिजरकला गांव निवासी एक व्यक्ति 30 साल बाद हरियाणा में यमुनानगर के एक आश्रम में मिला. जब यह सूचना परिवारीजनों को मिली तो यह खबर किसी सपने के हकीकत में बदलने जैसा हुआ. सूचना पर पिता को लेने बेटा यमुनानगर पहुंच गया है. पिता को अपने सामने देखा तो दोनों के आंसू छलक उठे. दोनों एक दूसरे के गले लग खूब रोये.

बता दें कि जिगना थाना क्षेत्र के बिजरकला गांव निवासी रोहित तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं. रोहित रेलवे में गैंगमैन थे. 30 वर्ष की उम्र में मानसिक स्थिति ठीक न होने पर वह काम छोड़ चुके थे. बताया जा रहा है कि दशहरा के बाद जिगना थाना क्षेत्र के दुगारहा गांव में लगने वाले कुश्ती दंगल मेला को देखने के लिए निकले. इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे. परिवार वालों ने उन्हें खूब खोजा पर रोहित का पता नहीं चला. पता ना चलने पर बेटे ने उनको मृत समझ कर पिंडदान भी कर दिया.

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दरअसल, अप्रैल 2021 में रोहित कुरुक्षेत्र के शाहबाद में 'नी आसरे दा आसरा आश्रम' के संचालक जसकीरत को मिले. उन्होंने देखा कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. ऐसे में आश्रम में उनका उपचार कराया. जिससे मानसिक स्थिति कुछ ठीक हुई. उसके बाद आश्रम की तरफ से स्टेट क्राइम ब्रांच पंचकूला की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को जानकारी दी गई. उसके बाद रोहित ने अपने गांव का नाम बिजरकला बताया.

पुलिस ने ऐसे खोजा रोहित का गांव
राजेश ने फिर इंटरनेट के जरिए बिजरकला गांव को तलाशा. उन्हें इस नाम के कई गांव मिले. उसके बाद बिजरकला गांव के प्रधान रवि यादव से बात हुई. प्रधान रोहित ने बताया कि उनके गांव निवासी रोहित कई वर्ष से लापता हैं. इसके बाद एएसआई ने प्रधान रवि के जरिये रोहित के परिवार से संपर्क किया. विजरकला के ग्राम प्रधान रवि ने बताया कि 15 दिन पहले उनके पास फोन आया था. पुलिस ने अमरनाथ से वीडियो कॉलिंग के जरिये बात कर पिता की पहचान कराई. बता दें कि रोहित की ससुराल प्रयागराज जिले के मांडा खास में रहते है.

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विंध्याचल में गंगा नदी में पलटी नाव, मुंडन के लिए बक्सर से गये परिवार के छह लोग लापता

यूपी के विंध्याचल में हुए नाव हादसे के बाद रेस्क्यू के लिए पहुंची टीम

Vindhayachal Boat Accident: विंध्याचल में ये हादसा उस समय हुआ जब नाव पर सवार होकर श्रद्धालु नदी के उस पर स्नान के लिए जा रहे थे. इस हादसे का शिकार बिहार के बक्सर जिले का एक परिवार भी बना है.

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बक्सर. यूपी के मिर्जापुर में बुधवार को श्रद्धालुओं से भरी नाव के गंगा में पलट जाने से 14 लोग डूब गए. इनमें से अभी भी छह लोग लापता (Vindhyachal Boat Accident) हैं. न तो उनको खोजा जा सका है और न ही उनका शव बरामद हो पाया है. हादसे में जिन छह लोगों को पता नहीं लग सका है वे सभी लोग बक्सर (Buxar) जिले के बड़का सिंघनपुरा गांव के रहने वाले हैं. बताया जा रहा है कि विकास ओझा के साथ सभी परिजन बक्सर के सिंघनपुरा गांव से विंध्याचल देवी मां के दर्शन के लिए निकले थे.

दर्शन के बाद मुंडन संस्कार के लिए सभी लोग नाव पर सवार हुए थे और इसी दौरान ये हादसा हुआ. मिर्जापुर के अखाड़ा घाट पर जब हादसा हुआ तो नाव गंगा में डूब गई. नाव गंगा में डूबने के बाद स्थानीय नाविकों द्वारा डूबे व्यक्तियों में से राजेश, विकास, दीपक, रितिका और एक बच्ची को बचा लिया गया जबकि गुड़िया, खुशबू, अनीषा, सत्यम और तीन वर्षीय बच्चा और तीन माह की एक बच्ची डूब गई है जिनका अभी तक पता नहीं लग सका है. सभी की तलाश एनडीआरएफ की टीम कर रही है. डूबने वालों में विकास तथा उनके रिश्तेदार की पत्नी और विकास के बच्चे शामिल हैं.

इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के बाद से बक्सर के सिंघनपुरा गांव में मातम का माहौल है. इलाके के डीआईजी रामकृष्ण भारद्वाज ने बताया कि जनपद मिर्जापुर के अंतर्गत अखाड़ा घाट है जो कि गंगा के किनारे पड़ता है. यहां दर्शन पूजा करने के लिए कुछ लोग गंगा जी के दूसरे छोर पर नहाने के लिए गए थे. करीब 12 आदमी एक नाव पर सवार थे और लौटते समय यह हादसा हुआ है. इस हादसे में छह लोगों को बचा लिया गया है जबकि छह अभी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है. हमारी गोताखोर पुलिस की पीएससी एनडीआरएफ टीम लगाई गई है जिससे इनकी जल्दी बरामदगी की जाए.

Army Bharti 2021: UP के इन 12 जिलों के लिए सेना में आईं भर्ती, आवेदन के लिए बचे सिर्फ 4 दिन

भारतीय सेना में भविष्‍य तलाश रहे जिन नौजवानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे 21 अगस्‍त तक आवेदन कर सकते हैं.

Indian Army Recruitment Rally 2021: भारतीय सेना के 7 पदों के लिए प्रस्‍तावित भर्ती प्रक्रिया 6 सितंबर से वाराणसी के रणबांकुरे स्‍टेडियम में शुरू होने जा रही है. यह भर्ती प्रक्रिया 30 सितंबर तक जारी रहेगी.

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नई दिल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश के 12 जिलों मे रहने वाले नौजवानों के लिए भारतीय सेना भर्ती अभियान शुरू करने जा रही है. सेना के विभिन्‍न पदों के लिए उत्‍तर प्रदेश के जिन 12 जिलों से भर्ती होनी हैं, उनमें आजमगढ़, बलिया, चंदौली, देवरिया, गोरखपुर, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र और वाराणसी शामिल हैं. भारतीय सेना ने इस भर्ती अभियान के लिए 8 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी किया था. करीब सात पदों के लिए जारी भर्ती अभियान के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्‍त है. भारतीय सेना में भविष्‍य तलाश रहे जिन नौजवानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे सेना की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in के जरिए 21 अगस्‍त तक आवेदन कर सकते हैं.

इन पदों के लिए होनी है भर्ती रैली:
सैनिक (सामान्य ड्यूटी),
सैनिक (तकनीकी),
सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक),
सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा),
सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी),
सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र)

शैक्षणिक योग्यता

  • सैनिक (सामान्य ड्यूटी) :
    (i) कुल 45% अंकों के साथ कक्षा 10वीं या मैट्रिक पास, प्रत्‍येक विषय में न्‍यूनतम 33% अंक.
    (ii) ग्रेडिंग सिस्टम बोर्ड से पास अ‍भ्‍यर्थियों के लिए सभी विषयों में ‘डी’ ग्रेड और एग्रीगिएट में ‘सी-2’ ग्रेड.

सैनिक (तकनीकी) :
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक):
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा):
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी):
(i) कला, विज्ञान या वाणिज्‍य स्‍ट्रीम से 10 + 2/ इंटरमीडिएट परीक्षा पास की हो.
(ii) सभी विषयों में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में कुल 60% अंक हों.
(iv) 12 वीं की कक्षा में अंग्रेजी, गणित और अकाउंट्स/बुक कीपिंग की पढ़ाई की हो.

सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र):
(i) 33% अंकों के साथ 10 वीं कक्षा पास हों.

आयु सीमा
सैनिक (सामान्य ड्यूटी) पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्‍यर्थियों जन्‍म 1 अक्‍टूबर 2000 से 1 अप्रैल 2004 के बीच का होना चाहिए. वहीं, सैनिक (तकनीकी), सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक), सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा), सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी) और सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र) पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्‍यर्थियों जन्‍म 1 अक्‍टूबर 1998 से 1 अप्रैल 2004 के बीच का होना चाहिए.

चयन प्रक्रिया
रैली के दौरान अभ्यर्थियों का शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण, शारीरिक मापन और चिकित्सा परीक्षण किया जाएगा. इन सभी मापदंडों में खरे उतरने वाले अभ्यर्थियों का चुनाव सामान्य प्रवेश परीक्षा के लिए किया जाएगा.

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UP News: मिर्जापुर में बैंक लॉकर से 16 करोड़ के गहने गायब, बैंक मैनेजर समेत 3 लोगों पर FIR

UP News: मिर्जापुर में बैंक लॉकर से 16 करोड़ के गहने गायब

एएसपी (ASP) संजय कुमार ने बताया कि बैंक के लॉकर से धोखाधड़ी कर जेवरात निकालने के आरोप में उमेश शुक्ला, बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.

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मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (Mirzapur) जिले में एक बैंक के लॉकर से 16 करोड़ के गहने गायब होने से हड़कंप मचा हुआ है. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बैंक के मैनेजर सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश करने का मुकदमा कटरा कोतवाली में दर्ज किया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. एएसपी संजय कुमार ने बताया कि बैंक के लॉकर से धोखाधड़ी कर जेवरात निकालने के आरोप में उमेश शुक्ला, बैंक मैनेजर एसएन प्रसाद और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.

मनोज शुक्ला ने बताया कि उनके पिता और मां के नाम केनरा बैंक मिर्जापुर में एक लॉकर था. जिसमें जेवरात और व्यवसाय से जुड़े कागजात रखे थे. जिसकी कीमत करीब 16 करोड़ के आसपास थी. मनोज का कहना है कि वह चार भाइयों में सबसे छोटे है. पिता के बीमार होने पर उनकी सेवा करते हैं, और पिता उनके साथ ही रहते भी हैं. मनोज ने अपने बड़े भाई पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बड़े भाई उमेश शुक्ला ने पिता के फर्जी हस्ताक्षर करके बैंक मैनेजर की मिलीभगत से सारे जेवरात और कागज निकाल लिए हैं. मामला संज्ञान में आने के बाद एडिशनल एसपी संजय कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है. जांच में जो भी मामला सामने आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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पीड़ित मनोज ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी तब हुई जब उनके पिता ने बैंक मैनेजर को 25 जून 2020 को पत्र लिखकर चारों बेटों के सामने लॉकर खोलने की बात कही. साथ ही लॉकर की चाभी चारों पुत्रों को दे दी जाए इसका भी उल्लेख किया. मनोज का आरोप है कि उनके बड़े भाई उमेश ने मैनेजर की मदद से 23 सितंबर 2020 को लॉकर से करोड़ों कीमत का सोना और गहने निकाल लिए. इस बात की जानकारी होने पर मनोज ने कटरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है. बताया जा रहा है कि मामला एक साल पुराना है. पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है.

UP में 9 डीआईजी सहित 10 IPS अफसरों के तबादले, 4 PPS का भी ट्रांसफर, देखें लिस्ट

यूपी में 10 आईपीएस और 4 पीपीएस अफसरों के तबादले हुए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

UP News: मुकुल गोयल के डीजीपी बनने के बाद IPS अफसरों की यह पहली बड़ी तबादला सूची जारी की गई है. चर्चा है कि जल्द ही एडीजी, आईजी और जिला पुलिस कप्तानों की तबादला सूची भी जारी होगी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मंगलवार देर रात 10 आईपीएस अफसरों का तबादला (10 IPS Transfer) किया गया. इनमें से 9 अफसर डीआईजी (DIG) रैंक के हैं, वहीं एक एसपी सिटी स्तर के हैं. इनके अलावा देर रात 4 एडिशनल एसपी स्तर के पीपीएस अधिकारियों का भी तबादला (4 PPS Transfer) हुआ है. एडिशनल एसपी को तत्काल प्रभाव से चार्ज लेने के आदेश भी दिए गए हैं. मुकुल गोयल के डीजीपी (DGP Mukul Goel) बनने के बाद आईपीएस अफसरों के तबादले की यह पहली बड़ी सूची जारी की गई है. चर्चा है कि जल्द ही एडीजी, आईजी और जिला पुलिस कप्तानों की तबादला सूची भी जारी होगी. पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक तबादला सूची पर मंथन चल रहा है.

डीजीपी मुकुल गोयल ने चार्ज लेने के बाद एसटीएफ, एटीएस, एसडीआरएफ, पीएसी जैसे पुलिस के अलग-अलग यूनिट की समीक्षा की. इसके बाद काफी मंथन के बाद ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है. अगस्त से ही यूपी पुलिस त्योहारों को सकुशल निपटाने की तैयारी में लग जाती है, जिसको देखते हुए ये तबादले काफ़ी अहम माने जा रहे हैं.

तबादला सूची के मुताबिक असम कैडर से यूपी कैडर में प्रतिनियुक्ति पर आए आनंद प्रकाश तिवारी को अपर पुलिस आयुक्त (कानपुर पुलिस कमिश्नरेट) के तौर पर तैनाती दी गई है. वहीं, चंद्रप्रकाश-द्वितीय को डीआईजी (यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, लखनऊ) बनाया गया है.

इनके अलावा उपेंद्र अग्रवाल डीआईजी पुलिस मुख्यालय लखनऊ, धर्मेंद्र सिंह डीआईजी रेलवे लखनऊ, जे रविंदर गौड़ डीआईजी गोरखपुर रेंज बनाए गए हैं. डॉ प्रीतिंदर सिंह को डीआईजी सहारनपुर रेंज, आरके भारद्वाज को डीआईजी मिर्ज़ापुर रेंज और अखिलेश कुमार को डीआईजी आजमगढ़ रेंज में भेजा गया है. वहीं, सुभाषचंद्र दुबे को अपर पुलिस आयुक्त, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट, विकास कुमार को एसपी सिटी आगरा तैनाती दी गई है.

4 पीपीएस अफसरों के ट्रांसफर
इनके अलावा देर रात 4 एडिशनल एसपी स्तर के पीपीएस अधिकारियों का भी तबादला हुआ है. इनमें राम अरज एडिशनल एसपी बिजनौर, अनित कुमार एडिशनल एसपी क्राइम मेरठ, मोहिनी पाठक एडिशनल एसपी यूपी 112 लखनऊ और रामसुरेश उप सेनानायक 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर भेजे गए हैं.

मिर्जापुर में बोले अमित शाह: UP में खुलेआम माफिया घूमते थे, लेकिन आज कोई नहीं दिखाई पड़ता

UP में खुलेआम माफिया घूमते थे

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि हम आंदोलन करते, जुलूस निकालते, लाठियां खाईं, कई सालों तक संघर्ष जारी रहा कि अयोध्या (Ayodhya) में रामलला का मंदिर कब बनेगा, अब भाजपा सरकार में यह पूरा होने जा रहा है.

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मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit shah) रविवार को एक दिन के दौरे पर मिर्जापुर (Mirzapur) पहुंचे हैं. अमित शाह ने मिर्जापुर में कॉरिडोर का शिलान्यास किया. इसके बाद अमित शाह विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. उन्होंने मिर्जापुर में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. अमित शाह ने कहा, पहले उत्तर प्रदेश में खुलेआम माफिया घूमते थे. लेकिन आज कोई माफिया दिखाई नहीं पड़ता. उत्तर प्रदेश को दंगा मुक्त, माफिया मुक्त, भू-माफियाओं से मुक्त करने का काम और उत्तर प्रदेश की माताओं-बहनों को सुरक्षा देने का काम भाजपा की सरकार ने किया है.

उन्होंने कहा कि मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र नक्सलवाद के प्रभाव से पूर्ण रूप से मुक्त हो चुके हैं. यूपी में 1,574 करोड़ रुपये की माफियाओं की संपत्ति जब्त की गई है. जबकि लूट, डकैती, हत्या जैसी घटनाओं में 28 से 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश मेक इन इंडिया के तहत निवेश की पहली पसंद बनता जा रहा है. करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश उत्तर प्रदेश की जमीन पर लाने का काम योगी जी ने किया है. यूपी में जब भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ यहां के मुख्यमंत्री बने तो ढेर सारे काम हुए. शाह ने कहा कि अब किसी श्रवण को अपने बूढ़े मां-बाप को कांवड़ में लाने की जरूरत नहीं है, रोप-वे में बिठाकर त्रिकोणीय परिक्रमा पूरी कर सकता है.

UP Assembly Election 2022: अयोध्या में महिलाओं को फ्री में बांटा गया ‘समाजवादी सरसों’ का तेल

अमित शाह ने कहा कि हम आंदोलन करते, जुलूस निकालते, लाठियां खाईं, कई सालों तक संघर्ष जारी रहा कि अयोध्या में रामलला का मंदिर कब बनेगा, अब भाजपा सरकार में यह पूरा होने जा रहा है. पूरे मिर्जापुर की बहनों और भाइयों को मैं प्रणाम करता हूं। जब भी यूपी आता हूं तो लगता है कि अपने ही घर में आया हूं. उन्होंने कहा कि यही यूपी है, जिसको यश जाता है 2014 में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनाने का.

Vindhyachal Corridor में दिखेगी काशी की झलक, कुछ इस तरह बदल जाएगी शक्ति नगरी

काशी के विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह विंध्याचल कॉरिडोर बनाया जाएगा.

Vindhyachal Corridor: उत्तर प्रदेश में काशी के विश्वनाथ कॉरिडोर (kashi vishwanath corridor) की तरह विंध्याचल कॉरिडोर बनाया जाएगा. माना जा रहा है कि अगस्त में सीएम योगी कॉरिडोर की नींव रख सकते हैं.

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मिर्जापुर/वाराणसी. शिव नगरी काशी (Kashi) के बाद शक्ति नगरी विंध्याचल को भी कॉरिडोर (Vindhyachal Corridor) के जरिए संवारा सजाया जा रहा है. माना जा रहा है कि अक्टूबर में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) विश्वनाथ धाम की सौगात दे सकते है. तो वहीं एक अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विंध्यवासिनी कॉरिडोर की नींव रखने जा रहे है. इसके साथ ही मिर्जापुर में त्रिकोण शक्ति पीठ के दर्शन पहाड़ों के जरिए कराने के लिए रोप वे का शुभारंभ भी एक अगस्त को होगा. अगर आप कुछ महीनों पहले मां विंध्यवासिनी के दरबार आए होंगे तो मौजूदा तस्वीरें आपको चौंका देंगी. पहले आप सकरी गलियों से होते हुए अतिक्रमण से घिरे मंदिर और उसके गर्भगृह में पहुंचे होंगे. मंदिर को शायद ही किसी ने बाहर से निहारा होगा.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी के दरबार को संवारने सजाने के साथ उसके पैराणिक महत्व को वापस दिलाने का संकल्प लिया. इसके बाद प्रशासन ने यहां कॉरिडोर बनाने का खाका खींचा. पहले चरण में मंदिर के चारों तरफ करीब 50 फीट का परिक्रमा मार्ग बनाने का काम शुरू भी हो गया है. इसके लिए जो भी भवन दुकान खरीदे गए, उन्हें ध्वस्त करके चौड़ा रास्ता निकालने निकाल लिया गया है. यही नहीं, विश्वनाथ मंदिर की तरह मां विंध्यवासिनी दरबार को भी चारों ओर से अतिक्रमण से मुक्त कराकर मां गंगा के साथ चार चौड़े रास्तों के जरिए मुख्य सड़क से जोड़ा जा रहा है.
त्रिकोण का मुख्य बिन्दू हैं मां विंध्यवासिनी
काशी, प्रयाग के बीच मां विंध्य्वासिनी ही उस धार्मिक त्रिकोण का बिन्दू हैं जिसके बिना वो धार्मिक यात्रा पूरी नहीं होती, जिसका वर्णन शास्त्रों में हैं. त्रियोगी आचार्य मिट्ठु महाराज बताते हैं कि मां विध्यवसिनी से ही गंगा शक्ति के रूप में काशी में महादेव तक पहुंचती हैं. शास्त्रों में वर्णन है कि शिव को शक्ति मां पार्वती से मिलती है. इसका सीधा प्रमाण विंध्य और काशी से है. इसलिए बिना विंध्यवासिनी के काशी में महादेव का शृंगार अधूरा है. 
 
विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित होगा विंध्य
मिर्ज़ापुर के कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्रा ने बताया कि इसके निर्माण के लिए पहले चरण में 150 करोड़ का बजट निर्धारित हुआ है और यात्री सुविधाओं के लिहाज से विकसित किया जाएगा. फिलहाल परिक्रमा मार्ग अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया है. इसे देखकर ललितपुर जिले से यहां पहुंचे भक्त पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि इससे पहले कभी इतने दिव्य भव्य दर्शन मां विंध्यवासिनी के नहीं हुए. मंदिर परिक्रमा करने का भी मौका मिल रहा है. यही नहीं अब सीधे मां गंगा से मंदिर का शिखर दिख रहा है. गंगा के साथ मां विंध्यवासिनी का भी पूजन करने के लिए रास्ता बन गया है.

UP चुनाव से पहले PM मोदी देंगे बड़ी सौगात, 30 जुलाई को एक साथ 9 मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण

यूपी चुनाव से पहले पीएम नरेंद्र मोदी प्रदेश को मेडिकल कॉलेजों की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं. (वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम Photo; PTI)

UP News: पीएम नरेंद्र मोदी यूपी के 9 जिलों देवरिया, एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, हरदोई, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेजों की सौगात देंगे. इस कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थनगर में 30 जुलाई को होगा.

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लखनऊ. यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक बड़ी सौगात प्रदेश को देने जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार पीएम मोदी यूपी के 9 जिलों मेडिकल कॉलेजों (9 Medical College Inauguration) की सौगात देंगे. इस कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थनगर (Sidharthanagar) में 30 जुलाई को होगा. पीएम मोदी यहां से एक साथ 9 मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण करेंगे. कार्यक्रम तय हो गया है और अब अगले एक से दो दिन में सीएम योगी आदित्यनाथ सिद्धार्थनगर जाकर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा ले सकते हैं.

जानकारी के अनुसार जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन होना है, उनमें देवरिया, एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, हरदोई, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर जिले शामिल हैं.

अभी तक की जानकारी के अनुसार इन मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल स्टाफ की भर्ती की प्रकिया भी चल रही है. योजना है कि उद्घाटन के मौके पर खुद पीएम नरेंद्र मोदी 450 लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपें. माना जा रहा है कि एक हफ्ते में इन अस्पतालों में कामकाज शुरू हो जाएगा. यही नहीं सरकार की योजना है कि इस साल 13 और मेडिकल कॉलेज शुरू कर दिए जाएं.

बता दें इन 9 जिलों के अलावा अयोध्या, बहराइच, बस्ती, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर में जिला अस्पताल को ही अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है. वहीं मेडिकल कॉलेज झांसी, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज, कानपुर और आगरा में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बनाकर इनका विस्तार किया गया है.

इनपुट: अजीत सिंह

विंध्याचल मंदिर में एक पंडे की बुरी तरह से पिटाई, देखिए Viral Video

मिर्जापुर: विंध्याचल के मां विंध्याचल मंदिर में सरेआम एक पंडे को बुरी तरह पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है.

Mirzapur Viral News: विंध्याचल मंदिर के पंडों के दो गुटों के बीच झगडे के बाद एक पंडा अमित पांडेय की बुरी तरह से पिटाई कर दी गई. पिटाई का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर (Mirzapur) के विंध्यवासिनी मंदिर (Maa Vindhyavasini Mandir) पर पंडों के दो पक्षों के बीच झगडे मंदिर में ही एक पंडा अमित पांडेय की बुरी तरह से पिटाई कर दी गई. पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अमित पांडेय को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उसने 4 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने की तहरीर पुलिस को दी है.

अमित मंदिर में पंडा है और दर्शन-पूजन करवाता है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अमित के खिलाफ भी विंध्याचल कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज हैं. आए दिन मंदिर पर विवाद और मारपीट होती है. कुछ दिन पहले ही जबरन मंदिर में घुसने को लेकर पुलिस ने उसकी पिटाई की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

जानकारी के अनुसार मंगलवार को विंध्यवासिनी मंदिर पर दो पंडों के बीच विवाद हो गया. मामला बढ़ने पर एक पक्ष ने पंडा अमित पांडेय की जमकर पिटाई कर दी. लाठियों और राड से पिटाई के बाद अमित पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गया. इस दौरान मंदिर में अफरा-तफरी मच गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अमित को भर्ती कराया. पुलिस के अनुसार अमित ने 4 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने की तहरीर दी है.



पुलिस ने बताया कि मंगलवार की दोपहर अमित पांडेय अपने यजमानों को लेकर मां विध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कराने जा रहा था. इसी दौरान दूसरे पंडा भी यजमान लेकर पहुंच गए. यहीं दर्शन-पूजन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया, जिस के बाद चार पंडों ने मिलकर अमित पांडेय को मंदिर परिसर में ही जमकर पीटा.

Gupt Navratri 2021: गुप्त नवरात्रि के छठे दिन करें मां त्रिपुर भैरवी की पूजा, जानें मंत्र और महिमा

त्रिपुर भैरवी को बंदीछोड़ माता कहा गया है.

Gupt Navratri 2021 6th day: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन मां की पूजा करने से हर प्रकार के मुकदमे, बंधनों और कारावास से मुक्ति मिलती है. मां को त्रिपुरा भैरवी, चैतन्य भैरवी, सिद्ध भैरवी, भुवनेश्वर भैरवी, संपदाप्रद भैरवी, कमलेश्वरी भैरवी, कौलेश्वर भैरवी, कामेश्वरी भैरवी, नित्याभैरवी, रुद्रभैरवी, भद्र भैरवी तथा षटकुटा भैरवी भी कहा गया है.

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Gupt Navratri 2021: आज गुप्त नवरात्रि का छठा दिन है. आज भक्त मां त्रिपुर भैरवी की पूजा अर्चना करेंगे. त्रिपुर भैरवी को बंदीछोड़ माता कहा गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन मां की पूजा करने से हर प्रकार के मुकदमे, बंधनों और कारावास से मुक्ति मिलती है. मां को त्रिपुरा भैरवी, चैतन्य भैरवी, सिद्ध भैरवी, भुवनेश्वर भैरवी, संपदाप्रद भैरवी, कमलेश्वरी भैरवी, कौलेश्वर भैरवी, कामेश्वरी भैरवी, नित्याभैरवी, रुद्रभैरवी, भद्र भैरवी तथा षटकुटा भैरवी भी कहा गया है.

मां त्रिपुर भैरवी बीज मंत्र:

1- ।। ह्नीं भैरवी क्लौं ह्नीं स्वाहा:।।
2- ।। ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः।।
3- ।। ॐ ह्रीं सर्वैश्वर्याकारिणी देव्यै नमो नम:।।

त्रिपुर भैरवी की उत्पत्ति कैसे हुई
दुर्गासप्तशती के अनुसार त्रिपुर भैरवी के उग्र स्वरूप की कांति हजारों उगते सूर्य के समान है. धार्मिक कथाओं में इस बात का वर्णन है कि माता त्रिपुर भैरवी की उत्पत्ति महाकाली के छाया विग्रह से ही हुई है. देवी भागवत के अनुसार छठी महाविद्या त्रिपुर भैरवी हैं.

त्रिपुर भैरवी का स्वरूप
माता त्रिपुर भैरवी का स्वरूप मां काली जैसा ही है. मां के तीन नेत्र और चार भुजाएं हैं. मां के बाल खुले हुए हैं. इनका एक नाम षोडशी भी है. मां को कई और नामों से भी जाना जाता है जैसे रूद्र भैरवी, चैतन्य भैरवी, नित्य भैरवी, भद्र भैरवी, कौलेश भैरवी, श्मशान भैरवी, संपत प्रदा भैरवी.

माता त्रिपुर भैरवी की पूजा से होने वाले लाभ
-माता त्रिपुर भैरवी की पूजा करने से सौभाग्य, आरोग्य और सुख की प्राप्ति होती है.
-माता त्रिपुर भैरवी की पूजा करने से मनवांछित विवाह की इच्छा पूरी हो जाती है.
-माता त्रिपुर भैरवी की पूजा करने से व्यापार और करियर में वृद्धि होती है.
-माता त्रिपुर भैरवी की पूजा करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Modi Cabinet Expansion: कौन हैं अनुप्रिया पटेल, जानिए मिर्जापुर से दिल्ली तक का सफर

अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल ने 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी के मिर्जापुर से चुनाव जीता है (फाइल फोटो)

Mirzapur News: केंद्र की नरेंद्री मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.

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लखनऊ. मोदी सरकार (Modi Government) के कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion) की चर्चाओं का बाजार गर्म है. यूपी में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections 2022) को देखते हुए माना जा रहा है कि मोदी कैबिनेट में यूपी से कई चेहरे शामिल किए जाएंगे. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल (Anupriya Patel) को लेकर है.

2014 के आम चुनावों में बीजेपी गठबंधन की सदस्य अपना दल ने 2 सीटें हासिल की थीं. इसके बाद मोदी सरकार ने मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल को केंद्र में स्वास्थ्य राज्यमंत्री बनाया था, लेकिन 2019 में मोदी सरकार दोबारा बनने के बाद अपना दल को केंद्रीय टीम में जगह नहीं मिली. अब मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार में अनुप्रिया पटेल का शामिल होना करीब-करीब तय माना जा रहा है.



अनुप्रिया पटेल के पिता सोनेलाल पटेल यूपी की सियासत में अपनी एक अलग पहचान रखते रहे. वह बसपा के संस्थापकों में से एक माने जाते हैं. बाद में वह बसपा से अलग हो गए और अन्य पिछड़ा वर्ग को केंद्रित कर अपना दल बना लिया. दरअसल, यूपी की सियासत में ओबीसी जातियों को अहम माना जाता है. यादवों के बाद इसमें सबसे ज्यादा कुर्मी वोट बैंक है. करीब 9 प्रतिशत आबादी के साथ यूपी की 100 विधानसभा सीटों पर कुर्मी जाति का असर माना जाता है.

पिता की मौत ने बदल दी जिंदगी
अनुप्रिया पटेल का जन्म 28 अप्रैल 1981 को कानपुर शहर में हुआ. उन्होंने दिल्‍ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन और एमिटी यूनिवर्सिटी से साइकोलजी में मास्टर डिग्री हासिल की है. वह छत्रपति साहू जी महाराज यूनिवर्सिटी (कानपुर) से एमबीए भी हैं. अनुप्रिया शुरुआती जीवन में राजनीति से दूर ही रहीं. वह खुद भी कई बार कह चुकी हैं कि वह राजनीति में नहीं आना चाहती थीं, लेकिन पिता सोनेलाल की 2009 में हादसे में मौत के बाद उनका जीवन पूरी तरह से बदल गया.

मां-बहन से अलगाव
पिता की मौत के बाद अनुप्रिया पटेल पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव बनीं. पार्टी की कमान उनकी मां कृष्णा पटेल के पास आ गई. अनुप्रिया अपनी अलग पहचान बनाती गईं, इसके साथ ही उनके परिवार में तनाव भी बढ़ते गए. साल 2012 के विधानसभा चुनाव में अनुप्रिया वाराणसी की रोहनिया विधानसभा से चुनाव जीतीं. इसके दो साल बाद ही उनकी पार्टी ने बीजेपी से गठबंधन किया और 2014 में अनुप्रिया पटेल मिर्ज़ापुर से लोकसभा चुनाव जीतीं. इसके बाद वह केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री भी बनीं. वे 36 वर्ष की उम्र में सबसे युवा मंत्री मानी गईं.

इधर, अनुप्रिया ने रोहनिया विधानसभा सीट छोड़ी तो इस सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर परिवार में रस्साकसी सामने आई. यहीं से अपना दल में टूट शुरू हो गई. दरअसल, इस सीट पर अनुप्रिया के पति आशीष सिंह चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन मां कृष्णा पटेल ने इसे खारिज कर दिया और खुद रोहनिया से चुनाव लड़ीं. ये उपचुनाव कृष्णा पटेल हार गईं और अब मां और बेटी आमने-सामने आ गईं. इससे पार्टी पर कब्जे की जंग शुरू हो गई. उपचुनाव हारने के कुछ समय बाद कृष्णा पटेल ने सीधे अनुप्रिया पटेल और उनके कुछ सहयोगियों को पार्टी से बाहर कर दिया. लेकिन, तब तक अनुप्रिया की अलग पहचान बन चुकी थी. पार्टी पर हक के लिए दोनों पक्ष कोर्ट पहुंचे. मामला अभी भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है. इस बीच अनुप्रिया पटेल ने 2016 में अपनी अलग पार्टी अपना दल (सोनेलाल) बना ली.

इस दौरान मां कृष्णा पटेल और बहन पल्लवी पटेल से उनका टकराव समय-समय पर होता रहा. 2017 के विधानसभा चुनाव में पल्लवी पटेल कई बार मंच से अनुप्रिया पटेल पर निशाना साधती रहीं. लेकिन चुनावों में उनकी पार्टी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकीं, वहीं दूसरी तरफ अपना दल (सोनेलाल) ने अच्छा प्रदर्शन किया.

मिर्जापुर: 12 साल की लड़की से 40 वर्षीय शख्‍स की हो रही थी शादी, मांग भरने से पहले हो गया यह कांड

गिरफ्तार कथित बाराती और दूल्हा.

अधिकारियों ने शादी की आड़ में मानव तस्‍करी की आशंका जताई है. बारात के रूप में आए लोगों को दूल्‍हे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है.

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मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले (Mirzapur District) में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित आदिवासी बिजरी गांव (Bijri Village) में 8वीं क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग लड़की की शादी (Child Marriage) 40 वर्षीय अधेड़ से की जा रही थी. मामले की जानकारी मिलने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी दलबल के साथ गांव में पहुंच गईं. पूछताछ के बाद इस बाल विवाह को रुकवा दिया गया. साथ ही पुलिस बुलाकर कई लोगों को गिरफ्तार कराया गया है. मामले का खुलासा करने वाली प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि सीतापुर जनपद के सुदूर इलाके से मिर्जापुर के बिजरी ग्राम में बारात आई थी. यहां 12 वर्षीय आदिवासी लड़की का विवाह 40 वर्षीय भानु शुक्ला से किया जा रहा था. उन्होंने यह भी कहा कि शादी के बदले लड़की के परिजनों को एक लाख रुपए दिए गए थे.

जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी का कहना है कि यह न केवल बाल विवाह का मामला है, बल्कि विवाह के आड़ में मानव तस्करी का भी मामला लग रहा है. विवाह के लिए आए लड़के के साथ उसके केवल कुछ साथी ही थे, जो गैंग के सदस्य लग रहे हैं. जिसे बरात बताया जा रहा है, उसमें एक भी महिला या अन्य कोई दूसरा ऐसा नहीं लगा जो वास्तव में बराती हो. गिरफ्तार लोगों के विरुद्ध कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है.

शक्ति त्रिपाठी ने बताया कि किसी ने फोन से बताया कि गांव में बाल विवाह हो रहा है. इसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई. मौके पर पहुंचे तो वहां पर हमने पाया कि लड़की की उम्र 12 से 13 साल के बीच है, जिसको पता भी नहीं है कि उसकी शादी कहां हो रही है. वहीं, शादी करने वाले लड़का के पक्ष से 10 लोग आए थे. लड़के की उम्र 38 से 40 वर्ष है. यह पूरी तरह से बाल विवाह है. इसमें एक पक्ष यह भी आ रहा है कि बाल विवाह की आड़ में मानव तस्करी है, क्योंकि गांव वालों का कहना है कि लड़की वाले कोल जाति के हैं और लड़के वाले शुक्ला हैं. लड़के का नाम भानु शुक्ला है. शक्ति त्रिपाठी ने कहा कि गांव वालों ने बताया कि एक लाख रुपए में लड़की की खरीद-फरोख्त हो रही है, जिसको रोकने के लिए हम लोगों ने यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि अभी जो आरोपी पकड़े गए हैं उनको जेल में डाल दिया गया है और सख्त से सख्त कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्या बोले- जनसंख्या नियंत्रण कानून पर सरकार बहुत गंभीर

यूपी में जनसंख्या नियंत्रण और धर्मांतरण को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने बड़ा बयान दिया है.

UP News: मिर्जापुर में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने जनसंख्या नियंत्रण कानून और धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है, डिप्टी सीएम ने धर्मांतरण को लेकर कहा कि यूपी कोई चारागाह नहीं है कि यहां पर लालच देकर कोई गुमराह नहीं कर सकता है.

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मिर्जापुर. डिप्टी सीएम केसव प्रसाद मौर्या का जनसंख्या नियंत्रण कानून और धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया. डिप्टी सीएम ने धर्मांतरण पर कहा यूपी कोई चारागाह नही है. जनसंख्या नियंत्रण कानून पर कहा सरकार इस पर गंभीर है. डिप्टी सीएम मौर्या आज मिर्जापुर में GIC मैदान में पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा आयोजिय लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे.

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर कहा है कि सरकार इसे लेकर बहुत गंभीरता से विचार कर रही है. जो प्रदेश देश के हित मे होगा वो हर कदम उठाया जाएगा. न तुष्टीकरण की राजनीति होगी न किसी से भेदभाव होगा. उन्होंने कहा कि कोई धर्मांतरण गुमराह करके, लालच देक, विदेशी पैसा लेकर करेगा तो उसके लिए उत्तर प्रदेश कोई चारागाह नहीं है, जो चरते रहे. उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही होगी. मुख्यमंत्री से संबंधों पर कहा कि उनसे शानदार और जानदार संबंध हैं. माता विंध्यवानसी के आशीर्वाद से बहुत अच्छा है. यूपी का बंटवारा करने के सवाल पर मौर्या ने कहा कि मुझे तो मालूम नहीं कोई बंटवारा हो रहा है.

कुलदीप सेंगर के भाई को टिकट देने के सवाल पर कहा- मुझे नहीं पता 

दर्शन के बाद डिप्टी सीएम केशव मौर्य से जब पत्रकारों ने उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अरुण कुमार सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद से टिकट देने के मामले में पूछा तो उन्होंने इतना ही कहा कि कल रात तक मेरे संज्ञान में नही था. ऐसा है तो नेतृत्व इस पर विचार कर रहा होगा. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हमारा परिणाम सबसे अच्छा था. विपक्षी झूट बोलने का काम कर रहे हैं मुद्दाहीन हैं. जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होगा, जिसकी सीटे ज्यादा होंगी, वो ज्यादा जीता है.

डिप्टी सीएम ने अपने दौरे में 500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. कार्यक्रम के बाद वह विंध्याचल मांं विंध्यवासिनी मंदिर व काली खोह मंदिर और अष्टभुजा मंदिर में दर्शन पूजन किया. डिप्टी सीएम ने शक्ति के हर चौखट पर हाजिरी लगायी. विंध्याचल में तीन मंदिर मां विंध्यवासनी, मां अष्टभुजा और मां काली का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया.

Mirzapur News: हैंडपंप का पानी पीने से दो की मौत, पांच बीमार; मचा हड़कंप

मिर्जापुर: दूषित पानी पीने से दो की मौत, पांच बीमार

हैंडपम्प का प्रदूषित पानी पीने से डायरिया से बीमार दो लोगों की मौत हो गई. इसमें पांच लोगों का स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है. घटना मड़िहान तहसील के राजगढ़ इलाक़े में ददरा गांव की है, जहां पर ग़ांव में लगे हैंडपंप का पानी पीने से ग्रामीण लगातार डायरिया से बीमार पड़ रहे हैं.

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मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (Mirzapur) के एक गांव में लगे हैंडपम्प का प्रदूषित पानी (Polluted water) पीने से डायरिया से बीमार दो लोगों की मौत हो गई. इसमें पांच लोगों का स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है. घटना मड़िहान तहसील के राजगढ़ इलाक़े में ददरा गांव की है, जहां पर ग़ांव में लगे हैंडपंप का पानी पीने से ग्रामीण लगातार डायरिया से बीमार पड़ रहे हैं. मगर स्थिति तब और गंभीर हो गई जब इस बीमारी की वजह से बुजुर्ग महिला भगतरा देवी और तीन साल की लड़की आसमा की मौत हो गई. दो की मौत के बाद ग़ांव में हड़कंप मच गया.

इस मामले के सामने आने के बाद गांव पहुंची स्वस्थ्य विभाग की टीम ने दवा का वितरण किया और बीमार लोगों का ईलाज शुरू कर दिया है. सीएमओ के मुताबिक गांव में शौचालय का पानी रिस कर हैंडपम्प के पानी के स्रोत में मिल गया था. जिसका पानी पीने के बाद लोग बीमार हुए फूड प्वाइजनिंग से दो लोगों की मौत हो गई.

राजगढ़ ब्लाक के अंतर्गत ददरा गांव से सूचना थी कि वहां कुछ लोग ग्रुप में बीमार हो गए. वहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गई उसको निरीक्षण करने पर पाया कि वहां पर एक जगह ऐसा थी जहां शौचालय था. वहां का पानी बगल के हैंड पाइप को प्रदूषित कर रहा था. उससे पानी जा रहा था उसी पानी को पीने वाले बहुत सारे लोग बीमार पड़ गए. फूड प्वाइजनिंग दूषित पानी की वजह से कई लोग बीमार पड़ गए जिसमें 2 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है.

एक 70 साल की वृद्ध महिला है. दूसरी 3 वर्ष की बच्ची है. वहां पर बाकी लोग भी बीमार थे जिनको अस्पताल में लाया गया और दो लोगों को इलाज करके छोड़ दिया गया है. बाकी तीन लोग का भी इलाज चल रहा है. अस्पताल में इसके संबंध में यही रिपोर्ट है. हमारी टीम जाकर के बचाव संबंधित जो कार्य वह कर रही है. स्वास्थ शिक्षा बारे में लोगों को बता रही है. साफ सफाई से रहे प्रदूषित पानी को न पिएं. वहां जो ब्लीचिंग वगैरह का छिड़काव करना है वह सब वहां पर काम किया गया है ताकि लोगों को शुद्ध जल पीने को मिल सके.

विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन पर विवाद : पुरोहित को पीटने के मामले में 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

वीकेंड लॉकडाउन के दौरान दर्शन कराने को लेकर विंध्यवासिनी मंदिर के बाहर हुआ था विवाद.

स्थानीय पंडों का आरोप है कि मंदिर पर अधिकारी और पुलिसवाले अपने परिचितों को तो शनिवार और रविवार को दर्शन-पूजन करा रहे हैं. मगर वह आम दर्शनार्थियों को डीएम के आदेश का हवाला देकर रोक दे रहे हैं. जिसको लेकर विवाद बना है.

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विंध्याचल. यूपी के विंध्याचल में प्रसिद्ध विंध्यवासिनी मंदिर के बाहर पंडे की पिटाई के मामले में तीन सिपाही निलंबित कर दिए गए हैं. पंडे के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. यह विवाद शनिवार और रविवार को बंद मंदिर में दर्शन-पूजन कराने को लेकर हुआ था. दरअसल, चंदौली के एक बड़े अधिकारी सपरिवार मंदिर दर्शन के लिए गए थे. उन्हें लेकर एक स्थानीय पंडा मंदिर में प्रवेश करना चाहता था, मगर पुलिसवालों ने उसे रोका. इसी विवाद के बाद मंदिर की सीढ़ियों के पास पुलिसवालों ने स्थानीय पंडे की जम कर पिटाई कर दी थी. इस पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

आमभक्तों हुए थे नाराज

बताया जाता है कि विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए चंदौली के एक बड़े अधिकारी सपरिवार गए थे. एक स्थानीय पंडा उन्हें जबरन अंदर ले जाना चाह रहा था. इस पर वहां मौजूद पुलिसवालों ने उन्हें रोका. इसी में विवाद इतना बढ़ा कि वहां मौजूद पुलिसवालों ने जबरन मंदिर में घुसने का प्रयास कर रहे पंडे की जम कर पिटाई कर दी. मंदिर सुरक्षा में तैनात आधा दर्जन पुलिसवालों ने मंदिर की सीढ़ियों के पास पंडे को पकड़ कर लात-घूंसों से पीट दिया. दरअसल, चंदौली के बड़े अधिकारी और उनके परिवार को मंदिर में दर्शन-पूजन कराए जाने से नाराज आम दर्शनार्थी भी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए अड़ गए.

स्थानीय पंडों का आरोप

स्थानीय पंडों का आरोप है कि मंदिर पर अधिकारी और पुलिसवाले अपने परिचितों को तो शनिवार और रविवार को दर्शन-पूजन करा रहे हैं. मगर वह आम दर्शनार्थियों को डीएम के आदेश का हवाला देकर रोक दे रहे हैं. जिसको लेकर विवाद बना है.

'पुलिसवाले जाने नहीं देते'

वाराणसी से दर्शन-पूजन करने आए अखिलेश गुप्ता ने कहा कि यहां पर किसी जिले के डीएम आए तो उन्हें दर्शन करवाया गया. हमें कह रहे हैं कि IAS पीसीएस हो कर आओ तब दर्शन करने मिलेगा होगा. स्थानीय शख्स ने कहा कि यहां पर शनिवार और रविवार को मंदिर खुला रहता है. लेकिन आम भक्तों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है. आम लोगों को सीढ़ी से आगे नहीं जाने दिया जाता है.

मिर्जापुर: बैंक से 50 लाख की चोरी मामले के MP के इस गांव से जुड़े तार, 35 लाख बरामद

मिर्जापुर में बैंक से 50 लाख रुपए भरे बैग गायब होने के मामले में पुलिस ने 35 लाख रुपए बरामद किए

Mirzapur News: एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि 8 जून को एक्सिस बैंक में 50 लाख रुपए की चोरी हुई थी. सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पता चला कि घटना में शामिल अपराधी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं.

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मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश मिर्जापुर (Mirzapur) में बैंक से गायब 50 लाख रुपये से भरे बैग मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इसमें से करीब 35 लाख रूपये बरामद कर लिया है. हालांकि पुलिस इस घटना में शामिल अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी है. सीसीटीवी के आधार पर शामिल अपराधियों की तलाश की जा रही है. पुलिस के अनुसार इस घटना में शामिल अपराधी पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के जिला राजगढ़ के ग्राम कड़ियासासी के रहने वाले हैं. घटना में शामिल कोकोसासी और कबीरसासी नामक जालसाज है.

दरअसल घटना में बैंक से पैसों से भरा बैग ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से ही पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में कामयाब रही. मगर जंगल मे मौजूद जालसाजों को जब तक पुलिस पकड़ती, तब तक वे वहां से भाग निकले. पुलिस को वहां से बैंक की पर्ची लगा बैग बरामद हुआ, जिसमें 500 रूपये की 66 गड्डी और 200 रूपये की 10 गड्डी मिलाकर कुल 35 लाख रुपये बरामद हुए हैं. पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह का कहना है कि जल्द ही अपराधी भी पकड़े जाएंगे.

एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि 8 जून को एक्सिस बैंक में पचास लाख रुपए की चोरी हो गई थी. उसको हम लोगों ने चुनौती के रूप में लिया था. अधिकारियों की टीम बनाई गई थी और इंटेलिजेंस को भी सक्रिय किया गया था. सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पता चला कि घटना में शामिल अपराधी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. ये राजगढ़ जनपद के हैं. इस सूचना के आधार पर यहां की स्थानीय टीम स्वाट टीम और अन्य मुखबीर भी गए. वहां पता चला जो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जो दिखाई दे रहा है वह साथी गांव के रहने वाले हैं. पुलिस टीम ने वहां गांव में साक्ष्य संकलित किया. उसके बाद यह पता चला कि बगल के ही जंगल में इकट्ठा होने वाले हैं.



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उस सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई लेकिन स्थानीय जगह का फायदा उठाते हुए अपराधी भाग गए. जब हमने वहां तलाशी ली तो एक बैग मिला उस बैग में 35 लाख रुपए मिले. ये वही रुपए थे, जो चोरी  गए थे. बैंक की मोहर लगी हुई थी.

एसपी ने बताया कि ये शातिर किस्म के अपराधी बताए जाते हैं. हम लोगों को फुटेज के आधार पर काफी जानकारी मिली है. जल्दी ही गिरफ्तारी की जाएगी. ऐसा बताया गया है कि देश के कई राज्यों में दक्षिण के तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश तक यह घटनाएं करते हैं. विभिन्न जनपदों की पुलिस टीम इनके पीछे लगी हुई है. ये एक साथ काफी संख्या में बारात में जा करके या बैंक में जाकर चोरियां करते हैं. ये अभ्यस्त लोग हैं.

एसपी ने बताया कि बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है. हम लोगों को ऐसा पता चला है कि गांव में काफी लोग हैं जो इस तरह की वारदात को करते हैं. वहां जाने पर एक दूसरे के बारे में बताते भी नहीं. अभ्यस्त लोग हैं.

PCS Transfer: गौतमबुद्ध नगर सहित इन जिलों के SDM बदले गए, एक का ट्रांसफर निरस्त, देखें लिस्ट

यूपी सरकार ने 6 एसडीएम के तबादले कर दिए हैं. (File Photo: सीएम योगी आदित्यनाथ)

Lucknow News: ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार पीसीएस रौशनी यादव का तबादला निरस्त हो गया है. उन्हें एसडीएम, मिर्जापुर से यूपीएसएचए में ओएसडी पद पर भेजा गया था. इससे पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम था.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने मंगलवार को 6 एसडीएम (PCS) के ट्रांसफर (6 SDM Transfer) कर दिए, वहीं एक पीसीएस का ट्रांसफर निरस्त (1 Transfer Cancel) किया है. जानकारी के अनुसार पीसीएस रौशनी यादव का तबादला निरस्त हो गया है. उन्हें एसडीएम, मिर्जापुर (SDM, Mirzapur) से यूपीएसएचए में ओएसडी पद पर भेजा गया था. इससे पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम था. वर्तमान लिस्ट में उनका ट्रांसफर निरस्त करते हुए उन्हें एसडीएम, मिर्ज़ापुर पद पर यथावत रखा गया है.

ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार पीसीएस विवेक कुमार मिश्र एसडीएम, पीलीभीत से फिरोजाबाद भेजा गया है, वहीं वंदना पाण्डेय एसडीएम, संतकबीरनगर से एसडीएम सुल्तानपुर तैनाती मिली है. इनके अलावा क्रांति शेखर सिंह एसडीएम, मथुरा से ओएसडी मथुरा विकास प्रधिकरण बनाए गए हैं, जबकि राजीव राय एसडीएम गौतमबुद्ध नगर से एसडीएम चित्रकूट पद पर भेजे गए हैं. वहीं सुल्तानपुर की एसडीएम प्रिया सिंह ओएसडी उपसा बनाई हैं, जबकि राम प्रसाद को एसडीएम, चित्रकूट पद से राजस्व परिषद से सम्बद्ध कर दिया गया है.

यूपी के कई SDM का तबादला

PCS विवेक कुमार मिश्र SDM पीलीभीत से SDM फिरोजाबाद

PCS वंदना पाण्डेय SDM संतकबीरनगर से SDM सुल्तानपुर

PCS क्रांति शेखर सिंह SDM मथुरा से OSD मथुरा विकास प्रधिकरण

PCS राजीव राय SDM गौतमबुद्ध नगर से SDM चित्रकूट

PCS प्रिया सिंह SDM सुल्तानपुर से OSD उपसा

PCS राम प्रसाद SDM चित्रकूट से राजस्व परिषद से सम्बद्ध

PCS रौशनी यादव का तबादला UPSHA में OSD पद पर तबादला निरस्त, एसडीएम मिर्ज़ापुर रहेंगी

चारपाई पर मरीज का Photo Viral, प्रियंका ने Tweet किया तो DM बोले- नहीं मांगी एम्बुलेंस

चारपाई पर मरीज को ले जाते फोटो वायरल

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा- "कागजों पर उप्र में कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी हो चुकी है. धड़ाधड़ मीटिंगों का दौर जारी है कि चुनाव कैसे लड़े जाएं, मंत्री पदों की रेवड़ियां कैसे बांटी.

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मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में शुक्रवार को चारपाई पर मरीज को अस्पताल ले जाया गया. इस घटना को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने योगी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने इस घटना को उत्तर प्रदेश सरकार की सिस्टम की हकीकत बताया है. इस मामले में जब जांच की गयी तब पता चला कि परिजनों ने एम्बुलेंस की मदद के लिए कोई फोन ही नहीं किया था. यह बात परिजन भी स्वीकार कर रहे है.

प्रियंका गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा- "कागजों पर उप्र में कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी हो चुकी है. धड़ाधड़ मीटिंगों का दौर जारी है कि चुनाव कैसे लड़े जाएं, मंत्री पदों की रेवड़ियां कैसे बांटी. दिल्ली, मुंबई, बंगलौर: सब जगह झूठे प्रचार की होर्डिंग लग चुकी है कि "यूपी में सब चंगा सी" लेकिन, मिर्जापुर से आई ये तस्वीर उप्र सरकार के सिस्टम की हकीकत बयां करती है. मिर्जापुर के श्री सत्तू मुसहर जी दर्द से कराह रहे थे.



उन्हें तमाम प्रयासों के बावजूद एंबुलेंस नहीं मिली. उनके परिजन इस तरह से इस कड़ी धूप में 8 किमी चलकर उन्हें अस्पताल लेकर गए. डर ये है कि इस सच्चाई को बाहर लाने वालों पर कहीं यूपी सरकार एनएसए न लगा दे."

नहीं मांगी एम्बुलेंस की मदद- डीएम
ममला लालगंज के तिलांव के रहने वाले सत्तु मुसहर पेट दर्द और उल्टी दस्त के कारण 11 जून 2021 को बीमार हो गये. बीमारी के हालात में परिजन चारपाई पर लिटा कर मरीज को लेकर दो किलोमीटर दूर प्राइवेट डॉक्टर के पास दिखाने पहुंचे. जहां पर इलाज के बाद तबियत अब ठीक है. चारपाई पर मरीज को ले जाते फोटो वायरल होने के बाद परिजनों का कहना है कि हम लोगों ने एम्बुलेंस को कोई फोन नहीं किया है. घर पर फोन भी नहीं था. पड़ोसियों का कहना है कि घर पर कोई फोन नहीं था. तबियत थोड़ी खराब हुई तो पास के डॉक्टर को दिखाने ले कर चले गये.

ममला तूल पकड़ने पर पूरे मामले की जांच जिलाधिकारी ने सीएमओ और एसडीएम से करवाया. जिलाधिकारी प्रवीण लक्षकार के मुताबिक कोई भी फोन मरीज द्वारा एम्बुलेंस को नहीं किया गया था. अगर फोन किया जाता तो जरूर सुविधा मिलती.

वतन वापसी का गुहार लगा रहा मिर्जापुर का केदार, सऊदी अरब में 5 साल से जी रहा गुलामी की जिंदगी

मिर्जापुर के केदार को सऊदी अरब से भारत वापसी के लिए परिवार ने गुहार लगई है. (File Photo- केदार)

Mirzapur News: यूपी के मिर्जापुर से सऊदी अरब काम करने गया युवक केदार वहां पर पिछले 5 वर्षों से फंसा हुआ है. युवक के परिजनों ने सरकार और पीएम मोदी से उसके वतन वापसी की गुहार लगाई है.

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मिर्जापुर. बच्चों की ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए एक खुशहाल जिंदगी का सपना लिए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (Mirzapur) के एक गांव का युवक केदार सऊदी अरब (Saudi Arabia) में कमाने के लिए जाता है. उसको लगता है कि हम वहां कमा कर अपने बच्चों का पेट पाल सकते हैं लेकिन उसको क्या पता था कि सऊदी अरब जाने के कुछ दिन बाद ही उसका मालिक हैवान बन जाएगा. उसको यातनाएं देगा. धीरे-धीरे 5 साल बीत जाते हैं लेकिन केदार अपने वतन वापस नहीं लौट पाता है. तड़पता हुआ केदार अपने परिजनों को फोन करता है और गुहार लगाता है कि मेरी मदद कीजिए, हमें बचा लीजिए. मेरा मालिक मेरा वीजा रखा हुआ है. अब परिवारवाले सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

मिर्जापुर से सऊदी अरब काम करने गया युवक वहां पर पिछले पांच वर्षों से फंसा हुआ है. युवक परिजनों से वहां से भारत लाने की गुहार लगा रहा है. मगर अब तक युवक की वापसी नहीं हो पायी है. बेबस पत्नी और बच्चे अब सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है. मिर्जापुर के लालगंज तहसील के उसका गांव का रहने वाला केदार 5 साल पहले सऊदी अरब में कमाने के लिए गया था.

साल भर बाद से उत्पीड़न शुरू हो गया

एक साल तक तो सब ठीक चला. लेकिन एक साल के बाद ही केदार का मालिक उसका उत्पीड़न करने लगा. परिवार पालने की मजबूरी ने केदार को उत्पीड़न सहने को मजबूर कर दिया. वहां पर भेड़ चराने की काम था लेकिन कुछ समय बाद से ही पेड़-पौधे की देखभाल में लगा दिया गया. धीरे-धीरे 5 साल बीत चुके हैं लेकिन अब मालिक उसे भारत आने नहीं दे रहा. उसका वीजा नहीं मिल पा रहा है, जिससे वो अपने वतन लौट सके.

परिवार से किया संपर्क सुनाई आपबीती

परेशान केदार ने अपनी आपबीती परिजनों को बताई, जिसके बाद परिवार अब सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी से केदार को सकुशल वापस देश लाने की गुहार कर रहा है. केदार के चाचा केशव बताते है कि सऊदी अरब गया था. एक साल काम किया. तीन साल का वीजा था. साल भर बाद ही उसको सताने लगे. उसको काम कराया जा रहा है, पैसा भी नहीं दे रहे हैं. यहां छोटे-छोटे बच्चे रो रहे हैं. वहां घास काट रहा था, उसको हसिया से मारा गया. केदार फोन कर बता रहा है कि हमको यहां मारा-पीटा जाता है, बचा लीजिए. मोदी जी से अपील है केदार को बचा लीजिए.

Varanasi News: गंगा का पानी 'हरा' क्‍यों हुआ? जांच समिति का अहम खुलासा, बताया यह कारण

गंगा के हरे पानी को लेकर 
वाराणसी डीएम ने पांच सदस्यीय टीम को जांच सौंपी है, जिसने अहम खुलासा किया है.

Varanasi News: काशी में पिछले दिनों गंगा के पानी का रंग बदले जाने की घटना के बाद हड़कंप मच गया. मामले में डीएम कौशल राज शर्मा ने 5 सदस्यीय टीम बनाते हुए जांच के आदेश दिए थे.

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वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) काशी में गंगा (Ganga River) के रंग बदलने के मामले में अहम खुलासा हुआ है. गंगा में हरे शैवाल मामले की जांच कर रही समिति ने खुलासा किया है कि विंध्याचल एसटीपी से बहकर ये शैवाल आए हैं. कहा गया है कि पुरानी तकनीक से बने एसटीपी के कारण ये घटना हुई है. शैवाल के कारण गंगा के इको सिस्टम पर बड़ा संकट मंडराने लगा है. बता दें इससे गंगाजल में नाइट्रोजन और फास्फोरस की मात्रा मानकों से ज्यादा मिली है. मामले में अब जांच समिति कार्रवाई के लिए पत्र लिख सकती है. इस समिति में एसीएम सेकेंड, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी, एसीपी दशाश्वमेध, अधिशासी अभियंता संबंधी प्रखण्ड और जीएम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई शामिल हैं.

दरअसल, पिछले दिनों गंगा के पानी का रंग बदले जाने की घटना के बाद हड़कंप मच गया. मामले में डीएम कौशल राज शर्मा ने पांच सदस्यीय टीम बनाते हुए जांच के आदेश दिए. जांच कमेटी को तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. दरअसल, वाराणसी में घाटों पर गंगा के हरे रंग का पानी सभी को चौंका रहा है. बताया जा रहा है कि करीब 15-20 दिन पहले गंगा के पानी का रंग बदला था, लेकिन उसके बाद तीन दिन तक लगातार हुई बारिश से ये प्रभाव कुछ कम हुआ. उस वक्त सवाल उठने लगे कि गंगा में अविरलता की कमी है. यानी पानी कम होने से बहाव नहीं है. कुछ लोगों ने विकास के कुछ प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए बिना किसी ठोस कारण इसका कनेक्शन गंगा से जोड़ दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया.

हरे शैवाल के कारण रंग बदला
इन सबके बीच प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच कराई तो पता चला ये ग्रीन शैवाल के कारण ऐसा हुआ है. प्रदूषण नियंत्रण रिपोर्ट के अधिकारियों ने भी उस वक्त ग्रीन शैवाल के कारण हरा रंग होने की बात कही लेकिन बारिश रुकने के बाद जैसे ही धूप के साथ उमस बढ़ी तो एक बार फिर गंगा का पानी हरा हो गया. इस बार इसका फैलाव पहले से ज्यादा है. डीएम कौशल राज शर्मा ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है.

शुरुआती जांच में भी एसटीपी पर ही गया था शक
वैसे शुरुआती जांच में भी ये बात सामने आई थी कि मिर्जापुर के चुनार के रास्ते गंगा में एक प्लांट के जरिए ऐसा हो सकता है. इस प्लांट के खराब होने से खराब पानी का शोधन नहीं हो पा रहा है. वहीं, काशी में गंगा किनारे घाट पर रहने वाले पंडा-पुजारियों का भी कहना है कि उन्होंने इससे पहले ऐसा नहीं देखा है. हालांकि, वे इस प्रकृति की नाराजगी की बात कहकर जोड़ते हैं.
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