मुरादाबाद में कोरोना टीका लगने से वार्ड बॉय की मौत की खबर झूठीः स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मुरादाबाद में वार्ड ब्वॉय की मौत की खबर को झूठा बताते हुए खारिज किया है. फाइल फोटो

कई मीडिया संस्थानों ने इस आशय की खबर चलाई थी कि मुरादाबाद के दीन दयाल उपाध्याय सरकारी अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में कार्यरत वार्ड बॉय महिपाल की रविवार रात को मौत हो गई. इस खबर को स्वास्थ्य मंत्रालय ने गलत बताया है.

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    नई दिल्ली. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने मुरादाबाद (Moradabad) में कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) लगने के बाद वार्ड बॉय की मौत की खबर को झूठा बताते हुए खारिज किया है. दरअसल कई मीडिया संस्थानों ने इस आशय की खबर चलाई थी कि मुरादाबाद के दीन दयाल उपाध्याय सरकारी अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में कार्यरत वार्ड बॉय महिपाल (Ward Boy Mahipal) की रविवार रात को मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि 46 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी की कथित तौर पर कोरोना वायरस वैक्सीन का टीका लगवाने के एक दिन बाद मौत हो गई. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को इस खबर को 'Fake' बताया है. पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में मुरादाबाद के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट राकेश सिंह के हवाले से कहा था कि मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

    मुरादाबाद के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. मिलिंद चंद्र गर्ग ने पीटीआई से कहा था कि वार्ड बॉय की मौत का कारण दिल का दौरा पड़ने से हुई है. उन्होंने कहा, ''पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बीमार महिपाल का हृदय अपने आकार में बढ़ा हुआ था और उसमें ब्लड क्लॉट पाए गए हैं.'' उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि महिपाल को दिल की बीमारी थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट तीन डॉक्टरों ने मिलकर तैयार की थी और मौत का कारण "कार्डियो-पल्मोनरी डिजीज" पाया गया है, जिसका कोरोना वैक्सीन से कोई संबंध नहीं है.''

    मुरादाबाद के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) ने वैक्सीन के किसी भी तरह के साइड इफेक्ट को खारिज करते हुए ये स्वीकार किया कि कुछ लोगों में टीका लगने के बाद बुखार के मामले सामने आए हैं. हालांकि सीएमओ के बयान के उलट महिपाल के बेटे विशाल ने कहा कि उसके पिता ने सांस लेने में दिक्कत होने पर उसे अस्पताल बुलाया था.

    विशाल ने कहा, "मेरे पिता को कफ की समस्या थी और टीका लगने के बाद उन्हें बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. रविवार को उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रात में उनकी मौत हो गई." सीएमओ ने स्वीकार किया है कि टीका लगने के बाद कुछ लोगों को आम समस्या हो रही है, लेकिन किसी को भी महिपाल की तरह दिक्कत नहीं हुई.

    महिपाल के परिवार का दावा है कि उन्हें कभी भी हृदय संबंधी स्वास्थ्य समस्या नहीं हुई और खांसी-बुखार को छोड़ दें तो वे पूरी तरह स्वस्थ थे. उनके बेटे ने कहा, "मेरे पिता को कोरोना वायरस संक्रमण नहीं था, जबकि महामारी के समय उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई."

    मुरादाबाद के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने कहा कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है. महिपाल का मामला पूरी तरह अपवाद है और इस मामले में उच्च स्तरीय मेडिकल जांच के आदेश दिए गए हैं.

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