सामान्य से 33 फीसदी कम हुई बारिश, मोदी सरकार ने 648 जिलों में सूखे से निपटने के लिए बनाया ये प्लान

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 4:15 PM IST
सामान्य से 33 फीसदी कम हुई बारिश, मोदी सरकार ने 648 जिलों में सूखे से निपटने के लिए बनाया ये प्लान
कृषि आधारित राज्यों में सामान्य से कम हुई बारिश

यूपी, हरियाणा, बिहार, दिल्ली में सबसे कम बारिश, खेती पर संकट, सूखे की संभावना से चिंतित किसान, 11 राज्यों को केंद्रीय जल आयोग की एडवाइजरी जारी

  • Share this:
इस साल देश में सामान्य से 33 फीसदी तक कम बारिश हुई है. इस वजह से सूखे जैसे हालात पैदा हो सकते हैं. सांसद खेती-किसानी को लेकर चिंतित हैं. इसलिए वे सूखे के दुष्प्रभाव से निपटने को लेकर सरकार से संसद में सवाल कर रहे हैं. दूसरी ओर, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि यदि अनियमित बारिश के कारण कोई संकट वाली स्थिति पैदा होती है तो उससे निपटने के लिए सरकार तैयार है. हैदराबाद के केंद्रीय शुष्क-भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान ने देश के 648 जिलों के लिए फसल आकस्मिक योजना तैयार की है.

प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत दलहन, बाजरा और तिलहन के बीज बांटने का प्लान है. ये फसलें कम पानी में भी तैयार हो जाती हैं. हालांकि, कृषि मंत्री ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में यह भी कहा है कि अभी सूखे जैसे हालात नहीं हैं.

rainfall, drought situation, Delhi, UP, Haryana, Bihar, Drought Advisory, modi government, Farmers, Agriculture, kisan, lok sabha, Below-normal rainfall, Rainfall deficit, Impact of Drought on Farmers, Agriculture Contingency Plan, सामान्य से कम बारिश, सूखे की स्थिति, दिल्ली, यूपी, हरियाणा, बिहार, सूखे को लेकर एडवाइजरी, मोदी सरकार, किसान, कृषि, लोक सभा, बारिश की कमी, किसानों पर सूखे का प्रभाव, कृषि आकस्मिक योजना, कम बारिश का खेती पर दुष्प्रभाव
इन राज्यों में हुई सबसे कम बारिश


दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, मणिपुर, चंडीगढ़, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थिति ज्यादा खराब है. दिल्ली में सामान्य से 89 फीसदी कम बारिश हुई है. राष्ट्रीय राजधानी कम बारिश के मामले में देश में सबसे ऊपर है. इनमें से ज्यादातर राज्य कृषि पर आधारित हैं, जहां के किसान कम बारिश से परेशान हैं.

जल शक्ति राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया ने बताया कि जलाशय भंडारण स्थिति के आधार पर केंद्रीय जल आयोग ने मई से जुलाई 2019 के दौरान 11 राज्य सरकारों-आंध्र प्रदेश, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को उनके राज्य में उपलब्ध पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल की एडवाइजरी जारी की है.

केरल में इस साल मानसून देर से आया. सामान्य तौर पर 1 जून को आता है, लेकिन 8 जून को शुरू हुआ. अरब सागर में 'वायु' नामक चक्रवाती तूफान के कारण मानसून के आगे बढ़ने में देरी हुई.

सांसदों को सूखे की चिंता
Loading...

बीजेपी सांसद अजय मिश्र ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री से पूछा कि क्या सरकार ने सूखे की बढ़ी आशंका और बाजार पर इसके प्रभाव की संभावना और खतरे से निपटने के लिए कोई योजना बनाई है. जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसद प्रसून बनर्जी ने सवाल किया कि क्या देश के एक बड़े हिस्से में इस साल सूखा पड़ने का पूर्वानुमान है? और यदि हां तो सरकार कृषि-संकट से निपटने की क्या योजना बनाई है? गुजरात से बीजेपी सांसद पूनमबेन हेमतभाई माडम ने जल शक्ति मंत्रालय से सूखे के बारे में सवाल किए हैं.

 rainfall, drought situation, Delhi, UP, Haryana, Bihar, Drought Advisory, modi government, Farmers, Agriculture, kisan, lok sabha, Below-normal rainfall, Rainfall deficit, Impact of Drought on Farmers, Agriculture Contingency Plan, सामान्य से कम बारिश, सूखे की स्थिति, दिल्ली, यूपी, हरियाणा, बिहार, सूखे को लेकर एडवाइजरी, मोदी सरकार, किसान, कृषि, लोक सभा, बारिश की कमी, किसानों पर सूखे का प्रभाव, कृषि आकस्मिक योजना, कम बारिश का खेती पर दुष्प्रभाव
बारिश कम होने से खेती-किसानी पर पड़ेगा असर!


सामान्य बारिश का दावा

कृषि मंत्री तोमर ने बताया, "मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक जून से सितंबर तक पूरे देश में सामान्य बारिश होने की संभावना है. खरीफ 2019 मौसम के दौरान अभी किसी भी राज्य सरकार ने सूखे के लिए आर्थिक मदद के लिए कोई ज्ञापन नहीं दिया है.

हालांकि मानसून में देरी हुई है, खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है और इस स्तर पर उत्पादन गिरेगा, ऐसा अनुमान नहीं है. ऐसा नहीं है कि मानसून पूर्व कम बारिश से सूखे की स्थिति उत्पन्न होगी फिर भी सरकार स्थिति की पूरी निगरानी कर रही है और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है."

ये भी पढ़ें: 

क्या आपको मिला खेती-किसानी से जुड़ी इन बड़ी योजनाओं का लाभ?

सौ साल से पुराने हो चुके हैं देश के 220 बड़े बांध, मचा सकते हैं तबाही!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चंडीगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 23, 2019, 3:58 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...