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एक आंख और दिव्यांगों का भी बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानिए किन शर्तों को पूरा करना होगा?

Moradabad News: परिवहन विभाग की तरफ से जिसके एक हाथ नहीं है या एक पैर नहीं है. उसको भी लाइसेंस जारी करने का सरकार की तर ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- पीयूष शर्मा

मुरादाबाद: एक आंख में दृष्टि दोष के कारण अभी तक लोगों को वाहन चलाने के लिए अनफिट करार कर दिया जाता था. इसी के चलते उप संभागीय परिवहन विभाग उनको ड्राइविग लाइसेंस जारी नहीं करता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब एक आंख वाले लोग भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवा कर वाहन चला सकते हैं. इसके लिए ऐसे लोगों को मोनोकुलर विजन टेस्ट कराना होगा. इस टेस्ट में पास होने के बाद और परिवहन विभाग की प्रक्रिया पूरी करने के पर ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो जाएगा. जिले के दो लोग मोनोकुलर विजन टेस्ट में पास हो गए हैं. जिसके बाद दोनों ने ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में बने ट्रैक पर वाहन चलाकर दिखाया. वाहन चलाने में कामयाब होने पर उन्हें परिवहन विभाग की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया है.

दिव्यांग जिनके हाथ व पैर लाचार है या फिर उनकी एक आंख में समस्या है तो उनके लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा है. लेकिन इसमें श्रेणीवार तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं. जिसमें एक आंख वाले के लिए परिवहन विभाग से डीएल बनवाने का प्रावधान है. इसके लिए पात्र आवेदकों मोनोकुलर विजन टेस्ट कराकर इसकी रिपोर्ट विभाग को देनी है. जिसके बाद पात्र का डीएल जारी हो जाएगा.

जानिए क्या है सड़क परिवहन विभाग का प्रावधान
परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक हरिओम ने न्यूज 18 लोकल को बताया कि सड़क परिवहन मंत्रालय का एक पत्र है. जिसमें सरकार की तरफ से जो विकलांग लोग हैं. जिनकी एक आंख है. उनके लिए लाइसेंस बनाने की प्रावधान है. ऐसे लोगों को हम प्राइवेट कैटेगरी का लाइसेंस जारी करते हैं. उन्हें कमर्शियल लाइसेंस जारी नहीं किया जाता है. जिससे वह मोटरसाइकिल और कार चला सकें.

यह शर्तें करनी होगी पूरी
एक आंख वाले व्यक्ति को डीएल बनवाने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं. जैसे जिस व्यक्ति की एक आंख है. उसकी आंख का विजन से 6 बाई 12 होना चाहिए और उसकी एक आंख को देखने की क्षमता 120 डिग्री को कवर करती हो. इससे कम क्षमता होने पर लाइसेंस नहीं बनेगा. उस व्यक्ति को 6 महीने के अंतराल में कोई बीमारी ना रही हो. ये पूरी होने के बाद मोनोकुलर विजन टेस्ट कराया जाता है. उस में पास होने के बाद पात्र व्यक्ति को लाइसेंस जारी कर दिया जाता है.

मोनोकुलर विजन टेस्ट की नहीं है सुविधा
संभागीय निरीक्षक हरिओम ने बताया कि मुरादाबाद में मोनोकुलर विजन टेस्ट के लिए कोई सुविधा नहीं है. इसके लिए पात्र व्यक्ति को या तो एम्स जाना होगा या फिर मेरठ मेडिकल कॉलेज जाना होगा. वहां से टेस्ट कराने के बाद मुरादाबाद के डॉक्टर उसका परीक्षण करेंगे. उसमें अपनी रिपोर्ट लगाएंगे कि यह ठीक है और वाहन चलाने के लिए सक्षम है. फिर परिवहन विभाग में आकर पात्र व्यक्ति को टेस्ट देना होता है. सफलतापूर्वक टेस्ट पास करने के बाद हम लोग लाइसेंस जारी कर देते हैं. ऐसे लगभग 12 आवेदक परिवहन विभाग आ चुके हैं. जिसमें 2 आवेदक मोनोकुलर विजन टेस्ट में फिट पाए गए हैं. उनको लाइसेंस जारी कर दिया गया है.

किन-किन विकलांगों का बन सकता है डीएल
परिवहन विभाग की तरफ से जिसके एक हाथ नहीं है या एक पैर नहीं है. उसको भी लाइसेंस जारी करने का सरकार की तरफ से प्रावधान है. उसके लिए खासकर अडॉप्टेड व्हीकल का प्रावधान है. पहले उन्हें अडॉप्टेड वाहन खरीदना पड़ेगा. इसके साथ ही अडॉप्टेड वाहन में सरकार की तरफ से सौ परसेंट टैक्स में छूट है और टोल टैक्स में भी एक सौ पर्सेंट छूट है. उनके नाम से वह वहन दर्ज होगा. उसके बाद उन्हें परिवहन विभाग आना है. उनका परिवहन विभाग के नियम अनुसार टेस्ट लेकर लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा.

Tags: Divyan, Driving Licence, Driving Test, Moradabad News, RTO, UP news

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