मुरादाबादः छापेमारी में नकली दवा फैक्टरी का पर्दाफाश, भारी मात्रा में मिली दवाईयां

छापेमारी के लिए डीके फार्मा नामक फैक्टरी में पहुंची टीम के होश उड़ गए. फैक्टरी में बड़ी मात्रा में नकली दवाईयों का निर्माण किया जा रहा था. छापेमारी के दौरान टीम ने दर्जनों नामी कंपनी के रैपर और होलोग्राम भी बरामद किए गए हैं.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 15, 2018, 9:48 PM IST
मुरादाबादः छापेमारी में नकली दवा फैक्टरी का पर्दाफाश, भारी मात्रा में मिली दवाईयां
Muradabad: ड्र्ग्स टीम ने मंडल के 5 जिलों में की छापेमारी
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Updated: February 15, 2018, 9:48 PM IST
मुरादाबाद जिले में गुरूवार को ड्रग विभाग ने जिला प्रशासन की मौजदूगी में छापेमारी कर नकली दवा  फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के लिए डीके फार्मा नामक फैक्टरी में पहुंची टीम के होश उड़ गए. फैक्टरी में बड़ी मात्रा में नकली दवाईयों का निर्माण किया जा रहा था. छापेमारी के दौरान टीम ने दर्जनों नामी कंपनी के रैपर और होलोग्राम भी बरामद किए गए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक थाना गलशहीद क्षेत्र में स्थित नकली दवा फैक्टरी में छापेमारी के दौरान दो दर्जन से ज्यादा महिला और पुरुष कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. छापेमारी के दौरान फैक्टरी में लाखों की तादात में गोलियां, कैपशूल ओर पाउडर मशीनों से तैयार किया जा रहा था.

ड्रग्स विभाग के मुताबिक छापेमारी में पकड़ी गई कंपनी डीके फार्मा का लाइसेंस तीन महीने पहले लाइसेंस निरस्त कर दिया था, लेकिन फैक्टरी मालिक ने प्रशासन के आदेश को दरकिनार कर दवाइया बनाने का काम जारी रखा.

पुलिस ने बताया कि एक मुखबिर की सूचना पर ड्रग्स विभाग ने जिला प्रशासन की मदद से मुरादाबाद मंडल के 5 जिलों में मौजूद नकली दवा फैक्टरी में छापेमारी को अंजाम दिया और नकली दवाइयों का बड़ा जखीरा बरामद किया.

फैक्टरी में मौजूद दस्तावेज के बाद ड्रग्स विभाग को दवाइयों के पश्चिमी यूपी के कई जिलों में सफ्लाई करने की जानकारी मिली, जिसके टीम ने अलीगढ़, बरेली, बदायू, शाहजहापुर, आगरा जिले के प्रशासन को सूचित कर फैक्टरी में निर्मित सभी दवाइयों, कच्चे माल, तैयार दवाइयों को कब्जे में ले लिया है.

पुलिस के मुताबिक फैक्टरी से बरामद सभी दवाइयों को नकली माना जा रहा है और करीब पांच दवाइयों के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है. बरामद दवाइयों में कई दवाईयां जीवनरक्षक भी थी. सहायक आयुक्त औषधि नियंत्रक का कहना है कि प्रथम दृष्टया दवाइया संदिग्ध है और मानकों का पालन नहीं किया गया है.

फैक्टरी में भारी संख्या में दवाई बरामद होने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने दोषी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है और फैक्टरी को सीज किया जा रहा है.
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