UP Panchayat Chunav 2021: एक ही पंचायत से आरक्षण को लेकर आईं थीं 200 आपत्तियां, सभी ने रिजर्वेशन पर उठाए थे सवाल

मेरठ में एक पंचायत चुनाव को लेकर दो सौ से ज्यादा आपत्तियां आई हैं.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) हाईकोर्ट ने 2015 को आधार वर्ष मानकर त्रिस्तरीय चुनाव में आरक्षण (Reservation) की व्यवस्था लागू करने के लिए यूपी सरकार को आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) को 25 मई तक पूरा करने के आदेश दिए हैं.

  • Share this:
मेरठ. पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में आरक्षण व्यवस्था पर आज आये इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से कहीं ख़ुशी है तो कहीं प्रत्याशी दुविधा में हैं. मेरठ (Meerut) के पावली खास के लोग इस फैसले से बेहद खुश हैं. उनके खुश होने के पीछे बड़ी वजह भी है. आपको जानकर हैरत होगी, लेकिन इस एक ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) से दो सौ लोगों ने आरक्षण के खिलाफ जिला पंचायत राज अधिकारी को लिखित में शिकायत दी थी. कुल मिलाकर मेरठ में 479 ग्राम पंचायत हैं और यहां पर तकरीबन पौने पांच सौ आपत्तियां आईं थीं. सभी ने पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर सवाल उठाये थे.

डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि पावली खास में प्रधान पद के लिए दो सौ से ज्यादा आपत्तियां मिली थीं. उन्होंने कहा कि डेटा तैयार है. जैसा भी शासनादेश जारी होता है, नए सिरे से आरक्षण प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा. पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था पर हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरक्षण के लिए 2015 को आधार वर्ष माना जाएगा और उसी वर्ष की व्यवस्था के आधार पर ही चुनाव कराए जाएंगे.

कोर्ट ने आदेश दिया कि आरक्षण की पूरी प्रक्रिया तय कर 25 मार्च तक सूची जारी करें और 25 मई तक पंचायत चुनाव संपन्न कराएं. सरकार ने 1995 से 2015 तक आरक्षण प्रक्रिया को जीरो करते हुए नए सिरे से प्रक्रिया लागू कर आरक्षण सूची लागू की थी. सरकार का तर्क था कि चक्रानुक्रम होने के बावजूद पिछले 25 साल में कई ऐसी पंचायतें रही हैं, जिन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिला है, वह आरक्षित हो जाएंगी. लेकिन, कोर्ट में सरकार अपने तर्क को साबित नहीं कर पाई है.

मेरठ: थूक कर रोटी बनाने के आरोपी नौशाद पर रासुका लगाने की तैयारी में पुलिस, Video वायरल होने पर मचा था बवाल

सरकार के महाधिवक्ता ने कोर्ट में माना की सरकार से आरक्षण रोटेशन में गलती हुई है. सरकार ने माना की 1995 को आरक्षण रोटेशन को आधार वर्ष मानकर गलती हुई, जिसके बाद नये आरक्षण रोटेशन के लिए सरकार ने समय मांगा है. जिस पर हाईकोर्ट ने 15 मई की बजाय 25 मई तक पंचायत चुनाव पूरा कराने का आदेश दिया है. वहीं प्रक्रिया को पूरी करने के लिए कोर्ट ने 10 दिन और बढ़ा दिए हैं.
हाईकोर्ट ने अजय कुमार की तरफ से दाखिल याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि 2015 को आरक्षण का बेस वर्ष मानकर काम पूरा किया जाए.

कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को यह आदेश दिया. इससे पहले राज्य सरकार ने अदालत में स्वयं कहा कि वह 2015 को आधार वर्ष मानकर त्रिस्तरीय चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था लागू करने के लिए स्वयं तत्पर है. यह तथ्य सामने आने के बाद अदालत ने पंचायत चुनाव को 25 मई तक पूरा करने के आदेश दिए हैं. इससे पहले हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को 15 मई तक पूरा करने के निर्देश दिए थे.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.