सोनभद्र हिंसा: प्रियंका गांधी ने मृतकों के परिजनों को भिजवाए 10-10 लाख रुपये

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोनभद्र हिंसा में मारे गये लोगों के परिजनों से किए गए वायदे को पूरा कर दिया. उन्होंने एआईसीसी के सचिव बाजीराव खड़े एवं अन्य नेताओं को भेजकर सोनभद्र हिंसा में मारे गए मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपए दिए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 28, 2019, 7:58 AM IST
सोनभद्र हिंसा: प्रियंका गांधी ने मृतकों के परिजनों को भिजवाए 10-10 लाख रुपये
सोनभद्र हिंसा: प्रियंका गांधी ने मृतकों के परिजनों को भिजवाए 10-10 लाख रुपए. (फाइल फोटो)
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Updated: July 28, 2019, 7:58 AM IST
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोनभद्र नरसंहार के बाद मृतकों और घायलों के परिजन से किए गए वादे को पूरा कर दिया है. उन्होंने शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव बाजीराव खड़े एवं अन्य नेताओं के हाथों मृतक परिजन को 10-10 लाख रुपये और गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपये का चैक पहुंचवाया.

गौरतलब है कि सोनभद्र जिले के उभ्भा गांव में 17 जुलाई को जमीनी विवाद में 10 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं करीब 30 लोग घायल हो गए थे. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस हिंसा में मारे गए दस मृतकों को 10-10 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की थी और अपनी उस घोषणा को पूरा करने के लिए शनिवार को उन्होंने एक प्रतिनिधिमंडल को भेजा.

मिर्ज़ापुर में प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया था
नरसंहार के बाद प्रियंका गांधी ने 19 जुलाई को वाराणसी पहुंचकर अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना था और सोनभद्र की तरफ कूच कर गई, हालांकि प्रशासन ने उन्हें हिरासत में लेकर चुनार किला के एक गेस्ट हाउस में रुकवाया था। यहीं पर उन्होंने कुछ पीड़ितों से मुलाकात की और सहायता का आश्वासन दिया था .

महिलाओं के खिलाफ दर्ज किए गए हैं कई फर्जी मामले
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद प्रियंका ने 20 जुलाई को कहा था, 'इन बच्चों ने अपने माता-पिता खो दिए हैं. कुछ परिवार ऐसे हैं, जिनके बच्चे और माता-पिता अस्पताल में भर्ती हैं. ये लोग पिछले डेढ़ महीने से अपनी दिक्कतों के बारे में प्रशासन को सूचित कर रहे थे.' उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं के खिलाफ कई फर्जी मामले भी दर्ज किए गए हैं. प्रियंका ने कहा था कि इन लोगों के साथ जो भी हुआ, बहुत गलत हुआ. इनके साथ घोर अन्याय हुआ है और हम इस घड़ी में उनके साथ हैं और उनकी लड़ाई लड़ेंगे.



सरकार और प्रशासन ने किया घटना को दबाने का प्रयास
प्रियंका ने इस दौरान कहा था कि जिस भी परिवार ने किसी सदस्य को खोया है, उसे सहायता के तौर पर 25 लाख रुपये और ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाना चाहिए. ग्रमीणों के साथ अन्याय हुआ, बच्चों ने अपने माता-पिता खोए हैं तथा सरकार और प्रशासन ने घटना को दबाने का प्रयास किया है.
First published: July 27, 2019, 9:12 PM IST
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