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'लव जिहाद' अध्‍यादेश पर SP सांसद एसटी हसन बोले- हिंदू लड़कियों को बहन मानें मुस्लिम लड़के

धर्मांतरण के जरिए शादी को रोकने के लिए एक अहम फैसला भी लिया गया है जिसके अनुसार दूसरे धर्म में शादी (Marriage) करने के लिए जिले के डीएम (DM) को 2 माह पहले प्रार्थना पत्र देना होगा.
धर्मांतरण के जरिए शादी को रोकने के लिए एक अहम फैसला भी लिया गया है जिसके अनुसार दूसरे धर्म में शादी (Marriage) करने के लिए जिले के डीएम (DM) को 2 माह पहले प्रार्थना पत्र देना होगा.

धर्मांतरण के जरिए शादी को रोकने के लिए एक अहम फैसला भी लिया गया है जिसके अनुसार दूसरे धर्म में शादी (Marriage) करने के लिए जिले के डीएम (DM) को 2 माह पहले प्रार्थना पत्र देना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 27, 2020, 11:49 AM IST
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मुरादाबाद. कथित 'लव जिहाद' के खिलाफ लाये गये अध्यादेश ( Love Jihad Ordinance) की चर्चाओं के बीच मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) सांसद एसटी हसन ने "लव जिहाद" को एक राजनीतिक स्टंट करार दिया और मुस्लिम लड़कों से कहा कि हिंदू लड़कियों को अपनी 'बहनों' की तरह मानें. सपा सांसद एसटी हसन ने कहा कि हमारे देश में हजारों साल से बच्चे जब बालिग हो जाते हैं तो अपना जीवनसाथी खुद चुन लेते हैं. हिंदू मुस्लिम से शादी करता है, मुस्लिम हिंदू से शादी करता है. हालांकि बहुत कम होता है, अगर आप देखेंगे तो पता चलेगा कि शादी तो मर्जी से हो गई, लेकिन जब समाज का दबाव पड़ता है तो कहते हैं कि हमें तो मालूम नहीं था कि मुस्लिम है.

मुस्लिम युवकों से अपील करते हुए एसटी हसन ने कहा कि आप लोग हिंदू लड़कियों को बहन की तरह समझे, अब ऐसा कानून बना दिया गया है, जिससे उन्हें जबर्दस्त तरीके से टॉर्चर किया जा सकता है. अपने आपको बचाएं. किसी भी प्रलोभन या लव के चक्कर में न पड़कर अपनी जिंदगी बचाएं.


आपको बता दें कि मंगलवार को जबरन धर्मांतरण या शादी को लेकर बनाए जाने वाले कानून पर यूपी की कैबिनेट ने अहम फैसला लेकर अपनी मंजूरी की मुहर लगा दी. कैबिनेट ने जिस कानून को मंजूरी दी है उसके अनुसार जबरन धर्मांतरण या शादी की तो 10 साल की सजा हो सकती है. यहीं नहीं पहली बार संगठनों को भी इसके दायरे में लाते हुए प्रावधान दिया गया है कि जबरन शादियां धर्मांतरण के मामले में संगठित लोगों या संगठन का नाम आया तो आरोपी के साथ संगठन के लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है.



डीएम को 2 माह पहले लेनी होगी अनुमति
धर्मांतरण के जरिए शादी को रोकने के लिए एक अहम फैसला भी लिया गया है जिसके अनुसार दूसरे धर्म में शादी करने के लिए जिले के डीएम को 2 माह पहले प्रार्थना पत्र देना होगा. डीएम कार्यालय के बाहर सार्वजनिक नोटिस बोर्ड पर इसकी कॉपी लगाई जाएगी और अगर किसी ने आपत्ति की तो शादी के अनुमति नहीं मिलेगी. (रिपोर्ट- फरीद शम्सी)
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