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मुलायम को नहीं सीएम चुनने का अधिकार, इस विकल्प से बची रहेगी अखिलेश की कुर्सी

मुलायम को नहीं सीएम चुनने का अधिकार, इस विकल्प से बची रहेगी अखिलेश की कुर्सी

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और अपने बेटे को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया है. राजनीतिक विश्लेषक रतनमणि लाल ने बताया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार नहीं है.

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  • Pradesh18
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और अपने बेटे को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया है. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वे तय करेंगे कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री तय करने का कानूनी अधिकार है तो इसका जवाब नहीं है.

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राजनीतिक विश्लेषक रतनमणि लाल ने बताया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार नहीं है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार केवल विधानमंंडल दल को होता है. विधानमंडल दल चाहे तो किसी निर्दलीय को अपना नेता चुनकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठा सकता है.

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सपा से निकाले जाने के बाद भी अखिलेश यादव एक विधायक हैं. ऐसे में ये विकल्प खुला हुआ है कि विधानमंडल चाहे तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाए रह सकता है.

ये है विकल्प

पहला: रतनमणि लाल ने बताया कि एक विकल्प यह है कि पार्टी अध्यक्ष होने के नातेे मुलायम सिंह यादव पार्टी विधायकों की बैठक बुलाएंगे. इसमें विधायकों के सामने ये प्रस्ताव रखा जाएगा कि अखिलेश यादव को पार्टी से निकाल दिया गया है ऐसे में वे किसी और मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं. इस बैठक में विधायक तय करेंगे कि उनका मुख्यमंत्री कौन होगा. साथ ही समर्थन में करने वाले विधायकों की सूचि विधानसभा अध्यक्ष को भी सौंपना होगा.

दूसरा विकल्प: अखिलेश समर्थक पार्टी से अलग बैठक करेंगे. यहां वे तय करेंगे कि क्या उनके पास विधानसभा में पर्याप्त बहुमत है. पर्याप्त बहुमत होने पर वे विधायकों की सूचि विधानसभा अध्यक्ष को सौंपेंगे. तब विधानसभा अध्यक्ष आपात सत्र बुलाकर तय करेंगे कि अखिलेश यादव के पास बहुमत है या नहीं? बहुमत साबित हो जाने पर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं.

नहीं लागू होगा दल-बदल कानून

अखिलेश यादव या सपा से निकाले गए विधायकों पर दल बदल कानून लागू नहीं होता है. साथ ही उन विधायकों पर भी दल बदल कानून लागू नहीं होगा जो सपा से खुद इस्तीफा दिए बिना अखिलेश को समर्थन करेंगे. जबतक कोई विधायक खुद पार्टी से इस्तीफा नहीं दे देता उसपर दल बदल कानून नहीं लागू होता है.

क्या कहते हैं राज्यपाल

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि उन्हें सपा में क्या चल रहा है इससे कोई मतलब नहीं है. वे पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. वे कोई भी फैसला कानून के दायरे में रहकर ही लेंगे. राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा होने के हालात में वे कोई फैसला लेंगे.

Tags: Akhilesh yadav, Mulayam Singh Yadav, Ram Gopal Yadav, Samajwadi party

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